संस्कृति विवि में पुस्तकालय विज्ञान के जनक प्रो. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती मनाई
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हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं।...

सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भारी बारिश के बीच मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। कामरू गांव ...

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सफाई कर्मचारी की हत्या के बाद साथी कर्मचारियों का गुस्सा सड़कों पर दिख...
कोलकाता में बुधवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित ह...

नोएडा सेक्टर-25 स्थित एक गैराज से चोरी हुए 1 करोड़ 48 लाख रुपये के मामले का नोएडा पुलिस ने सनस...

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान लोगों...

पटना बिहार में शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPS...

नई दिल्ली दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ फैकल्टी में प्रोफेसर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। एक P...
मथुरा के संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर पुस्तकालय विज्ञान के जनक एवं पद्मश्री प्रोफेसर एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय पुस्तकालय एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और प्रो. एस. आर. रंगनाथन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष एवं पुस्तकालय विशेषज्ञ डॉ. बृजेश कुमार वर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अधिकारियों और पुस्तकालय कर्मचारियों का स्वागत किया। डॉ. बृजेश कुमार वर्मा ने पुस्तकालयों की बदलती भूमिका, आधुनिक एवं डिजिटल संसाधनों, शोध-सहयोग और विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास में पुस्तकालयों के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पुस्तकालयों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण ज्ञान संसाधन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इस वर्ष राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस की विषय-वस्तु “पुस्तकालय: लोगों को जोड़ना, ज्ञान को संरक्षित करना और भविष्य को सशक्त बनाना” रही। कार्यक्रम में पुस्तकालयों को आधुनिक, डिजिटल, विद्यार्थी-केंद्रित और शोधोन्मुख बनाने की प्रतिबद्धता जताई गई। कार्यक्रम के दौरान इन्फ्लिबनेट केंद्र द्वारा चलाए जा रहे ‘पुस्तकालय से प्रेम करें और ज्ञान पाएं’ अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ज्ञान के संरक्षण, शिक्षा, शोध, नवाचार और समाज को ज्ञान-आधारित एवं समावेशी बनाने में पुस्तकालयों की भूमिका को रेखांकित करना है। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और पुस्तकालय कर्मचारियों ने पुस्तकालयों के निरंतर विकास, ज्ञान के संरक्षण एवं प्रसार तथा शिक्षा और शोध को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एम. बी. चेट्टी, पुस्तकालय सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. कंचन कुमार सिंह, शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. रेनू गुप्ता, प्रबंधन एवं वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता डॉ. गंगाधर हुगर, डॉ. फहीम अख्तर और डॉ. नीलम लोधी सहित विभिन्न संकायों के शिक्षक एवं अधिकारी मौजूद रहे। वहीं पुस्तकालय टीम की ओर से उप-पुस्तकालयाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, आयुर्वेद पुस्तकालयाध्यक्ष राकेश कुमार, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष शिवम पचौरी, मेघन श्याम, पुस्तकालय सहायक उत्कर्ष दुबे एवं उत्कर्ष गुप्ता सहित अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। चित्र परिचय: संस्कृति विवि में प्रो. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के मुख्य पुस्तकालयाध्यक्ष एवं पुस्तकालय विशेषज्ञ डॉ. बृजेश कुमार वर्मा मां सरस्वती एवं प्रो. एस. आर. रंगनाथन के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए।
मथुरा के थाना कोतवाली क्षेत्र के सौंख रोड पर चलती बस से यात्री के गिरने का मामला सामने आया है। हादसा बुधवार शाम करीब 5 बजे पातीराम मंदिर के पास हुआ, जहां बस से उतरने के दौरान यात्री अचानक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गया। हादसे में यात्री के सिर में गंभीर चोट आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस देखने में रोडवेज बस जैसी लग रही थी और घटना के समय तेज रफ्तार में थी। बताया गया कि यात्री चलती बस से उतरने का प्रयास कर रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायल यात्री करीब 10 मिनट तक सड़क पर बेसुध हालत में पड़ा रहा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे उपचार के लिए पास के एक क्लीनिक पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शी सलीम के मुताबिक, गनीमत रही कि यात्री बस के नीचे नहीं आया, वरना हादसा और गंभीर हो सकता था। उन्होंने आशंका जताई कि घायल व्यक्ति ने संभवतः शराब का सेवन कर रखा था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घायल यात्री की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। फिलहाल उसकी पहचान और निवास स्थान की जानकारी नहीं हो सकी है। वहीं, हादसे के बाद फरार बस चालक की तलाश और घटना की वास्तविक स्थिति को लेकर पुलिस जांच में जुटी है।
रिपोर्ट: राहुल ठाकुर वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के दर्शन करने आई दिल्ली की 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दर्शन के बाद महिला मंदिर के गेट नंबर 4 के पास अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घटना के बाद मंदिर परिसर में तैनात मेडिकल टीम ने तत्काल महिला की जांच की और एंबुलेंस की मदद से उन्हें वृंदावन के 100 शैय्या अस्पताल भेजा गया। मृतका की पहचान दिल्ली के 118, मधुवन कॉलोनी निवासी शालिनी सिक्का के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, शालिनी सिक्का बुधवार को बांके बिहारी जी के दर्शन के लिए वृंदावन आई थीं। दर्शन के बाद जैसे ही वह गेट नंबर 4 के समीप पहुंचीं, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद शालिनी सिक्का को मृत घोषित कर दिया। जिला संयुक्त चिकित्सालय के डॉक्टर विनीत यादव ने बताया कि महिला को बांके बिहारी मंदिर के गेट नंबर 4 से मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर के मुताबिक, मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल सकता था। हालांकि, महिला के साथ आए लोगों ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव को दिल्ली ले जाने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि शालिनी सिक्का दिल्ली में अकेली रहती थीं और उनके साथ उनका ड्राइवर व केयरटेकर वृंदावन आया था। उनका एक भाई भी है। अस्पताल में मौत की पुष्टि होने के बाद केयरटेकर ने महिला के भाई को फोन पर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन और केयरटेकर बिना पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराए शव को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। फिलहाल बुजुर्ग महिला की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण मौत के कारणों की चिकित्सकीय पुष्टि भी नहीं हो पाई है।
