जमीनी विवाद को लेकर दो पक्ष भिड़े, दो महिलाओं समेत बच्चा घायल...
- 6h ago
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी आठ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संघ के अनुसार 8 अक्टूबर से लेखपालों ने सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ने के साथ आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत रिपोर्ट समेत विभिन्न ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 17 अक्टूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान को लेवल-5/ग्रेड पे 2800 करने, अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम जारी करने की मांग शामिल है। संघ का दावा है कि इनमें से कई मामले लंबे समय से लंबित हैं।
इसके अलावा लेखपालों ने स्टेशनरी भत्ता बढ़ाने, मोटरसाइकिल भत्ता ₹1500 प्रतिमाह करने, विशेष भत्ता बढ़ाने, कार्यालयी पटलों पर संबद्ध लेखपालों को मूल कार्यों में वापस भेजने तथा ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और राजस्व परिषद की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 17 अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इससे तहसील स्तर पर राजस्व संबंधी कार्यों और आम जनता से जुड़े विभिन्न प्रमाणपत्रों एवं रिपोर्टों के काम प्रभावित हो सकते हैं।
लेखपाल संघ ने शासन से मांगों का शीघ्र निस्तारण कर आवश्यक शासनादेश जारी करने की मांग की है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी आठ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संघ के अनुसार 8 अक्टूबर से लेखपालों ने सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ने के साथ आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत रिपोर्ट समेत विभिन्न ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 17 अक्टूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान को लेवल-5/ग्रेड पे 2800 करने, अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम जारी करने की मांग शामिल है। संघ का दावा है कि इनमें से कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इसके अलावा लेखपालों ने स्टेशनरी भत्ता बढ़ाने, मोटरसाइकिल भत्ता ₹1500 प्रतिमाह करने, विशेष भत्ता बढ़ाने, कार्यालयी पटलों पर संबद्ध लेखपालों को मूल कार्यों में वापस भेजने तथा ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और राजस्व परिषद की ओर से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 17 अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इससे तहसील स्तर पर राजस्व संबंधी कार्यों और आम जनता से जुड़े विभिन्न प्रमाणपत्रों एवं रिपोर्टों के काम प्रभावित हो सकते हैं। लेखपाल संघ ने शासन से मांगों का शीघ्र निस्तारण कर आवश्यक शासनादेश जारी करने की मांग की है।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर
Link copied successfully!