BREAKING NEWS: ऑपरेशन प्रहार का वार! 20 पव्वा अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार
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हरिद्वार में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब शहर कोतवाली क्षेत्र में गंगा किनारे अचानक हाथियों क...

गोवा के प्रसिद्ध बागा बीच पर समुद्र की लहरों का रोमांच एक पर्यटक के लिए जानलेवा साबित हुआ। कर्नाटक स...

देश की राजधानी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में बुधवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार बेकाबू ...

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यक...

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में इन दिनों बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग में...

उत्तराखंड के चमोली जिले के तुंगेश्वर डाकघर में डाक वितरण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरो...

देश के पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून ने भीषण तबाही मचानी शुरू कर दी है। अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने...

उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई एमबीए छात्रा बबीता पांडे का 2...
मथुरा पुलिस द्वारा अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" के तहत थाना जैत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक को 20 पव्वा अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, थाना जैत की टीम नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान जैत-रामताल रोड स्थित भरतिया बंबा के पास एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से नगीना ब्रांड की 20 पव्वा अवैध देशी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कन्हैया पुत्र यादो, निवासी दाऊद मोहल्ला चौक, चौमुहां, थाना जैत के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मथुरा पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अलीगढ़ में भीषण गर्मी के बीच आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे समद रोड स्थित चांदनिया हाउस में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाजी परवेज रोशन जोली के मकान की ऊपरी मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कमरे में लगा एयर कंडीशनर (एसी) शॉर्ट सर्किट का शिकार हो गया, जिसके बाद आग तेजी से पूरे कमरे में फैल गई। घटना के समय कमरे में बच्चे मौजूद थे, लेकिन परिवार और स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते उन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही चार से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर में रखा नगदी, कपड़े, डबल बेड, सोफा सेट, अलमारी और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो चुका था। आग से हजारों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने लोगों से गर्मी के मौसम में एसी और अन्य विद्युत उपकरणों की नियमित जांच कराने तथा बिजली सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।
आगरा में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री परिसर में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि घटना के समय फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग से फैक्ट्री में रखा तैयार माल, मशीनें और अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फायर विभाग और पुलिस की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। प्रारंभिक जांच में बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। आग से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। नई टीम में मथुरा के मांट विधायक राजेश चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है। इसे मथुरा और ब्रज क्षेत्र के लिए संगठन में बड़ा प्रतिनिधित्व माना जा रहा है। राजेश चौधरी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और चुनावी प्रबंधन को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले भी वह पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। नई कार्यकारिणी में आगरा के राम प्रताप सिंह चौहान को भी प्रदेश महामंत्री तथा विजय शिवहरे को प्रदेश मंत्री बनाया गया है। लेकिन ब्रज क्षेत्र में सबसे अधिक चर्चा मथुरा के राजेश चौधरी को मिली बड़ी जिम्मेदारी की हो रही है, जिसे आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजेश चौधरी को मिली नई जिम्मेदारी पर खुशी जताते हुए इसे मथुरा के लिए गौरव का विषय बताया है। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से संगठन को ब्रज क्षेत्र में और मजबूती मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। नई टीम में आगरा के कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां देकर संगठन में जिले का राजनीतिक कद बढ़ाया गया है। पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए नई कार्यकारिणी का गठन किया है। आगरा से जुड़े नेताओं को प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से ब्रज क्षेत्र में संगठन को और मजबूती मिलेगी। नई कार्यकारिणी में प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, क्षेत्रीय अध्यक्ष, प्रवक्ता और विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई है। भाजपा का मानना है कि यह नई टीम 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत करेगी। आगरा के भाजपा नेताओं को मिली नई जिम्मेदारियों पर कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई और इसे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात बताया। पार्टी का कहना है कि नई टीम संगठन विस्तार, जनसंपर्क और चुनावी तैयारियों को नई गति देगी।
