मां की हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹26 हजार का जुर्माना
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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कथित प्रेम प्रसंग का एक दर्दनाक मामला सामने आया है।...

स्वतंत्रता दिवस 2026 के मद्देनज़र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सं...

साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी...

उत्तराखंड के चमोली जिले में कर्णप्रयाग पुलिस ने गौचर बाजार स्थित एक दुकान में हुई चोरी का महज 48 घंट...

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। नैन...

राजस्थान का रणथंभौर टाइगर रिजर्व सिर्फ बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि दो ऐसे बाघों की वजह से भी पूरी दु...

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। लंभुआ कोतवाली क्षेत्र ...

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में देर रात बड़ा हादसा हो गया। बालाजी नगर स्थित चार मंजिला कोहिनूर...
मथुरा। उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत मथुरा पुलिस को हत्या के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता मिली है। प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के चलते न्यायालय ने हत्या के दोषी को आजीवन कठोर कारावास और 26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला थाना राया में वर्ष 2022 में दर्ज मु.अ.सं. 411/2022 से संबंधित है। अभियुक्त पर वादी की माता की हत्या करने, साक्ष्य मिटाने तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मथुरा पुलिस द्वारा की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना और लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय, मथुरा ने शैलू उर्फ शैलेन्द्र पुत्र गोपाल सिंह उर्फ फुलिया, निवासी गांव तिरवाया, थाना राया, जनपद मथुरा, को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 452, 404 और 411 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास तथा 26,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इस मामले में भी मथुरा पुलिस की मजबूत पैरवी से पीड़ित परिवार को न्याय मिला।
मथुरा। उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत मथुरा पुलिस को दहेज हत्या के मामले में बड़ी सफलता मिली है। प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के चलते न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला थाना सदर बाजार में वर्ष 2018 में दर्ज मु.अ.सं. 386/2018 से संबंधित है। आरोप था कि अभियुक्त ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर अपनी पत्नी को प्रताड़ित किया और मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी। मथुरा पुलिस द्वारा की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा सहायक लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के आधार पर एडीजे/एफटीसी-01, मथुरा की अदालत ने सोनू पुत्र साहब सिंह, निवासी इंदूपुरम, थाना हसायन, जनपद हाथरस, को भारतीय न्याय संहिता की तत्कालीन धाराओं 498ए, 304बी आईपीसी एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इस मामले में भी मथुरा पुलिस की मजबूत पैरवी से पीड़ित पक्ष को न्याय मिला।
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी से ऑटो में बैठाकर 47 हजार रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नकदी, वारदात में प्रयुक्त ऑटो और लूट की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन बरामद किया है। जबकि उसका एक साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, कपड़ा व्यापारी अपने काम से लौट रहा था। इसी दौरान ऑटो चालक ने उसे जल्दी गंतव्य तक पहुंचाने के नाम पर शॉर्टकट रास्ते से ले जाने की बात कही। कुछ दूरी पर सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद चालक और उसके साथी ने व्यापारी को ऑटो से उतारकर उसके पास मौजूद 47 हजार रुपये लूट लिए और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना से डरे व्यापारी ने तत्काल शिकायत नहीं की। करीब पांच दिन बाद उसने सिकंदरा थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी सुमित के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2,400 रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल ऑटो और लूट की रकम से खरीदा गया मोबाइल बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में शेष लूटी गई रकम की बरामदगी और अन्य कानूनी कार्रवाई भी जारी है।
मथुरा जिले के जाजमपट्टी रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक सोगरिया एक्सप्रेस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब युवक रेलवे ट्रैक के पास मौजूद था। इसी दौरान तेज गति से गुजर रही सोगरिया एक्सप्रेस की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और हादसे की परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र में शुक्रवार को एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को राजवाहा से बाहर निकलवाकर कब्जे में ले लिया। जानकारी के अनुसार, जरेलिया–सिकंदरपुर मार्ग स्थित जरारा पुलिया से करीब 100 मीटर दूर जरारा राजवाहा में लगभग 35 वर्षीय अज्ञात महिला का शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना सुरीर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है। फिलहाल महिला की शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ करने के साथ ही महिला की पहचान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