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक अनोखा मामला सामने आया, जहां एक बंदर 42 हजार 105 रुपये लेकर फरार हो गया। बंदर नोटों की गड्डी लेकर काफी देर तक इधर-उधर दौड़ता रहा, जिसे देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी का है। कैंट थाना क्षेत्र के भिखनपुर निवासी अंजू देवी के रुपये अचानक एक बंदर के हाथ लग गए। बंदर नोट लेकर भागने लगा। राहगीरों ने उसे पकड़ने और रुपये वापस लेने की कोशिश की, लेकिन बंदर किसी के हाथ नहीं आया। मामले की सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक अशोक कुमार, पंकज सिंह समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बंदर को पकड़ने या डराने के बजाय अनोखी तरकीब अपनाई। पुलिसकर्मियों ने बंदर के सामने केले रख दिए। जैसे ही बंदर का ध्यान केले की ओर गया, पुलिस ने बेहद सावधानी से उसके पास मौजूद रुपये बरामद कर लिए। रुपयों की गिनती और पहचान करने के बाद पूरी 42,105 रुपये की रकम अंजू देवी को वापस कर दी गई। इस अनोखे रेस्क्यू ऑपरेशन में न तो लाठी चली और न ही कोई हंगामा हुआ—सिर्फ केले के सहारे पुलिस ने बंदर से रुपये वापस ले लिए। पुलिस की इस सूझबूझ की मौके पर मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की। अयोध्या में बंदर और पुलिस के बीच रुपये वापस लेने का यह अनोखा किस्सा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
मथुरा के थाना गोविंद नगर परिसर में दमकल विभाग की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शाम करीब 4:30 बजे आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को आगजनी और अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान दमकल कर्मियों ने पुलिसकर्मियों को आग से बचाव, सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान आग पर काबू पाने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। दमकल कर्मियों ने पुलिसकर्मियों को अग्निशमन यंत्रों के सही इस्तेमाल की प्रक्रिया समझाई। इसके अलावा, आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घटनास्थल को सुरक्षित रखने और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने के तरीकों के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि गैस सिलेंडर में आग, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से आग लगने पर घबराने के बजाय सावधानी और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में तत्काल निर्णय लेने और राहत-बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार किया गया। मॉक ड्रिल के जरिए पुलिसकर्मियों को यह भी बताया गया कि आगजनी की घटना के दौरान किस तरह समन्वय के साथ लोगों की जान बचाने और स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, नियमित मॉक ड्रिल का उद्देश्य पुलिस और दमकल विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इससे आगजनी या किसी अन्य आपात स्थिति में दोनों विभाग कम समय में प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे और जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
मथुरा के थाना नौझील क्षेत्र में ग्राम प्रधान पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाजार जाते समय पहले से घात लगाए बैठे नामजद लोगों ने ग्राम प्रधान तेजपाल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में ग्राम प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए मथुरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, रूपनगर गांव के ग्राम प्रधान तेजपाल पुत्र तुलाराम, निवासी थाना कोसीकलां, मंगलवार को किसी काम से बाजार जा रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि पड़ोसी गांव के करीब आधा दर्जन नामजद लोगों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में प्रधान के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची और घायल ग्राम प्रधान को तत्काल उपचार के लिए मथुरा जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। प्रधान के परिजनों ने पड़ोसी गांव के लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, करीब दो महीने पहले तेजपाल का पड़ोसी के खेत की मेड़ को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद की रंजिश के चलते ग्राम प्रधान पर हमला किया गया। फिलहाल ग्राम प्रधान तेजपाल का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच शुरू कर दी है और हमले के पीछे की वजह के साथ-साथ आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वाराणसी: काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। गंगा के उफान का सबसे बड़ा असर शहर के ऐतिहासिक घाटों पर दिखाई दे रहा है। मणिकर्णिका घाट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए छत का सहारा लेना पड़ रहा है। गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों को पार कर अब ऊपरी हिस्सों तक पहुंच चुका है। मणिकर्णिका घाट पर सामान्य शवदाह स्थल जलमग्न होने के बाद छत पर चिताएं जलाई जा रही हैं। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर भी जगह की कमी के चलते गलियों और ऊपरी हिस्सों में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। बाढ़ के कारण घाटों पर रखी लकड़ियां भी गीली हो गई हैं, जिससे अंतिम संस्कार में पहले के मुकाबले ज्यादा समय लग रहा है। जगह कम होने के कारण शवयात्रियों को इंतजार भी करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका से दूसरे घाटों तक जाने वाला रास्ता भी पानी में डूबने से प्रभावित हुआ है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सिर्फ मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट तक सीमित नहीं है। वाराणसी के कई घाट जलमग्न हो चुके हैं और 80 से ज्यादा घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित होने की खबर है। नमो घाट पर भी पानी ऊपरी हिस्सों तक पहुंच गया है। बाढ़ के चलते दशाश्वमेध घाट की प्रसिद्ध गंगा आरती को भी छत पर कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है और लोगों से गहरे पानी में नहीं जाने की अपील की जा रही है। गंगा में नावों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें घाटों पर निगरानी कर रही हैं। वहीं, गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। काशी में गंगा का ऐसा रूप देखकर लोग हैरान हैं—जहां घाटों पर होने वाले अंतिम संस्कार और धार्मिक अनुष्ठान अब बाढ़ के पानी के बीच वैकल्पिक जगहों पर करने पड़ रहे हैं।
कोलकाता में बुधवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल में करीब 2 बजे आग लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। हादसे में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, आग उस वक्त लगी जब होटल में ठहरे ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। अचानक धुआं और आग की लपटें उठने से होटल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घना धुआं होने के कारण बचाव अभियान में दमकलकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया। हादसे में जान गंवाने वालों में 6 पुरुष, 2 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतकों में कई बांग्लादेशी नागरिक थे, जो इलाज के सिलसिले में कोलकाता आए थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी। हादसे के बाद होटल के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे ने होटल की फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है।
