यमुना में डूबी नाव हादसे के मुख्य दो आरोपी गिरफ्तार
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वृंदावन के केशीघाट पर नाव समेत यमुना में समाने वाले व श्रद्धालुओं की मौत के मुख्य जिम्मेदार नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी और ठेकेदार नारायण को मांट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो खुलासा हुआ है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। इन दोनों की एक घोर लापरवाही' ने हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया और 11 लोगों को मौत की नींद सुला दिया। पुलिस की गिरफ्त में खड़े ये वही चेहरे हैं, जिनकी वजह से यमुना की लहरें खूनी बन गईं। दरअसल हादसे के वक्त ठेकेदार नारायण बिना किसी पूर्व सूचना के जेसीबी की मदद से पैंटून पुल को खिंचवा रहा था। उसी वक्त 34 श्रद्धालुओं से भरी नाव वहां से गुजर रही थी। चश्मदीदों और श्रद्धालुओं के मुताबिक, उन्होंने बार-बार नाविक और ठेकेदार को रुकने की चेतावनी दी, लेकिन पैसों के लालच और लापरवाही के कारण किसी ने नहीं सुनी।नतीजा यह हुआ कि नाव सीधे पैंटून पुल से जा टकराई। नाविक ने न तो किसी को सेफ्टी किट दी थी और न ही क्षमता का ध्यान रखा था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आपको बता दें कि इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं।इधर लापता लोगों को तलाशने के लिए NDRF SDRF और फ्लड पीएसी की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। गिरफ्तार ठेकेदार नारायण का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिससे साफ है कि सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करना इसकी पुरानी आदत रही है।पुलिस की इस कार्रवाई से उन पीड़ित परिवारों को इंसाफ की उम्मीद जगी है, जिन्होंने इस हादसे में अपने अपनों को खोया है। लेकिन सवाल वही है कि क्या इन गिरफ्तारियों से प्रशासन की आंखें खुलेंगी
वृंदावन। यमुना सिटी कॉलोनी से लौट रहे प्रसिद्ध भागवत आचार्य मृदुल कांत शास्त्री और उनके ड्राइवर पर बस स्टैंड के पास कार सवार दबंगों ने हमला कर दिया। ओवरटेक के विवाद में हुई टक्कर के बाद आरोपियों ने शास्त्री जी के साथ मारपीट की, उनके कपड़े फाड़ दिए और गले से सोने की चेन व रुद्राक्ष की माला लूट ली। पीड़ित ने दिल्ली नंबर की कार सवार सुरेंद्र सिंह और उसके साथियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। शोर मचने पर स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइट - मृदुल कांत शास्त्री कथावाचक । रिपोर्ट राहुल ठाकुर
वृंदावन में हुए भीषण हादसे में लुधियाना पंजाब के 10 लोगों की जान चली गई, इस हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है क्योंकि यह सभी श्रद्धालु भक्त आस्था लेकर ब्रज में पहुंचे और इनको क्या पता था कि मौत उनका वृंदावन में ही इंतजार कर रही है। राहत बचाव के लिए एनडीआरएफ स्थानीय पुलिस गोताखोर आर्मी एवं अन्य लोगों ने रेस्क्यू करते हुए लोगों की जान बचाई और हालत गंभीर देखते हुए कुछ लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। वहीं मथुरा के जिला अस्पताल में भी दो महिलाओं का उपचार चल रहा है जिसमें पिंकी और उनकी बेटी का भी उपचार जारी है। हादसे की शिकार हुई पिंकी ने अभी न्यूज़ को घटना के बारे में आपबीती बताई कि जिस वक्त यह हादसा हुआ था उस समय 28 से 30 लोग सवार थे वहीं जिस वक्त हादसा हुआ उससे चंद्र मिनट पहले मीटर वोट से पांच लोग दूसरी नाव में सवार हुए थे और देखते ही देखते यह हादसा हो गया। पीड़ितो के परिजन मथुरा पहुंचे और मथुरा पहुंचकर उन्होंने बताया कि लुधियाना पंजाब से 120 लोग दो बसों में सवार होकर आए थे जिसमें एक ही परिवार के साथ लोगों की जान चली गई ।आईए सुनते हैं क्या कहते हैं पीड़ित लोग।
योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण की नगरी में भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा आगामी 3 मई को निकाली जाएगी। इस संबंध में भगवान परशुराम शोभा यात्रा समिति के तत्वावधान में एक बैठक का आयोजन किया गया। मथुरा शहर के भूतेश्वर चौराहे के निकट स्थित श्रीजी बाबा आश्रम में आयोजित हुई इस बैठक की अध्यक्षता भगवान परशुराम शोभा यात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामगोपाल शर्मा के द्वारा की गई। इस अवसर पर निमंत्रण पत्रिका का भी विमोचन उपस्थित समिति के पदाधिकारी एवं अतिथियों के द्वारा किया गया। इस बैठक के दौरान जहां 19 अप्रैल को भगवान परशुराम के प्राकट्य महोत्सव को धूमधाम के साथ प्रतिवर्ष की तरह मनाए जाने का निर्णय लिया गया तो वहीं आगामी 3 मई को नगर में भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाले जाने को लेकर भी विचार रखे गए। इस अवसर पर सभी ने एक मत होकर शोभायात्रा को भव्यता प्रदान किए जाने को लेकर संकल्प लिया गया वहीं नारी शक्ति के द्वारा भी एकजुटता के साथ शोभायात्रा में शामिल होने के लिए सभी विप्र बंधुओ से आव्हान भी किया गया।