मथुरा के महावन क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रोजगार की तलाश में घर से निकले एक राजमिस्त्री का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सबसे मार्मिक दृश्य पोस्टमार्टम हाउस के बाहर देखने को मिला, जहां मृतक के मासूम बच्चे अपने पिता के लौटने का इंतजार करते नजर आए, लेकिन उन्हें शायद यह नहीं पता कि उनके पापा अब कभी वापस नहीं आएंगे। जानकारी के अनुसार, महावन थाना क्षेत्र के नगला लोका निवासी बाबूलाल के पुत्र कमल सिंह रोज की तरह सुबह काम की तलाश में घर से निकले थे। देर शाम तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि कारव और नहर के बीच सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने शव की पहचान कमल सिंह के रूप में की। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के अनुसार, मृतक के सिर और आंख के पास चोट के निशान मिले हैं, जिससे मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तफ्तीश जारी है।
मथुरा में रेलवे की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नए बस स्टैंड अंडरपास पर रेलवे की तीसरी रेल लाइन के निर्माण कार्य का शुभारंभ हो गया है। गुरुवार को नगर आयुक्त जग प्रवेश ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ कराया जाए, ताकि आमजन, राहगीरों और वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नगर आयुक्त ने कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा उपकरणों, संकेतक बोर्ड और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रेलवे की तीसरी लाइन का यह प्रोजेक्ट जनहित और भविष्य की यातायात व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए रात्रिकालीन समय में भी निर्माण कार्य तेज गति से जारी रखने के निर्देश दिए गए। नगर निगम और रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद रेल संचालन और यातायात व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
मथुरा के जवाहर बाग से गुरुवार सुबह सनसनीखेज मामला सामने आया। औरंगाबाद क्षेत्र की ओर स्थित एक पेड़ पर अज्ञात युवक का शव फंदे से लटका मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों की नजर पेड़ पर लटके शव पर पड़ी। शव दिखाई देते ही लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, शव कई दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शव में कीड़े पड़ चुके थे और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि युवक की मौत कई दिन पहले हुई होगी। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान कर रही है और शव की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
वृंदावन में अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। चार संप्रदाय आश्रम के पास ट्रांसफार्मर वाली गली में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग तेज हो गई है। संत समाज ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर अतिक्रमण पर बाबा का बुलडोजर कब चलेगा? जानकारी के अनुसार मौके पर यह रास्ता महज 9 से 10 फीट चौड़ा रह गया है, जबकि सरकारी अभिलेखों में इसकी चौड़ाई 22 फीट दर्ज है। आरोप है कि अतिक्रमण के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वामी रामस्वरूप दास महाराज ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इसके बाद मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA), नगर निगम और तत्कालीन एसडीएम/सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा की गई संयुक्त जांच में भी रास्ते पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई थी। बताया जा रहा है कि करीब ढाई महीने पहले अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी हो चुका है, लेकिन अधिकारियों द्वारा मजिस्ट्रेट की तैनाती न होने का हवाला देकर कार्रवाई टाली जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं, तो फिर जनहित से जुड़े इस मामले में आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? स्थानीय लोगों और संत समाज ने प्रशासन से जल्द रास्ते का चौड़ीकरण कर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
धर्मनगरी वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में हरिदासीय संप्रदाय के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज का 62वां वैराग्य महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव में दूर-दूर से आए संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर पूज्य महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम के महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने बताया कि स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज ने मात्र 8 वर्ष की अल्पायु में गृहत्याग कर वैराग्य धारण किया था। तब से उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भक्ति, साधना और सनातन धर्म की सेवा को समर्पित कर दिया। महोत्सव के अवसर पर ठाकुर श्री राधा ललित बिहारी जू महाराज को आकर्षक आम के बंगले में विराजमान कराया गया। पूरे आश्रम को भव्य सजावट से सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, अखंड संकीर्तन, भव्य भजन संध्या और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भक्ति रस से सराबोर वातावरण में श्रद्धालु भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए और पूरा आश्रम राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा। आयोजकों ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सनातन संस्कृति के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।
मथुरा की बिजली व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार आम जनता नहीं, बल्कि पुरातत्व विभाग ही बिजली विभाग की लापरवाही का शिकार बन गया। मामला कृष्णानगर बिजलीघर से जुड़ा है, जहां ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद 11 दिनों तक पुरातत्व विभाग के कार्यालय की बिजली गुल रही। जानकारी के अनुसार, 13 जून को कंकाली स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में लगे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके बाद विभाग के वरिष्ठ संरक्षण सहायक नितिन प्रिय राहुल ने कृष्णानगर बिजलीघर के अधिकारियों को लिखित शिकायत और कई बार मौखिक सूचना भी दी, लेकिन आरोप है कि बिजली विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बिजली आपूर्ति बंद होने से विभाग में पेयजल और सिंचाई का संकट खड़ा हो गया। परिसर में मौजूद हजारों पेड़-पौधों को प्रतिदिन पानी नहीं मिल सका, जिससे उनके सूखने का खतरा पैदा हो गया। पुरातत्व विभाग के अधिकारी लगातार बिजली विभाग के चक्कर लगाते रहे, लेकिन समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया और बिजली विभाग के अधिकारियों से जवाब-तलब शुरू हुआ, तब विभाग हरकत में आया। इसके बाद बुधवार शाम करीब 6 बजे नया ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिससे 11 दिन बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब एक सरकारी विभाग की शिकायत पर भी 11 दिनों तक कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कितनी गंभीरता से किया जाता होगा। स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मथुरा-वृंदावन को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक और बड़ा कदम उठाया है। 