अयोध्या साइबर क्राइम थाने के एक सब इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को राजस्थान के सीकर में 2.80 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने एक साइबर फ्रॉड केस में आरोपी के भाई का नाम मुकदमे से हटाने के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के बाद सौदा 2.80 लाख रुपये में तय हुआ। जानकारी के मुताबिक, मामला अयोध्या साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 22/2024 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने ACB को बताया था कि उसके भाई का नाम केस से हटाने के बदले पुलिसकर्मियों की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद 17 अगस्त को रिश्वत मांगने का सत्यापन कराया गया, जिसमें मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद सीकर ACB ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को जब आरोपी पुलिसकर्मी रिश्वत की रकम लेने पहुंचे और कांस्टेबल सोहनलाल ने 2.80 लाख रुपये की रकम प्राप्त की, तभी ACB टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन त्रिपाठी, कांस्टेबल सोहनलाल और कांस्टेबल गौरव चारग शामिल हैं। बताया गया है कि चारों पुलिसकर्मी अयोध्या साइबर क्राइम थाने में तैनात थे, जबकि रिश्वत लेने के लिए टीम राजस्थान के सीकर पहुंची थी। ACB ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद अयोध्या पुलिस महकमे में भी कार्रवाई हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या के SSP ने गिरफ्तार चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ACB की जांच जारी है और गिरफ्तार पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
आगरा मेट्रो से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। इंटीग्रेटेड टेस्टिंग के चलते मेट्रो सेवा को अस्थायी रूप से बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह परीक्षण मेट्रो के सुरक्षित और सुचारु संचालन की तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है। आगरा मेट्रो के Mankameshwar से ISBT तक करीब 6 किलोमीटर लंबे हिस्से पर पहले ही सफल ट्रायल रन हो चुका है। इस सेक्शन में SN मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और RBS कॉलेज जैसे स्टेशन शामिल हैं। इंटीग्रेटेड टेस्टिंग के दौरान मेट्रो सिस्टम, ट्रैक, सिग्नलिंग, विद्युत व्यवस्था और अन्य तकनीकी प्रणालियों की एक साथ जांच की जाती है, ताकि यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने से पहले किसी भी संभावित तकनीकी कमी को दूर किया जा सके। आगरा मेट्रो परियोजना के तहत कुल 29.4 किलोमीटर के दो कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। फिलहाल टेस्टिंग के चलते मेट्रो संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सेवा दोबारा कब शुरू होगी और किन स्टेशनों पर इसका असर रहेगा, इसकी जानकारी संबंधित विभाग की ओर से जारी अपडेट के आधार पर स्पष्ट होगी।
महराजगंज उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के रुदलापुर गांव में नाग पंचमी के मौके पर एक अनोखी घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां 70 वर्षीय बुद्धिराम को लेकर ग्रामीणों का दावा है कि नाग पंचमी के दिन हर तीन साल में उनके व्यवहार में अचानक बदलाव आ जाता है और वह जानवरों के लिए रखा भूसा, घास और चारा खाने लगते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह सिलसिला वर्ष 1975 से चला आ रहा है। उनका दावा है कि नाग पंचमी के दिन गांव के समय माता मंदिर में पूजा-पाठ के दौरान बुद्धिराम पर कथित तौर पर 'महिषासुर' की सवारी आती है। इसके बाद वह सामान्य व्यवहार से अलग होकर नाद में रखा पानी पीने के साथ भूसा और घास खाने लगते हैं। बताया जाता है कि इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कुछ लोग उन्हें केला, घास, भूसा और लड्डू खिलाते हैं। ग्रामीणों में यह भी मान्यता है कि यहां मांगी गई मनौतियां पूरी होती हैं, जिसके चलते हर तीन साल में इस घटना को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटती है। हालांकि, बुद्धिराम के इस व्यवहार को लेकर अभी तक कोई वैज्ञानिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा है, अंधविश्वास है या इसके पीछे कोई चिकित्सकीय अथवा मनोवैज्ञानिक कारण है। पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जांच के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट - पवन शर्मा मथुरा में वाहन चालकों को बेहतर और अत्याधुनिक टायर सर्विस सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। बुधवार को NH-19 स्थित प्रहलाद नगर में MRF टायर्स एंड सर्विस फ्रैंचाइज़ी ‘गौरा टायर हब’ का शुभारंभ किया गया। यह फ्रैंचाइज़ी देश की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी MRF की ओर से शुरू की गई है। गौरा टायर हब में ग्राहकों को एक ही स्थान पर टायर खरीदने और आधुनिक सर्विस की सुविधा मिलेगी। सेंटर पर लेटेस्ट इम्पोर्टेड मशीनों से व्हील अलाइनमेंट, व्हील बैलेंसिंग और ऑटोमैटिक टायर फिटमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा ट्यूबलेस टायर रिपेयर और टायरों में नाइट्रोजन भरने की सुविधा भी ग्राहकों को मिलेगी। सेंटर की खासियत यह है कि वाहन मालिकों को सर्विसिंग और टायर खरीदारी के दौरान एयर-कंडीशंड कस्टमर एरिया में आरामदायक माहौल भी मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से तैयार किए गए इस सेंटर का उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता की टायर सर्विस के साथ ग्राहकों को सुविधाजनक अनुभव उपलब्ध कराना है। गौरा टायर हब में प्रशिक्षित टेक्नीशियन भी तैनात किए गए हैं। सेंटर के तकनीकी कर्मचारियों को चेन्नई स्थित कंपनी के अत्याधुनिक ‘MRF टायर्ड्रोम ट्रेनिंग सेंटर’ में व्हील अलाइनमेंट, व्हील बैलेंसिंग और अन्य टायर सर्विस से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है। सेंटर में लगाए गए इम्पोर्टेड अलाइनमेंट और बैलेंसिंग इक्विपमेंट आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इन मशीनों की मदद से वाहनों के पहियों की अलाइनमेंट और बैलेंसिंग अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। इससे वाहन चालकों को टायरों की बेहतर देखभाल के साथ बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सेंटर पर MRF के विभिन्न लोकप्रिय टायर भी उपलब्ध रहेंगे। इनमें ZLX और Perfinza कार रेडियल्स प्रमुख हैं। वाहन चालक अपनी जरूरत के अनुसार टायर खरीदने के साथ-साथ उसी स्थान पर अत्याधुनिक सर्विस सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। गौरा टायर हब के शुरू होने से मथुरा और आसपास के वाहन चालकों को टायर खरीदने और सर्विसिंग के लिए एक बेहतर विकल्प मिलेगा। सेंटर का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित स्टाफ और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के माध्यम से ग्राहकों को सुविधाजनक और बेहतर टायर सर्विस अनुभव प्रदान करना है।
रिपोर्ट - आकाश शर्मा मथुरा के थाना गोविंद नगर में बुधवार को पुलिसकर्मियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व थाना प्रभारी अजय वर्मा ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुनना, उनके हितों का संरक्षण और कल्याण से जुड़े मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करना रहा। बैठक के दौरान पुलिसकर्मियों ने वेतन संबंधी विसंगतियों, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कल्याणकारी विषयों से जुड़ी अपनी समस्याएं थाना प्रभारी के सामने रखीं। जवानों ने अपनी विभिन्न मांगों और परेशानियों को विस्तार से साझा किया। थाना प्रभारी अजय वर्मा ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके उचित समाधान का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के परिवारों से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, ऐसे में उनकी समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान बेहद जरूरी है। थाना स्तर पर सामने आई समस्याओं में जिन मामलों का निस्तारण संभव नहीं था, उन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। थाना प्रभारी ने जवानों को आश्वस्त किया कि पुलिसकर्मियों के हित और कल्याण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से पूरी निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
