स्मैक के विवाद में दोस्त को जिंदा कुएं में फेंका, 3 साल बाद मिला नरकंकाल; दो आरोपी गिरफ्तार
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मध्य प्रदेश के बैतूल से इंसान और उसके पालतू के बीच अटूट प्रेम और वफादारी की ऐसी कहानी सामने ...

हाथरस में गौ सम्मान आवाहन अभियान के तहत रविवार 27 जुलाई को विशाल गौ सम्मान यात्रा निकाली जाएगी। यात्...

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले चार दिनों से सुरक्षा कारणों के चलते बंद किए गए ...

ग्रेटर नोएडा से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट य...

ग्रेटर नोएडा से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खुले और पानी से भरे गहरे ...

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब शिक्षा मंत्रालय की कम...

नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की आय पिछले पांच वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है। केंद्...

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए नेशनल ...
मथुरा पुलिस ने तीन साल पुराने एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्मैक के अवैध कारोबार में हिस्सेदारी के विवाद को लेकर आरोपियों ने अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी थी और उसके शव को कुएं में फेंककर ऊपर से मिट्टी और कचरा डाल दिया था। मामला थाना हाईवे क्षेत्र के बाजना गांव का है। 20 अक्टूबर 2023 को 28 वर्षीय लाखन सिंह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजन लगातार उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अब तीन साल बाद पुलिस ने कुएं से लाखन का नरकंकाल बरामद कर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस जांच में सामने आया कि लाखन सिंह स्मैक के कारोबार से जुड़ा था और आरोपी टीकम खान तथा महेश उसके साथ नशा भी करते थे। स्मैक के धंधे में हिस्सेदारी और आपसी विवाद के चलते दोनों ने हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने लाखन को सुनसान खेत में स्थित एक कुएं के पास ले जाकर पहले उसे स्मैक का अधिक नशा कराया और जब वह बेसुध हो गया तो उसे जिंदा ही कुएं में धक्का दे दिया। इसके बाद हत्या के सबूत मिटाने के लिए कुएं में मिट्टी और कचरा भर दिया। हैरानी की बात यह रही कि दोनों आरोपी तीन साल तक बेखौफ घूमते रहे और परिजनों के साथ मिलकर लाखन को खोजने का दिखावा भी करते रहे। लेकिन हाल ही में आरोपी टीकम खान का अपने भतीजे सोना खान से विवाद हो गया। गुस्से में उसने हत्या का पूरा राज उजागर कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने कुएं की खुदाई कराई, जहां से लाखन का नरकंकाल बरामद हुआ। परिजनों ने कपड़ों और गले में पहनी कंठी के आधार पर उसकी पहचान की। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने बाजना रेलवे लाइन अंडरपास के पास से आरोपी टीकम खान और महेश को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करने में थाना हाईवे प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कपिल, उपनिरीक्षक केशव वशिष्ठ, प्रदीप कुमार, तथा हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और सुरेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से तीन साल पुराने ब्लाइंड मर्डर केस का आखिरकार पर्दाफाश हो गया।
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा 'माई भारत' पोर्टल के माध्यम से 15 जुलाई से 15 अगस्त तक चलाए जा रहे 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत' अभियान के अंतर्गत किशोरी रमण महिला महाविद्यालय (केआर गर्ल्स कॉलेज) में विकसित भारत युवा संपर्क कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. पल्लवी सिंह, मुख्य अतिथि प्रो. पूनम तिवारी तथा विशिष्ट अतिथि युवा आइकन दुर्गेश त्रिपाठी द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा और अतिथियों का पटुका पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक डॉ. अशोक ने छात्राओं को 'माई भारत' पोर्टल की उपयोगिता और उसके उद्देश्यों की जानकारी दी। वहीं जिला युवा अधिकारी अमित ने पोर्टल पर पंजीकरण के लाभ बताते हुए युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की। मुख्य अतिथि प्रो. पूनम तिवारी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना, नेहरू युवा केंद्र, रोवर्स-रेंजर्स और एनसीसी जैसे युवा संगठन एक मंच पर मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण और राष्ट्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
NEET पेपर लीक को लेकर चर्चा में रही CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नया अभियान शुरू हुआ है। इस बार मुद्दा है E20 पेट्रोल। 'E20 जनता पार्टी' नाम से चल रहे इस अभियान में उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल का विकल्प देने की मांग की जा रही है। वीओ (V/O): सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई 'E20 जनता पार्टी' खुद को एक उपभोक्ता अधिकार अभियान बता रही है। अभियान का कहना है कि सरकार E20 पेट्रोल जारी रखे, लेकिन इसके साथ-साथ लोगों को 100% शुद्ध (Ethanol-Free) पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी मिलना चाहिए। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि वे E20 पेट्रोल का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि केवल उपभोक्ताओं के लिए विकल्प की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में पेट्रोल पंपों पर स्पष्ट फ्यूल लेबलिंग, ईंधन के प्रभावों पर स्वतंत्र अध्ययन और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बात भी शामिल है। यह अभियान ऐसे समय सामने आया है जब E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज और वाहन प्रदर्शन पर बहस जारी है। हालांकि केंद्र सरकार संसद में स्पष्ट कर चुकी है कि फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। सरकार का यह भी कहना है कि उसे E20 से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने के प्रमाणित मामले नहीं मिले हैं। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह अभियान आगे जनआंदोलन का रूप लेता है या नहीं और क्या सरकार उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल का विकल्प देने पर विचार करती है।
गोवर्धन में चल रहे मुड़िया पूर्णिमा मेले से एक बड़ी खबर सामने आई है। परिक्रमा के दौरान भांग का सेवन करने से करीब एक दर्जन श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। सभी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि कुछ श्रद्धालुओं को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। गोवर्धन में आयोजित राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिक्रमा कर रहे करीब एक दर्जन श्रद्धालुओं की भांग का सेवन करने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग में कहीं भांग का सेवन किया था। इसके बाद राधाकुंड परिक्रमा मार्ग पर उन्हें चक्कर, घबराहट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पंचमुखी हनुमान मंदिर स्थित स्वास्थ्य शिविर में तैनात मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद सभी को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोवर्धन पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद कुछ श्रद्धालुओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल मथुरा रेफर कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीमार हुए अधिकांश श्रद्धालु मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु राजस्थान और आगरा के भी बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने मेले में आए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करें और तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य शिविर या पुलिस से संपर्क करें।