15 दिवसीय विशेष स्वच्छता महाअभियान के तहत करीब 70 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई 10 नई कचरा गाड़ियों को शहर की सफाई व्यवस्था में शामिल किया गया है। इन गाड़ियों के संचालन से कचरा संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया अब और अधिक तेज एवं प्रभावी होगी। नगर निगम की सहयोगी संस्था नेचर ग्रीन द्वारा लाई गई इन 10 गाड़ियों में से 5 गाड़ियों को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर मार्ग पर तथा 5 गाड़ियों को मथुरा शहर के द्वारकाधीश मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया गया है, ताकि धार्मिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर स्वच्छता व्यवस्था और मजबूत हो सके। नगर निगम ने अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए करीब 90 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की भी तैनाती की है, जो विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से सफाई कार्य में जुटे हुए हैं। नगर निगम ने पूरे मथुरा-वृंदावन को 10 सेक्टरों में विभाजित किया है और प्रत्येक सेक्टर के लिए एक-एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं, जिससे सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे। नगर निगम का कहना है कि इस महाअभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कचरा प्रबंधन, जन-जागरूकता, अतिक्रमण हटाने और शहर के सौंदर्यीकरण के माध्यम से मथुरा-वृंदावन को देश के सबसे स्वच्छ धार्मिक नगरों में शामिल करना है।
मथुरा-वृंदावन को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर निगम का 15 दिवसीय विशेष स्वच्छ महा-अभियान पूरी रफ्तार से जारी है। अभियान के तहत नगर आयुक्त जग प्रवेश स्वयं विभिन्न वार्डों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सफाई कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है, वहां पूरी सुरक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को भी नियमित रूप से वार्डों का निरीक्षण करने और सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों, नालों एवं सड़कों की साफ-सफाई पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर मथुरा-वृंदावन का सपना तभी साकार होगा, जब जनसहभागिता और कर्मचारियों का समर्पण दोनों साथ मिलकर काम करेंगे। नगर निगम द्वारा अभियान के तहत शहरभर में व्यापक स्तर पर सफाई, अतिक्रमण हटाने, जन-जागरूकता और सौंदर्यीकरण के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य धार्मिक नगरी मथुरा-वृंदावन को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित करना है।
मथुरा में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने जनपद के 11 विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। इन स्कूलों में लगातार दो वर्षों तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में एक भी छात्र शामिल नहीं हुआ, जिसके बाद नियमानुसार यह कार्रवाई की गई। यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार यदि किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से लगातार दो वर्षों तक बोर्ड परीक्षा में एक भी परीक्षार्थी शामिल नहीं होता है, तो उसकी मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है। इसी नियम के तहत प्रदेशभर में अब तक 465 विद्यालयों की मान्यता समाप्त की जा चुकी है। जारी सूची में मथुरा के 11 विद्यालयों के नाम शामिल हैं। इनमें श्री रामफल पब्लिक स्कूल, गुलाब सिंह इंटर कॉलेज सहित अन्य शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं, जिनकी मान्यता अब समाप्त कर दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित विद्यालयों को नियमानुसार सूचना भेज दी गई है और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। मान्यता समाप्त होने के बाद ये विद्यालय अब यूपी बोर्ड से संबद्ध स्कूल के रूप में संचालित नहीं किए जा सकेंगे। यूपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। बिरला मंदिर पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर बदमाशों ने एक कॉलोनाइजर पर जानलेवा हमला करते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना से इलाके में दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। जानकारी के अनुसार, कॉलोनाइजर रवि शर्मा अपने साथियों के साथ कॉलोनी का कार्य समाप्त कर घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दुष्यंत चौधरी और उसके करीब एक दर्जन हथियारबंद साथियों ने उन्हें घेर लिया और जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि रवि शर्मा और उनके साथियों ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उनसे लंबे समय से रंगदारी की मांग कर रहे थे और रकम न देने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गोवर्धन में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बघेल धनगर समाज की ओर से नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जयकारे लगाए और उनके आदर्शों को याद किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता मुकेश धनगर और दिनेश प्रधान ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के न्यायप्रिय शासन, जनसेवा और समाज कल्याण के कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से लोकमाता के आदर्शों पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और सामाजिक एकता, भाईचारे तथा समाज सेवा के संकल्प को दोहराया।