आगरा के खेड़ा पछगई क्षेत्र में गैस सिलेंडर फटने से हादसा सामने आया है। सिलेंडर में धमाका होते ही घर में आग लग गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव की कोशिश शुरू की। बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर में लीकेज के बाद अचानक आग लगी, जिसके बाद सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन और पुलिस की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू की। फिलहाल आग से हुए नुकसान और किसी के घायल होने की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। गैस सिलेंडर में लीकेज को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि घटना का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
गुजरात के सूरत में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। रेस्टोरेंट से खाना खाने के बाद एक ही परिवार के 5 लोग बीमार पड़ गए। हालत बिगड़ने पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 5 साल की बच्ची आर्या की इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, परिवार ने वराछा इलाके के एक रेस्टोरेंट से पनीर और काजू की सब्जी मंगाकर खाई थी। इसके बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब होने लगी। माता-पिता और एक अन्य बच्ची का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां खराब और बासी खाद्य सामग्री मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद अधिकारियों ने रेस्टोरेंट को बंद कर दिया। मामले में फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई भी की गई है। इस घटना के बाद खाने की गुणवत्ता और रेस्टोरेंट की साफ-सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परिवार के बीमार पड़ने और बच्ची की मौत के पीछे वास्तव में दूषित भोजन की क्या भूमिका थी।
रिपोर्ट: आरती शर्मा मथुरा के सरस्वती नगर स्थित कृष्णा सिटी कॉलोनी में करीब 10 फीट चौड़ी सड़क पर ओवरलोड डंपर, ट्रॉला और ट्रकों के संचालन को लेकर एक महिला ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन से उसके मकान की दीवार कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं, विरोध करने पर अभद्रता और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह अकेली महिला है और अपने चार बच्चों का पालन-पोषण करती है। महिला का कहना है कि कॉलोनी की सड़क भारी वाहनों के आवागमन के लिए बेहद संकरी है, इसके बावजूद यहां लगातार ओवरलोड वाहन गुजर रहे हैं। इससे एक ओर मकान को नुकसान पहुंच रहा है, तो दूसरी ओर परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। महिला ने शिकायत में बताया कि उसके मकान की दीवार को कई बार नुकसान पहुंच चुका है। आरोप है कि 14 अगस्त 2026 को मकान की मरम्मत कराए जाने के बाद भी भारी वाहनों का आवागमन बंद नहीं हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ओवरलोड वाहनों के संचालन का विरोध करने पर कुछ लोगों द्वारा गाली-गलौज और धमकी दी जाती है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच, संकरी सड़क पर भारी और ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह मानसिक रूप से बेहद परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाने की स्थिति में पहुंच सकती है। ऐसे में प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लेने की मांग की गई है। फिलहाल प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर लोगों की नजर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट: आरती शर्मा मथुरा रिफाइनरी में संविदा श्रमिकों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि उनसे हर महीने 5,000 रुपये और कभी-कभी 7,500 रुपये तक की कथित चौथ मांगी जाती थी। आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर नौकरी से हटाने और गेट पास छीनने की धमकी दी जाती थी। शिकायत पत्र में सुनील कुमार पुत्र उदयवीर सिंह समेत कई संविदा श्रमिकों के नाम और गेट पास नंबर का उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि ये श्रमिक मथुरा रिफाइनरी के ओल्ड यूनिट एरिया में सिविल मेंटेनेंस का काम करते हैं। श्रमिकों के मुताबिक, वे लंबे समय से वहां कार्यरत हैं और इससे पहले किसी ठेकेदार या अधिकारी के खिलाफ उनकी कोई शिकायत नहीं रही है। शिकायत में वर्तमान ठेकेदार फर्म एमजी कंस्ट्रक्शन के पेटी ठेकेदार रमण और उनके सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। श्रमिकों का दावा है कि नौकरी से हटाने का डर दिखाकर हर महीने कथित रूप से 5,000 रुपये और कभी-कभी 7,500 रुपये की मांग की जाती थी। रुपये देने से इनकार करने पर उन्हें कथित तौर पर परेशान किया जाता था। शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित वसूली का विरोध करने पर 15 मई 2026 को सुनील कुमार का गेट पास छीन लिया गया। पत्र में उनके साथ बदसलूकी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले को लेकर पुलिस में भी शिकायत की गई थी। अब पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही श्रमिकों को सुरक्षा प्रदान करने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। फिलहाल पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट राजेश सोलंकी, आकाश शर्मा मथुरा में माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा हरियाली तीज के पावन अवसर पर भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर तीज की परंपराओं, संस्कृति और उल्लास को जीवंत किया। इस दौरान मिसेज हरियाली तीज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थानी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति और पारंपरिक स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम स्थल की आकर्षक सजावट, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और स्वादिष्ट भोजन ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। महिलाओं ने तीज के पारंपरिक रंग में सजकर कार्यक्रम का आनंद लिया। आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। तप्ति माहेश्वरी की शानदार नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार-चांद लगा दिए। वहीं पिंकी माहेश्वरी और बिटिया गार्गी माहेश्वरी की मनमोहक प्रस्तुति को भी उपस्थित महिलाओं ने खूब सराहा। इस अवसर पर माहेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष शिप्रा राठी और सचिव रुचिता माहेश्वरी ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, आयोजक टीम और उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने के साथ-साथ आपसी मेल-जोल बढ़ाने और संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत रखने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। उपस्थित सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मिसेज हरियाली तीज प्रतियोगिता की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय सहभागिता का उत्साह व्यक्त किया।
मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में मरीजों के लिए निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। हर मंगलवार को अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को काफी राहत मिल रही है। प्रदेश सरकार की ओर से आम जनता को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला अस्पताल में आंखों से संबंधित समस्याओं और मोतियाबिंद के इलाज की सुविधा निशुल्क दी जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ नेत्र चिकित्सा अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जिला अस्पताल में निशुल्क मोतियाबिंद का ऑपरेशन करा सकता है। ऑपरेशन से पहले मरीज की आवश्यक जांच की जाती है और इलाज से जुड़ी सभी जरूरी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। डॉ. धीरेंद्र सिंह के मुताबिक, हर सप्ताह मंगलवार को मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाते हैं। इच्छुक मरीजों को ऑपरेशन से एक दिन पहले यानी सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचकर अपनी आवश्यक जांच करानी होगी। जांच पूरी होने के बाद मरीज का मंगलवार को निशुल्क ऑपरेशन किया जाता है। जिला अस्पताल की इस सुविधा से मोतियाबिंद से परेशान मरीजों को बिना किसी खर्च के इलाज मिल सकता है। अस्पताल प्रशासन ने जरूरतमंद मरीजों से इस निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।
छाता शुगर मिल प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ अब दीपक शर्मा के समर्थन में खुलकर सामने आया है। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि दीपक शर्मा के मामले को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन किए जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संघ ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई स्पष्ट हो सके। राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही प्रशासन से मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतते हुए न्यायपूर्ण कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है। संघ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य न्यायपूर्ण तरीके से पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन और मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट ब्रजवासी लाल मथुरा में चांदी कारोबारी के बुजुर्ग पिता को घर से निकाले जाने के मामले में अब नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले में अब समाजसेवी तरुण शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चांदी कारोबारी के बेटे महेश गर्ग और बृजेश गर्ग ने दावा किया है कि उनके पिता की मदद करने वाले समाजसेवी ने बाद में लाखों रुपये और फ्लैट की मांग की और मांग पूरी न होने पर उनके पिता को घर के दरवाजे पर छोड़ दिया। दरअसल, अप्रैल महीने में बुजुर्ग सत्य प्रकाश को लेकर मामला सामने आया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि करोड़ों की कोठी में रहने वाले उनके बेटे महेश गर्ग और बृजेश गर्ग ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को घर से बेदखल कर दिया। पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग के सामने मुश्किलें बढ़ गई थीं। इसी दौरान समाजसेवी तरुण शर्मा ने सत्य प्रकाश को अपने फ्लैट में पनाह दी और उनका रामकृष्ण हॉस्पिटल में कैंसर का ऑपरेशन भी कराया था। उस समय समाजसेवी तरुण शर्मा की दरियादिली की शहरभर में खूब चर्चा हुई थी और बेटों को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी थी। लेकिन अब मामले में बेटों की ओर से लगाए गए आरोपों ने पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया है। महेश और बृजेश गर्ग का आरोप है कि समाजसेवा की आड़ में उन्हें बदनामी का डर दिखाकर लाखों रुपये और फ्लैट हासिल करने का दबाव बनाया गया। बेटों के मुताबिक, जब वे अस्पताल में अपने पिता का हाल जानने पहुंचे तो तरुण शर्मा ने उन पर पिता की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा दिया। बेटों का दावा है कि लाखों रुपये और फ्लैट की कथित मांग पूरी नहीं होने के बाद तरुण शर्मा का रवैया बदल गया। आरोप है कि इसके बाद तरुण शर्मा कुछ लोगों के साथ पहुंचे और गंभीर व मरणासन्न हालत में सत्य प्रकाश को उनके घर की चौखट पर छोड़कर चले गए। इस पूरे मामले में अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ बेटों पर बुजुर्ग पिता को घर से निकालने के आरोप लगे थे, तो दूसरी तरफ अब बेटे समाजसेवी पर ब्लैकमेलिंग, पैसों और फ्लैट की कथित मांग जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मामले की सच्चाई क्या है और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट - पवन शर्मा/आकाश शर्मा मथुरा में दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे के समीप स्थित समाजसेवी प्रमोद गर्ग कसेरे की मेटल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि बीती रात करीब 1 बजे शॉर्ट सर्किट के चलते फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। आग लगते ही फैक्ट्री में तैनात कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल आग लगने की सूचना फैक्ट्री संचालक प्रमोद गर्ग कसेरे को दी। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। वहीं, आग की सूचना मिलने पर पानी के टैंकर और फायर ब्रिगेड की टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड और पानी के टैंकरों की मदद से कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्ट्री में स्टील, लोहे और पीतल के स्क्रैप की छंटाई और कटान का काम किया जाता है, जिसके चलते आग ने काफी तेजी से फैलने का खतरा पैदा कर दिया था। फैक्ट्री संचालक प्रमोद गर्ग कसेरे के मुताबिक, फैक्ट्री के ऊपर से 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गुजर रही है। उनका कहना है कि इसी विद्युत लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। समय रहते फायर ब्रिगेड और पानी के टैंकरों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
रिपोर्ट: गौरव चतुर्वेदी/ब्रजवासी लालमथुरा शहर के हृदय स्थल होलीगेट के गोविंद गंज में दिनदहाड़े गुंडागर्दी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कोतवाली थाने से महज कुछ कदम की दूरी पर शराब के नशे में धुत दबंगों ने एक किराना व्यापारी की दुकान में घुसकर जमकर तांडव मचाया। आरोप है कि दबंगों ने व्यापारी माधव अग्रवाल और उनके कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने दुकान में तोड़फोड़ कर सामान सड़क पर फेंक दिया और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। जानकारी के मुताबिक, 18 अगस्त को मथुरा के थाना कोतवाली क्षेत्र के गोविंद गंज में व्यापारी माधव अग्रवाल अपनी दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान इलाके के रहने वाले शुभम सिंह अपने पिता पिल्लोली सिंह और दो अज्ञात लोगों के साथ लाठी-डंडे और लोहे के पाइप लेकर दुकान में दाखिल हुए। आरोप है कि दुकान में घुसते ही दबंगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और व्यापारी व कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मारपीट के दौरान व्यापारी और उनके कर्मचारियों को चोटें आईं। आरोप है कि दबंगों ने दुकान के सामान में भी तोड़फोड़ की और कई सामान सड़क पर फेंक दिए। इसके बाद आरोपी खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के CCTV फुटेज सामने आने के बाद इलाके में इस वारदात को लेकर चर्चा तेज हो गई है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार और स्थानीय व्यापारियों में दहशत का माहौल है। पीड़ित के पिता राकेश अग्रवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शहर के सबसे प्रमुख इलाके होली गेट के पास दिनदहाड़े व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा। वहीं, घटना को लेकर व्यापारी संगठनों में भी आक्रोश है। व्यापारियों ने इस तरह की दबंगई और खुलेआम मारपीट के खिलाफ आवाज उठाई है। फिलहाल CCTV फुटेज के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर नजर बनी हुई है।
