मथुरा में डबल डेकर बस पलटी, 72 यात्रियों में मची अफरा-तफरी
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मथुरा, 12 अप्रैल 2026 (रविवार): जनपद मथुरा के थाना नौहझील क्षेत्र में रविवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हो गया जब बिहार जा रही एक डबल डेकर बस अचानक पलट गई। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी यात्री की जान नहीं गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शाम करीब 7:36 बजे किलोमीटर संख्या 76, नोएडा-आगरा मार्ग पर हुई। बस संख्या BR02PC2291, जिसमें लगभग 72 यात्री सवार थे, अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गई। सूचना मिलते ही पीआरवी 1877 और थाना नौहझील पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस और स्थानीय टीम ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। कई यात्रियों को हल्की-फुल्की चोटें आईं, जिन्हें एम्बुलेंस और सरकारी वाहनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौहझील भेजा गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी यात्री सुरक्षित हैं हादसे के बाद बस को सड़क से हटवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया गया।बस नोएडा से दरभंगा (बिहार) जा रही थी। फिलहाल, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मथुरा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है
मथुरा से एक बड़ी सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। नौहझील थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन 76 के पास दिल्ली से बिहार जा रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी। इसी दौरान चालक का नियंत्रण बिगड़ गया, जिससे बस सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी।इस दुर्घटना में करीब एक दर्जन यात्री घायल हुए हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी यात्री की मौत की सूचना नहीं मिली है।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहझील भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
रमणरेती धाम के संत गुरु शरणानंद महाराज जी का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है । इस कार्यक्रम के मौके पर जगह-जगह पर विभिन्न प्रकार के आयोजन भी किये जा रहे हैं। इसी के चलते हर साल की भांति इस बार भी कृष्णा नगर चौराहा पर महाराज जी के अनुयायियों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस विशाल भंडारे में सुबह से ही प्रसाद ग्रहण करने वाले लोगों का तांता लगा रहा । कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए आयोजकों ने बताया कि गुरु शरणानंद महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम किये जा रहे हैं जिसमें बच्चों को पठन-पाठन सामग्री की गई साथ ही -साथ रविवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है और यह आयोजन उनके अनुयायियों द्वारा हर साल किया जाता है जिसमें सभी मिलजुल कर भाग लेते हैं।
गोवर्धन। गोवर्धन कस्बे में सैनी समाज द्वारा शनिवार देर शाम राधाकुंड मार्ग स्थित सैनी धर्मशाला में महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने ज्योतिराव फुले के जीवन, संघर्ष और समाज सुधार में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फुले जी ने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए जीवनभर संघर्ष किया तथा समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। वक्ताओं ने समाज के लोगों से उनके बताए आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य लोग, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। सभी ने एकजुट होकर समाज में शिक्षा और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इसके उपरांत कस्बा गोवर्धन में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा में सैनी समाज के हजारों से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान लोग फुले जी के विचारों से जुड़े नारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायक बन गया।पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्था सुचारू रही और समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज में एकता, जागरूकता और प्रेरणा का संदेश देने वाला भी साबित हुआ।