मथुरा स्थित अमरनाथ विद्या आश्रम के स्विमिंग पूल में आयोजित 'पंडित आनंद मोहन वाजपेयी स्मृति तैराकी प्रतियोगिता' में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने हुनर का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग के करीब 90 महिला एवं पुरुष तैराकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में सबसे छोटे 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग से लेकर 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग तक के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने फ्री स्टाइल, बटरफ्लाई, ब्रेस्टस्ट्रोक और बैकस्ट्रोक जैसी विभिन्न तैराकी स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. अनिल वाजपेयी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि तैराकी केवल एक खेल नहीं बल्कि स्वास्थ्य और जीवन रक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण विधा है। उन्होंने स्विमिंग पूल की उत्कृष्ट व्यवस्था, स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता तथा मुख्य प्रशिक्षक असलम खान और उनकी पूरी कोचिंग टीम के प्रयासों की सराहना की। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों में महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। विजेताओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजकों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना तथा तैराकी के प्रति रुचि विकसित करना है।
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे सवालों के बीच अब मिर्जापुर के विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी मंदिर का दान भी चर्चा में आ गया है। मंदिर में वर्षों से श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जा रहे सोने-चांदी के आभूषणों और बहुमूल्य गहनों के सत्यापन और रिकॉर्ड को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार मंदिर में श्रद्धालु बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं चढ़ाते हैं। आरोप है कि इन आभूषणों का विधिवत सत्यापन नहीं कराया गया और कई वर्षों से इनका विस्तृत भौतिक मिलान भी नहीं हुआ। इसी को लेकर अब पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। मामले के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे रिकॉर्ड का सत्यापन कराने तथा चढ़ावे का पारदर्शी लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों को लेकर भी सवाल उठे थे। फिलहाल इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और लोग मंदिर में चढ़ाए गए बहुमूल्य आभूषणों के सत्यापन और रिकॉर्ड की पारदर्शिता सुनिश्चित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले के तुंगेश्वर डाकघर में डाक वितरण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि डाक विभाग के कर्मचारियों ने पंजीकृत डाक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, सरकारी नोटिस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संबंधित लोगों तक पहुंचाने के बजाय बोरियों में भरकर निजी आवासों में छिपाकर रखा हुआ था। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब कई लोगों के आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सड़क पर बिखरे हुए मिले। इसके बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बताया जा रहा है कि बरामद डाक में वर्ष 2025 की पंजीकृत डाक भी शामिल है, जो महीनों से लोगों तक नहीं पहुंचाई गई थी। समय पर सरकारी नोटिस, बैंकिंग दस्तावेज और पहचान पत्र न मिलने के कारण कई नागरिकों को आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। मामले में शाखा डाक अधिकारी ने जिम्मेदारी डाक वितरक पर डालते हुए सफाई दी है, जबकि उपजिलाधिकारी थराली ने पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह दर्शाती है कि लापरवाही किस तरह आम नागरिकों के अधिकारों और जरूरी सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद वृंदावन में प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस, फायर ब्रिगेड, नगर निगम और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने शहरभर में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन करने और आवासीय भवनों में अवैध रूप से होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट एवं स्पा सेंटर संचालित करने वाले एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों को मौके पर ही सील कर दिया गया। जांच में सामने आया कि कई भवन मालिकों ने बिना वैध अनुमति और मानकों का पालन किए आवासीय भवनों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बदल दिया था। प्रशासन की कार्रवाई की भनक लगते ही कई संचालक अपने प्रतिष्ठानों पर ताला लगाकर फरार हो गए, लेकिन टीम ने नियमानुसार उन भवनों को भी सील कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। फायर सेफ्टी और भवन मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने सभी होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।
आगरा में जर्जर मकान का छज्जा गिरने से हुई दो लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के बाद सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि जर्जर भवन का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य में पुलिस का सहयोग किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भवन काफी समय से जर्जर हालत में था। इसी आधार पर पुलिस ने भवन स्वामी सहित सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन भी पूरे मामले की जांच कर रहा है ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में बिजली चोरी की जांच करने गई विद्युत विभाग की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान टीम के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद विभाग ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम क्षेत्र में बिजली चोरी की शिकायतों की जांच और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने टीम का विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि महिलाओं समेत कई लोगों ने कर्मचारियों को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्थिति में सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मथुरा में पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार मामला मगोर्रा थाना क्षेत्र के गांव बछगांव का है। पीड़ित युवक घर से चौपाल की ओर जा रहा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों तथा तमंचे से हमला कर दिया। हमले के दौरान फायरिंग भी की गई, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भगवान शिव के पवित्र धाम अमरनाथ की वार्षिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। इस पावन यात्रा में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भगवान राधा-कृष्ण की नगरी वृंदावन से एक बार फिर सेवा का कारवां रवाना हुआ। अमरनाथ धाम में लगने वाले विशाल लंगर के लिए खाद्य सामग्री से भरा ट्रक बुधवार देर शाम वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच रवाना किया गया। वृंदावन के भक्त पिछले 14 वर्षों से जम्मू-कश्मीर के रामबन क्षेत्र में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में विशाल लंगर का आयोजन करते आ रहे हैं। करीब 40 दिनों तक चलने वाले इस सेवा कार्य के लिए पिछले 15 दिनों से वृंदावनवासियों ने बढ़-चढ़कर खाद्य सामग्री एकत्रित की। ट्रक रवाना होने से पूर्व एसपी सिटी राजीव कुमार, नगर निगम के उपसभापति मुकेश सारस्वत, शिक्षाविद अभय वशिष्ठ, वरिष्ठ समाजसेवी जगदीश शर्मा (गुरुजी) सहित अनेक गणमान्य लोगों ने संत दीपक बाबा के साथ विधि-विधान से ट्रक का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद मां अन्नपूर्णा और भगवान भोलेनाथ की भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। आरती के दौरान संत दीपक बाबा ने अपनी जटाएं खोलकर पारंपरिक शैली में आरती की, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरे परिसर में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष गूंजते रहे और भक्त शिव भक्ति में लीन नजर आए। वृंदावन के श्रद्धालुओं ने कहा कि अमरनाथ यात्रा में आने वाले हर शिवभक्त की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य और पुण्य का कार्य है।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र की विकासनगर कॉलोनी से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत, कानून और व्यवस्था तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तेज रफ्तार कार की टक्कर ने न सिर्फ एक महिला की जान ले ली, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से बर्बाद कर दिया। बताया जा रहा है कि 8 मई की रात करीब 10 बजे विकासनगर कॉलोनी निवासी 46 वर्षीय पूनम अपने घर के बाहर टहल रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार कार में सवार चार युवक वहां पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि चालक हेमंत, कृष्णा और उनके साथी नशे की हालत में थे और उन्होंने लापरवाही से कार चलाते हुए पूनम को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई पूनम को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार ने उन्हें बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। इलाज के लिए जमीन तक बेच दी गई, बच्चों की नौकरी छूट गई और जीवनभर की जमा पूंजी खत्म हो गई। परिजनों के अनुसार करीब 40 लाख रुपये इलाज में खर्च हो गए, लेकिन 47 दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद पूनम ने दम तोड़ दिया। मामले में नया मोड़ तब आया जब परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन थाना हाईवे पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे छोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि हादसे के 47 दिन बाद भी मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने के कारण आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। महिला की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और अब वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि एक लापरवाह ड्राइविंग ने उनका सब कुछ छीन लिया, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला। अब परिवार प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी मथुरा महानगर द्वारा 25 जून को आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर 'संविधान हत्या दिवस समारोह एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह' का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन मसानी लिंक रोड स्थित प्रणय गार्डन में प्रातः 10 बजे किया जाएगा। भाजपा नेताओं के अनुसार वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित भी किया जाएगा। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी शामिल होंगे। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहने की संभावना है। भाजपा महानगर इकाई ने सभी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता व्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम मथुरा-वृंदावन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी क्रम में नगर आयुक्त जग प्रवेश ने यमुना के विभिन्न घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान घाटों पर की गई व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएं। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि गंगा दशहरा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नगर निगम द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष सफाई टीमों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती, चेतावनी संकेतक बोर्ड तथा नियमित उद्घोषणा की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा संचालित 15 दिवसीय विशेष महा-अभियान के तहत घाटों पर स्वच्छता और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे पूजन सामग्री, पुष्प-मालाएं और अन्य अवशेष यमुना में प्रवाहित न करें तथा निर्धारित कलशों में ही डालें, जिससे यमुना की स्वच्छता और पवित्रता बनी रहे। नगर निगम का कहना है कि गंगा दशहरा पर्व को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागीय टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
