'सपनों की नई उड़ान' कार्यक्रम में सांसद हेमा मालिनी ने की डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के कार्यों की सराहना
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की आय पिछले पांच वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है। केंद्...

नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए नेशनल ...

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अपनी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के...

मथुरा। कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में बलदेव पब्लिक स्कूल में श...

हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ल...

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय सेना...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प...

थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के एक शिव मंदिर में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खु...
मथुरा। पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित "सपनों की नई उड़ान" कार्यक्रम में सांसद हेमा मालिनी ने जनपद के परिषदीय विद्यालयों में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को डेस्क-बेंच उपलब्ध कराना शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला कदम है। कार्यक्रम में बताया गया कि पंचायती राज विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से जनपद के 663 परिषदीय विद्यालयों में 14,060 डेस्क-बेंच उपलब्ध कराकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। इस उपलब्धि को दर्शाती एक विशेष वीडियो प्रस्तुति भी कार्यक्रम में प्रदर्शित की गई। इस दौरान 'ज्ञान ज्योति' डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन कर उपनिरीक्षक (SI) पद पर चयनित अभ्यर्थी को सांसद हेमा मालिनी और जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की भी सराहना की गई। कार्यक्रम में विधायक राजेश चौधरी, विधायक पूरन प्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में हुए नवाचारों और प्रशासन की सकारात्मक पहलों को समाज के सामने प्रस्तुत करना था।
मथुरा। पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित "सपनों की नई उड़ान" कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद हेमा मालिनी ने बताया कि 'आओ लौटायें ब्रज की हरियाली' अभियान के तहत मियावाकी पद्धति से जनपद की 101 ग्राम पंचायतों में 'लाडली वन' विकसित किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों पर आधारित एक विशेष वीडियो प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और शिक्षा सुधार से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि अभियान के अगले चरण में जनपद की 495 और ग्राम पंचायतों में भी 'लाडली वन' विकसित किए जाएंगे, जिससे ब्रज क्षेत्र को और अधिक हराभरा बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके। इस अवसर पर डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन कर उपनिरीक्षक (SI) बनने वाले अभ्यर्थी को सम्मानित किया गया। साथ ही वृक्षारोपण, विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध कराने, शिक्षा और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रशासकों, ग्राम सचिवों एवं अधिकारियों को भी सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और जनसहभागिता के माध्यम से ब्रज के समग्र विकास का संकल्प दोहराया गया।
मथुरा। संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने एमएसएमई (MSME) आगरा के सहयोग से "इनोवेशन, टेक्नोलॉजी अडॉप्शन और सरकारी योजनाएं" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और नव उद्यमियों को नवाचार, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. डी.एस. तोमर एवं संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी भी मौजूद रहे। डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बदलते तकनीकी दौर में छात्रों के लिए इनोवेशन, नई तकनीकों और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग की समझ बेहद जरूरी है। वहीं डॉ. डी.एस. तोमर ने विद्यार्थियों को ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए उद्यमिता कौशल विकसित करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, शोध के बेहतर अवसर और रोजगार की नई संभावनाएं मिलती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से नवाचार आधारित शोध और उद्यमिता को अपनाकर देश के तकनीकी एवं आर्थिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया। एमएसएमई आगरा के फैकल्टी कोऑर्डिनेटर गौरव कुमार ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं विशेषज्ञ मनीष वर्मा ने स्टार्टअप, शोध, इनक्यूबेशन, स्किल डेवलपमेंट, प्रोडक्ट डिजाइन और वित्तीय सहायता से जुड़ी विभिन्न MSME सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में 65 फैकल्टी सदस्यों, बड़ी संख्या में छात्रों, शोधार्थियों और नव उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नवाचार एवं उद्यमिता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अपनी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती अभियान शुरू किया है। एजेंसी ने चार जनरल मैनेजर (General Manager) पदों और 16 यंग प्रोफेशनल्स (Young Professionals) की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह कदम प्रोफेसर के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर NTA में किए जा रहे संस्थागत सुधारों का पहला बड़ा चरण माना जा रहा है। भर्ती के तहत जनरल मैनेजर (Assessment Research & Psychometrics), General Manager (Test Centre Network & Operations), General Manager (Information Security) और General Manager (Vigilance, Investigation & Forensics) जैसे चार वरिष्ठ पदों को अनुबंध के आधार पर तीन वर्ष के लिए भरा जाएगा। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी परीक्षा संचालन, साइबर सुरक्षा, टेस्ट सेंटर प्रबंधन, मूल्यांकन प्रणाली और परीक्षा की निष्पक्षता को मजबूत करना होगी। इसके अलावा, NTA पहली बार UPSC के प्रतिभा सेतु (Pratibha Setu) पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति करेगा। इनमें 12 पद अकादमिक रिसर्च, 2 लीगल रिसर्च और 2 फाइनेंस एवं अकाउंट्स के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में शोध, तकनीक और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह भर्ती अभियान NTA की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में विशेषज्ञों और अन्य पेशेवरों की अतिरिक्त भर्ती भी की जाएगी, ताकि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सके।
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा रोडवेज डिपो में डीजल रिकॉर्ड में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में करीब 14 हजार लीटर डीजल का हिसाब नहीं मिलने और लगभग 13.47 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने पर तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) ने मामले की जांच कराई। जांच में डीजल सेक्शन के अभिलेखों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद डीजल सेक्शन से जुड़े तीन लिपिकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। वहीं, पर्यवेक्षण में कथित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि डीजल से संबंधित अभिलेखों का नियमित मिलान और सत्यापन नहीं किया गया, जिसके चलते रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला केवल रिकॉर्ड में गड़बड़ी का है या डीजल की वास्तविक हेराफेरी हुई है। परिवहन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निलंबित कर्मचारियों से जवाब तलब किया गया है और मामले की जांच जारी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र और शांतिपूर्ण जनआंदोलन की बड़ी जीत बताया है। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह फैसला देशभर के युवाओं, छात्रों और शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल लोगों के धैर्य, संघर्ष और लोकतांत्रिक ताकत का परिणाम है। सोनम वांगचुक ने कहा, "यह लोकतंत्र की जीत है। यह सीधे सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है। यह शांति, धैर्य और लगातार संघर्ष की भी जीत है।" उन्होंने CJP, देशभर के Gen Z छात्रों और आंदोलन का समर्थन करने वाले नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि अब केवल जवाबदेही तय करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करने का समय आ गया है। वांगचुक ने अपने संदेश में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन वास्तविक सफलता तब होगी जब शिक्षा व्यवस्था में ठोस और स्थायी सुधार किए जाएंगे। गौरतलब है कि NEET-UG विवाद और देशभर में चले छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया, जबकि आंदोलन से जुड़े नेताओं ने संकेत दिए हैं कि शेष मांगों पर निर्णय होने तक उनका अभियान जारी रहेगा।
मथुरा। थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीघाट इलाके में शुक्रवार रात रास्ते में भरे पानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। किशोरी कुंज आश्रम के पास हुई इस घटना में एक ही पक्ष के दो महिलाओं समेत पांच लोग घायल हो गए। घटना के दौरान लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। घायल पक्ष के मुस्ताक के अनुसार, इलाके में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण रास्ते में लंबे समय से पानी भरा रहता है। इसी बात को लेकर पड़ोसी सतीश से विवाद चल रहा था। आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे सतीश अपने आधा दर्जन साथियों के साथ उनके घर पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर कथित तौर पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। हमले में मुस्ताक, नूर मोहम्मद, गुड्डू, साबरा और नूरबानो घायल हो गए। घायलों में एक महिला के सिर में गंभीर चोट आई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गुड्डू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगरा रेफर कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना का वायरल वीडियो भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है
मथुरा। थाना नौझील क्षेत्र के जरेलिया गांव में शुक्रवार देर शाम पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ आमने-सामने आ गए। इस मारपीट में दोनों पक्षों के लगभग आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही नौझील थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए मथुरा जिला अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल पक्ष के दिगंबर सिंह ने आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम उनका परिवार घर पर खाना खा रहा था, तभी पड़ोस में रहने वाले नामजद लोगों समेत करीब एक दर्जन लोग लाठी-डंडों और फरसों से लैस होकर घर में घुस आए और हमला कर दिया। इस हमले में दिनेश पुत्र मुन्नीलाल और सोनू पुत्र दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
