रंगदारी नहीं दी तो घर में घुसकर हमला! मां की चेन और पत्नी का मंगलसूत्र लूट ले गए दबंग

मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र के महोली गांव से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के एक परिवार ने दबंग भूमाफियाओं पर लाखों रुपये की रंगदारी मांगने, घर में घुसकर मारपीट करने और महिलाओं के गहने लूटने का आरोप लगाया है। पीड़ित श्यामवीर के मुताबिक गांव के ही नामजद आरोपी राधे, उसकी पत्नी सुधा और आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद लोग अचानक उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया।

आरोप है कि दबंगों ने श्यामवीर को बेरहमी से पीटा। जब उन्हें बचाने उनकी पत्नी अंजलि और बुजुर्ग मां आगे आईं तो आरोपियों ने महिलाओं के साथ भी मारपीट की। जाते-जाते बदमाश पीड़ित की मां के गले से सोने की चेन और पत्नी अंजलि का मंगलसूत्र लूटकर फरार हो गए। घटना के दौरान पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने पर आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले।

पीड़ित ने थाना हाईवे पुलिस को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। अब सवाल यह है कि पुलिस इन दबंगों पर कब तक कार्रवाई करती है।

 

वृंदावन में AC ब्लास्ट से चार मंजिला इमारत में भीषण आग, ठाकुर जी की पोशाकें जलकर राख

धर्मनगरी वृंदावन के रेतिया बाजार में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुरानी एसबीआई बिल्डिंग के पीछे स्थित एक चार मंजिला मकान में अचानक एसी फटने से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर तीसरी और चौथी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि इलाके में धुएं का गुबार फैल गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि मकान स्थानीय निवासी पार्थ बंसल और अमित बंसल का है। भवन की निचली मंजिलों पर परिवार रहता है, जबकि ऊपर की मंजिलों पर राधा-कृष्ण पोशाक भंडार का गोदाम और पैकिंग कार्य संचालित होता था। चौथी मंजिल पर हुए एसी ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारियों ने वहां रखी पोशाकों और कपड़ों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग तेजी से फैल गई।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां और पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा। राहत की बात यह रही कि समय रहते इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि इस अग्निकांड में ठाकुर जी की तैयार पोशाकें, कपड़े और भारी मात्रा में कच्चा माल जलकर राख हो गया। व्यापारी को करीब 20 से 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया जा रहा है।

मथुरा में मौसम का रेड अलर्ट! अगले 3 घंटे बेहद भारी, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

मथुरा में मौसम ने अचानक खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। मौसम विभाग ने जनपद के लिए “Extremely Severe Alert” जारी करते हुए अगले 3 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है। विभाग के अनुसार जिले के अलग-अलग इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। इसके साथ ही तेज बिजली गिरने, मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। पेड़ों, पुराने भवनों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 

मौसम विभाग के मुताबिक अचानक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई है।

दबंगों का कहर! दो विकलांग भाइयों पर चढ़ाया ट्रैक्टर, बचाने पहुंचे परिजनों को भी पीटा

मथुरा के थाना शेरगढ़ क्षेत्र के गांव अगरयारा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पुरानी रंजिश के चलते दबंगों ने दो विकलांग भाइयों को ट्रैक्टर से कुचलकर मारने की कोशिश की। जब दोनों भाइयों ने किसी तरह अपनी जान बचाई तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया।

घटना के दौरान परिवार के अन्य लोग बचाने पहुंचे तो उनके साथ भी जमकर मारपीट की गई, जिसमें एक महिला समेत 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव के नामजद दबंगों ने पहले बच्चों से मारपीट की और विरोध करने पर पूरे परिवार पर हमला कर दिया।

पीड़ित ओमप्रकाश उर्फ लहरे ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

 

यमुना में मिला अज्ञात युवक का शव, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस

मथुरा के राजा घाट पर उस समय सनसनी फैल गई, जब यमुना नदी में एक अज्ञात शव तैरता हुआ दिखाई दिया। शव को देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकलवाया। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की शिनाख्त कराने में जुटी हुई है।

घटना के बाद घाट क्षेत्र में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

ब्रेकिंग न्यूज़: मथुरा में ईद पर खूनी बवाल, लाठी-डंडों और फरसों से हमला - एक की मौत

जहां एक ओर पूरे देश में ईद-उल-अजहा का पर्व अमन और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा था, वहीं मथुरा के थाना कोसीकला क्षेत्र के गांव नगला मेव फालन में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। देखते ही देखते पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे व फरसे चले।

इस हिंसक झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया।

घटना के संबंध में एक पक्ष के साबिर ने आरोप लगाया कि उनका परिवार ईद की नमाज अदा कर घर लौट रहा था, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और फरसों से हमला बोल दिया।

हमले में 45 वर्षीय तसलीमा, वाजिद, रियाज, उद्दीन और तबस्सुम गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं 55 वर्षीय नवाब पुत्र चंदा की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।

फिलहाल सभी घायलों का इलाज मथुरा जिला अस्पताल में चल रहा है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

 

ब्रेकिंग न्यूज़ महोली: महोली में पुलिस ने छान मारा पूरा गांव, पूरे गांव में सर्च अभियान चलाकर 6 आरोपियों को लिया हिरासत में

मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित महोली गांव में भंडारा लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो गुटों के बीच करीब आधे घंटे तक खुलेआम ईंट-पत्थर चले और अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिससे पूरा गांव गोलियों की आवाज से दहल उठा। इस हिंसक झड़प में चार लोगों को गोली लगी है, जबकि महिला समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

घटना से 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। श्रद्धालु और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