मुड़िया मेला-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। आगरा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने मथुरा जंक्शन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यात्रियों की सुविधा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुड़िया मेला-2026 के मद्देनज़र आगरा मंडल रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के निर्देशन में अपर मंडल रेल प्रबंधक गिरीश कुमार गुप्ता और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस. रामकृष्णन ने मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, होल्डिंग एरिया, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी और सेवा कार्य जारी रखें। रेलवे प्रशासन ने मथुरा जंक्शन और गोवर्धन रेलवे स्टेशन पर करीब 85 स्काउट्स एंड गाइड्स, 90 वाणिज्य विभाग के कर्मचारी तथा 350 रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी एवं जवान शिफ्टवार तैनात किए हैं। वाणिज्य विभाग यात्रियों को ट्रेन, प्लेटफॉर्म और टिकटिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध करा रहा है, जबकि स्काउट्स एंड गाइड्स के स्वयंसेवक वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों की सहायता कर रहे हैं। वहीं आरपीएफ स्टेशन परिसर, फुटओवर ब्रिज और प्रवेश-निकास द्वारों पर लगातार निगरानी रखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बना रही है। रेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रेलवे कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी सहायता के लिए स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों, स्काउट्स एंड गाइड्स या आरपीएफ से संपर्क करें।
मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अपने परिजनों से बिछड़ी चार वर्षीय मासूम बच्ची को जीआरपी पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके परिवार से मिला दिया। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से बच्ची सुरक्षित अपने परिजनों तक पहुंच सकी। रेलवे स्टेशन पर महिला एवं बाल सुरक्षा अभियान के तहत गश्त कर रही जीआरपी मथुरा जंक्शन पुलिस टीम को प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर करीब चार वर्षीय एक बच्ची अकेली और घबराई हुई अवस्था में मिली। पुलिसकर्मियों ने बच्ची से उसका नाम और पता पूछने का प्रयास किया, लेकिन वह कुछ भी बताने में असमर्थ थी। इसके बाद पुलिस टीम बच्ची को सुरक्षित जीआरपी थाने लेकर पहुंची और उसके परिजनों की तलाश शुरू की। जीआरपी पुलिस ने बच्ची का फोटो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया, जिसके बाद अथक प्रयासों से उसके परिजनों का पता लगाया गया और उनसे संपर्क स्थापित किया गया। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों ने जीआरपी मथुरा जंक्शन पुलिस की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी प्रदीप सिंह, महिला उपनिरीक्षक लक्ष्मी सिंह, हेड कांस्टेबल निधि चौधरी और हेड कांस्टेबल यथार्थ सागर की अहम भूमिका रही।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह रविवार को वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह रविवार को वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने 'मन की बात' को दुनिया का सबसे लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रम बताया और कहा कि प्रधानमंत्री लगातार देशवासियों से सीधे संवाद कर उन्हें प्रेरित करने का कार्य कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदहाल थी और नकल माफिया का बोलबाला था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में अब पूरी तरह नकलविहीन परीक्षाएं कराई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में बेटियां आधी रात को भी सुरक्षित महसूस कर रही हैं। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, नए एयरपोर्ट और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वंशवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों ने सत्ता में रहते हुए केवल जनता को लूटने का काम किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम में कांग्रेस संगठन ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पार्षद धनंजय चौधरी को कांग्रेस पार्षद दल का नेता नियुक्त किया है। नियुक्ति के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महानगर कांग्रेस कमेटी ने मथुरा-वृंदावन नगर निगम में पार्षद धनंजय चौधरी को कांग्रेस पार्षद दल का नेता नियुक्त किया है। उन्हें महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतीन्द्र मुकद्दम एवं पूर्व सीएलपी लीडर और पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने नियुक्ति पत्र सौंपा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी। महानगर अध्यक्ष पंडित यतीन्द्र मुकद्दम ने कहा कि धनंजय चौधरी पिछले तीन वर्षों से नगर निगम में कांग्रेस की ओर से आम जनता के मुद्दों को मजबूती के साथ उठाते रहे हैं। उनकी संघर्षशीलता, सक्रियता और जनहित के प्रति समर्पण को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि धनंजय चौधरी के पार्षद दल का नेता बनने से नगर निगम में जनता की आवाज और अधिक मजबूती से उठेगी। कांग्रेस जनहित के हर मुद्दे पर संघर्ष करती रहेगी और नगर निगम की समस्याओं के समाधान के लिए सदन में प्रभावी भूमिका निभाएगी। नवनियुक्त नेता पार्षद दल धनंजय चौधरी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर और महानगर अध्यक्ष पंडित यतीन्द्र मुकद्दम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम में आम जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे, जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएंगे और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को भी जनता के सामने उजागर करने का कार्य करेंगे।