मथुरा। हाईवे थाना क्षेत्र के बजाना पुल के पास तीन साल पुराने लापता युवक के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 27 वर्षीय लाखन, जो करीब तीन साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, उसका नर-कंकाल उसके ही सूखे कुएँ से बरामद हुआ है। इस मामले का खुलासा किसी पुलिस जांच से नहीं, बल्कि कथित आरोपी के भतीजे द्वारा दी गई जानकारी के बाद हुआ। जानकारी के अनुसार, लाखन पारिवारिक विवाद के बाद अचानक लापता हो गया था। उस समय परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और लंबे समय तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन पहले गांव निवासी टीकम खान के भतीजे ने लाखन के परिजनों को बताया कि उसके चाचा ने कथित रूप से लाखन की हत्या कर शव को उनके ही कुएँ में फेंक दिया था। सूचना मिलते ही हाईवे थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सूखे कुएँ में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एक नर-कंकाल बरामद हुआ। कंकाल के साथ मिले कपड़े, गले में पड़ी कंठी और जेब से मिले मोबाइल चार्जर को देखकर परिजनों ने आशंका जताई कि यह लाखन का ही शव है। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने टीकम खान और गांव के एक अन्य व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके से सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। बरामद नर-कंकाल की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट - पवन शर्मा/आकाश शर्मा मथुरा डैम्पियर नगर स्थित विद्यापीठ पाठशाला में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड से सबक लेते हुए किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित बचाव, त्वरित प्रतिक्रिया और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने विद्यालय परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई। छात्राओं को सुरक्षित तरीके से भवन से बाहर निकलने का अभ्यास कराया गया। टीम ने बताया कि किसी भी आपदा के समय घबराने के बजाय शांत रहना और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। छात्राओं को आपातकालीन निकास मार्गों का उपयोग करने, धुएं से बचाव के लिए झुककर बाहर निकलने और भीड़भाड़ से बचते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का प्रशिक्षण दिया गया। अग्निशमन अधिकारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का लाइव प्रदर्शन भी किया, जिससे आग लगने की शुरुआती स्थिति में उसे नियंत्रित करने के तरीके समझाए गए। इसके अतिरिक्त, विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखने, गैस या बिजली से लगी आग में बरती जाने वाली सावधानियों और तुरंत फायर सर्विस को सूचना देने की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई गई।
मथुरा/गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान जहां लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए जाने का दावा किया जा रहा है, वहीं गोवर्धन के हाथी दरवाजा स्थित पुलिस बूथ पर पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़भाड़ के बीच हाथी दरवाजा पुलिस बूथ पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। ऐसे में यदि कोई अप्रिय घटना होती, तो श्रद्धालुओं को तत्काल पुलिस सहायता मिलना मुश्किल हो सकता था। इसे लेकर लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई की मांग की। मुड़िया पूर्णिमा मेले में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों और पुलिस सहायता केंद्रों पर पुलिस बल की नियमित मौजूदगी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पुलिस बूथों पर हर समय पुलिसकर्मी तैनात रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे मेले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने का दावा किया जा रहा है।
मथुरा। जनपद के बलदेव थाना क्षेत्र में रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने रंगदारी की मांग पूरी न होने पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। घटना के बाद भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज पीड़ित ने एसडीएम से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के संबंध में थाना पुलिस को सूचना देने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने समाधान दिवस में पहुंचकर एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार से दो दिवसीय आगरा दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आगरा को 53 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। वे विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक भी करेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित करेंगे और नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले के विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे। दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। इस दौरान स्वास्थ्य, सड़क, जल निकासी, पर्यटन, महिला सुविधाओं और शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया जाएगा, जिससे आगरा के आधारभूत ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मथुरा। गोवर्धन थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गोवर्धन की परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 40 वर्षीय डालचंद, निवासी बरेली, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बरेली से करीब एक दर्जन श्रद्धालु गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा लगाने आए थे। परिक्रमा पूरी कर लौटते समय उनका टेंपो हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही गोवर्धन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। डालचंद की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, घायलों का उपचार जारी है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