ब्रज दर्शन के लिए मध्य प्रदेश से वृंदावन आई एक महिला श्रद्धालु की शुक्रवार को दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। चार धाम मंदिर के समीप पार्किंग क्षेत्र में दो बसों के बीच दबने से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश निवासी लीलाबाई अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आई थीं। शुक्रवार शाम वह चार धाम मंदिर के पास सड़क किनारे खड़ी होकर अपने अन्य साथियों का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान वहां पहले से खड़ी एक बस के पास दूसरी बस आकर रुकी और उसका चालक बस को रिवर्स करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रिवर्स करते समय चालक ने पीछे खड़ी महिला को नहीं देखा, जिससे वह दोनों बसों के बीच बुरी तरह दब गईं। आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने के लिए शोर मचाया, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के साथ आए एक पड़ोसी ने आरोप लगाया कि बस चालक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था और उसकी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के प्रस्तावित मथुरा दौरे को लेकर शुक्रवार को मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर व्यापक तैयारियां की गईं। हालांकि अंतिम समय में उनका कार्यक्रम रद्द होने के कारण रेलवे प्रशासन की सभी तैयारियां अधूरी रह गईं। राज्यपाल के स्वागत को लेकर रेलवे प्रशासन ने प्लेटफॉर्म नंबर-8 को विशेष रूप से सजाया-संवारा। सफाई कर्मचारियों ने प्लेटफॉर्म की साफ-सफाई के साथ रंगाई-पुताई कर उसे चमकाया। इसके अलावा स्टेशन के फर्स्ट एंट्री सर्कुलेटिंग एरिया को पूरी तरह खाली कराया गया और स्टेट बैंक की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर आवाजाही भी सीमित कर दी गई। जानकारी के अनुसार, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का दो दिवसीय मथुरा दौरा प्रस्तावित था। उन्हें कानपुर से छपरा एक्सप्रेस के जरिए शुक्रवार शाम मथुरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर पहुंचना था। उनके आगमन को लेकर रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। लेकिन अंतिम समय में राज्यपाल का मथुरा आगमन रद्द हो गया, जिसके चलते स्टेशन पर की गई विशेष व्यवस्थाओं का उपयोग नहीं हो सका। कार्यक्रम रद्द होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने सामान्य व्यवस्थाएं बहाल कर दीं।
बरसाना स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्र पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) तरुण शर्मा ने सीएचसी बरसाना के अधीक्षक डॉ. विक्रमादित्य चौधरी पर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित CHO तरुण शर्मा का आरोप है कि 28 जुलाई की सुबह सीएचसी अधीक्षक निरीक्षण के लिए केंद्र पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक अभिलेख दिखाने के बावजूद उन्हें एक कमरे में ले जाकर अभद्र व्यवहार किया गया। उनका दावा है कि बाहर निकलने के बाद भी अधीक्षक ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। मौके पर मौजूद बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। तरुण शर्मा का यह भी आरोप है कि पिछले करीब 10 महीनों से उन्हें नौकरी से निकालने और वेतन काटने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उन्होंने सीएमओ कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी तक शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से आहत CHO ने एक बार फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल यह सभी आरोप CHO तरुण शर्मा की ओर से लगाए गए हैं। इस मामले में सीएचसी अधीक्षक का पक्ष सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आगामी श्रावण मास और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने सुबह करीब 6 बजे वृंदावन में पैदल भ्रमण कर सफाई व्यवस्था, नालों और सार्वजनिक शौचालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रमनरेती चौकी और फोगला आश्रम के पास संचालित सुलभ शौचालयों में श्रद्धालुओं से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायत सही पाई गई। शिकायत की पुष्टि होते ही नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने 'सुलभ शौचालय कॉम्प्लेक्स शोध संस्थान' को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही ओवरचार्जिंग में लिप्त कर्मचारियों को तत्काल हटाने और भविष्य में ऐसी शिकायत दोबारा न आने के लिए सख्त कार्रवाई करने को कहा। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने स्पष्ट चेतावनी दी कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं दोबारा सामने आती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर आयुक्त की इस सख्त कार्रवाई के बाद नगर निगम से जुड़ी एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं श्रद्धालुओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए व्यवस्थाओं में और सुधार की उम्मीद जताई है।
श्रावण मास के प्रथम दिन छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्तजू मंदिर में 21 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण महाअनुष्ठान एवं महाशिवपुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पूरे सावन माह तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रज की पावन माटी से 1.11 लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजन किया। महाशिवपुराण कथा के शुभारंभ से पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, प्रचारक रूपेश जी तथा डॉ. दयालु महाराज ने व्यासपीठ का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि "सृष्टि के आदि और अंत में केवल भगवान शिव ही हैं। मनुष्य के पास प्रेम करने या दूरी बनाने का विकल्प है, लेकिन किसी से नफरत करने का अधिकार नहीं है। प्रेम करना इंसान का धर्म है, जबकि नफरत शैतानी प्रवृत्ति है।" वहीं, कथा व्यास पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने भगवान शिव को न्याय का देवता बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। उन्होंने सभी से सद्गुणों को अपनाने और धर्ममय जीवन जीने का आह्वान किया। संध्याकाल में महाशिवपुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने कथा श्रवण के साथ भक्ति और श्रद्धा का अनुपम वातावरण अनुभव किया। आयोजन समिति के अनुसार पूरे श्रावण मास में प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण, रुद्राभिषेक, महाशिवपुराण कथा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