वृंदावन में केसी घाट और बंशीबट के बीच शुक्रवार को पेटून पुल से टकराकर श्रद्धालुओं से भरी हुई एक मोटर बोट पलट गई जिसमें 6 महिला समेत 10 लोगों की मौत हुई है मोटर बोट में लुधियाना, हिसार, मुक्त्तसर के 37 लोग सवार थे इस नाव हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। और युवती समेत 5 लोग अब भी लापता हैं। यह हादसा शुक्रवार दोपहर सवा तीन बजे हुआ मृतकों में मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा समेत एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं।यह सभी श्रद्धालु शुक्रवार सुबह वृंदावन पहुंचे थे और गुरुवार यानि 9 अप्रैल को श्री बांके बिहारी क्लब की ओर से 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को ले जाया गया था। इनमें से 90 श्रद्धालु जगराओं से थे और बाकी अन्य शहरों से। यह वृंदावन की 4 दिन की यात्रा पर आए थे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि हादसे में मृत सभी 10 लोगों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था कर शवों को उनके गृह जनपद भेजा जा रहा है।उन्होंने कहा कि कुछ मृतकों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ का अभी जारी है। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस पर आगरा के कमिश्नर नागेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं। हादसे पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, पंजाब सीएम भगवंत मान, आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल आदि नेताओं ने शोक जताया है।
मथुरा के व्यस्ततम इलाके डीग गेट स्थित शारदा कॉम्प्लेक्स में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां लगे एक बिजली के ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। आग इतनी भयानक थी कि कॉम्प्लेक्स के भीतर मौजूद दुकानदार और ग्राहक जान बचाकर बाहर की ओर भागे। बताया जा रहा है कि एक बंदर के ट्रांसफार्मर पर कूदने की वजह से जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारियां आग की लपटों में बदल गईं। गनीमत यह रही कि आग लगने के तुरंत बाद बिजली विभाग को सूचना देकर सप्लाई कटवाई गई और दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि इस ट्रांसफार्मर के साथ पहले भी कई बार बंदरों की वजह से शॉर्ट सर्किट के हादसे हो चुके हैं, लेकिन विभाग इसे सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ट्रांसफार्मर आग के गोले में तब्दील हो गया और आसपास की दुकानों तक लपटें पहुँचने का खतरा पैदा हो गया था।
वृन्दावन। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव शनिवार को धर्मनगरी वृन्दावन पहुंचीं, जहाँ उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने मंदिर के सेवायतों के सानिध्य में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के गोस्वामी समाज द्वारा सांसद को माला, प्रसादी और अंग वस्त्र भेंट कर उनका स्वागत व अभिनंदन किया गया। सांसद के आगमन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं, वृन्दावन पहुंचने पर सपा कार्यकर्ताओं ने अपनी नेता का जोरदार स्वागत किया। दर्शन के उपरांत मीडिया से रूबरू होते हुए डिंपल यादव भावुक नजर आईं। उन्होंने वृन्दावन में यमुना नदी में हुए नाव हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ वृन्दावन आते हैं, लेकिन उनके साथ यह हादसा होना अत्यंत पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। सांसद ने हादसे के लिए व्यवस्थाओं में चूक और नावों की ओवरलोडिंग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर नावों में ओवरलोडिंग होगी, तो किसी न किसी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि वह बेहतर इंतजाम करे ताकि किसी को अपने परिजनों को न खोना पड़े। हालाँकि मंदिर में दर्शन की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया और हाई पावर्ड कमेटी के प्रयासों को सराहनीय बताया। बाइट - डिम्पल यादव सांसद सपा । रिपोर्ट राहुल ठाकुर
मथुरा, ट्रेनों में यात्रियों का सामान चोरी करने वाले गिरोह के दो शातिर सदस्यों को जीआरपी की विशेष चेकिंग टीम ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक लेपटाप, एक फोन, चांदी की अंगूठी व 17 हजार रुपये की नगदी बरामद हुई है। ट्रेनों में आपराधिक वारदातों की रोकथाम के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष चेकिंग टीम का गठन किया गया है। टीम शुक्रवार को जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के निर्देशन में प्लेटफार्म संख्या आठ पर आगरा एंड की ओर चेकिंग कर रही थी। तभी टीम ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनकी तलाशी ली। उनके कब्जे से 1 लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, एक चांदी की अंगूठी व 17,000 रुपये नगद बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम मौहम्मद गुलाम मोहिउद्दीन उर्फ फैयाज पुत्र गुफरान निवासी ग्राम जलवाडा थाना क्योटी बाजार खिरमा पथरा गोल चौक जिला दरभंगा बिहार व शत्रुधन पुत्र जीवनलाल निवासी ग्राम सुनाज थाना कोलराज जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश बताए। विधिक कार्रवाई के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। टीम में जीआरपी थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक ललित भाटी, आरपीएफ थाने के उप निरीक्षक सुजीत चंदेल भी शामिल रहे।