महावन (मथुरा)। गोकुल-महावन रोड स्थित कार्ष्णि रमणरेती आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। आश्रम परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग पांडाल तैयार किए जा रहे हैं। इस वर्ष गुरु-शिष्य मिलन समारोह 28 जुलाई से 31 जुलाई तक चार दिनों तक आयोजित होगा, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। रमणरेती आश्रम के मीडिया प्रभारी कार्ष्णि गोविंदानन्द महाराज ने बताया कि चार दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले शिष्य अपने निर्धारित दिवस पर गुरु महाराज की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को महावन, मथुरा, बलदेव, सादाबाद एवं आसपास के क्षेत्रों के सेवादार और शिष्य गुरु पूजन करेंगे। 29 जुलाई को संत ऋषिकुमार तथा मथुरा जनपद के श्रद्धालु गुरु महाराज की पूजा-अर्चना करेंगे। 30 जुलाई को आगरा, हाथरस, बरेली, अलीगढ़, बुलंदशहर, हरियाणा, झारखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु गुरु पूजन में शामिल होंगे। वहीं 31 जुलाई को गोवर्धन, राजस्थान, उत्तराखंड तथा देश के अन्य राज्यों से आने वाले शिष्य गुरु महाराज का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर आश्रम प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विश्राम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि सभी श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति के साथ गुरु महाराज के दर्शन एवं पूजन का लाभ प्राप्त कर सकें।
गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) सक्रिय हो गया है और पूरे मेला क्षेत्र में लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। बम निरोधक दस्ते की टीम ने मेले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर संदिग्ध वस्तुओं की गहन तलाशी ली। सार्वजनिक स्थलों, दुकानों, परिक्रमा मार्ग और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रखे सामान की बारीकी से जांच की गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। वहीं, गोवर्धन बस स्टैंड परिसर में भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिसकर्मियों ने बस स्टैंड पर मौजूद श्रद्धालुओं और यात्रियों के बैगों की तलाशी ली तथा उनसे आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए परिक्रमा मार्ग, दानघाटी मंदिर, प्रमुख मंदिरों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी लगातार की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी या नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले की शुरुआत के साथ ही गिरिराज धाम गोवर्धन में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु सुबह से ही दानघाटी मंदिर पहुंचकर गिरिराज महाराज के दर्शन कर सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए निकल पड़े। पूरे परिक्रमा मार्ग पर "गिरिराज महाराज की जय" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रशासन द्वारा मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान दंडोती परिक्रमा पर रोक लगाए जाने के बावजूद कुछ श्रद्धालु दंडोती परिक्रमा करते हुए नजर आए। यह दृश्य परिक्रमा मार्ग पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दानघाटी मंदिर, परिक्रमा मार्ग और प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं। मेले के अवसर पर गिरिराज तलहटी को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और भव्य स्वागत द्वारों से सजाया गया है। रात के समय पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठता है, जिससे मेले की भव्यता और भी बढ़ जाती है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पेयजल, छाया, विश्राम स्थल और चिकित्सा सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है। धार्मिक मान्यता है कि मुड़िया पूर्णिमा के दिन गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
मथुरा। गोवर्धन चौराहा स्थित आरएस स्टोन अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान 54 वर्षीय बेगवती, निवासी हाथरस गेट, के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) के दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर बिना उनकी सहमति दूसरा ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद मरीज की हालत और गंभीर हो गई तथा अंततः उनकी मौत हो गई। मृतका की बहन सुमन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी बेगवती की हालत ठीक नहीं थी, लेकिन डॉक्टर उन्हें छुट्टी देने का दबाव बना रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर आनन-फानन में दूसरा ऑपरेशन कर दिया गया और देर रात तक परिजनों को वेंटिलेटर के नाम पर भरोसा दिलाया जाता रहा। उनका कहना है कि जब रात करीब 12 बजे रेफर करने की बात कही गई, तब तक बेगवती की मौत हो चुकी थी। वहीं, मृतका के बेटे प्रमोद ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत कार्ड होने के बावजूद जांच और दवाओं के नाम पर 45 से 50 हजार रुपये वसूले गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि तहरीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वृंदावन। यमुना नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने की मांग को लेकर बिहार घाट पर पिछले छह दिनों से अनशन पर बैठे समाजसेवी दीपक शर्मा ने शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया। धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा और एसडीएम राजकुमार चौधरी ने दीपक शर्मा से वार्ता की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने माना कि उठाए गए अधिकांश मुद्दे जनहित और यमुना संरक्षण से जुड़े हैं तथा इन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उन पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। वहीं, यमुना में गिर रहे नालों की टैपिंग जैसे दीर्घकालिक और बड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी। अनशन समाप्त होने के बाद समाजसेवी दीपक शर्मा ने उम्मीद जताई कि प्रशासन अपने आश्वासन पर अमल करेगा और यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी प्रशासन के इस आश्वासन का स्वागत करते हुए समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