मथुरा स्थित संस्कृति विश्वविद्यालय के स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन डॉ. डीएस तोमर को विज्ञान भारती द्वारा बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें निजी विश्वविद्यालय प्रांतीय संयोजक नियुक्त किया गया है। यह निर्णय बरेली में आयोजित ब्रज विज्ञान भारती की वार्षिक साधारण सभा में लिया गया। ब्रज विज्ञान भारती ने डॉ. तोमर को यह दायित्व भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के माध्यम से विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक चेतना, नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण की भावना को विकसित करने के उद्देश्य से सौंपा है। इस नई जिम्मेदारी के तहत डॉ. तोमर विश्वविद्यालयों और विज्ञान भारती के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। साथ ही विज्ञान भारती की विभिन्न गतिविधियों, अभियानों और कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय परिसरों में प्रभावी ढंग से संचालित कराने का कार्य करेंगे। इसके अलावा वे विश्वविद्यालय स्तर पर विज्ञान भारती की इकाइयों एवं समितियों के गठन और संचालन, विद्यार्थियों तथा शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देने, तथा भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर आधारित कार्यक्रमों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डॉ. तोमर की इस नियुक्ति पर विश्वविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इसे संस्कृति विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर महावन क्षेत्र में उस समय खुशियां मातम में बदल गईं, जब यमुना स्नान के दौरान एक किशोर गहरे पानी में डूब गया। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार थाना महावन क्षेत्र के टाटम्बरी घाट पर रविवार सुबह गंगा दशहरा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुना स्नान के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान नगला लोका निवासी अनिल कुमार (24), कन्हैया (21) और बल्देव क्षेत्र के गांव बरोली निवासी कान्हा (16) स्नान करने के लिए यमुना में उतरे थे। स्नान के दौरान अनिल कुमार और कान्हा अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को संकट में देख घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद नाविक तत्काल बचाव कार्य में जुट गए। नाविकों ने अनिल कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन किशोर कान्हा यमुना की गहराइयों में समा गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना महावन पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और पीएसी के गोताखोर मौके पर पहुंच गए। किशोर की तलाश के लिए यमुना में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बताया गया है कि तीनों युवक टाटम्बरी आश्रम में रहकर गायों की सेवा और देखभाल का कार्य करते थे। मृतक कान्हा के पिता दिव्यांग हैं और वह अपने परिवार में सबसे छोटा था। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है, ऐसे में इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मौके पर उपजिलाधिकारी महावन उषा सिंह, क्षेत्राधिकारी महावन संजीव कुमार राय, क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी प्रवीण कुमार तिवारी, थाना निरीक्षक चेतराम शर्मा सहित कई अधिकारी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नदी में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
पत्नी को खुश रखना और उसके सपनों को पूरा करना हर पति की ख्वाहिश होती है, लेकिन मथुरा में एक पति ने अपनी पत्नी के हसीन ख्वाब पूरे करने के लिए ईमानदारी और भरोसे का गला घोंट दिया। पत्नी को ऐशो-आराम की जिंदगी देने और मकान बनाने के सपने ने उसे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया कि आखिरकार उसे और उसकी पत्नी दोनों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। मथुरा की थाना हाईवे पुलिस और स्वाट टीम ने 10 लाख 70 हजार रुपये की कथित लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए कंपनी के ही सेल्समैन विजय कुमार और उसकी पत्नी ज्योति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट की कहानी पूरी तरह से फर्जी थी और इसे खुद सेल्समैन ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर रचा था। पुलिस के अनुसार विजय कुमार एक निजी फर्म में सेल्समैन के पद पर कार्यरत था। उसने मकान बनाने के लिए प्लॉट खरीदने और पत्नी को सुख-सुविधाओं से भरपूर जीवन देने की योजना बनाई, लेकिन पैसों की कमी के चलते उसने अपने ही मालिक को चूना लगाने की साजिश रच डाली। 22 जून को विजय कंपनी के 10 लाख 70 हजार रुपये लेकर निकला और योजनाबद्ध तरीके से अपनी पत्नी ज्योति को नए बस अड्डे के पास बुलाकर रुपयों से भरा बैग उसे सौंप दिया। इसके बाद उसने मालिक और पुलिस को सूचना दी कि बाइक सवार बदमाश उससे रुपये लूटकर फरार हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईवे पुलिस और स्वाट टीम सक्रिय हुई। करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन जांच के दौरान विजय के बयान बार-बार बदलते रहे। पुलिस को शक हुआ और जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि विजय ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से पूरी 10 लाख 70 हजार रुपये की धनराशि बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
नियति का खेल कभी-कभी इतना क्रूर हो जाता है कि सुनने वालों की आंखें भी नम हो जाएं। कोसीकलां फ्लाईओवर पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जो अपने भाई के निधन के गम में मायके जा रही थी। हादसे में उसके पति और बहन भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार बरसाना थाना क्षेत्र के गांव रहेड़ा निवासी ओमप्रकाश अपनी पत्नी गीता और साली मधु के साथ बाइक से कोसीकलां स्थित ससुराल जा रहे थे। बताया जा रहा है कि गीता के भाई का करीब एक सप्ताह पहले निधन हो गया था, जिसके बाद पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ था। भाई की मौत के बाद गीता अपने मायके जा रही थी। जैसे ही तीनों कोसीकलां के फ्लाईओवर पर पहुंचे, तभी पीछे से तेज रफ्तार एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने गीता को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके पति ओमप्रकाश और बहन मधु की हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि एक सप्ताह पहले ही गीता ने अपने भाई को खोया था और अब सड़क हादसे ने उसकी जिंदगी भी छीन ली। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ।