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर मथुरा में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद किया। मथुरा के होटल विनायक पैलेस में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के तत्वावधान में 27वां कारगिल विजय दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने भाग लेकर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित पूर्व सैनिकों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जेसीओ चौधरी रामपाल सिंह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस उन वीर सैनिकों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में दुर्गम पर्वत चोटियों पर दुश्मन को परास्त कर तिरंगे की शान को कायम रखा। उन्होंने मथुरा के वीर सपूत शहीद रविकरन नौहवार और शहीद सोरन सिंह के अद्वितीय बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका त्याग सदैव देशवासियों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि लगभग 60 दिनों तक चले कारगिल युद्ध में 527 से अधिक भारतीय सैनिक शहीद हुए और 1300 से अधिक जवान घायल हुए। देश की रक्षा में दिए गए इन बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम के दौरान सभी पूर्व सैनिकों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं और वीर नारियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामपाल सिंह ने की, जबकि एस.के. सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संचालन डॉ. रमेश चंद ने किया। समारोह में अनेक पूर्व सैनिकों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं से देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया।
सावन माह की शुरुआत से पहले बरेली के भूता में अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने कांवड़ मार्गों और मंदिरों के आसपास संचालित मांस की दुकानों को बंद कराने की मांग उठाई है। संगठन ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की अपील की। बरेली के विकासखंड भूता में आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास को लेकर धार्मिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने कांवड़ यात्रियों की सुविधा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने की मांग को लेकर थाना भूता के प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। संगठन के उत्तर प्रदेश जिलाध्यक्ष अजय पटेल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि सावन के दौरान लाखों कांवड़िये पवित्र गंगाजल लेकर शिवालयों तक पैदल यात्रा करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि कांवड़ मार्गों और मंदिरों के आसपास संचालित मांस, मीट और मछली की दुकानों को सावन माह के दौरान बंद रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और धार्मिक वातावरण प्रभावित न हो। संगठन ने यह भी कहा कि ऐसे स्थानों पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए प्रशासन को इस संबंध में समय रहते आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान निखिल सिंह, योगेश कुमार, संजय कुमार, सोमदत्त, कैलाश गंगवार, राहुल सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गोवर्धन तहसील के गांव पलसो स्थित माता सती मंदिर में राष्ट्रीय लोकदल के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष पीतम सिंह का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान आयोजित जिकड़ी भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। वीओ (V/O): गोवर्धन के गांव पलसो स्थित माता सती मंदिर परिसर में राष्ट्रीय लोकदल के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष पीतम सिंह के सम्मान में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित जिकड़ी भजन संध्या में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में रंग गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में नव-निर्मित बरामदे का उद्घाटन भी पीतम सिंह ने विधिवत फीता काटकर किया। अपने संबोधन में रालोद जिलाध्यक्ष पीतम सिंह ने कहा कि "पलसो गांव मेरा अपना गांव है। माता सती और शोभारी वंशजों के आशीर्वाद से ही मुझे जनता की सेवा का अवसर मिला है। मैं हमेशा क्षेत्र के विकास और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित रहूंगा।" कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया और माता सती के जयकारों के साथ आयोजन का समापन हुआ। इस कार्यक्रम के आयोजक ओमप्रकाश पांडे (झोरिया वाले) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुरारी लाल शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन नंदकिशोर शर्मा ने किया। इस अवसर पर महादेव नेताजी, राममूर्ति, प्रधान उदयवीर, दुर्गा प्रसाद श्रीभाड़ा, महादेव प्रसाद सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा दौरे के दौरान मथुरा-वृंदावन के विकास को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक की। बैठक में रोपवे निर्माण, सड़क-रेल संयुक्त परियोजना, 4500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, पार्किंग व्यवस्था और प्लास्टिक मुक्त मथुरा-वृंदावन समेत कई अहम फैसलों पर निर्देश दिए गए। आगरा में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए मथुरा-वृंदावन के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वृंदावन रोपवे परियोजना का प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग पर सड़क-रेल संयुक्त परियोजना को आगे बढ़ाने और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार के लिए लैंड पूलिंग योजना तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पीपीपी मॉडल पर आधुनिक पार्किंग विकसित करने पर भी जोर दिया। बैठक में मथुरा-वृंदावन में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए 4500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती, नया वृंदावन पुलिस सर्किल, एएसपी ट्रैफिक और एएसपी प्रोटोकॉल के पद सृजित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन में चल रहे स्वच्छता अभियान की सराहना करते हुए दोनों नगरों को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के साथ-साथ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की लगभग 700 करोड़ रुपये की सड़क, फ्लाईओवर और प्रमुख चौराहों के सुधार की योजना का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके अलावा 50 छोटी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, तीर्थ मित्र नीति लागू करने तथा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, सांसद तेजवीर सिंह, विनोद अग्रवाल, महापौर, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक दिल दहला देने वाला हादसा देखने को मिला। इंग्लैंड के 19 वर्षीय जिम्नास्ट गेब्रियल लैंगटन पुरुष टीम फाइनल के दौरान हाई बार से सिर के बल नीचे गिर गए। हादसा इतना गंभीर था कि प्रतियोगिता को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा और उन्हें स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष टीम जिम्नास्टिक्स फाइनल के दौरान इंग्लैंड के युवा जिम्नास्ट गेब्रियल लैंगटन हाई बार पर अपना रूटीन पूरा कर रहे थे। इसी दौरान उनका हाथ बार से छूट गया और वे सीधे सिर के बल फ्लोर पर जा गिरे। हादसे के बाद पूरे एरिना में सन्नाटा छा गया और मेडिकल टीम तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़ी। लैंगटन कई मिनट तक जमीन पर पड़े रहे। मेडिकल स्टाफ ने उनकी गर्दन और सिर को स्थिर करने के बाद उन्हें स्ट्रेचर पर अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के कारण प्रतियोगिता को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। बाद में टीम इंग्लैंड और ब्रिटिश जिम्नास्टिक्स ने राहत भरी जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में कई स्कैन किए गए, जिनमें किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई। लैंगटन पूरी तरह होश में थे, डॉक्टरों से बात कर रहे थे और उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर मेडिकल निगरानी में टीम होटल भेज दिया गया। इस हादसे के बावजूद इंग्लैंड की टीम ने प्रतियोगिता पूरी की, लेकिन गोल्ड मेडल नहीं जीत सकी। कनाडा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि इंग्लैंड को रजत और ऑस्ट्रेलिया को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