मथुरा। जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत 'जेके लक्ष्मी विद्या योजना' के अंतर्गत पुलिस मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों को स्टडी किट वितरित की। इस किट में स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां और पानी की बोतल शामिल थीं। शैक्षणिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम में एसएसपी श्लोक कुमार, सीओ सिटी आशना चौधरी, पुलिस मॉडर्न स्कूल की प्रधानाचार्य तथा जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने हाथों से बच्चों को स्टडी किट वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सीओ सिटी आशना चौधरी ने कंपनी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जेके लक्ष्मी सीमेंट द्वारा उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक सामग्री बच्चों की पढ़ाई को नई दिशा देगी और उन्हें बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सामाजिक पहल बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय प्रशासन और कंपनी प्रतिनिधियों ने भी शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के सहयोग को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
मथुरा। दूसरों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले समाजसेवी ताराचंद गोस्वामी आज खुद न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मामला गोविंद नगर थाना क्षेत्र के रूपम सिनेमा के पास का है, जहां 3 जुलाई को दवा लेकर घर लौटते समय उनकी बाइक को पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कार चालक मौके से फरार हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दुर्घटना के बाद गोविंद नगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि उनके पास घटना के सीसीटीवी फुटेज मौजूद थे, जिनमें कथित रूप से कार का नंबर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद उन्हें मसानी चौकी और गोविंद नगर थाने के बीच लगातार चक्कर लगाने पड़े और मुकदमा दर्ज करने में देरी की गई। परिजनों के अनुसार, जब घायल समाजसेवी स्वयं अधिकारियों के पास पहुंचे, तब सीओ सिटी के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया। हालांकि उनका आरोप है कि रिपोर्ट अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ दर्ज की गई, जबकि उनके अनुसार वाहन की पहचान संभव थी। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस से दुर्घटना में शामिल वाहन और चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल यह आरोप पीड़ित पक्ष के हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होगी।
मथुरा में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि वर्षों से समाजसेवा में जुटे ताराचंद गोस्वामी को कार ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। मामला गोविंद नगर थाना क्षेत्र के रूपम सिनेमा के पास का है। बताया जा रहा है कि 3 जुलाई को ताराचंद गोस्वामी दवा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कार चालक मौके से फरार हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज में कार का नंबर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। इसके बावजूद गोविंद नगर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय परिजनों को मसानी चौकी और थाने के चक्कर लगवाए। आरोप है कि जब घायल समाजसेवी स्वयं अधिकारियों के पास पहुंचे, तब सीओ सिटी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार का नंबर उपलब्ध होने के बावजूद रिपोर्ट अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ दर्ज की गई। अब सवाल यह है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी चालक तक कब पहुंचती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने 50 लाख रुपये की रंगदारी और लूट के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए हिंदू रक्षा दल के युवा जिलाध्यक्ष हेमंत शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने दिल्ली के सीलमपुर निवासी कबाड़ी कारोबारी जफर की स्क्रैप से भरी बोलेरो पिकअप को हाईवे पर रोक लिया और चालक व परिचालक को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस का कहना है कि धमकी के बाद पीड़ित पक्ष ने 9 लाख रुपये आरोपियों को दिए, जिसके बाद चालक और परिचालक को छोड़ा गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रंगदारी की रकम में से 50 हजार रुपये नकद, लूटी गई महिंद्रा बोलेरो और विद्युत केबल बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपने कई साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी लूट की घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोवर्धन चौराहे से करीब 200 मीटर आगे जैन चौरासी मंदिर के सामने दिल्ली हाईवे पर बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यापारी के कर्मचारी को निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक बदमाश करीब 80 से 85 लाख रुपये मूल्य की सोने की धातु लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ, स्वाट टीम, एसओजी टीम समेत थाना हाईवे की कई पुलिस टीमें पहुंच गईं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान व्यापारी के कर्मचारी समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। लूट की रकम और वारदात की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