एक तरफ ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां मिनटों में सामान पहुंचाने के दावे करती हैं, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की सुरक्षा और संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मथुरा के टाउनशिप क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और साथी कर्मचारियों ने ब्लिंकिट स्टोर के बाहर शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार औरंगाबाद निवासी हरीश निषाद ब्लिंकिट कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत था। मंगलवार को वह स्टोर से सामान लेकर नंदनवन क्षेत्र में डिलीवरी देने गया था। इसी दौरान वह अपनी बाइक के पास संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों और साथी कर्मचारियों का आरोप है कि घटना के 15 से 16 घंटे बाद तक भी कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी न तो अस्पताल पहुंचा और न ही परिवार से संपर्क किया। कंपनी की इस कथित संवेदनहीनता से नाराज परिजनों और डिलीवरी कर्मियों ने बुधवार दोपहर टाउनशिप स्थित ब्लिंकिट स्टोर का घेराव कर दिया और मुख्य द्वार पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि वे दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर कंपनी के लिए काम करते हैं, लेकिन एक कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत हो जाने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई संवेदना व्यक्त नहीं की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। विक्रांत तोमर ने पुलिस बल के साथ परिजनों और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद कंपनी अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिए जाने पर परिजन शांत हुए और शव को वहां से ले गए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
मुरादाबाद के दिल्ली रोड स्थित मानसरोवर पैराडाइज में आयोजित कांग्रेस की प्रेस वार्ता के दौरान 21 लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी में विश्वास जताया। नए सदस्यों में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मंगू सिंह त्यागी, सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी अरुण कुमार त्यागी, अमरोहा के तारीख खान तथा कांठ विधानसभा क्षेत्र के 15 कार्यकर्ता शामिल रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विनोद गुंबर ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी के विचारों के साथ किसानों, युवाओं, अधिवक्ताओं और छात्रों की आवाज बनकर कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का काम कर रही है। प्रेस वार्ता में नेताओं ने ई-रजिस्ट्री व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि इससे अधिवक्ताओं के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस संबंध में अधिवक्ताओं द्वारा दिया गया ज्ञापन प्रदेश नेतृत्व को भेजा गया है ताकि इस विषय पर उचित कार्रवाई की जा सके। बैठक के दौरान अयोध्या राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित गुप्त दान प्रकरण का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में नए सदस्यों के पार्टी से जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और इसका सकारात्मक प्रभाव आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा।
मथुरा के युवाओं के लिए रोजगार पाने का एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), वृंदावन रोड, मथुरा में आगामी 30 जून 2026 को भव्य अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में मथुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रतिष्ठित कंपनियां और संस्थान प्रतिभाग कर युवाओं को रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेंगे। प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई ने बताया कि वर्ष 2022, 2023, 2024 एवं 2025 में आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी इस मेले में भाग ले सकते हैं। इसके अलावा अन्य इच्छुक बेरोजगार युवक-युवतियां, जो नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें भी मेले में शामिल होने का अवसर मिलेगा। अभ्यर्थियों को अपने साथ सभी मूल प्रमाण-पत्र, स्वप्रमाणित छायाप्रति, शैक्षिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक विवरण तथा पासपोर्ट साइज फोटो लेकर आना होगा। मेला सुबह 10 बजे से राजकीय आईटीआई परिसर, वृंदावन रोड, मथुरा में आयोजित किया जाएगा। संस्थान प्रशासन ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने की अपील करते हुए कहा है कि यह रोजगार प्राप्त करने और उद्योगों से सीधे जुड़ने का सुनहरा अवसर है। मेले से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी किसी भी कार्य दिवस में संस्थान से संपर्क कर सकते हैं।
मथुरा के पिछड़ा वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए अच्छी खबर है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विशाल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार से अधिकृत एवं डोएक/नीलिट (NIELIT) मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत निःशुल्क 'ओ' लेवल एवं CCC कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का लाभ केवल पिछड़ा वर्ग के पात्र युवक-युवतियों को दिया जाएगा। आवेदन के लिए अभ्यर्थी का न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (10+2) होना अनिवार्य है तथा अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। 'ओ' लेवल प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष तथा CCC प्रशिक्षण की अवधि तीन माह होगी। योजना के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के अभिभावक की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही अभ्यर्थी किसी अन्य शिक्षण संस्थान से छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर रहा हो। आवेदन के साथ पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अन्य शैक्षिक अभिलेख संलग्न करना अनिवार्य होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 10 जुलाई 2026 तक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्ड कॉपी और आवश्यक दस्तावेजों को जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय, राजीव भवन, कक्ष संख्या-22 जी, मथुरा में जमा करना अनिवार्य होगा। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 सायं 5 बजे निर्धारित की गई है। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर मथुरा के ऐतिहासिक जवाहर बाग में आयोजित भव्य पतंग उत्सव ने शहरवासियों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी पतंगों से सजा आसमान आकर्षण का केंद्र बना रहा, वहीं जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, उद्योगपतियों और गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर उत्सव की रौनक बढ़ाई। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रमुख समाजसेवी एवं ‘जल पुरुष’ के नाम से विख्यात प्रमोद गर्ग कसेरे के संयोजन में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने पतंगबाजी का आनंद लिया और आपसी भाईचारे तथा सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। उत्सव में आने वाले अतिथियों के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। लोगों ने जलेबी-कचौरी, अलीगढ़ की प्रसिद्ध बेड़ई, इडली-सांभर, वडा, फल चाट, शिकंजी और ठंडाई सहित कई पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि प्रमोद गर्ग कसेरे अपने पिता की समाजसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जनहित के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का कार्य करते हैं। वहीं आयोजक प्रमोद गर्ग कसेरे ने बताया कि पतंग उत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को जवाहर बाग से जोड़ना भी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यहां आकर सुबह की सैर, व्यायाम और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, मांट विधायक राजेश चौधरी, बलदेव विधायक पूरन प्रकाश, कोसी नगर पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, करिंदा सिंह, रविकांत गर्ग, उद्योगपति पवन चतुर्वेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता नंदकिशोर उपमन्यु सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
लखनऊ के दर्दनाक अग्निकांड के बाद मथुरा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना फायर सेफ्टी व्यवस्था, आवश्यक अनुमतियों और मानकों को पूरा किए कोई भी कोचिंग सेंटर, होटल या रेस्टोरेंट संचालित नहीं होने दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मथुरा-वृंदावन देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना आवश्यक स्वीकृतियों और नक्शा पास कराए संचालित होते पाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी होटल संचालकों को फायर एनओसी, भवन मानक और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी। वहीं बेसमेंट या असुरक्षित स्थानों पर संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फायर सेफ्टी मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों को किसी भी हालत में संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि संयुक्त जांच अभियान के दौरान अब तक 15 कोचिंग सेंटर, होटल और रेस्टोरेंट सील किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
मथुरा-वृंदावन महानगर कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में रामपथ, दान और चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी मथुरा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि श्रीराम मंदिर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और मंदिर से जुड़े दान एवं चढ़ावे को लेकर सामने आई खबरों ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। उनका आरोप है कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितताओं का नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था से भी जुड़ा हुआ है। ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन तो किया गया है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। ऐसे में जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन तथा व्यय का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके। इस दौरान पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल के पूर्व नेता प्रदीप माथुर सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगरा के व्यस्त बिजलीघर चौराहा स्थित शिवाजी मार्केट में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कपड़ों की दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान से धुएं के गुबार उठने लगे। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आग को आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि अग्निशमन विभाग और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। आग लगने से दुकान में रखा कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया, जिससे दुकानदार को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। गनीमत रही कि घटना के समय दुकान बंद थी, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई। आग पर समय रहते काबू पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन अब बाजार में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रहा है।
लखनऊ में अग्निकांड के बाद जहां फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अब दमकल विभाग के एक पूर्व अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने से नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पूर्व अधिकारी पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि वीडियो सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और फायर एनओसी से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है और संबंधित तथ्यों की जांच की मांग की जा रही है। गौरतलब है कि लखनऊ अग्निकांड के बाद पहले ही फायर विभाग, विकास प्राधिकरण और अन्य विभागों की कार्यशैली जांच के दायरे में है। हादसे के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।