वृंदावन में साधु की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चामुंडा कट के पास एक साधु का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि हमलावर ने धारदार हथियार से साधु पर हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके दो साथी अर्जुन और शिवराम भी घायल हो गए। सीओ सदर वरुण मिश्रा के मुताबिक, मृतक की पहचान राघव दास निवासी बहादुरगढ़, इटावा के रूप में हुई है। राघव दास वर्तमान में वृंदावन के मारुति नगर में रह रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के परिजनों से संपर्क कर लिया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। फिलहाल पुलिस वारदात के कारणों और आरोपी की पहचान को लेकर जांच में जुटी है।
लखनऊ/रामपुर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ED की टीमों ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर समेत दिल्ली में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की जा रही है। जांच का संबंध आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है। ED ने यह केस प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया है। ED की जांच में कथित तौर पर सरकारी ठेकों से जुड़े फंड को निजी ठेकेदारों के जरिए डायवर्ट करने और बाद में उस धन के ट्रस्ट तथा यूनिवर्सिटी से जुड़े कामों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है। एजेंसी का फोकस कथित लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जुटाने पर है। छापेमारी के दायरे में सहारनपुर में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, साथ ही ट्रस्ट से कथित तौर पर जुड़े दो कंपनियों और उनके प्रमोटरों के ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं। रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी में ED की कार्रवाई के बाद हलचल बढ़ गई है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
वृंदावन। नगर के बांके बिहारी मंदिर वीआईपी मार्ग स्थित अद्वैत वट में श्रावण मास के अंतर्गत चल रहे शिवार्चन कार्यक्रम के तहत श्रावण मास के तीसरे सोमवार को धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर में विराजित भगवान शिव के शिवलिंग के साथ 1008 पार्थिव शिवलिंगों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। अद्वैत वट के आचार्य राजेश किशोर गोस्वामी ने मंदिर परिसर में विराजित शिवलिंग और 1008 पार्थिव शिवलिंगों का पूजन-अर्चन कराया। वहीं रुद्राभिषेक का आयोजन पंडित ब्रह्मानंद पचौरी के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधियों के साथ संपन्न हुआ। पूजन के दौरान मंदिर परिसर भगवान शिव के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चारण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने जल, दूध, दही, शहद सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए अद्वैत वट परिसर में पूरे श्रावण मास विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को भगवान शिव की आराधना के साथ धार्मिक कथाओं और भक्ति कार्यक्रमों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है। अद्वैत वट के आचार्य राजेश किशोर गोस्वामी ने बताया कि श्रावण मास के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में झूलन महोत्सव और भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का विशेष रुद्राभिषेक कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। इन धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक संस्कृति से जोड़ना है। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान अद्वैत वट परिसर का वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर रहा।
मथुरा। मंगलवार को राजीव भवन स्थित सभागार में सिंचाई बंधु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दूर-दराज क्षेत्रों से आए दर्जनों किसानों ने भाग लेकर सिंचाई से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। सिंचाई समिति के अध्यक्ष सुधीर रावत के नेतृत्व में आयोजित बैठक में सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसानों ने अपने खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के साथ-साथ नहर और बंबों की सफाई कराने की मांग रखी। किसानों ने बताया कि कुछ स्थानों पर नहर और बंबों पर अतिक्रमण भी किया जा रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। किसानों ने सिंचाई समिति के अध्यक्ष के समक्ष नहर-बंबों से अतिक्रमण हटाने, सफाई कराने और टेल तक पानी पहुंचाने की मांग प्रमुखता से रखी। किसानों का कहना था कि समय पर पानी उपलब्ध होने से फसलों की सिंचाई में सुविधा होगी। सिंचाई समिति के अध्यक्ष सुधीर रावत ने बताया कि बैठक में किसानों की ओर से रखी गई सभी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए सत्र में सिंचाई बंधु की यह दूसरी बैठक आयोजित की गई है, जिसमें किसानों की समस्याएं सुनी गईं। अधिकारियों की ओर से किसानों को उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया है।
मथुरा। जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री की पहल पर प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले “संभव” दिवस के तहत मंगलवार को भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई का नेतृत्व नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त सुनीता कुमारी ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी ढंग से निस्तारण करने के निर्देश दिए। भूतेश्वर जोन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कुल 10 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें अतिक्रमण से संबंधित 2, सफाई से संबंधित 3 और लाइट से संबंधित 1 शिकायत शामिल रही। प्राप्त शिकायतों में से 3 का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया। जनसुनवाई के दौरान नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्येक शिकायत का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मथुरा। भूतेश्वर क्षेत्र में मंगलवार को एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान भरतपुर गेट स्थित शंकर वाली गली निवासी कैलाश के रूप में की है। कैलाश जल निगम विभाग में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। मृतक के भाई राकेश के अनुसार, कैलाश करीब एक सप्ताह पहले अचानक घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने काफी तलाश की और रिश्तेदारियों में भी जानकारी की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका। मंगलवार को परिजनों को भूतेश्वर क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान कैलाश के रूप में की। राकेश ने बताया कि करीब दो साल पहले भी कैलाश इसी तरह बिना बताए घर से चले गए थे, हालांकि उस समय वह सकुशल वापस लौट आए थे। इस बार उनकी मौत की खबर मिलने से परिवार में मातम छा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मथुरा। सदर बाजार क्षेत्र में करीब 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर ऐतिहासिक और भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। करीब 90 साल पुराना यह पारंपरिक दंगल पहले हर वर्ष नागपंचमी के अवसर पर आयोजित होता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से आयोजन नहीं हो पा रहा था। अब क्षेत्रीय युवाओं और स्थानीय आयोजकों की पहल से इस पारंपरिक दंगल को दोबारा शुरू किया गया। पार्षद हनुमान पहलवान ने बताया कि दंगल बंद होने के कारण क्षेत्र में कुश्ती का