मथुरा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में मुख्य डाकघर के सामने रविवार को एक सड़क हादसा हो गया। सवारियों से भरा एक ई-रिक्शा कथित तौर पर रॉन्ग साइड से आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मथुरा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित मुख्य डाकघर के सामने उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सवारियों से भरा एक ई-रिक्शा अचानक सड़क पर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा मुख्य डाकघर के सामने से गुजर रहा था। तभी सामने से एक बाइक कथित तौर पर रॉन्ग साइड से आ गई। टक्कर से बचने के लिए ई-रिक्शा चालक ने अचानक वाहन मोड़ा, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और ई-रिक्शा पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा में सवार तीन लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, ई-रिक्शा में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर यातायात को सामान्य कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी घायलों का उपचार जारी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले चार दिनों से सुरक्षा कारणों के चलते बंद किए गए दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन अब दोबारा यात्रियों के लिए खोल दिए गए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी डीएमआरसी ने घोषणा की है कि अब पूरे मेट्रो नेटवर्क पर सभी स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। पिछले चार दिनों से मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा प्रतिबंध लागू थे। इनमें राजीव चौक, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, नई दिल्ली, पटेल चौक, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और अन्य प्रमुख स्टेशन शामिल थे। इन स्टेशनों पर ट्रेनें तो चल रही थीं, लेकिन यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास पर रोक लगी हुई थी। इन प्रतिबंधों के चलते रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को बस, ऑटो और टैक्सी का सहारा लेना पड़ा, जिससे राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया। अब सभी स्टेशनों के खुलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली है और मेट्रो सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो गई हैं। डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक अपडेट में स्पष्ट किया है कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट दोनों सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और नई दिल्ली जैसे व्यस्त स्टेशनों पर भी सामान्य आवाजाही बहाल हो गई है। टिकट काउंटर और ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन गेट पहले की तरह संचालित हो रहे हैं। स्टेशनों के दोबारा खुलने के साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि मध्य दिल्ली में सड़क यातायात पर भी दबाव कम होगा और लाखों दैनिक यात्रियों को अब बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के मेट्रो सेवा का लाभ मिल सकेगा।
मथुरा की पुष्पांजलि उपवन कॉलोनी में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। भाजपा जिला कार्यालय के समीप रहने वाले लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से नाराज होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मथुरा के नेशनल हाईवे से सटी पुष्पांजलि उपवन कॉलोनी, जिसे लोग भाजपा जिला कार्यालय के कारण अधिक पहचानते हैं, आज भी वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। कॉलोनी के मुख्य मार्ग के दोनों ओर लंबे समय से गंदा पानी जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल बरसात तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष बनी रहती है। जलभराव के कारण दुर्गंध, गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिया। जबकि इसी क्षेत्र में भाजपा का जिला कार्यालय स्थित है, जहां प्रदेश के वरिष्ठ नेता और मंत्री भी समय-समय पर आते रहते हैं। समस्या का समाधान न होने से नाराज लोगों ने अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं जलभराव के बीच से गुजर रहे एक वाहन चालक ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सड़क पर भरे पानी के कारण रोजाना आवागमन में दिक्कत होती है और वाहन क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा बना रहता है। अब देखना होगा कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और स्थानीय लोगों को जलभराव से राहत मिल पाती है।
गोवर्धन में चल रहे मुड़िया पूर्णिमा मेले में शनिवार देर शाम श्रद्धालुओं के स्वागत का भव्य नजारा देखने को मिला। गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे लाखों श्रद्धालुओं पर प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से फूलों और इत्र की बारिश की गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र गिरिराज महाराज के जयकारों से गूंज उठा। पतित पावन धाम गोवर्धन में आयोजित मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान बड़ी परिक्रमा के प्रारंभिक स्थल पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष आयोजन किया गया। परिक्रमा कर रहे भक्तों पर गुलाब के फूल बरसाए गए और इत्र छिड़ककर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर एडीएम (एफआर), एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत, एसडीएम सुशील कुमार सिंह, गोवर्धन नगर पंचायत की चेयरमैन प्रभा देवी, चेयरमैन प्रतिनिधि मनीष लंबरदार सहित नगर पंचायत के सभासदों और अधिकारियों ने श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रशासन के इस स्नेहपूर्ण स्वागत से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। चारों ओर "गिरिराज महाराज की जय" के जयकारे गूंजने लगे, जबकि भजन मंडलियों के कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गुलाब के फूलों और इत्र की खुशबू से गिरिराज तलहटी महक उठी और श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। इस अनोखे स्वागत को देखकर श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाते नजर आए। कई श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए परिक्रमा करते रहे और इस यादगार पल को अपने कैमरों में कैद करते दिखाई दिए। प्रशासन की इस पहल की श्रद्धालुओं ने सराहना करते हुए इसे मेले की विशेष आकर्षणों में से एक बताया।