मथुरा। गोवर्धन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक श्रद्धालु का लाइसेंसी पिस्टल, महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी से भरा बैग सकुशल बरामद कर सराहनीय कार्य किया है। पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई को श्री गिरिराज महाराज की परिक्रमा के दौरान एक श्रद्धालु अपना बैग भूलवश एक टेम्पो में छोड़ गया। बैग में लाइसेंसी पिस्टल, उसके वैध अभिलेख, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। सूचना मिलते ही थाना गोवर्धन पुलिस हरकत में आई और परिक्रमा मार्ग व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने संबंधित टेम्पो की पहचान कर उसे ट्रेस किया। 30 जुलाई को पुलिस ने बैग को उसमें रखी लाइसेंसी पिस्टल, सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामान सहित शत-प्रतिशत सुरक्षित बरामद कर श्रद्धालु को सौंप दिया। अपना कीमती सामान वापस मिलने पर श्रद्धालु ने खुशी जताते हुए मथुरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सूझबूझ और ईमानदारी की सराहना की तथा पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक मोहन लाल, कांस्टेबल विशाल चौहान, प्रीत कुमार और राहुल बाल्यान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मथुरा। भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) और जनजातीय उपयोजना (TSP) के तहत स्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेजों की विशेष प्रकृति और संवैधानिक संरक्षण बनाए रखने की मांग की है। संगठन ने ज्ञापन में कहा कि अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर में स्थापित इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिक न्याय के उद्देश्य से की गई थी। भारतीय विद्यार्थी मोर्चा का कहना है कि इन संस्थानों की आरक्षण व्यवस्था और मूल उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि राज्य सरकार को निर्देश देकर इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से जुड़े अभिलेखों, बजटीय स्वीकृतियों, SCSP/TSP निधि आवंटन और संबंधित सरकारी आदेशों की जांच कराई जाए। साथ ही इन संस्थानों की विशेष प्रकृति और संवैधानिक संरक्षण को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मथुरा जनपद में चलाए गए 100 दिवसीय टीबी रोग खोजी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। अभियान के दौरान जिले में 4,872 नए क्षय रोगियों (टीबी मरीजों) की पहचान की गई है, जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि यह विशेष अभियान 24 मार्च से 2 जुलाई तक पूरे जनपद में चलाया गया। अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों, सभी तहसीलों और विकास खंडों में व्यापक स्तर पर टीबी की स्क्रीनिंग और जांच की गई। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान करीब 82 हजार एक्स-रे और लगभग 16 हजार नैट (NAAT) टेस्ट किए गए। इन जांचों के आधार पर 4,872 नए टीबी मरीजों की पहचान हुई, जिनका इलाज महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय के क्षय रोग विभाग एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से शुरू करा दिया गया है। डॉ. संजीव यादव ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, सांस फूलने की समस्या, वजन लगातार कम होना या टीबी जैसे अन्य लक्षण दिखाई दें, तो वह बिना देर किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में अपनी जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच और उपचार से टीबी जैसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है और इसके संक्रमण को भी रोका जा सकता है।
मथुरा। उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त पदुम नारायण द्विवेदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मथुरा में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम-2005 के तहत लंबित अपीलों और शिकायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 12 अक्टूबर 2005 से लागू है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग का जन सूचना अधिकारी आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि मथुरा जनपद की कुल 106 अपीलें और शिकायतें उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में लंबित हैं। इनमें 49 ग्राम्य विकास विभाग, 40 राजस्व विभाग, 15 पुलिस विभाग, 1 समाज कल्याण विभाग और 1 स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मामले शामिल हैं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी 106 लंबित मामलों का निस्तारण अगले सात दिनों के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से आवेदनों का निस्तारण करें। राज्य सूचना आयुक्त ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग अब 100 प्रतिशत ऑनलाइन हो चुका है। आवेदन, सुनवाई और शिकायतों का निस्तारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जनहित से जुड़ी सूचना बार-बार मांगता है तो भी संबंधित अधिकारी सूचना उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक वेद प्रिय आर्य सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड के चमोली जिले में कर्णप्रयाग पुलिस ने गौचर बाजार स्थित एक दुकान में हुई चोरी का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, 28 जुलाई की रात गौचर बाजार स्थित मसूरी कंगन स्टोर का ताला तोड़कर करीब 15 हजार रुपये की नकदी और पंजाब नेशनल बैंक की पासबुक चोरी कर ली गई थी। घटना के बाद दुकान संचालक की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे 30 से 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने गौचर-रुद्रप्रयाग मार्ग से आरोपी महावीर सिंह रावत, निवासी टिहरी गढ़वाल, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उसके कब्जे से 10,100 रुपये की नकदी और चोरी की गई पंजाब नेशनल बैंक की पासबुक बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र के गांव लोहई में पारिवारिक संपत्ति विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। एक बुजुर्ग पिता ने अपने ही बेटे पर घर से बेदखल करने, खेत पर अवैध कब्जा करने और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित परिवार ने शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ओमप्रकाश सिंह का आरोप है कि उनके चार बेटों में से एक बेटे ने उन्हें और उनके तीनों भाइयों को पैतृक घर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, उसने पूरी संपत्ति और खेत पर भी कब्जा कर लिया। पीड़ित का कहना है कि संपत्ति विवाद को लेकर उन्होंने एसडीएम एवं ग्राम न्यायालय, मांट का दरवाजा खटखटाया, जहां से 6 जुलाई को खेत पर किसी भी प्रकार का कार्य न करने का स्टे ऑर्डर जारी किया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद 13 जुलाई को कोर्ट के आदेश की अनदेखी करते हुए बेटे और उसके साथियों ने जबरन खेत जोत दिया। पीड़ित का कहना है कि जब वह अपनी फसल देखने खेत पहुंचे तो उनके साथ मारपीट की गई और दोबारा शिकायत करने पर गोली मारने की धमकी दी गई। बुजुर्ग का आरोप है कि स्थानीय थाना और पुलिस चौकी में शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर वह अपने परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल यह आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जैन समाज द्वारा परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुरत्न सागराचार्य जी महाराज के चातुर्मास मंगल प्रवेश को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर 1 अगस्त (शनिवार) को मथुरा में भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी शामिल होंगे। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जैन समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि शोभायात्रा का शुभारंभ सुबह 7 बजे मंडी चौराहा से होगा। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री दिगंबर जैन चौरासी मंदिर, कृष्णा नगर पहुंचेगी, जहां आचार्य श्री 108 सुरत्न सागराचार्य जी महाराज का विधिवत चातुर्मास मंगल प्रवेश संपन्न होगा। आयोजकों ने बताया कि शोभायात्रा में धर्मध्वज, स्काउट बैंड, श्रवण ज्ञान भारती बैंड और भजन मंडलियों की मनमोहक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल श्रद्धालु भक्ति और श्रद्धा के साथ आचार्य श्री का स्वागत करेंगे। जैन समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन को भव्य, दिव्य और अनुशासित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगल प्रवेश के बाद श्री दिगंबर जैन चौरासी मंदिर परिसर में मंगल प्रवचन, धर्मसभा एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 3 अगस्त को चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रेस वार्ता में जैन समाज के अध्यक्ष राहुल जैन, महामंत्री डॉ. जयप्रकाश जैन, प्रमोद जैन, संजीव जैन, योगेश जैन सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
आगरा। उत्तर भारत के प्रसिद्ध जनकपुरी महोत्सव-2026 को इस वर्ष पहले से कहीं अधिक भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। आयोजन समिति ने इस बार श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जैसा आध्यात्मिक अनुभव कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सिकंदरा स्थित भावना एस्टेट क्षेत्र में करीब 16 हजार वर्गमीटर में विशाल जनक महल का निर्माण कराया जाएगा। मुख्य मंच तक जाने वाले मार्ग को अयोध्या की तर्ज पर आकर्षक गलियारों, धार्मिक शिल्पकला और भव्य सजावट से संवारा जाएगा। इसके साथ ही पूरे जनकपुरी क्षेत्र में पांच भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जहां रामायणकालीन झांकियां श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगी। आयोजन समिति के अनुसार इस बार जनक महल के साथ-साथ मिथिला संस्कृति, भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग तथा अन्य धार्मिक घटनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों हेतु विशेष वेटिंग एरिया, ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट जैसी व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं। समिति ने आयोजन स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग मांगा है। इसमें सड़क निर्माण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य आधारभूत सुविधाओं को समय रहते पूरा कराने की मांग की गई है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजकों का कहना है कि जनकपुरी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का उत्सव है। इस बार का आयोजन भव्यता, व्यवस्थाओं और धार्मिक आकर्षण के मामले में नया इतिहास रचने की तैयारी में है।
आगरा। विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को ताजमहल के पश्चिमी गेट के प्री-सिक्योरिटी एरिया में हाई लेवल मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान लावारिस बैग में विस्फोटक होने की काल्पनिक सूचना पर सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। मॉक ड्रिल सुबह करीब 10:40 बजे शुरू हुई और लगभग 11:50 बजे तक चली। सूचना मिलते ही CISF, उत्तर प्रदेश पुलिस, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), अग्निशमन विभाग, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड, LIU, मेडिकल टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। सभी एजेंसियों ने तय मानकों (SOP) के अनुसार संदिग्ध बैग की जांच और विस्फोटक निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया। ड्रिल के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया और पूरे अभियान को नियंत्रित वातावरण में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। मॉक ड्रिल का संचालन CISF यूनिट ताजमहल के कमांडेंट के निर्देशन में किया गया। अभ्यास समाप्त होने के बाद सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी हुई, जिसमें ड्रिल के दौरान अपनाई गई रणनीति, समन्वय और भविष्य में सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि ताजमहल जैसे संवेदनशील और अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्मारक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभ्यास समय-समय पर किए जाते रहेंगे।
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की ओर से विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में "वन स्टूडेंट–वन आईपी मिशन: पेटेंट फाइलिंग से कमर्शियलाइजेशन तक" विषय पर बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) से जुड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों में नवाचार, अनुसंधान और बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट के नेतृत्व में हुआ। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी के डीन डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी ने स्वागत संबोधन में कहा कि आज के दौर में शोध और नवाचार को सुरक्षित करने के लिए पेटेंट बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नवाचारों को पेटेंट के माध्यम से संरक्षित करने का आह्वान किया। प्रति कुलपति डॉ. रघुराम भट्ट ने ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में रिसर्च, इनोवेशन और बौद्धिक संपदा अधिकारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्रों और शिक्षकों को पेटेंट आधारित अनुसंधान के लिए प्रेरित किया। वहीं, स्टूडेंट वेलफेयर डीन डॉ. डी.