बताया जा रहा है कि महोली गांव में चंद्रपाल पक्ष द्वारा परिक्रमार्थियों के लिए प्याऊ और सेवा शिविर लगाया गया था। इसी दौरान पुरानी रंजिश रखने वाले गुड्डी पार्षद पक्ष के लोग भी वहां केला और अन्य सामग्री बांटने पहुंच गए। जगह को लेकर कहासुनी इतनी बढ़ी कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पत्थरबाजी व फायरिंग शुरू हो गई।

गोलीबारी में चंद्रपाल पक्ष के संजू के सीने में और रवि के पैर में गोली लगी, जबकि गुड्डी पक्ष के हरिओम के सिर में और सावित्री के हाथ में गोली लगी है। गंभीर रूप से घायल संजू और हरिओम को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही श्लोक कुमार, राजीव कुमार और अनिल कपरवान भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तीन थानों की पुलिस ने पूरे गांव में सर्च अभियान चलाकर 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनके कब्जे से अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।

एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि इस गोलीकांड की चिंगारी एक दिन पहले ही लग गई थी, जब भंडारे के दौरान दोनों पक्षों के युवकों में बाइक टकराने को लेकर विवाद हुआ था।

पुलिस अब वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। साथ ही इस मामले में पुलिस की किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है।

ब्रज 84 कोस परिक्रमा में हादसा, पत्नी के सामने नहर में डूबे श्रद्धालु की मौत

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने श्रद्धा के सफर को मातम में बदल दिया। बुलंदशहर के अरुंडा निवासी 47 वर्षीय हरीश अपनी पत्नी के साथ ब्रज 84 कोस परिक्रमा करने मथुरा आए थे, लेकिन मांट क्षेत्र में नहर पर स्नान करते समय अचानक उनका पैर फिसल गया और उनकी मौत हो गई।

बताया गया कि परिक्रमा के दौरान दंपति मांट नहर पर पहुंचे थे। यहां हरीश स्नान करने के लिए नहर में उतरे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह पानी में गिर पड़े। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद आसपास मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

हादसे की खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मथुरा पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि हरीश पूरे श्रद्धा भाव के साथ पत्नी के संग ब्रज परिक्रमा करने आए थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी।

घटना के बाद परिक्रमा मार्ग पर शोक का माहौल है।

“राम से बड़ा राम का नाम” — शान्तनू जी महाराज के श्रीमुख से सुन भक्त हुए भावविभोर

पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर मथुरा की गुरूकृपा विलास कॉलोनी में आयोजित श्रीराम कथा के प्रथम दिन श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए। कथा व्यास शान्तनू जी महाराज ने राम नाम की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है” और यह नाम सृष्टि के अंत तक अविनाशी रहेगा।

कथा के दौरान महाराज श्री ने कहा कि राम नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन का आधार और सबसे बड़ा मंत्र है। उन्होंने बताया कि स्वयं भगवान शिव भी हर क्षण राम नाम का जाप करते हैं। सूर्य, चंद्रमा, अग्नि और वायु की शक्ति भी राम नाम में समाहित है।

उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनाते हुए कहा कि श्रद्धा और विश्वास ही जीवन का मूल आधार हैं। यदि जीवन से अभिमान समाप्त हो जाए तो श्रद्धा अपने आप प्रकट हो जाती है।

महाराज श्री ने कहा कि मनुष्य के जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक हर शुभ और अंतिम क्षण में राम नाम का ही स्मरण किया जाता है। बच्चे के जन्म पर सोहर, विवाह में मंगल गीत और अंतिम यात्रा में भी “राम नाम सत्य है” का उद्घोष यही दर्शाता है कि राम नाम सनातन सत्य है।

कथा के दौरान पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा श्रवण करते नजर आए।

कार्यक्रम में प्रभात अग्रवाल, मीता अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, गजानंद अग्रवाल, विनोद अग्रवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

दो हफ्ते बाद भक्तों के बीच पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज, दर्शन पाकर जयकारों से गूंजा वृंदावन

वृंदावन में बुधवार सुबह उस समय भक्तिमय माहौल बन गया, जब संत प्रेमानंद महाराज ने करीब दो हफ्तों बाद आश्रम से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। स्वास्थ्य कारणों से उनकी पदयात्रा, एकांतिक वार्ता और दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए थे, जिसके बाद भक्तों में लगातार चिंता बनी हुई थी।

भोर में जैसे ही संत प्रेमानंद महाराज दर्शन देने के लिए बाहर निकले, सड़क पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। भक्तों ने भावुक होकर “राधे-राधे” और गुरु महाराज के जयकारे लगाए।

जानकारी के अनुसार संत प्रेमानंद महाराज कार से रमणरेती स्थित राधाटीला मोड़ तक पहुंचे और वहां से पैदल चलते हुए श्रीराधा केलिकुंज आश्रम तक लौटे। इस दौरान मार्ग में मौजूद श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

हालांकि आश्रम के इंटरनेट प्लेटफॉर्म “भक्तिमार्ग” पर संत प्रेमानंद की पदयात्रा दोबारा शुरू होने और एकांतवास पर जाने जैसी अलग-अलग सूचनाएं सामने आने से भक्तों में अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है।

गौरतलब है कि गत 17 मई को आश्रम प्रबंधन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संत प्रेमानंद की पदयात्रा, एकांतिक वार्ता और दर्शन स्थगित करने की घोषणा की थी। इसके बाद देशभर से श्रद्धालु उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे।

आश्रम प्रबंधन ने गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं से आश्रम न आने की अपील भी की थी, लेकिन इसके बावजूद भक्तों की भीड़ लगातार जुट रही थी। बुधवार को संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन से भक्तों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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