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संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा ने एंटी पेपर लीक (लोक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम...

हरियाणा के फरीदाबाद में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत के बाद पुलिस ने एक स्पा सेंटर...
मथुरा के सिविल लाइंस क्षेत्र में टैंक चौराहे से औरंगाबाद मार्ग स्थित संरक्षित वन भूमि पर अवैध रूप से लगाए गए बैनर और पोस्टरों के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान संरक्षित वन क्षेत्र में लगे सभी अवैध बैनर-पोस्टरों को मौके पर ही हटाकर कब्जामुक्त कराया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी अतुल तिवारी ने बताया कि संरक्षित वन भूमि पर बिना अनुमति बैनर-पोस्टर लगाना भी अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित लोगों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों द्वारा संरक्षित वन भूमि पर अवैध रूप से बैनर-पोस्टर लगाकर अतिक्रमण का प्रयास किया गया है, उनके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, शासकीय अतिक्रमण हटाओ अभियान में बाधा उत्पन्न करने वाले लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, अतिक्रमण या प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वृंदावन के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार गज-ग्राह लीला का भव्य एवं मनोहारी मंचन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर "भगवान रंगनाथ की जय" के जयकारों से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस दिव्य लीला के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। परंपरा के अनुसार मंदिर के गर्भगृह से स्वर्ण निर्मित गरुड़ वाहन पर विराजमान सुदर्शन चक्रधारी भगवान रंगनाथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मंदिर के पूर्वी द्वार स्थित पुष्करणी तक पहुंची। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सेवायतों द्वारा पाठ किए जाने के बाद गज-ग्राह लीला का मंचन प्रारंभ हुआ। लीला में पौराणिक प्रसंग का जीवंत चित्रण किया गया, जिसमें जलाशय में मगरमच्छ (ग्राह) द्वारा पकड़े गए गजराज की करुण पुकार सुनकर भगवान रंगनाथ बिना चरण पादुका धारण किए अपने भक्त की रक्षा के लिए तत्काल पहुंचे। भगवान ने सुदर्शन चक्र से ग्राह का वध कर गजराज को संकट से मुक्त कराया और ग्राह को भी मोक्ष प्रदान किया। इस भावपूर्ण लीला ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। करीब आधे घंटे तक चली इस दिव्य लीला के समापन पर कुंभ आरती का आयोजन किया गया। इसके बाद भगवान रंगनाथ की सवारी पुनः भव्य रूप से गर्भगृह में विराजमान हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। मंदिर के अनुज स्वामी ने बताया कि स्थापना काल से चली आ रही यह पौराणिक परंपरा इस बात का संदेश देती है कि भगवान अपने सच्चे भक्त की पुकार सुनकर उसकी रक्षा के लिए स्वयं दौड़े चले आते हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस दिव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था के अद्भुत भाव से सराबोर कर दिया।
कोसीकलां में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर विशाल भंडारों एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे नगर में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। वहीं, कोटवन स्थित प्रसिद्ध मौनी बाबा आश्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपने गुरुदेव के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की। आश्रम में दिनभर श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित भजन-कीर्तन, सत्संग और धार्मिक कार्यक्रमों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। भंडारों में स्वयंसेवकों ने पूरी निष्ठा और सेवा भाव से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया तथा आने वाले प्रत्येक भक्त का स्वागत किया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में संत, महात्मा, श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए। गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर कोसीकलां में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे नगर को श्रद्धा के रंग में रंग दिया।
गोवर्धन स्थित ऐतिहासिक मानसी गंगा मंदिर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नव नियुक्त रिसीवर मनीष बाबा ने विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लेते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर परिसर की स्वच्छता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। कार्यभार ग्रहण करने के बाद मनीष बाबा ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और सेवायतों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंदिर की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी एवं अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंदिर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के साथ प्रेमपूर्ण, सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए, ताकि दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सुगमता और व्यवस्थित ढंग से दर्शन कराने पर विशेष जोर दिया। आगामी मुड़िया मेले को ध्यान में रखते हुए मनीष बाबा ने बताया कि मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा मंदिर की मर्यादा भंग करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यभार संभालने के उपरांत मनीष बाबा ने गिरिराज महाराज के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश एवं देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के सुख, शांति और मंगल की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से मानसी गंगा मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर एवं श्रद्धालु हितैषी बनाया जाएगा।
मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मठा लेने गए छोटे-छोटे बच्चों पर सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना में दो बच्चों के घायल होने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, 19 जुलाई को उनके बच्चे महमदपुर गांव में एक परिचित के घर मठा लेने गए थे। इसके कुछ दिन बाद, 22 जुलाई की शाम पड़ोसी परिवार की एक महिला और उसके अन्य परिजन उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर पड़ोसी पक्ष ने बच्चों पर घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी करने का आरोप लगाया और उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट में दो बच्चों को चोटें आईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि बच्चे निर्दोष हैं और उन पर झूठा आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया गया। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि उन्होंने थाना गोवर्धन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण परिवार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल यह आरोप पीड़ित परिवार की शिकायत पर आधारित हैं। पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
मथुरा के छाता तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम से मुलाकात कर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छाता क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। दिन और रात में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू कामकाज, खेती और व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं। समस्या से नाराज ग्रामीण एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद न तो कटौती कम हुई और न ही तकनीकी खामियों को दूर किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और खराब बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। उनका कहना है कि लगातार बिजली कटौती से बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और किसानों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। एसडीएम ने ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश देने का आश्वासन दिया। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। गुरु पूर्णिमा के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भी देखने को मिली। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे पहले वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में भगवान बांके बिहारी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और ब्रज की परंपरा के अनुसार आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्ति का माहौल बना रहा। दर्शन के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है। गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार और सही मार्ग का बोध कराते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर प्रशासन और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं, ताकि श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराए जा सकें। दर्शन के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंदिर परिसर में मौजूद संतों और श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की। उन्होंने ब्रज की धार्मिक परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि वृंदावन की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को जोड़ने का कार्य करती है।
मथुरा के मगोरा थाने के नवनियुक्त प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। मगोरा थाने का कार्यभार संभालने के बाद प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने कहा कि थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी। अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया जाएगा। फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार और पारदर्शी पुलिसिंग उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी अपील की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उनका कहना था कि पुलिस का उद्देश्य अपराधमुक्त और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, जिसके लिए जनता का सहयोग भी बेहद जरूरी है।
मथुरा में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देव के भक्तों द्वारा गौरी गोपाल आश्रम में विशाल भंडारा एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गिरिराज महाराज के जयकारों से पूरा आश्रम गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, साधुओं एवं श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और भक्ति रस में सराबोर हो गए। भंडारे का शुभारंभ भागवत आचार्य श्री अनिरुद्धाचार्य महाराज की माताजी द्वारा संतों की सेवा एवं प्रसाद वितरण के साथ किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मनमोहन आगरा वाले ने "श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहयो" भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। वहीं दीपक शर्मा (जयपुर) ने "मोहि चुनरी मंगवा दे रसिया, गोवर्धन के दरस करा दे रसिया" सहित कई भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु झूम उठे। कार्यक्रम में कन्हैया झुनझुनवाला, राजकुमार अग्रवाल, योगी अग्रवाल, संजीव गिलट, बनवारी लाल सुपारी वाले, मोहन राजकोटी, सुनील बनवारी, परसोत्तम अग्रवाल, पंकज डिब्बा वाले, पवन केसर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