माहौल और पहलवानों की परंपरा धीरे-धीरे कम होने लगी थी। इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने और ब्रज की पहलवानी को नई पहचान देने के उद्देश्य से सदर क्षेत्र के युवाओं ने एकजुट होकर आयोजन की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने दंगल अध्यक्ष गोविंद यादव उर्फ कल्लू पहलवान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में यह भव्य आयोजन संभव हो सका है। दंगल अध्यक्ष गोविंद यादव उर्फ कल्लू पहलवान और पार्षद भोला यादव ने बताया कि कुश्ती प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से भारत केसरी और नामी पहलवान हिस्सा लेने पहुंचे। आयोजक गोविंद यादव ने बताया कि दंगल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना और उन्हें नशे की प्रवृत्ति से दूर रखकर स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाना है। दंगल के माध्यम से स्थानीय बच्चों और उभरते हुए युवा पहलवानों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार, दंगल में करीब 400 से अधिक कुश्तियां कराई गईं, जिसमें पहलवानों ने अपने दमखम और कुश्ती कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। दंगल देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक भी मौजूद रहे।
लखनऊ राजधानी लखनऊ के बुद्धेश्वर इलाके में नगर निगम और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। अवैध दूध डेरियों और गंदगी की शिकायत पर पशु पकड़ने पहुंची टीम का कुछ लोगों ने विरोध किया और देखते ही देखते पथराव व मारपीट शुरू हो गई। हमले में पुलिसकर्मियों और नगर निगम कर्मचारियों को चोटें आईं, जबकि सरकारी वाहनों के शीशे भी टूट गए। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने टीम को घेर लिया। आरोप है कि बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल के साथ मारपीट की गई और लोहे की चेन से हमला किया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बावजूद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए मौके से 18 भैंसों को पकड़ा। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि करीब एक दर्जन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और CCTV फुटेज के जरिए अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। वहीं, इस मामले में आरोपियों के कथित अतीक अहमद कनेक्शन की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी इस कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन आरोपियों की संपत्तियों और कथित अवैध निर्माण से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रहा है।
मथुरा। छाता क्षेत्र में अनधिकृत रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी के खिलाफ मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। के.डी. मेडिकल कॉलेज के सामने एनएच-19 पर करीब 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही ‘वशुधारा वैशली’ कॉलोनी में प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने सड़क और बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार, अर्थ हाउसिंग एलएलपी कंपनी द्वारा विनय कुमार चौहान और राकेश चौधरी के माध्यम से उक्त कॉलोनी का विकास आवश्यक स्वीकृतियों के बिना किया जा रहा था। मामले में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की संबंधित धाराओं के तहत वाद संख्या MTDA/Z2/ANI/2026/0000942 दर्ज किया गया था। प्राधिकरण के मुताबिक मामले में सम्यक विचार के बाद 17 जून को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए गए थे। निर्धारित अवधि में विकासकर्ता द्वारा अनधिकृत निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद सोमवार, 17 अगस्त को MVDA की टीम मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई MVDA की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन के निर्देशन और सचिव के नेतृत्व में प्राधिकरण के प्रवर्तन दल द्वारा की गई। कार्रवाई के दौरान अनधिकृत रूप से विकसित की गई कॉलोनी की सड़क और बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त किया गया। MVDA की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन ने कहा कि जनपद में अनधिकृत एवं अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण की ओर से बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा। मंगलवार को महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं, HIV जागरूकता और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारियों और चिकित्सकों ने सहभागिता करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में डीटीओ डॉ. संजीव यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल, नोडल ऑफिसर डॉ. रितुरंजन और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एआरटी सेंटर डॉ. सिद्धार्थ धनगर प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों और चिकित्सकों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार, मरीजों को समयबद्ध उपचार और परामर्श उपलब्ध कराने के साथ-साथ HIV/AIDS को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मरीजों की गोपनीयता बनाए रखते हुए आवश्यक जांच, उपचार, परामर्श और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि एआरटी सेंटर के माध्यम से HIV से प्रभावित मरीजों को नियमित उपचार, परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित उपचार के जरिए HIV संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और चिकित्सकों ने संदेश दिया कि HIV के प्रति जागरूकता, समय पर जांच, नियमित उपचार और सामाजिक सहयोग स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
वृंदावन। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर परिसर में मंगलवार को ड्यूटी के दौरान एक निजी सुरक्षा गार्ड की अचानक तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार के चलते सुरक्षा गार्ड रोहतास (35) अचानक अचेत होकर गिर पड़े, जिसके बाद मंदिर परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार रोहतास पुत्र शिवचरण, निवासी जानू, थाना बरसाना, मंदिर के गेट नंबर-04 के पास सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान उन्हें तेज बुखार आया और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए चिकित्सकों की टीम को बुलाया। डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार दिया। हालत गंभीर देखते हुए उन्हें वृंदावन स्थित शौशैय्या क्षेत्र अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में उपचार के बाद फिलहाल सुरक्षा गार्ड की हालत ठीक बताई जा रही है।