एस. तोमर ने विद्यार्थियों से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाने और शोध एवं उद्यमिता की सोच विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मनीष सोयल, जो आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र और भारत सरकार के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस, नई दिल्ली में पेटेंट एवं डिज़ाइन एग्ज़ामिनर हैं, ने प्रतिभागियों को पेटेंट की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने पेटेंट योग्य विचार की पहचान, प्रायर-आर्ट सर्च, पेटेंट ड्राफ्टिंग, आवेदन, जांच, पेटेंट ग्रांट, लाइसेंसिंग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और कमर्शियलाइजेशन तक की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। कार्यक्रम की संयोजक प्रो. डॉ. गरिमा गोस्वामी ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रों और शोधार्थियों को पेटेंट फाइलिंग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और इनोवेशन को व्यावसायिक रूप देने की व्यावहारिक जानकारी देना था, ताकि विश्वविद्यालय के रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। इस अवसर पर एकेडमिक डीन डॉ. गंगाधर हुगर सहित विश्वविद्यालय के लगभग 65 फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मथुरा। थाना महावन पुलिस ने चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी का सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को दोपहर 2:44 बजे थाना महावन पुलिस टीम ने रमणरेती आश्रम से कपिल पुत्र पप्पू, निवासी गांव झरौठा, थाना बल्देव, को गिरफ्तार किया। आरोपी की उम्र करीब 20 वर्ष बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक पर्स, 1,200 रुपये नकद और एक आधार कार्ड की छायाप्रति बरामद हुई है। यह कार्रवाई मु.अ.सं. 205/2026 के तहत धारा 303(2)/317(2) बीएनएस में दर्ज चोरी के मुकदमे के संबंध में की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक चेतराम शर्मा, उपनिरीक्षक विनीत चतुर्वेदी और आरक्षी अभिषेक कुमार शामिल रहे।
मथुरा। योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ योग एंड नेचुरोपैथी में अब बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (BNYS) के साथ-साथ डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (एमडी) की पढ़ाई भी शुरू कर दी गई है। नए शैक्षणिक सत्र से एमडी में प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। स्कूल ऑफ योग एंड नेचुरोपैथी की विभागाध्यक्ष डॉ. तनुश्री ने बताया कि बीएनवाईएस साढ़े पांच वर्ष का व्यावसायिक पाठ्यक्रम है, जिसमें साढ़े चार वर्ष की पढ़ाई और एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल है। इस दौरान विद्यार्थियों को एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, डायग्नोसिस, योग चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा, पोषण, हाइड्रोथेरेपी, मड थेरेपी, फास्टिंग थेरेपी और लाइफस्टाइल मेडिसिन का व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अब विद्यार्थी योग, प्राकृतिक चिकित्सा, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स तथा एक्यूपंक्चर जैसे विषयों में एमडी कर विशेषज्ञ चिकित्सक, शोधकर्ता, शिक्षक और स्वास्थ्य सलाहकार के रूप में अपना भविष्य बना सकेंगे। एमडी पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को उन्नत नैदानिक ज्ञान, अनुसंधान कौशल और रोग प्रबंधन की विशेषज्ञता प्रदान करेगा। डॉ. तनुश्री ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, तनाव और अनिद्रा जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग और प्राकृतिक चिकित्सा की मांग लगातार बढ़ रही है। संस्कृति विश्वविद्यालय आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की मूलभूत जानकारी के साथ समग्र स्वास्थ्य देखभाल की वैज्ञानिक शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय में अनुभवी संकाय, आधुनिक प्रयोगशालाएं, क्लिनिकल प्रशिक्षण, ओपीडी सुविधा, अनुसंधान और नवाचार के अवसर, उद्योग एवं अस्पतालों में इंटर्नशिप और रोजगारोन्मुख शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को तैयार किया जा रहा है। एमडी और बीएनवाईएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र सरकारी एवं निजी अस्पतालों, आयुष संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, शोध संस्थानों, कॉर्पोरेट वेलनेस सेक्टर, हेल्थ रिसॉर्ट, मेडिकल टूरिज्म और स्वयं का वेलनेस सेंटर स्थापित कर बेहतर करियर बना सकते हैं।
मथुरा। थाना रिफाइनरी क्षेत्र के गंगा सिटी स्थित एक निर्माणाधीन मकान में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य कर रहे एक राजमिस्त्री की नीचे गिरने से गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, गिर्राज वाटिका निवासी रामवीर अपने साले गोपाल प्रसाद के साथ गंगा सिटी में हेमेंद्र के निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल पर काम कर रहे थे। इसी दौरान छत पर लगा एक पत्थर अचानक चटक गया, जिससे रामवीर का संतुलन बिगड़ गया और वह तीसरी मंजिल से सीधे नीचे जमीन पर गिर पड़े। साले गोपाल प्रसाद की आंखों के सामने हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल रामवीर को तत्काल स्वर्ण जयंती सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें केडी हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर थाना रिफाइनरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, अचानक हुए इस हादसे से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा कर लौट रहे जीजा-साले सड़क हादसे का शिकार हो गए। थाना मगोर्रा क्षेत्र के मथुरा-भरतपुर मार्ग पर मकेरा पुलिया के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में 30 वर्षीय राकेश की मौत हो गई, जबकि उनके जीजा सुशील गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, नगला प्रानसुख निवासी राकेश अपने जीजा सुशील के साथ गोवर्धन की परिक्रमा कर बुधवार सुबह करीब 8 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। घायल सुशील का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। वहीं, दुर्घटना करने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में वाराणसी से अयोध्या जा रही श्रद्धालुओं से भरी टूरिस्ट क्रूजर का अचानक टायर फट गया। इसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराया और फिर सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा भिड़ा। हादसे में चालक समेत 14 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों में मध्य प्रदेश के श्रद्धालु शामिल हैं, जो अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे थे। प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि अन्य का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ में जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एनएचएआई और 108 एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को हटाकर हाईवे पर यातायात सामान्य कराया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह टायर फटना बताई जा रही है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर नगर निगम मथुरा-वृंदावन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार तड़के सुबह 4 बजे नगर आयुक्त ओजस्वी राज स्वयं भूतेश्वर से मसानी तक पैदल निरीक्षण के लिए पहुंचे और सड़क मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था तथा निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने भूतेश्वर अंडरपास से जुड़े उस मार्ग का निरीक्षण किया, जहां लंबे समय से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जलकल विभाग द्वारा मसानी नाले से भूतेश्वर अंडरपास तक पाइपलाइन बिछाई गई है। पाइपलाइन बिछने के बाद कई स्थानों पर सड़क धंसने और बड़े गड्ढे बनने की शिकायतों को उन्होंने गंभीरता से लिया। मौके पर ही संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश देते हुए नगर आयुक्त ने ठेकेदार को तत्काल निर्माण सामग्री और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर पर्याप्त लेबर नहीं बढ़ाई गई तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आर्थिक दंड (पेनल्टी) लगाई जाएगी। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत, पैचवर्क और जल निकासी से जुड़े सभी कार्य 10 अगस्त तक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हर हाल में पूरे किए जाएं, ताकि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी मथुरा का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व है और श्रद्धालुओं की सुविधा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को तय समय सीमा में कार्य पूरा करना होगा।
मथुरा। सावन मास के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी मथुरा के विश्व प्रसिद्ध श्री द्वारकाधीश मंदिर में पारंपरिक हिंडोला उत्सव का शुभारंभ हो गया। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार राजाधिराज भगवान श्री द्वारकाधीश को प्राचीन सोने और चांदी के हिंडोले में विराजमान कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। सावन के पहले ही दिन ठाकुरजी के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भक्ति और श्रद्धा के साथ भगवान द्वारकाधीश के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। मंदिर के मीडिया प्रभारी एडवोकेट राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर के सभी धार्मिक कार्यक्रमों का निर्धारण मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ. वागीश कुमार जी महाराज (कांकरोली नरेश, तृतीय पीठ) के निर्देशन में परंपरानुसार किया जाता है। उन्होंने बताया कि सावन मास की शुरुआत में भगवान श्री द्वारकाधीश को सबसे पहले मंदिर के प्राचीन स्वर्ण एवं रजत हिंडोलों में विराजमान कराया जाता है। इसके बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार पूरे सावन माह तक प्रतिदिन ठाकुरजी विभिन्न हिंडोलों में भक्तों को दर्शन देते रहेंगे। सावन के इस पावन अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित की गई। हिंडोला उत्सव का यह दिव्य आयोजन मथुरा की धार्मिक परंपरा और आस्था का प्रमुख आकर्षण माना जाता है।
मथुरा। श्रावण मास के दौरान जनपद में मीट की दुकानों को बंद कराने की मांग को लेकर दात्रीय करणी सेना के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मभूमि मथुरा में श्रावण मास का विशेष धार्मिक महत्व है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत, पूजा-अर्चना एवं कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसे धार्मिक और पवित्र वातावरण में खुलेआम मीट की बिक्री होने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं तथा जिले का धार्मिक माहौल भी प्रभावित होता है। दात्रीय करणी सेना की जिला अध्यक्ष ज्योति ठाकुर ने प्रशासन से मांग की कि पूरे श्रावण मास के दौरान जनपद की सभी मीट की दुकानों को बंद कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि कोई दुकानदार प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसका लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर उचित निर्णय लेगा।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने प्रयागराज के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैनी में चल रही कंप्यूटर आधारित (CBT) परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल कराने वाले सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में संस्थान के प्रधानाचार्य, परीक्षा प्रभारी, चार अनुदेशकों और पांच सॉल्वरों समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि परीक्षार्थियों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह फर्जी अभ्यर्थियों यानी सॉल्वरों को परीक्षा में बैठाया जा रहा था। एसटीएफ की छापेमारी के दौरान मौके से करीब 5.10 लाख रुपये नकद, पांच कंप्यूटर सिस्टम, छह एंड्रॉयड मोबाइल, परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि कमजोर अभ्यर्थियों से प्रति परीक्षा लगभग 4 हजार रुपये लेकर उनकी जगह सॉल्वर ऑनलाइन परीक्षा देते थे, जबकि वसूली गई रकम का बंटवारा गिरोह के सदस्यों के बीच किया जाता था। एसटीएफ ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है और इस परीक्षा फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