गुरु पूर्णिमा एवं गोवर्धन परिक्रमा मेला-2026 के दौरान मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उत्तर मध्य रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। मेले में उमड़ रही भारी भीड़ के बीच स्वयंसेवक दिन-रात सेवा भाव से ड्यूटी निभाते हुए अपनों से बिछड़े यात्रियों को उनके परिजनों से मिलाने और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में 29 जुलाई की सुबह दिल्ली निवासी विजय सिंह को खोजबीन के बाद उनके परिजनों से सकुशल मिलाया गया। वहीं 55 वर्षीय हरिया की गुमशुदा पत्नी ज्ञानबाई को भी खोया-पाया केंद्र की मदद से तलाश कर उनके पति के सुपुर्द किया गया। इसके अलावा संध्या को भी उनकी माता तुलसा जी से सुरक्षित मिलवाया गया। अपनों से मिलते ही परिजनों के चेहरों पर खुशी लौट आई और उन्होंने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। रेलवे प्रशासन के अनुसार, उत्तर मध्य रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के स्वयंसेवक पूरे मेला अवधि में निःस्वार्थ सेवा, मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित सहायता की भावना से कार्य कर रहे हैं। भारी भीड़ के बीच बिछड़े बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के साथ-साथ आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुड़िया मेला-2026 के दौरान मथुरा जंक्शन पर संचालित खोया-पाया केंद्र श्रद्धालुओं के लिए एक भरोसेमंद सहायता केंद्र बनकर उभरा है। यह केंद्र न केवल बिछड़े परिवारों को दोबारा मिलाने का कार्य कर रहा है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराकर मानव सेवा की उत्कृष्ट मिसाल भी पेश कर रहा है।
गुरु पूर्णिमा एवं मुड़िया मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पूरी मुस्तैदी के साथ सेवा कार्यों में जुटा हुआ है। भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ-साथ जरूरतमंद यात्रियों की मानवीय आधार पर सहायता भी लगातार की जा रही है। इसी क्रम में 29 जुलाई 2026 को ऑपरेशन सेवा के तहत मथुरा जंक्शन के प्रथम प्रवेश द्वार पर एक सराहनीय कार्य देखने को मिला। श्रद्धालु यात्री सुरेंद्र कुमार शर्मा, अपनी पत्नी का दिल्ली में डायलिसिस कराकर मथुरा पहुंचे थे। उनकी पत्नी की शारीरिक स्थिति ऐसी थी कि उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी। स्थिति को देखते हुए RPF के सहायक उप निरीक्षक (ASI) मुकेश कुमार एवं महिला कांस्टेबल अनुसूया ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए व्हीलचेयर की व्यवस्था कर महिला यात्री को सुरक्षित रूप से प्लेटफॉर्म से स्टेशन के बाहर तक पहुंचाया। इस दौरान डिप्टी कमर्शियल स्टाफ ने भी पूरा सहयोग प्रदान किया, जिससे महिला यात्री को बिना किसी परेशानी के स्टेशन से बाहर निकाला जा सका। RPF और वाणिज्य विभाग की इस त्वरित एवं संवेदनशील सहायता से प्रभावित होकर सुरेंद्र कुमार शर्मा ने रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया तथा उनकी सेवा भावना की खुलकर सराहना की। वहीं, मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी RPF की तत्परता, मानवीय व्यवहार और समर्पित कार्यशैली की प्रशंसा की। रेलवे प्रशासन ने बताया कि मुड़िया मेला-2026 के दौरान ऑपरेशन सेवा के अंतर्गत बुजुर्ग, दिव्यांग, बीमार एवं असहाय श्रद्धालुओं को लगातार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। रेलवे सुरक्षा बल का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद यात्री को समय पर सहायता देकर उसकी यात्रा को सुरक्षित, सहज और सुविधाजनक बनाना भी है।
गुरु पूर्णिमा एवं मुड़िया मेला-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल ने व्यापक तैयारियां की हैं। इसी क्रम में अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) आगरा गिरीश कुमार गुप्ता एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) अंकित गुप्ता ने बुधवार को मथुरा मेला कंट्रोल रूम तथा मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रवेश द्वार सहित विभिन्न यात्री सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, टिकटिंग, यात्रियों की आवाजाही, उद्घोषणा प्रणाली और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के मार्गदर्शन में 24 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चल रहे मेला अवधि के दौरान मथुरा जंक्शन और गोवर्धन रेलवे स्टेशन पर विशेष प्रबंधन लागू किया गया है। मथुरा मेला कंट्रोल रूम में प्रतिदिन JAG स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो दोनों स्टेशनों की व्यवस्थाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं गोवर्धन रेलवे स्टेशन पर भी प्रतिदिन जूनियर स्केल अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगभग 350 रेल सुरक्षा बल (RPF) के जवान, 90 वाणिज्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, 90 टिकट चेकिंग स्टाफ तथा करीब 85 भारत स्काउट्स एवं गाइड्स स्वयंसेवक शिफ्टवार सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा मथुरा जंक्शन और गोवर्धन स्टेशन पर करीब 280 सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है तथा भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं। रेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इसके अलावा 4 ट्रेनों का अस्थायी ठहराव, 5 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी विस्तार तथा आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन ऑन डिमांड (TOD) सेवा भी उपलब्ध रहेगी। टिकट व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मथुरा जंक्शन पर 21 अतिरिक्त टिकट खिड़कियां और गोवर्धन स्टेशन पर 4 अतिरिक्त टिकट खिड़कियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही M-UTS प्रणाली के माध्यम से भी अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र, हेल्प डेस्क, चिकित्सा सहायता बूथ, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा विभिन्न तकनीकी विभागों की 24×7 तैनाती सुनिश्चित की है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि मुड़िया मेला-2026 के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित रेल यात्रा उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग समन्वित रूप से लगातार निगरानी और सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं।
देश के कई राज्यों में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ समेत कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, गहरे दबाव (Deep Depression) के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा के साथ जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा में भी तेज बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार में लगातार बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की अपील की है। वहीं कई पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रशासन राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखे हुए है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
अमेरिका में चीन से मिलने वाली फंडिंग को लेकर प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की जांच तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने विदेशी फंडिंग, खासकर चीन से जुड़े दान और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों को लेकर कई विश्वविद्यालयों की पड़ताल शुरू की है। प्रशासन का कहना है कि यह जांच राष्ट्रीय सुरक्षा, पारदर्शिता और अमेरिकी छात्रों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, जांच का प्रमुख केंद्र हार्वर्ड विश्वविद्यालय है। अमेरिकी न्याय विभाग यह पता लगा रहा है कि क्या चीन से जुड़े दानदाताओं द्वारा वित्तपोषित छात्रवृत्ति योजनाएं अमेरिकी छात्रों के साथ भेदभाव करती हैं या नहीं। जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि किसी विदेशी फंडिंग के कारण अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचा है या नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो कार्रवाई की जा सकती है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वह सभी लागू अमेरिकी कानूनों का पालन करता है और राष्ट्रीयता, नस्ल या मूल के आधार पर वित्तीय सहायता में अवैध भेदभाव नहीं करता। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगा। वहीं चीन की ओर से कहा गया है कि अमेरिका-चीन के शैक्षणिक सहयोग को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन द्वारा अमेरिकी विश्वविद्यालयों में विदेशी प्रभाव, पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। यदि जांच में किसी तरह का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ संघीय फंडिंग पर असर पड़ सकता है और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
मथुरा के थाना मांट क्षेत्र स्थित राधारानी मानसरोवर कुंड में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्नान करने आए 20 वर्षीय युवक की कुंड में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, गांव नंद नगरिया निवासी यशपाल उर्फ मूला (पुत्र साहब सिंह), उम्र 20 वर्ष, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं के साथ राधारानी मानसरोवर कुंड में स्नान करने पहुंचे थे। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास करते हुए किसी तरह पानी से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना क्षेत्र में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही थाना मांट प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, इस हादसे ने गुरु पूर्णिमा जैसे पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र के गांव टैटीगांव में दो बच्चों की मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में जहां ससुराल पक्ष इसे एक हादसा बता रहा है, वहीं मृतका के मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, नीतू की शादी करीब 13 वर्ष पहले टैटीगांव निवासी राजू से हुई थी। परिवार दूध के कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। ससुराल पक्ष का कहना है कि नीतू ने पानी समझकर गलती से हाइड्रोजन (रसायन) पी लिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों के इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नीतू की मौत सामान्य हादसा नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष अरुण कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मूसलाधार बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। 