मथुरा। जश्ने ईद मीलादुन्नबी इंतजामियां कमेटी मथुरा की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 26 अगस्त को जुलूसे मुहम्मदी का आयोजन प्रस्तावित है। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और आमजन के शामिल होने की संभावना को देखते हुए कमेटी ने प्रशासन से सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की अपील की है। मंगलवार को भूतेश्वर के समीप स्थित एक स्थानीय होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कमेटी पदाधिकारियों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से जुलूस के दौरान शांति, सद्भाव, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम करने का अनुरोध किया। कमेटी ने मांग की कि जुलूस के निर्धारित मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस और यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही जुलूस से पहले और उसके दौरान आवारा पशुओं एवं अन्य संभावित बाधाओं को रोकने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्था की जाए। जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था किए जाने की भी मांग की गई है, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकल सके और आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। कमेटी ने जुलूस मार्ग से अवैध अतिक्रमण और अन्य बाधाओं को समय रहते हटाने की मांग की। इसके अलावा जुलूस के प्रारंभ एवं समापन स्थल तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस व्यवस्था किए जाने का अनुरोध किया गया। कमेटी की ओर से संबंधित विभागों से जुलूस मार्ग का पूर्व निरीक्षण कर बिजली के तार, खुले मैनहोल, निर्माण सामग्री और अन्य संभावित दुर्घटना के कारणों को समय रहते दुरुस्त कराने की भी अपील की गई है। जुलूसे मुहम्मदी का मार्ग जुलूसे मुहम्मदी 26 अगस्त को दोपहर 1 बजे मरकज अहले सुन्नत मस्जिद जेबा/कल्लू-मल्लू कारखाना से दावते इस्लामी इंडिया की जानिब से निकाला जाएगा। जुलूस भरतपुर गेट, घीया मंडी, चौक बाजार, मंडी रामदास, डीग गेट और दरगसी रोड होते हुए कल्लू-मल्लू कारखाना पहुंचकर समाप्त होगा।
मथुरा। सावन के तीसरे सोमवार पर कान्हा की नगरी मथुरा पूरी तरह शिव भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। राधे-राधे की गूंज से महकने वाली ब्रजभूमि में हर ओर बम-बम भोले के जयकारे सुनाई दिए। कृष्ण जन्मभूमि के समीप स्थित प्राचीन गलतेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। गलतेश्वर महादेव मंदिर अपने आप में बेहद अद्भुत और अनोखा माना जाता है। आमतौर पर शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती विराजमान होती हैं, लेकिन इस मंदिर में शिवलिंग के साथ माता गायत्री शक्ति स्वरूप में विराजमान हैं। माता गायत्री शिवलिंग के सीधे हाथ की ओर स्थित हैं, जो इस मंदिर की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का भव्य फूल बंगला सजाया गया। मंदिर के सेवायत महेश शर्मा ने बताया कि यह मंदिर हजारों वर्ष पुराना है और अपनी विशेष धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। यहां भगवान शिव के साथ शक्ति के रूप में माता गायत्री विराजमान हैं। मंदिर की एक और खास बात यह है कि यहां महादेव के सामने नंदी महाराज विराजमान नहीं हैं। बिना नंदी के भगवान शिव और उनके साथ माता गायत्री की मौजूदगी इस मंदिर को अन्य शिव मंदिरों से अलग बनाती है। सेवायत महेश शर्मा के अनुसार, पौराणिक मान्यताओं में इस पावन धाम का संबंध द्वापर युग से भी बताया जाता है। मान्यता है कि माता रुक्मिणी ने यहां आकर भगवान शिव और माता गायत्री की विशेष पूजा-अर्चना की थी। श्रद्धालुओं के बीच यह भी मान्यता है कि मंदिर में लगातार 41 दिनों तक दीपक जलाने से मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव और माता गायत्री के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। बिना नंदी के महादेव और संग में माता गायत्री का यह अनोखा स्वरूप मथुरा की धार्मिक विविधता और पौराणिक आस्था को दर्शाता है। ब्रजभूमि जहां भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, वहीं यहां भगवान शिव के भी कई अद्भुत और प्राचीन स्वरूप श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं।
ग्रेटर नोएडा कासना थाना क्षेत्र स्थित सावित्रीबाई फुले गर्ल्स इंटर कॉलेज के हॉस्टल में मंगलवार को अचानक आग लग गई। हॉस्टल के एक कमरे से धुआं उठता देख लोगों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की तीन गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया गया कि जिस कमरे में आग लगी थी, वह पहले से ही बंद था। कमरे के अंदर केवल फर्नीचर और कुछ कागजात रखे हुए थे। आग की चपेट में आने से फर्नीचर और कागजात पूरी तरह जलकर राख हो गए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है, ताकि आग लगने की वजह स्पष्ट हो सके।
मथुरा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत छाता क्षेत्र में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 500 किलो दूषित पनीर नष्ट कराया, जबकि पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को छाता स्थित सोनू कुमार पुत्र छीतरमल की पनीर निर्माण फैक्ट्री पर टीम ने छापा मारा। जांच के दौरान मौके से रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, टीनोपाल केमिकल, आयरा और सोडियम हाइड्रो सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। टीम ने कार्रवाई के दौरान कुल 9 सैंपल जांच के लिए लिए। खाद्य विभाग की टीम ने करीब 1.05 लाख रुपये कीमत का 500 किलो दूषित पनीर नष्ट कराया। इसके साथ ही करीब 1.25 लाख रुपये कीमत का 2000 लीटर दूध सीज किया गया। मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद मिलावटी पनीर और खाद्य पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अभियान जारी रखने की बात कही गई है।
मथुरा। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार शाम करीब 5:30 बजे सौख रोड स्थित बैकुंठ विहार कॉलोनी में जेवीजी फाउंडेशन के तत्वावधान में टैनी टॉय स्कूल परिसर में पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से कॉलोनीवासियों को करीब 800 पौधे वितरित किए गए। संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक घर तक पौधे पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिससे लोग अपने घरों और आसपास पौधारोपण कर हरियाली को बढ़ावा दे सकें। संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण के लिए पेड़-पौधों का महत्वपूर्ण योगदान है। पौधे जहां हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, वहीं पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान महिला और पुरुषों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई। साथ ही लोगों से अपने आसपास के अन्य लोगों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। वहीं स्थानीय महिला एवं पुरुषों ने भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में हरियाली बढ़े और पर्यावरण स्वच्छ एवं सुरक्षित बना रहे।
मथुरा सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर कान्हा की नगरी बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। पूरे ब्रजमंडल के शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य धार्मिक आयोजन किए गए। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। शाम होते ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। मंदिरों में छप्पन भोग, फूल बंगला और भजन संध्या जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्हें देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। भूतेश्वर के समीप स्थित गणेश मंदिर में भी हर वर्ष की तरह इस बार बाबा भूतनाथ को भांग का चोला चढ़ाया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में विशेष काली घटा का आयोजन किया गया। काली घटा के आकर्षक और डरावने स्वरूप को देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कार्यक्रम के दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भगवान भोलेनाथ के मधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। भजनों पर श्रद्धालु भक्त झूमते और नाचते नजर आए। आयोजकों के अनुसार, गणेश मित्र मंडल की ओर से पिछले नौ वर्षों से लगातार काली घटा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान भगवान भोलेनाथ को उनके भूत-प्रेत स्वरूपों के साथ विराजमान कर भांग का चोला चढ़ाया जाता है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद और भजन संध्या का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।