वृंदावन हादसा: प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, जानकारी के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
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वृंदावन के केशीघाट के निकट यमुना नदी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन ने आमजन की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें। जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 0565-2403200 है। इसके अलावा, सीधे अधिकारियों से संपर्क करने के लिए भी नंबर उपलब्ध कराए गए हैं: जिलाधिकारी: 9454417512 अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा: 9012881919 / 9454417583 एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत: 9454401103 प्रशासन ने कहा है कि हादसे से संबंधित किसी भी सूचना, लापता व्यक्तियों की जानकारी या सहायता के लिए लोग इन नंबरों का उपयोग कर सकते हैं। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वृंदावन के केशीघाट पर हुए दर्दनाक स्टीमर हादसे को चार घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन यमुना की लहरों के बीच अब भी जिंदगी और मौत की जंग जारी है। रेस्क्यू टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। ताज़ा जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्टीमर यमुना की गहराई में रेती में बुरी तरह फंस गया है। आशंका जताई जा रही है कि स्टीमर के नीचे कुछ और श्रद्धालु दबे हो सकते हैं। मौके पर डीआईजी, डीएम और भारी पुलिस बल स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। बताया गया कि श्रृंगार घाट से करीब 30 श्रद्धालुओं को लेकर चली मोटर बोट अचानक असंतुलित होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शी और पुल पर तैनात संविदा कर्मी भूप सिंह के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडे और जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू कराया। डीआईजी शैलेश पांडे ने बताया कि स्टीमर की लोकेशन पता लगाने के लिए गोताखोरों को ऑक्सीजन सिलेंडर और आधुनिक उपकरणों के साथ पानी में उतारा गया। स्टीमर का पता तो चल गया है, लेकिन नदी की तलहटी में जमी रेती रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन रही है। स्टीमर को बाहर निकालने के लिए क्रेन और अतिरिक्त मशीनों की मदद ली जा रही है। अब तक इस हादसे में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 12 घायलों को इलाज के लिए मांट सीएचसी भेजा गया है। 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही स्टीमर को बाहर निकाल लिया जाएगा और लापता लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
धर्म नगरी वृंदावन से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। केशीघाट पर यमुना की लहरों के बीच श्रद्धालुओं से भरा एक स्टीमर पलट गया इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बताया जा रहा है कि श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना से ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन करने आए थे, लेकिन यमुना की सैर के दौरान उनका स्टीमर पॉटून पुल से टकराकर जलमग्न हो गया। हादसे के बाद केशीघाट पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडे, मथुरा जिलाधिकारी सीपी सिंह, और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने तत्काल 7 टीमों को मैदान में उतारा है। बड़ी संख्या में स्थानीय गोताखोर डूबे हुए लोगों को निकालने के प्रयास में जुटे हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सेना और एनडीआरएफ की टीमों को भी मदद के लिए बुला लिया है। शाम करीब 5:30 बजे डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने आधिकारिक तौर पर 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है। सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। वहीं उन्होंने बताया कि अब तक करीब एक दर्जन से अधिक यमुना में लोगों को बाहर निकाला जा चुका है प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्टीमर की रफ्तार और पॉटून पुल से उसकी टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लुधियाना से आया यह जत्था खुशियों के साथ दर्शन करने पहुँचा था, लेकिन इस हादसे ने पूरे ब्रज क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
ब्रज लोक कला मण्डल ने आयोजित की निःशुल्क ब्रज-सांस्कृतिक कार्यशाला मथुरा। ब्रज की पावन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने एवं विद्यालयी बालक-बालिकाओं में संस्कार, कला एवं आत्मविश्वास के समग्र विकास हेतु ब्रज लोक कला मण्डल, मथुरा द्वारा गोवर्धन क्षेत्र में निःशुल्क ब्रज-सांस्कृतिक कार्यशाला का भव्य शुभारंभ किया गया है।संस्था के अध्यक्ष पं.दीपक शर्मा ने बताया कि यह कार्यशाला 15 अप्रैल तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का संचालन उच्च प्राथमिक विद्यालय, मुखराई एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, जमुनावता सहित गोवर्धन क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में किया जा रहा है। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा रहे हैं। कार्यशाला में बच्चों को ब्रज की पावन लोक कलाएं, मधुर संगीत, भावपूर्ण नृत्य एवं समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का सजीव एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बालक-बालिका के अंतर्मन में संस्कारों का संचार करना, उनकी प्रतिभाओं को निखारना तथा उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।संस्था के संरक्षक श्री किशन चतुर्वेदी का मार्गदर्शन इस कार्यशाला की प्रेरणा और आधारशिला है। अपने प्रेरणादायक संदेश में उन्होंने कहा,“बालानां संस्कारः, राष्ट्रस्य आधारः” अर्थात् बच्चों में संस्कारों का विकास ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की नींव है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रज की संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य को दिशा देने वाली जीवनशैली है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। कार्यशाला का संचालन पं. दीपक शर्मा एवं जागृति पाल के कुशल निर्देशन में किया जा रहा है।इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष पं. दीपक शर्मा ने कहा कि ब्रज केवल एक भूमि नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं का जीवंत स्वरूप है। नई पीढ़ी को यदि अपनी जड़ों से जोड़ना है, तो उन्हें ब्रज की लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। हमारा यह प्रयास बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास एवं संस्कृति के प्रति प्रेम जागृत करने का एक विनम्र संकल्प है। संस्कारवान बालक ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं।कार्यशाला में सभी विद्यालयों के बालक-बालिकाओं को प्रवेश निशुल्क दिया जा रहा है। संस्था की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को इस सांस्कृतिक पहल से जोड़ें, जिससे वे ब्रज की गौरवशाली परंपरा से प्रेरणा लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।
नई दिल्ली, 09 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ पर नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि जब विश्व के विभिन्न हिस्सों में अपने विचारों को स्थापित करने के लिए संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे समय में यहां से समस्त विश्व के कल्याण हेतु नवकार मंत्र का सामूहिक जाप किया जाना अत्यंत सार्थक और प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि भारत विविध संप्रदायों और धर्मों का देश है, जहाँ प्रत्येक परंपरा में मंत्रों की विशेष महत्ता और आध्यात्मिक शक्ति का वर्णन मिलता है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मंत्र मानव जीवन को उच्च दिशा प्रदान करते हैं, हमारे चैतन्य को जागृत करते हैं और शुभ संकल्पों को सुदृढ़ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग श्रद्धापूर्वक एक ही मंत्र का सामूहिक जाप करते हैं, तो उससे न केवल व्यक्ति, बल्कि समूचे देश और विश्व का भी कल्याण होता है। अमित शाह ने कहा कि हमारे सिद्धों ने पीढ़ियों तक अथक साधना कर समस्त मानवता के कल्याण के लिए इन मंत्रों की रचना की है। हमें श्रद्धापूर्वक स्वीकार इन्हें कर उनका अनुकरण भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवकार मंत्र पूर्णतः निराकार, निरपेक्ष और सार्वभौमिक प्रार्थना है, जिसमें काल, जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है। विश्व में इस प्रकार की समावेशी और सर्वमान्य प्रार्थना मिलना अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रार्थना उन महान आत्माओं के गुणों की वंदना है, जिन्होंने अपने कर्मों पर विजय प्राप्त कर आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। इस महामंत्र में ‘नमो’ शब्द का अर्थ पूर्ण समर्पण है, जो साधक को अपने भीतर के अहंकार का परित्याग कर आत्मशुद्धि की दिशा में अग्रसर करता है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब व्यक्ति नमन करता है, तभी से उसके अहंकार के पिघलने की शुरुआत हो जाती है। उन्होंने कहा कि ‘अरिहंत’ वह होता है जो ‘अरि’ अर्थात् आंतरिक शत्रुओं का ‘हंत’ करता है। ये शत्रु शरीर, मन, भाव, स्वभाव और प्रकृति में निहित वे विकार हैं, जो मोक्ष की प्राप्ति में बाधक बनते हैं। जो साधक इन आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर लेता है, वही अरिहंत कहलाता है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केवल ज्ञान की प्राप्ति, क्रोध, मान, माया और लोभ पर पूर्ण विजय और जैन शास्त्रों में वर्णित 12 दिव्य गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति को ‘अरिहंत’ माना गया है, और हम ऐसे अरिहंतों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां ‘सिद्धों’ को भी नमन किया गया है। जो आत्मा पूर्ण रूप से मुक्त अवस्था को प्राप्त कर लेती है, उसे सिद्ध कहा जाता है। जिन्होंने आठ कर्मों का क्षय कर जन्म-मृत्यु के चक्र से ऊपर उठकर आठ शुद्ध गुणों को प्राप्त किया है, वे सिद्ध कहलाते हैं। हम ऐसे असंख्य सिद्धों को नमन करते हुए उनसे आशीर्वाद की कामना करते हैं। अमित शाह ने कहा कि यहां आचार्यों को भी नमन किया जाता है, जो