ग्रेटर नोएडा से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे ने एक मासूम की जान ले ली। नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसाइटी में बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी तथा ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, मृतक बच्चे की पहचान अव्यान सूर्या के रूप में हुई है। वह अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी खेलते-खेलते करीब 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की ओर से बोरिंग कार्य के लिए कई दिन पहले खोदा गया था। हाल की बारिश के बाद इसमें पानी भर गया था, लेकिन न तो इसके चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी लापरवाही के कारण यह गड्ढा बच्चों के लिए मौत का जाल बन गया। घटना के बाद सोसाइटी के लोगों ने अथॉरिटी और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कुछ महीने पहले भी खुले गड्ढे में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। उस समय सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों ने सभी निर्माण स्थलों पर तत्काल बैरिकेडिंग और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने कहा कि प्रथम दृष्टया बिना बैरिकेडिंग के गड्ढा छोड़ना गंभीर लापरवाही है और इसके लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है। यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।
गोवर्धन में चल रहे मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जीएम पैरामेडिकल कॉलेज द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने किया। इस अवसर पर गोवर्धन एसडीएम सुशील कुमार सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि मनीष लंबरदार भी मौजूद रहे। गोवर्धन के राधाकुंड परिक्रमा मार्ग स्थित नूतन की बगीची में जीएम पैरामेडिकल कॉलेज द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। शनिवार शाम उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, गोवर्धन एसडीएम सुशील कुमार सिंह तथा नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि मनीष लंबरदार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर शिविर का उद्घाटन किया। इस मौके पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि मुड़िया पूर्णिमा मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की परिक्रमा करने आते हैं। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जीएम पैरामेडिकल कॉलेज का यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धालुओं के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। शिविर में परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाएं और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। थकान, चोट, डिहाइड्रेशन और अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का तत्काल उपचार भी यहीं किया जाएगा। वहीं गोवर्धन नगर पंचायत के चेयरमैन प्रतिनिधि मनीष लंबरदार ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। उद्घाटन समारोह में कॉलेज के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करने वाली तस्वीर सामने आई। प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर एक महिला यात्री ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। रेलवे चिकित्सकों, आरपीएफ और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से जच्चा और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। मथुरा जंक्शन के आरपीएफ सीसीटीवी कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर एक महिला यात्री बेहोश होकर गिर गई है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल को अलर्ट किया गया और रेलवे चिकित्सक डॉ. अभय अपनी मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं आरपीएफ की महिला उप निरीक्षक शीतल, महिला कांस्टेबल पिंकी देवी, अनुपम गौतम तथा आरपीएफ का अन्य स्टाफ भी तत्काल प्लेटफॉर्म पर पहुंच गया। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि महिला का प्रसव हो चुका था और उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। रेलवे चिकित्सकों ने तुरंत जच्चा और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद रेल सुरक्षा बल और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से दोनों को बेहतर इलाज के लिए मथुरा के जिला महिला चिकित्सालय भेजा गया। महिला की पहचान 35 वर्षीय धनकुंवर, निवासी बैरवारा, जनपद ललितपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। उनके पति भी मौके पर मौजूद थे। बताया गया कि धनकुंवर हरियाणा के बावल से मथुरा जंक्शन की यात्रा कर रही थीं, तभी उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। फिलहाल मथुरा के जिला महिला चिकित्सालय में जच्चा और नवजात बच्ची का उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। रेलवे प्रशासन, चिकित्सकों और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत बताया है। मुरादाबाद पहुंचे ओवैसी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर होती है और सरकार को संविधान की मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए। शनिवार को मुरादाबाद दौरे पर पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी ने जामा मस्जिद पार्क में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा किया गया प्रदर्शन सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि देश के छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना जानते हैं। ओवैसी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब जनता संगठित होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखती है तो सरकार को निर्णय बदलने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल की नहीं, बल्कि देश के युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। एआईएमआईएम प्रमुख ने परीक्षा प्रणाली को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो सके। मुरादाबाद में ओवैसी के कार्यक्रम के दौरान जामा मस्जिद पार्क में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे आयोजन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पक्ष और विपक्ष के नेता इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
गोवर्धन में चल रहे राजकीय गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं को कुछ युवक अपनी बाइक पर बैठाकर सप्तकोसीय परिक्रमा करा रहे हैं और बदले में मनमाना किराया वसूल रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए ये युवक श्रद्धालुओं को जल्दी परिक्रमा कराने का लालच देकर बाइक पर बैठा रहे हैं। इस पूरे मामले का वीडियो मीडिया के कैमरों में कैद हुआ है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बाइक सवार श्रद्धालुओं को बैठाकर परिक्रमा मार्ग पर दौड़ रहे हैं। गौरतलब है कि मेले के दौरान परिक्रमा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहती है। इसके बावजूद बाइक से श्रद्धालुओं को परिक्रमा कराना नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। इतना ही नहीं, बिना किसी अधिकृत अनुमति के श्रद्धालुओं से किराया वसूलना भी गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के दावों के बावजूद इस तरह की गतिविधियां खुलेआम जारी हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी अनुमति से बाइक सवार श्रद्धालुओं को परिक्रमा करा रहे हैं। फिलहाल स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बरेली जिले के भुता ब्लॉक स्थित गंगापुर डाबोरा गांव में पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। लगातार अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से गांव में पेयजल संकट भी गहरा गया है और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से गांव में बिजली नहीं आने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। रात के समय बिना बिजली के लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पंखे और कूलर बंद होने से गर्मी असहनीय हो चुकी है, वहीं बिजली न होने से पानी की मोटरें भी नहीं चल पा रही हैं, जिससे पीने के पानी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने गांव में एकत्र होकर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि विभाग लगातार आश्वासन देता रहा, लेकिन बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बिजली कर्मचारी अवैध वसूली करते हैं और बिना पैसे लिए समस्याओं का समाधान करने में रुचि नहीं दिखाते। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की लापरवाही आगे भी जारी रहेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द से जल्द गांव की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे उपजिलाधिकारी विदुषी सिंह को ज्ञापन सौंपेंगे और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। साथ ही बड़े स्तर पर आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। वहीं, इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर संतोष कुमार शर्मा का कहना है कि शिकायत उनके संज्ञान में आते ही लाइनमैन को मौके पर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि बिजली लाइन में आए फॉल्ट की जांच की जा रही है और उसे जल्द ठीक कर गांव की बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। अब देखने वाली बात होगी कि पांच दिनों से अंधेरे में डूबे गंगापुर डाबोरा गांव के लोगों को आखिर कब राहत मिलती है और बिजली विभाग अपने वादे के मुताबिक कितनी जल्दी बिजली आपूर्ति बहाल कर पाता है।
मथुरा में कृष्ण नगर चौकी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 5.70 लाख के जेवरो से भरा खोया हुआ पर्स मेहज 2 घंटे में बरामद कर उसके मालिक को सुरक्षित सौंप दिया सुचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस ने 2 टीमें गठित कर सीसीटीवी फुटेज खांगले और त्वरित कार्यबाही करते हुए पर्स तलाश लिया इस दौरान पुलिस ने देत रात 12 बजे प्रेस नोट जारी कर इस कि जानकरी दी दाऊजी विहार कॉलोनी निवासी सूबेदार सोनवीर सिंह शनिवार रात करीब 8 बजे परिवार के साथ कृष्णा नगर स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में खरीदारी करने गए थे खरीदारी के बाद कार में बैठते समय उनका पर्स कहीं गिर गया पर्स में एक जोड़ी सोने की चूड़ियां, कान के टॉप्स और एक नोज रिंग रखी थी, जिनकी कीमत करीब ₹5.70 लाख बताई जा रही हैं काफी तलाश के बाद भी पर्स नहीं मिला तो उन्होंने कृष्णा नगर चौकी पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर दो पुलिस टीमें बनाई गईं चौकी प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने चंद दो घंटे के भीतर ज्वैलरी से भरा पर्स बरामद कर लिया सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पर्स उसके मालिक को सुरक्षित सौंप दिया गया इस दौरान कृष्णा नगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देरी किए जांच शुरू की सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से पर्स बरामद कर उसे उसके मालिक के सुपुर्द कर दिया गया हैं
मथुरा। पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित "सपनों की नई उड़ान" कार्यक्रम में सांसद हेमा मालिनी ने जनपद के परिषदीय विद्यालयों में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को डेस्क-बेंच उपलब्ध कराना शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला कदम है। कार्यक्रम में बताया गया कि पंचायती राज विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से जनपद के 663 परिषदीय विद्यालयों में 14,060 डेस्क-बेंच उपलब्ध कराकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। इस उपलब्धि को दर्शाती एक विशेष वीडियो प्रस्तुति भी कार्यक्रम में प्रदर्शित की गई। इस दौरान 'ज्ञान ज्योति' डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन कर उपनिरीक्षक (SI) पद पर चयनित अभ्यर्थी को सांसद हेमा मालिनी और जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की भी सराहना की गई। कार्यक्रम में विधायक राजेश चौधरी, विधायक पूरन प्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में हुए नवाचारों और प्रशासन की सकारात्मक पहलों को समाज के सामने प्रस्तुत करना था।
मथुरा। पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित "सपनों की नई उड़ान" कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद हेमा मालिनी ने बताया कि 'आओ लौटायें ब्रज की हरियाली' अभियान के तहत मियावाकी पद्धति से जनपद की 101 ग्राम पंचायतों में 'लाडली वन' विकसित किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों पर आधारित एक विशेष वीडियो प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और शिक्षा सुधार से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि अभियान के अगले चरण में जनपद की 495 और ग्राम पंचायतों में भी 'लाडली वन' विकसित किए जाएंगे, जिससे ब्रज क्षेत्र को और अधिक हराभरा बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके। इस अवसर पर डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन कर उपनिरीक्षक (SI) बनने वाले अभ्यर्थी को सम्मानित किया गया। साथ ही वृक्षारोपण, विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराने, शिक्षा और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रशासकों, ग्राम सचिवों एवं अधिकारियों को भी सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और जनसहभागिता के माध्यम से ब्रज के समग्र विकास का संकल्प दोहराया गया।
मथुरा। संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने एमएसएमई (MSME) आगरा के सहयोग से "इनोवेशन, टेक्नोलॉजी अडॉप्शन और सरकारी योजनाएं" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और नव उद्यमियों को नवाचार, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. डी.एस. तोमर एवं संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी भी मौजूद रहे। डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बदलते तकनीकी दौर में छात्रों के लिए इनोवेशन, नई तकनीकों और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग की समझ बेहद जरूरी है। वहीं डॉ. डी.