धर्मनगरी वृंदावन में प्रमुख मंदिरों के बाहर ई-रिक्शा चालकों और अवैध रूप से संचालित बाइकर्स की मनमानी से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि मंदिरों के मुख्य मार्गों और दुकानों के सामने अवैध पार्किंग के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर व्यापार पर पड़ रहा है। दुकानों के सामने वाहनों की लंबी कतारें लगने से ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है, वहीं देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आरोप यह भी है कि कुछ अवैध बाइकर्स और ई-रिक्शा चालक श्रद्धालुओं को एक मंदिर से दूसरे मंदिर ले जाने के नाम पर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। रंगजी मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर भी दिनभर ई-रिक्शा और अन्य वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि रंगजी पुलिस चौकी पास में होने के बावजूद अवैध पार्किंग और जाम की समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से संचालित वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को राहत मिल सके।
मथुरा। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले को लेकर रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटा है। इसी क्रम में शुक्रवार को आगरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) गगन गोयल ने मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान DRM ने प्लेटफॉर्मों की साफ-सफाई, सर्कुलेटिंग एरिया में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, ट्रेनों के सुचारु संचालन, सुरक्षा प्रबंध तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के गेट नंबर-1 पर श्रद्धालुओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था की है। वहीं, यात्रियों की सहायता के लिए स्काउट एवं गाइड द्वारा हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैरिकेडिंग की गई है। मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और केंद्रीय गौ संरक्षण कानून बनाए जाने की मांग को लेकर मथुरा में 27 जुलाई को भव्य गौ सम्मान शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इस कार्यक्रम की जानकारी शुक्रवार को मसानी बायपास लिंक रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी गई। इस मौके पर हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, कन्हैया लाल अग्रवाल, भूपेश बाबा, सुनील मान मंदिर वाले सहित अभियान समिति के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, 27 जुलाई की सुबह सभी गौभक्त और कार्यकर्ता बी.एन. पोद्दार इंटर कॉलेज में एकत्रित होंगे। इसके बाद शोभायात्रा होली गेट से होकर बी.एन. पोद्दार इंटर कॉलेज होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। अभियान समिति ने जिले के संत-महात्माओं, गौसेवकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, मातृशक्ति और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
गोवर्धन स्थित प्रसिद्ध माँ मंशा देवी मंदिर में चोरी और चढ़ावे को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया है। मंदिर के पुजारी की पत्नी शिखा चतुर्वेदी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मंदिर में चोरी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे परिवार को बदनाम करने की साजिश करार दिया। शिखा चतुर्वेदी का कहना है कि उनका परिवार पिछले करीब 125 वर्षों से पारंपरिक रूप से मंदिर की सेवा करता आ रहा है। उनका आरोप है कि दीवान सिंह और कुछ अन्य लोग कथित ट्रस्ट के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग कर रहे थे। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया। वहीं, दीवान सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर में चोरी पुजारी परिवार द्वारा की गई है और उनके पास इसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि महापंचायत के बाद आरोपियों को मंदिर से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मथुरा/गोवर्धन। राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले के दूसरे दिन भी नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान पूरी रफ्तार से जारी रहा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निगम की टीम ने मंडी चौराहे से सौंख-गोवर्धन मार्ग तक सड़क किनारे किए गए अस्थायी और अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों और नगर निगम की टीम ने सड़क किनारे लगाए गए अवैध ठेले, टीन-शेड, अस्थायी निर्माण और अन्य बाधाओं को हटाया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने स्वयं ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्नेहा लता और नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने स्पष्ट कहा कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि दोबारा किसी ने अतिक्रमण किया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मुड़िया पूर्णिमा मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां भी अतिक्रमण की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है ताकि परिक्रमा मार्ग और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला अवधि समाप्त होने तक अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुड़िया पूर्णिमा मेले को लेकर शासन और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग आगरा अनिल कुमार झा और क्षेत्राधिकारी जीआरपी राजेश दीक्षित मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक रेलवे अनिल कुमार झा ने बताया कि 24 जुलाई से 30 जुलाई तक मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। इसे देखते हुए मथुरा जंक्शन सहित रेलवे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को दो जोन में विभाजित किया गया है, जहां हर गतिविधि पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में 450 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस सामान पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा दावा किया है। CJP नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने कल दोपहर तक का समय मांगा है। CJP का कहना है कि जब तक इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने यह भी कहा कि यदि तय समय तक संतोषजनक फैसला नहीं आया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में CJP का यह दावा फिलहाल उनके बयान पर आधारित है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में जारी है।
NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशभर में जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और सख्त बनाने वाले संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई। सरकार इसे अगले सप्ताह संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के दोषियों को अधिकतम 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। साथ ही मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी अधिकार दिए जाएंगे, ताकि जांच और सुनवाई निर्धारित समय में पूरी हो सके। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इसी बीच, छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में वार्ता भी हुई। सरकार एक ओर आंदोलनरत छात्रों से संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को जल्द ही एक नया और अत्याधुनिक विधानसभा परिसर मिलने जा रहा है। गोमती नगर स्थित सहारा सिटी में करीब 200 एकड़ क्षेत्रफल में कमल के आकार का नया विधानसभा भवन बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए तैयार किए गए विभिन्न डिजाइनों में से कमल की आकृति वाले मॉडल को अंतिम रूप दिया गया है। निर्माण कार्य अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है। नए विधानसभा परिसर में 700 सीटों वाली विधानसभा, 200 सीटों वाली विधान परिषद और 1000 सीटों की क्षमता वाला संयुक्त सत्र हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास, विधायक हॉस्टल, वीवीआईपी प्रशासनिक ब्लॉक और अन्य सरकारी सुविधाएं भी इसी परिसर का हिस्सा होंगी। परियोजना के तहत 5,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग, चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र, डिजिटल सुविधाएं और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही प्रत्येक जिले के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग बैठक और चर्चा की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, ताकि भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सोशल मीडिया पर प्रस्तावित भवन का मॉडल साझा करते हुए बताया कि यह परिसर उत्तर प्रदेश को एक नई स्थापत्य पहचान देगा। ऊपर से देखने पर भवन की संरचना कमल की पंखुड़ियों जैसी दिखाई देगी, जो भारतीय संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला का अनूठा संगम होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अनुसार, इस परियोजना के लिए देशभर की 48 कंसल्टेंट एजेंसियों ने अपने डिजाइन प्रस्तुत किए थे। इनमें से चयनित डिजाइनों में कमल के आकार वाले मॉडल को प्राथमिकता दी गई है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में ट्रैफिक चालान को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ऑटो चालक ने कथित तौर पर चालान कटने से नाराज होकर आत्मदाह का प्रयास किया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस ने एक थ्री-व्हीलर का चालान किया था। चालक का आरोप है कि बिना किसी वजह के उसका चालान काट दिया गया। इसी बात से नाराज होकर वह पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि उसने अपने पास रखा तेल निकालकर खुद पर उड़ेल लिया और आग लगाने की कोशिश करने लगा। चालक की हरकत देखते ही मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी और होमगार्ड तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने फुर्ती दिखाते हुए चालक को पकड़ लिया और आग लगाने से रोक दिया। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद पुलिस चालक को गंगाघाट कोतवाली ले गई, लेकिन वहां भी उसने विरोध जारी रखा। कभी वह थाने के बाहर जमीन पर लेट गया तो कभी पुलिस पर अन्याय करने का आरोप लगाता रहा। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस के अनुसार, चालक को समझाइश देने के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग विरोध के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कई लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित नवादा चौराहे पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रोडवेज बस की चपेट में आने से एक महिला और एक पुरुष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक गांव बेरी के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, यातायात को सुचारु कराया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। नोट: यह जानकारी प्रारंभिक पुलिस और स्थानीय सूत्रों के आधार पर है। जांच पूरी होने के बाद तथ्य अपडेट हो सकते हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव से पहले मथुरा नगर निगम ने शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (CM-GRIDS) के तहत चल रहे सड़क निर्माण, मरम्मत और पेचवर्क कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन्माष्टमी से पहले सभी प्रमुख मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जाए। नगर निगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने भाग लिया। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया गया। बैठक के दौरान खुदाई के बाद छोड़ी गई सड़कों, क्षतिग्रस्त मार्गों, अधूरे निर्माण कार्यों और पेचवर्क की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कार्यों की प्रगति रिपोर्ट लेते हुए गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की सड़कें बेहतर, सुरक्षित और यातायात के लिए पूरी तरह तैयार होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम का लक्ष्य है कि जन्माष्टमी से पहले शहर के सभी प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात व्यवस्था के अनुरूप तैयार हो जाएं।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। हसनपुर क्षेत्र के धोरिया गांव की तीन सगी बहनें—सरोज, सावित्री और संतोष—ने एक ही युवक विकास उर्फ विक्कू से शादी करने का दावा किया है। शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। शुरुआत में लोगों ने इसे सोशल मीडिया कंटेंट या रील का हिस्सा माना, लेकिन बाद में तीनों बहनों और युवक ने वीडियो जारी कर कहा कि यह शादी पूरी तरह वास्तविक है। उनका कहना है कि बचपन से वे हमेशा साथ रही हैं और अलग-अलग घरों में शादी होने के बाद एक-दूसरे से बिछड़ना नहीं चाहती थीं। इसलिए उन्होंने आपसी सहमति से एक ही युवक से विवाह करने का फैसला लिया। तीनों बहनों का कहना है कि उनके परिवार वाले अलग-अलग जगह शादी तय कर रहे थे, लेकिन वे अलग नहीं रहना चाहती थीं। उन्होंने दावा किया कि तीन भाइयों वाला परिवार नहीं मिलने पर उन्होंने एक ही व्यक्ति से शादी कर साथ रहने का निर्णय लिया। वहीं युवक विकास ने कहा कि उसने यह फैसला बहनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया ताकि वे हमेशा साथ रह सकें। हालांकि, इस शादी को लेकर विवाद भी गहरा गया है। जिस चामुंडा मंदिर में शादी का वीडियो बनाया गया, वहां के पुजारियों ने मंदिर परिसर में ऐसी किसी आधिकारिक शादी से इनकार किया है। वहीं कुछ स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस घटना का विरोध जताया है और इसे परंपराओं के खिलाफ बताया है। इस मामले ने कानूनी बहस भी छेड़ दी है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक हिंदू पुरुष का एक समय में एक से अधिक महिलाओं से विवाह वैध नहीं माना जाता, इसलिए इस विवाह की कानूनी मान्यता पर सवाल उठ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब भैरमपुर गांव निवासी राम सिंह एक हाथ में कुल्हाड़ी और दूसरे हाथ में प्रार्थना पत्र लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय पहुंच गया। उसने अधिकारियों के सामने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और फिल्म घायल के मशहूर डायलॉग, "ये मजदूर का हाथ है कातिया..." का हवाला देते हुए चेतावनी भरे अंदाज में अपनी बात रखी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। राम सिंह ने खुद को पृथ्वीराज चौहान का वंशज बताते हुए दावा किया कि वह मजदूर है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने आया है। उसने कहा कि व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किसी न किसी को भगत सिंह बनना पड़ेगा। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आया। पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि राम सिंह का उनके साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि उसने रास्ता खोद रखा है, नाली बंद कर दी है और विरोध करने पर गाली-गलौज व प्रताड़ित करता है। पुलिस ने भी पड़ोसियों के बयान सामने आने की पुष्टि की है।
मथुरा। विश्व प्रसिद्ध गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी एवं लाइसेंस प्राधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने गोवर्धन और राधाकुंड क्षेत्र में संचालित शराब, भांग और मॉडल शॉप को 28 जुलाई शाम 5 बजे से 29 जुलाई शाम 5 बजे तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, गोवर्धन नगर पंचायत और राधाकुंड नगर पंचायत के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित सभी संबंधित देशी मदिरा, कम्पोजिट, भांग की दुकानें तथा एक मॉडल शॉप निर्धारित अवधि तक पूरी तरह बंद रहेंगी। यह आदेश संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 की धारा-59 के तहत जारी किया गया है। बंदी के दायरे में गोवर्धन नंबर-1, गोवर्धन-डीग रोड, सकीतरा, राधाकुंड तिराहा सहित विभिन्न क्षेत्रों की शराब और भांग की दुकानें शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के लिए संबंधित अनुज्ञापियों को किसी प्रकार का मुआवजा या प्रतिकर देय नहीं होगा। प्रशासन का कहना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं तथा श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मथुरा। जैंत थाना क्षेत्र के राल गांव निवासी 20 वर्षीय कान्हा के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवक के परिजनों ने पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि 10 जुलाई की शाम कान्हा घर से अपनी ससुराल जानू गांव जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। अगले दिन उसकी मोटरसाइकिल मथुरा जंक्शन के मालगोदाम रोड स्थित रेलवे गेट के सामने लावारिस हालत में बरामद हुई, जिसके बाद से उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। परिजनों की शिकायत और एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद थाना शहर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच चौकी बागबहादुर पुलिस को सौंपी गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में शिवकुमार और माया के नाम सामने आए थे। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने दोनों से पूछताछ भी की, जिसमें कथित रूप से शिवकुमार ने कान्हा को मोबाइल दिलाने और माया ने उसके लिए पैसे देने की बात स्वीकार की। इसके बावजूद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर युवक का जल्द पता लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए युवक की तलाश की जा रही है।