कोसीकलां के कोटवन कट पर हुए बस हादसे को लेकर पुलिस ने विस्तृत जानकारी साझा की है। पुलिस के मुताबिक हादसे में घायल सभी यात्री अब खतरे से बाहर हैं और अधिकांश यात्री उपचार के बाद अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके हैं। एक महिला यात्री का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिसकी हालत भी स्थिर बताई जा रही है। देखिए यह रिपोर्ट... क्षेत्राधिकारी छाता भूषण वर्मा ने बताया कि कोटवन कट के पास हरियाणा परिवहन और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के बीच हुई टक्कर में कुल 45 यात्री सवार थे। हादसे के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन और एनएचएआई की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना में घायल 13 यात्रियों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोसीकलां पहुंचाया गया, जहां सभी का इलाज कराया गया। पुलिस के अनुसार अधिकांश यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है, जबकि एक महिला यात्री को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल मथुरा भेजा गया, जिसकी हालत भी खतरे से बाहर है। पुलिस का कहना है कि समय पर राहत और बचाव अभियान शुरू होने की वजह से स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया। मौके पर यातायात भी जल्द सामान्य करा दिया गया और पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। सभी घायलों की स्थिति सामान्य है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि आपात स्थिति में सभी विभागों के समन्वय से त्वरित कार्रवाई की गई, जिससे बड़ी दुर्घटना के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सुनसरी जिले से शुरू हुआ विवाद अब कई अन्य क्षेत्रों तक फैल गया है, जिसके चलते प्रशासन ने छह से अधिक शहरों और संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। हिंसा, आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच अब तक तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई पुलिसकर्मियों सहित दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद धार्मिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़पों में बदल गया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। हिंसा के बाद नेपाल सरकार ने उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई है और मामले की जांच के लिए कदम तेज कर दिए हैं। संसद में भी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा गया है, जबकि प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बिहार से नेपाल जाने वाले लोगों के लिए पहचान पत्र की जांच सख्त कर दी गई है और सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि हिंसा का असर सीमा पार न फैल सके।
मथुरा के कस्बा फरह स्थित नगर पंचायत के वार्ड संख्या-7 में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार सुबह स्टेट बैंक के पीछे स्थित कैलाश नगर कॉलोनी के निवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया और आरोप लगाया कि कई महीनों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय निवासियों गीता, लक्ष्मी, नफीस, सुहाना, जुगल, ओमप्रकाश सहित अन्य लोगों का कहना है कि कॉलोनी की नालियों का गंदा पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा रहता है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि नगर पंचायत में कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण पूरे इलाके में बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का दावा है कि कॉलोनी में कई बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों से तत्काल नालियों की सफाई कराने, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने और कॉलोनी को जलभराव की समस्या से जल्द राहत दिलाने की मांग की है।
मथुरा में आयोजित विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला इस वर्ष प्रशासन की बेहतरीन व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों के बीच सकुशल संपन्न हो गया। 23 जुलाई से 30 जुलाई तक चले आठ दिवसीय मेले में करीब 1 करोड़ 75 लाख श्रद्धालुओं ने श्री गिरिराज महाराज के दर्शन-पूजन कर सप्तकोशी परिक्रमा की। करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद पूरे मेले के दौरान कहीं भी कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई, जिसे प्रशासन अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मान रहा है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियां करीब छह महीने पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। सभी विभागों के समन्वय, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और सूक्ष्म योजना के चलते पौने दो करोड़ श्रद्धालुओं का यह विशाल धार्मिक आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। मेले के दौरान एडीजी आगरा जोन, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं लगातार मैदान में मौजूद रहे। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर लगभग 21 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया और हर व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 184 स्थानों पर इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, वॉच टावर और वायरलेस नेटवर्क की व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरे मेले की प्रभावी निगरानी की जा सकी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वाहनों की अलग-अलग पार्किंग, बसों का वन-वे संचालन तथा भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए। वहीं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के भी व्यापक प्रबंध किए गए थे। प्रशासन की सुनियोजित व्यवस्था और श्रद्धालुओं के सहयोग के चलते इस वर्ष का मुड़िया पूर्णिमा मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।
मथुरा की गोवर्धन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डकैती की योजना बना रहे पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस ने मथुरा-गोवर्धन रोड स्थित सींचपाल कार्यालय के पास नहर पटरी के निकट सुनसान स्थान से पांचों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय, रोहित, कुंदन, अनिल और गोपाल के रूप में हुई है, जिनमें से कुछ आरोपी मथुरा, राजस्थान और झांसी के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो अवैध चाकू, एक सब्बल, प्लास, पेचकस, टॉर्च तथा 770 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद सामान से पुलिस का मानना है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात या सेंधमारी की तैयारी में थे। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना गोवर्धन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अधिकांश आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ पहले से चोरी, डकैती की तैयारी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम और अन्य गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज हैं। गोवर्धन पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और जनपद में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