वृन्दावन में हुए नाव हादसे के तीसरे दिन भी यमुना की लहरें लाशें उगल रही हैं। इस भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 13 हो गई है। रविवार की सुबह रेस्क्यू टीम को दो और शव बरामद हुए हैं, जिनकी पहचान लुधियाना की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, यमुना के किनारे उम्मीदें अब मातम में तब्दील हो रही हैं। यह दृश्य विचलित करने वाले हैं। रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान डिंकी और ऋषभ के शव यमुना के जलस्तर पर तैरते हुए मिले। प्रशासन ने रस्सी के सहारे शवों को बाहर निकाला। इससे पहले शनिवार को मानिक टंडन का शव मिला था। मानिक के घर में खुशियां आने वाली थीं, सितंबर में उसकी शादी तय थी, लेकिन बांके बिहारी के दर्शन की हसरत लिए वह हमेशा के लिए यमुना की गहराई में सो गए। अपने जवान बेटे का शव देख पिता के करुण क्रंदन से पूरा घाट दहल उठा। हादसे में जिंदा बचे चश्मदीदों की जुबानी जो कहानी सामने आ रही है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। हादसे के वक्त 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। श्रद्धालुओं ने नाविक पप्पू निषाद के आगे हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाए कि नाव रोक लो, आगे पुल आ रहा है। नाव दो बार टकराने से बची, लेकिन नाविक की जिद और लापरवाही ने तीसरी बार में नाव को सीधे पैंटून पुल से भिड़ा दिया और फिर श्रद्धालुओं से भरी हुई नाव यमुना की गहराई में समा गई और खुद नाविक तैर कर मौके से भाग गया था पुलिस के अधिकारियों ने बताया की अब जांच का दायरा 14 से बढ़ाकर 20 किलोमीटर कर दिया है। सेना, NDRF और SDRF के करीब 250 जवान अब भी 3 लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। इधर मुख्य आरोपी नाविक पप्पू और ठेकेदार नारायण शर्मा को पुलिस जेल भेज भेज दिया हेश्रद्धा का यह सफर जिस तरह से श्मशान तक पहुँच गया, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है। अभी भी 3 जिंदगियों की तलाश जारी है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, चमत्कार की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।
वृन्दावन में एक बार फिर ओवरलोड ई-रिक्शा के कारण बड़ा हादसा हुआ है। मथुरा-वृन्दावन मार्ग स्थित अटल्ला चुंगी के पास एक ओवरलोड ई-रिक्शा पलट गया, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए और कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वृन्दावन में ओवरलोड ई-रिक्शाओं का संचालन लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई न होने के कारण यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक अक्सर ऐसे हादसों का शिकार बन रहे हैं।
ब्रजभूमि में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘आकाश CIMS सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल’ में अब से एक नई पहल कि शुरुआत कि गई अब यह अस्पताल ‘सिम्स’ ही नहीं बल्कि आकाश सिम्स’ के नाम से जाना जाएगा। इस पहल का उद्देश्य मथुरा सहित आसपास के जनपदों के मरीजों को आधुनिक और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है यह हॉस्पिटल आकाश हेल्थकेयर, दिल्ली और CIMS हॉस्पिटल, मथुरा के संयुक्त सहयोग से स्थापित किया गया है। अस्पताल में जहाँ पहले 200 बेड कि क्षमता थी तो वही अब बढ़ाकर 500 बेड कर दिया गया है जिससे अधिक संख्या में मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) के संस्थापक एवं आकाश हेल्थकेयर के चेयरमैन एमेरिटस डॉ. जे. सी. चौधरी रहे इस दौरान उन्होंने विधिवत रूप से नारियल फोड़कर इस नई पहल की शुरुआत की इस दौरान बड़ी संख्या में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे अस्पताल में अत्याधुनिक तकनीकों और अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के माध्यम से मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान अभी न्यूज़ से हुई बातचीत में डॉ. जे. सी. चौधरी ने कहा कि यह संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई पहचान देगा और क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों जैसी सुविधाएं अब मथुरा में ही मिल सकेंगी इस नई पहल से मथुरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को न केवल बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि उनकी शहर से दूर जाने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम होगी वही डॉ गौरव भारद्वाज ने कहा कि अब अस्पताल को अधिक उन्नत सुविधाओं क़ो जोड़कर इसे क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बनाना है
गोवर्धन। थाना गोवर्धन परिसर में रविवार को मिशन शक्ति फेज-5 के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को उनकी सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही 1090 और 112 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी जागरूक किया गया।अधिकारियों ने महिलाओं को निर्भीक होकर अपने अधिकारों का उपयोग करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान इंस्पेक्टर शिव कुमार दोहरे समेत महिला पुलिस स्टाफ मौजूद रहा।