एस. तोमर ने विद्यार्थियों को ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए उद्यमिता कौशल विकसित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, शोध के बेहतर अवसर और रोजगार की नई संभावनाएं मिलती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से नवाचार आधारित शोध और उद्यमिता को अपनाकर देश के तकनीकी एवं आर्थिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया। एमएसएमई आगरा के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर गौरव कुमार ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं विशेषज्ञ मनीष वर्मा ने स्टार्टअप, शोध, इनक्यूबेशन, स्किल डेवलपमेंट, प्रोडक्ट डिजाइन और वित्तीय सहायता से जुड़ी विभिन्न MSME सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में 65 फैकल्टी सदस्यों, बड़ी संख्या में छात्रों, शोधार्थियों और नव उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नवाचार एवं उद्यमिता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अपनी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती अभियान शुरू किया है। एजेंसी ने चार जनरल मैनेजर (General Manager) पदों और 16 यंग प्रोफेशनल्स (Young Professionals) की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह कदम प्रोफेसर के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर NTA में किए जा रहे संस्थागत सुधारों का पहला बड़ा चरण माना जा रहा है। भर्ती के तहत जनरल मैनेजर (Assessment Research & Psychometrics), General Manager (Test Centre Network & Operations), General Manager (Information Security) और General Manager (Vigilance, Investigation & Forensics) जैसे चार वरिष्ठ पदों को अनुबंध के आधार पर तीन वर्ष के लिए भरा जाएगा। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी परीक्षा संचालन, साइबर सुरक्षा, टेस्ट सेंटर प्रबंधन, मूल्यांकन प्रणाली और परीक्षा की निष्पक्षता को मजबूत करना होगी। इसके अलावा, NTA पहली बार UPSC के प्रतिभा सेतु (Pratibha Setu) पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति करेगा। इनमें 12 पद अकादमिक रिसर्च, 2 लीगल रिसर्च और 2 फाइनेंस एवं अकाउंट्स के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में शोध, तकनीक और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह भर्ती अभियान NTA की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में विशेषज्ञों और अन्य पेशेवरों की अतिरिक्त भर्ती भी की जाएगी, ताकि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सके।
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा रोडवेज डिपो में डीजल रिकॉर्ड में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में करीब 14 हजार लीटर डीजल का हिसाब नहीं मिलने और लगभग 13.47 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने पर तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) ने मामले की जांच कराई। जांच में डीजल सेक्शन के अभिलेखों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद डीजल सेक्शन से जुड़े तीन लिपिकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। वहीं, पर्यवेक्षण में कथित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि डीजल से संबंधित अभिलेखों का नियमित मिलान और सत्यापन नहीं किया गया, जिसके चलते रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला केवल रिकॉर्ड में गड़बड़ी का है या डीजल की वास्तविक हेराफेरी हुई है। परिवहन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निलंबित कर्मचारियों से जवाब तलब किया गया है और मामले की जांच जारी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र और शांतिपूर्ण जनआंदोलन की बड़ी जीत बताया है। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह फैसला देशभर के युवाओं, छात्रों और शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल लोगों के धैर्य, संघर्ष और लोकतांत्रिक ताकत का परिणाम है। सोनम वांगचुक ने कहा, "यह लोकतंत्र की जीत है। यह सीधे सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है। यह शांति, धैर्य और लगातार संघर्ष की भी जीत है।" उन्होंने CJP, देशभर के Gen Z छात्रों और आंदोलन का समर्थन करने वाले नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि अब केवल जवाबदेही तय करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करने का समय आ गया है। वांगचुक ने अपने संदेश में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन वास्तविक सफलता तब होगी जब शिक्षा व्यवस्था में ठोस और स्थायी सुधार किए जाएंगे। गौरतलब है कि NEET-UG विवाद और देशभर में चले छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया, जबकि आंदोलन से जुड़े नेताओं ने संकेत दिए हैं कि शेष मांगों पर निर्णय होने तक उनका अभियान जारी रहेगा।
मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीघाट इलाके में शुक्रवार रात रास्ते में भरे पानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। किशोरी कुंज आश्रम के पास हुई इस घटना में एक ही पक्ष के दो महिलाओं समेत पांच लोग घायल हो गए। घटना के दौरान लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। घायल पक्ष के मुस्ताक के अनुसार, इलाके में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण रास्ते में लंबे समय से पानी भरा रहता है। इसी बात को लेकर पड़ोसी सतीश से विवाद चल रहा था। आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे सतीश अपने आधा दर्जन साथियों के साथ उनके घर पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर कथित तौर पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। हमले में मुस्ताक, नूर मोहम्मद, गुड्डू, साबरा और नूरबानो घायल हो गए। घायलों में एक महिला के सिर में गंभीर चोट आई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गुड्डू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगरा रेफर कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना का वायरल वीडियो भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है
मथुरा। थाना नौझील क्षेत्र के जरेलिया गांव में शुक्रवार देर शाम पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ आमने-सामने आ गए। इस मारपीट में दोनों पक्षों के लगभग आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही नौझील थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए मथुरा जिला अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल पक्ष के दिगंबर सिंह ने आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम उनका परिवार घर पर खाना खा रहा था, तभी पड़ोस में रहने वाले नामजद लोगों समेत करीब एक दर्जन लोग लाठी-डंडों और फरसों से लैस होकर घर में घुस आए और हमला कर दिया। इस हमले में दिनेश पुत्र मुन्नीलाल और सोनू पुत्र दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
मथुरा। हाईवे थाना क्षेत्र के बजाना पुल के पास तीन साल पुराने लापता युवक के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 27 वर्षीय लाखन, जो करीब तीन साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, उसका नर-कंकाल उसके ही सूखे कुएँ से बरामद हुआ है। इस मामले का खुलासा किसी पुलिस जांच से नहीं, बल्कि कथित आरोपी के भतीजे द्वारा दी गई जानकारी के बाद हुआ। जानकारी के अनुसार, लाखन पारिवारिक विवाद के बाद अचानक लापता हो गया था। उस समय परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन पहले गांव निवासी टीकम खान के भतीजे ने लाखन के परिजनों को बताया कि उसके चाचा ने कथित रूप से लाखन की हत्या कर शव को उनके ही कुएँ में फेंक दिया था। सूचना मिलते ही हाईवे थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सूखे कुएँ में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एक नर-कंकाल बरामद हुआ। कंकाल के साथ मिले कपड़े, गले में पड़ी कंठी और जेब से मिले मोबाइल चार्जर को देखकर परिजनों ने आशंका जताई कि यह लाखन का ही शव है। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने टीकम खान और गांव के एक अन्य व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके से सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। बरामद नर-कंकाल की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट - पवन शर्मा/आकाश शर्मा मथुरा डैम्पियर नगर स्थित विद्यापीठ पाठशाला में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड से सबक लेते हुए किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित बचाव, त्वरित प्रतिक्रिया और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने विद्यालय परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई। छात्राओं को सुरक्षित तरीके से भवन से बाहर निकलने का अभ्यास कराया गया। टीम ने बताया कि किसी भी आपदा के समय घबराने के बजाय शांत रहना और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। छात्राओं को आपातकालीन निकास मार्गों का उपयोग करने, धुएं से बचाव के लिए झुककर बाहर निकलने और भीड़भाड़ से बचते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का प्रशिक्षण दिया गया। अग्निशमन अधिकारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का लाइव प्रदर्शन भी किया, जिससे आग लगने की शुरुआती स्थिति में उसे नियंत्रित करने के तरीके समझाए गए। इसके अतिरिक्त, विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखने, गैस या बिजली से लगी आग में बरती जाने वाली सावधानियों और तुरंत फायर सर्विस को सूचना देने की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई गई।
मथुरा/गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान जहां लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए जाने का दावा किया जा रहा है, वहीं गोवर्धन के हाथी दरवाजा स्थित पुलिस बूथ पर पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़भाड़ के बीच हाथी दरवाजा पुलिस बूथ पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। ऐसे में यदि कोई अप्रिय घटना होती, तो श्रद्धालुओं को तत्काल पुलिस सहायता मिलना मुश्किल हो सकता था। इसे लेकर लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई की मांग की। मुड़िया पूर्णिमा मेले में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों और पुलिस सहायता केंद्रों पर पुलिस बल की नियमित मौजूदगी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पुलिस बूथों पर हर समय पुलिसकर्मी तैनात रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे मेले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने का दावा किया जा रहा है।
मथुरा। जनपद के बलदेव थाना क्षेत्र में रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने रंगदारी की मांग पूरी न होने पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। घटना के बाद भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज पीड़ित ने एसडीएम से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के संबंध में थाना पुलिस को सूचना देने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने समाधान दिवस में पहुंचकर एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार से दो दिवसीय आगरा दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आगरा को 53 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। वे विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक भी करेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित करेंगे और नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले के विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे। दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। इस दौरान स्वास्थ्य, सड़क, जल निकासी, पर्यटन, महिला सुविधाओं और शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया जाएगा, जिससे आगरा के आधारभूत ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मथुरा। गोवर्धन थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गोवर्धन की परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 40 वर्षीय डालचंद, निवासी बरेली, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बरेली से करीब एक दर्जन श्रद्धालु गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा लगाने आए थे। परिक्रमा पूरी कर लौटते समय उनका टेंपो हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही गोवर्धन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। डालचंद की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, घायलों का उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
महावन (मथुरा)। गोकुल-महावन रोड स्थित कार्ष्णि रमणरेती आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। आश्रम परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग पांडाल तैयार किए जा रहे हैं। इस वर्ष गुरु-शिष्य मिलन समारोह 28 जुलाई से 31 जुलाई तक चार दिनों तक आयोजित होगा, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। रमणरेती आश्रम के मीडिया प्रभारी कार्ष्णि गोविंदानन्द महाराज ने बताया कि चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले शिष्य अपने निर्धारित दिवस पर गुरु महाराज की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को महावन, मथुरा, बलदेव, सादाबाद एवं आसपास के क्षेत्रों के सेवादार और शिष्य गुरु पूजन करेंगे। 29 जुलाई को संत ऋषिकुमार तथा मथुरा जनपद के श्रद्धालु गुरु महाराज की पूजा-अर्चना करेंगे। 30 जुलाई को आगरा, हाथरस, बरेली, अलीगढ़, बुलंदशहर, हरियाणा, झारखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु गुरु पूजन में शामिल होंगे। वहीं 31 जुलाई को गोवर्धन, राजस्थान, उत्तराखंड तथा देश के अन्य राज्यों से आने वाले शिष्य गुरु महाराज का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर आश्रम प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विश्राम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि सभी श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ गुरु महाराज के दर्शन एवं पूजन का लाभ प्राप्त कर सकें।
गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) सक्रिय हो गया है और पूरे मेला क्षेत्र में लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बम निरोधक दस्ते की टीम ने मेले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर संदिग्ध वस्तुओं की गहन तलाशी ली। सार्वजनिक स्थलों, दुकानों, परिक्रमा मार्ग और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रखे सामान की बारीकी से जांच की गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। वहीं, गोवर्धन बस स्टैंड परिसर में भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिसकर्मियों ने बस स्टैंड पर मौजूद श्रद्धालुओं और यात्रियों के बैगों की तलाशी ली तथा उनसे आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए परिक्रमा मार्ग, दानघाटी मंदिर, प्रमुख मंदिरों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी लगातार की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी या नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।