संघ के प्रमुख होते हैं। अनुशासन की स्थापना, महाव्रतों का पालन तथा समस्त साधकों को मार्गदर्शन प्रदान करना आचार्य की प्रमुख जिम्मेदारी होती है। जिनके आचरण का अनुसरण कर मुक्ति का मार्ग प्राप्त हो, वही आचार्य कहलाते हैं। जैन शास्त्रों के अनुसार 36 गुणों से युक्त व्यक्ति को आचार्य पद की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार उपाध्यायों, यानी शिक्षक संतों को भी नमन किया जाता है। उनका दायित्व शास्त्रों का गहन अध्ययन करना तथा उनके ज्ञान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना होता है। निर्धारित 25 गुणों की सिद्धि के पश्चात ही वे उपाध्याय पद को प्राप्त करते हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि साधु, तपस्वी और साधक वे होते हैं, जो संयम, त्याग, महाव्रत और तप का पालन करते हुए क्रमशः अपने भीतर 27 गुणों का विकास करते हैं; ऐसे गुणों से युक्त व्यक्ति को साधु कहा जाता है। उन्होंने कहा कि यह मंत्र पांच परमेष्ठियों को नमन करने का प्रतीक है। इसके मूल भाव के अनुसार इन पांच परमेष्ठियों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी ‘देव’ की है, जिसमें वे महापुरुष आते हैं जो सामान्य मानव से ऊपर उठकर अरिहंत और सिद्ध की अवस्था को प्राप्त कर चुके हैं। दूसरी श्रेणी ‘गुरु’ की है, जिसमें आचार्य, उपाध्याय और साधु सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों श्रेणियों के सभी पांचों प्रकार के महान व्यक्तित्वों को नमन कर उनके गुणों को आत्मसाध करने तथा उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना ही नवकार मंत्र का मूल सिद्धांत है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हम 108 गुणों को सामूहिक रूप से नमन करते हैं, जो अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु में निहित होते हैं। इन सभी के गुणों को एक साथ स्मरण और वंदन करने का प्रयास अत्यंत अल्प समय में किया जाता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि भले ही इस मंत्र का गूढ़ अर्थ उन्हें तुरंत पूर्णतः समझ में न आए—जिसकी गहराई को किसी आचार्य, मुनि या विद्वान संत के मार्गदर्शन में ही भलीभांति समझा जा सकता है—फिर भी इसका अभ्यास कभी न छोड़ें। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नवकार मंत्र की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है, जिसमें 24 तीर्थंकरों और उनके अनुयायियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रारंभ में यह मंत्र मौखिक रूप से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ता रहा, उसके बाद शिलालेखों के माध्यम से और बाद में विभिन्न ग्रंथों में इसे स्थान प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इस मंत्र के संरक्षण और प्रसार के लिए समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के जीवन को दिव्यता और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व को शांति की आवश्यकता है, ऐसे में नवकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ मन के विकारों को शांत करने में भी सहायक होगा। इससे परस्पर समझ, सौहार्द और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता को भी बल मिलेगा। विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।
बिहार, 09 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्पष्ट किया है कि - बिहार में सत्ता परिवर्तन कब होने जा रहा है और भाजपा यहां कब अपना मुख्यमंत्री बना रही है ? इसके साथ ही कहीं कोई मतभेद चल रहा है किसी बात को लेकर या नहीं? नितीन नवीन ने साफ़ -साफ़ शब्दों में कहा है कि- पहली बात तो यह कि हमारे गठबंधन के भीतर किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है और सभी निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार ही आगे बढ़ रहे हैं। इसके बाद रही तारीख की बात तो वह भी जानकारी जल्द दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने इशारों ही इशारों में बता दिया की अगला सीएम कौन होगा। बिहार की राजनीति इन दिनों एक बार फिर गरमाई हुई है। नितिन नवीन ने यह भी स्पष्ट किया कि NDA में सभी दल “गठबंधन धर्म” का पूरी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी हमेशा से अपने सहयोगी दलों के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखने में विश्वास करती रही है। यही वजह है कि आज भी NDA में शामिल दलों का भरोसा भाजपा पर कायम है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की मजबूती ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है और सभी फैसले आपसी सहमति से लिए जाते हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद जो भी राजनीतिक प्रक्रिया होगी, वह उसी के अनुरूप आगे बढ़ेगी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की असहजता या टकराव की स्थिति नहीं है।