मथुरा की गोवर्धन थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक युवक को अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी बबलू (22 वर्ष) पुत्र विनोद को सोरन गैस एजेंसी के सामने टिर्री मार्ग के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध चाकू बरामद हुआ, जिसके आधार पर थाना गोवर्धन में आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चोरी, चोरी का माल रखने, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम समेत कई गंभीर मामलों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2023 से अब तक उसके खिलाफ छाता और गोवर्धन थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार मिश्र के नेतृत्व में उपनिरीक्षक शीलचंद्र गौतम और हेड कांस्टेबल प्रभाकर की टीम ने की। पुलिस का कहना है कि जनपद में अवैध हथियार रखने वालों और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा की जैंत थाना पुलिस ने नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरव खन्ना (19 वर्ष) निवासी जनकपुरी, थाना सिविल लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 9:15 बजे ग्राम मघेरा चौराहा से बाटी रोड की ओर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान पीड़िता को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले से दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की दुष्कर्म, अपहरण, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं 3/4 भी बढ़ा दी हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2025 में मुजफ्फरनगर के कोतवाली नगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज है। जैंत थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
मथुरा की वृंदावन थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कपिल पुत्र शंकरलाल (30 वर्ष) निवासी आयराखेड़ा, थाना राया, हाल निवासी गुरुकुल स्कूल, वृंदावन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को सिद्धार्थ नगर निवासी कन्हैया ने थाना वृंदावन में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपी कपिल ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसके भाई धीरज को शराब पिलाने के बाद गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से सिर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में थाना वृंदावन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने गुरुवार को गुरुकुल स्कूल वृंदावन के खाली मैदान से आरोपी कपिल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का डंडा भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया है। पुलिस का कहना है कि जनपद में वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में अपराध और नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए थाना कोतवाली पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलवर पुल के पास सर्विस रोड से एक युवक को 234 ग्राम अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राहुल पुत्र श्याम खरे (31 वर्ष) निवासी काशीराम कॉलोनी, थाना रिफाइनरी, मथुरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब 11:35 बजे चेकिंग अभियान के दौरान संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से 234 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्रा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल लोकमन सिंह एवं पुलिस टीम ने अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि जनपद में नशा तस्करों और अवैध मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपराधियों की जमानत कराने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक ही जमीन की खतौनी का इस्तेमाल कर 1000 से ज्यादा आरोपियों की जमानत कराई गई। मामले में गैंग के कथित सरगना शिव स्वरूप उर्फ मास्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। बांदा पुलिस की जांच में सामने आया कि लंबे समय से एक संगठित गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर जेल में बंद आरोपियों की जमानत कराने का काम कर रहा था। जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एक ही जमीन की खतौनी का इस्तेमाल बार-बार अलग-अलग मामलों में किया गया और इसी आधार पर 1000 से अधिक आरोपियों की जमानत कराई गई। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना शिव स्वरूप उर्फ मास्टर अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और जमानत दिलाने के एवज में आर्थिक लाभ कमाता था। आरोपी के खिलाफ पहले से सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। डिप्टी एसपी सौरभ सिंह ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे, किन आरोपियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत दिलाई गई और इस पूरे फर्जीवाड़े से कितनी अवैध कमाई की गई। बांदा पुलिस ने पूरे गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आरोपियों की अवैध संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है ताकि उन्हें जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सके। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों पर भी जल्द शिकंजा कसा जाएगा।
मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र स्थित कोटवन कट पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की रोडवेज बस में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बसों का संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क किनारे गड्ढे में उतर गईं। हादसे में एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही कोसीकलां पुलिस, नेशनल हाईवे टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोडवेज बस अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी, तभी पीछे से तेज गति से आ रही प्राइवेट बस ने उसमें टक्कर मार दी। यात्रियों का आरोप है कि प्राइवेट बस चालक अधिक सवारियां बैठाने की होड़ में तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था, जिसके चलते वह नियंत्रण खो बैठा और यह हादसा हो गया। हादसे के बाद पुलिस ने हाईवे टीम और क्रेन की सहायता से दोनों क्षतिग्रस्त बसों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।