मुख्यमंत्री फेस को को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने सीधे तौर पर किसी नाम का दावा नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि सभी चीजें समय के अनुसार तय होंगी। उन्होंने दोहराया कि जो भी निर्णय होगा, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में तय दिशा के अनुसार ही होगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल NDA नेतृत्व में कोई बदलाव बिना नीतीश कुमार की सहमति के नहीं होने जा रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार के तरफ से सीएम फेस को लेकर किस चेहरा को सबसे आगे किया जा रहा है वह अब शायद ही किसी से छुपा हुआ हो यानी साफ़ -साफ़ शब्दों में कहें तो बिहार में सीएम की कुर्सी पर अगला चेहरा सम्राट चौधरी ही होने जा रहे हैं और यह लगभग तय हो गया है बस औपचारिक एलान होना बाकी रह गया है। नितिन नवीन ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार की भाषा और मानसिकता का प्रदर्शन करती है, वह देशहित में नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष मुद्दों से भटककर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करता है, जबकि NDA विकास और स्थिरता की राजनीति में विश्वास रखता है। बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। खासकर उस समय, जब राज्य में सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि NDA नेताओं के बयान से यह साफ होता है कि फिलहाल गठबंधन में सब कुछ नियंत्रण में है और कोई बड़ा मतभेद नहीं है। अब सभी की नजरें 10 अप्रैल पर टिकी हैं, जब नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेंगे। इसके बाद ही बिहार की राजनीति में अगले कदम को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। बिहार - स्टेट ब्यूरो,( प्रणय राज) |
मथुरा, 09 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने उप जिलाधिकारी सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव जे. जैन को निर्देश दिए कि क्रॉप कटिंग का कार्य शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए, जिससे फसल उत्पादन का सही आकलन हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग एक वैज्ञानिक पद्धति है, जिसके आधार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा दावों और उत्पादन के आंकड़े तैयार किए जाते हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्वयं जरीब/सर्वे चेन के माध्यम से समबाहु त्रिभुजाकार प्लॉट बनाकर क्रॉप कटिंग प्रक्रिया को संपादित किया। हाल ही में आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के नुकसान का सर्वे पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मुआवजा वितरण की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर समय से पूरी की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बुधवार को तहसील सदर के ग्राम बाद एवं ग्राम तारसी में क्रॉप कटिंग फसल कटाई प्रयोग कार्यों तथा ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता को लेकर विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने चेतावनी दी कि सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया और किसानों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मथुरा-ब्यूरो चीफ, (अजय वीर सिंह)।
लखनऊ, 09 अप्रैल 2026 (यूटीएन)। मथुरा में तैनात सलोनी गौतम उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की रहने वाली है।उन्होंने एक बार असफल होने के बाद लगातार तीन बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक किया और IAS बनी। साल 2021 में सलोनी ने पहली बार यूपीएससी सीएसई की परीक्षा दी थी, लेकिन अपने पहले अटेंप्ट में वो सफल नहीं हो पाई, उनकी हाथ निराशा लगी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सलोनी ने दूसरी बार अटेम्प्ट देने का फैसला किया और साल 2022 में अपने दूसरे अटेंप्ट में उन्हें सफलता मिली। उनका चयन इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (IRMS) के लिए हुआ। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 127वीं हासिल की। इसी प्रकार सिद्धार्थ सिंह को आजमगढ़, श्वेता को लखनऊ, रेखा सियाक को बांदा, आयुष जायसवाल को अलीगढ़, अपूर्वा सिंह को बस्ती, आयुष सैनी को झांसी, मुकुल खंडेलवाल को गोरखपुर, थाना गैया राशन टी. को अंबेडकरनगर, संदीप को कानपुर नगर, राम बोस को सहारनपुर तथा विद्यांशु शेखर झा को बाराबंकी में तैनात किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 बैच के 21 आईएएस अधिकारियों को जिलों में प्रशिक्षण के लिए तैनाती दे दी है। सभी अधिकारी 17 अप्रैल से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी से कार्यमुक्त होने के बाद संबंधित जिलों में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभालेंगे। प्रदेश सरकार का उद्देश्य इन प्रशिक्षु अधिकारियों को जिला स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में प्रभावी प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जिलों में अधिकारियों की तैनाती इस प्रकार की गई है—शक्ति दुबे को मुरादाबाद, कोमल पुनिया को इटावा, आदित्य विक्रम अग्रवाल को अयोध्या, मयंक त्रिपाठी को कुशीनगर, हेमंत को आगरा, संस्कृति द्विवेदी को हरदोई, रिया सैनी को वाराणसी, निवास सुभाष जगाड़े को बलरामपुर, शिवम सिंह को प्रयागराज तथा सलोनी गौतम को मथुरा भेजा गया है। ब्यूरो चीफ, (अजय वीर सिंह)।