11 वर्षीय छात्रा चारू कश्यप स्कूल से घर लौटते समय जलभराव के बीच खुले नाले में गिरकर बह गई। घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। प्रशासन, एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी, नगर पालिका और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। जानकारी के अनुसार, चारू बुलंदशहर के मोहल्ला साठा की रहने वाली है और कक्षा 4 की छात्रा है। मंगलवार को भारी बारिश के कारण सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया था। स्कूल की छुट्टी के बाद वह पैदल घर लौट रही थी। रास्ते में एक दुकान के सामने बने खुले और पानी से ढके नाले में उसका पैर फिसल गया और तेज बहाव उसे बहाकर ले गया। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि बच्ची का हाथ छूट गया। हादसे के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और नगर पालिका पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि भारी बारिश और जलभराव के बावजूद बच्चों को सुरक्षित अभिभावकों के सुपुर्द करने के बजाय अकेले घर भेज दिया गया। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुले नाले को ढका नहीं गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। प्रशासन ने तलाशी अभियान का दायरा बढ़ाते हुए काली नदी तक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, क्योंकि संबंधित नाला वहीं जाकर मिलता है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। पूरे इलाके में गम का माहौल है और हर कोई मासूम चारू के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहा है।
वृंदावन की धर्म नगरी स्थित पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग पर बने ललित कुंज आश्रम, राधा किशोरी सेवा धाम, चैतन्य कुटी एवं चरणाश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सनातन संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही आश्रम परिसर में देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं और शिष्यों का तांता लगा रहा। पूरा परिसर भक्ति, वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोष से गूंज उठा। महोत्सव के दौरान हरिदासीय संप्रदाय के शीर्ष संत एवं आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी इन्द्रदेव सरस्वती महाराज तथा फूलडोल महाराज के सानिध्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। सुबह की आरती के बाद शिष्यों ने वैदिक विधि-विधान के साथ अपने गुरुदेव का पूजन-अर्चन किया। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव को पुष्पमालाएं अर्पित कीं, अंगवस्त्र भेंट किए, चंदन का तिलक लगाया और आरती उतारकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के चरणों में फल, मिष्ठान एवं प्रसाद अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान पूरा आश्रम "गुरुदेव की जय" और हरिदासीय संप्रदाय के जयघोष से गूंजता रहा। गुरुदेव ने भी सभी शिष्यों को सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और भक्ति मार्ग पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर ललित कुंज आश्रम के महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में गुरु का स्थान भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो मनुष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में भी गुरु-शिष्य परंपरा समाज को संस्कार, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का कार्य कर रही है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के समापन की ओर बढ़ते ही मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। 23 जुलाई से शुरू हुए इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा और गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ब्रज पहुंचे थे। अब परिक्रमा पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं, जिसके चलते रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। बुधवार को मथुरा जंक्शन पर स्थिति यह रही कि जैसे ही कोई ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंचती, उसमें सवार होने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती। कई ट्रेनों में सीट पाने की होड़ के कारण प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। हालांकि रेलवे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहा और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेनों में चढ़ाने का प्रयास करता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी, स्काउट एवं गाइड की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहीं। आरपीएफ इंस्पेक्टर यू.के. कौशिक अपनी टीम के साथ लगातार प्लेटफॉर्म पर व्यवस्था संभालते नजर आए, जबकि स्टेशन डायरेक्टर सुनील कुमार शर्मा स्वयं यात्रियों को व्यवस्थित ढंग से ट्रेनों में सवार कराने और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवक लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान और प्लेटफॉर्म संबंधी जानकारी देते रहे, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली। रेलवे स्टेशन पर मानवता की मिसाल भी देखने को मिली। बुजुर्ग, दिव्यांग और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सहायता के लिए आरपीएफ और रेलवे कर्मियों ने विशेष व्यवस्था की। कई बुजुर्ग यात्रियों को गोद में उठाकर और व्हीलचेयर के माध्यम से प्लेटफॉर्म से ट्रेन तक पहुंचाया गया तथा सुरक्षित तरीके से उनकी सीट तक बैठाया गया। रेलवे प्रशासन का कहना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं।
गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व पूरे ब्रजमंडल में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इसी क्रम में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भागवत भवन में महर्षि वेदव्यास पूजन से हुई, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूजन कार्यक्रम में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी सहित मंदिर के पदाधिकारी एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने महर्षि वेदव्यास का पूजन कर गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की भारी भीड़ रही और पूरा वातावरण भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। इस अवसर पर आयोजित भंडारे में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा के महत्व को बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है और गुरु के मार्गदर्शन से ही जीवन को सही दिशा मिलती है। कार्यक्रम के दौरान गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने महर्षि वेदव्यास के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेदव्यास ने वेदों का विभाजन, महाभारत की रचना और पुराणों के संकलन के माध्यम से भारतीय संस्कृति और सनातन ज्ञान को समृद्ध किया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और ज्ञान परंपरा के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा ने एंटी पेपर लीक (लोक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन) विधेयक-2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर करीब 10 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सरकार की ओर से जवाब दिया और विपक्ष के विरोध के बीच बिल को सदन की मंजूरी मिल गई। चर्चा के दौरान लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्र आंदोलनों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए, जबकि सरकार ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। सरकार का कहना है कि संशोधन विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों पर सख्ती से रोक लगाना, दोषियों के लिए कड़े दंड, जांच प्रक्रिया को मजबूत करना और सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही भी जरूरी है। विधेयक पारित होने के साथ ही सदन में हंगामा जारी रहा। विपक्ष ने छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने इसे छात्रों के हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया। लोकसभा की कार्यवाही बाद में दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मथुरा के कृष्ण नगर स्थित बैंक कॉलोनी के दुर्गा देवी मंदिर में गुरु दक्षिणा महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और शिष्यों ने भाग लेकर अपने गुरु का पूजन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा और गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर के महंत पंडित रामकृष्ण शास्त्री का शिष्यों ने विधि-विधान से तिलक, पूजन और पुष्प अर्पित कर सम्मान किया। इसके बाद शिष्यों ने परंपरा के अनुसार गुरु दक्षिणा अर्पित की और अपने गुरु से सुख, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने भी गुरु पूर्णिमा के महत्व को समझते हुए इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। इस अवसर पर महंत पंडित रामकृष्ण शास्त्री ने कहा कि गुरु-शिष्य का रिश्ता पिता और पुत्र के समान होता है। जिस प्रकार एक पिता अपने पुत्र को जीवन की सही दिशा देता है, उसी प्रकार गुरु अपने शिष्य को ज्ञान, संस्कार और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना जीवन में सही शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और आध्यात्मिक उन्नति संभव नहीं है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपने गुरु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु का सम्मान और उनके प्रति श्रद्धा भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और समर्पण व्यक्त करने का अवसर है, जो समाज में नैतिक मूल्यों और संस्कारों को मजबूत करने का संदेश देता है।
मथुरा के थाना नौहझील पुलिस ने गौवध एवं पशु क्रूरता अधिनियम से जुड़े मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह चलाए गए अभियान के दौरान आरोपी को टौली मोहल्ला से बाजना कट की ओर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान चाँद पुत्र यामीन, निवासी टौली मोहल्ला, थाना नौहझील, जनपद मथुरा के रूप में हुई है। वह मु0अ0सं0 187/2026 में पशु क्रूरता अधिनियम एवं गौवध निवारण अधिनियम के तहत वांछित चल रहा था। पुलिस ने उसे 29 जुलाई 2026 को सुबह करीब 6:45 बजे दबिश देकर गिरफ्तार किया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके विरुद्ध गौवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट सहित कई अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं, विस्फोटक अधिनियम तथा उत्तर प्रदेश गुंडा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। इस गिरफ्तारी अभियान का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक अंजीश कुमार सिंह ने किया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रजत गर्ग, कांस्टेबल दीपक चौधरी और कांस्टेबल राधास्वामी भी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि जनपद में अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष कार्रवाई की जा रही है।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मथुरा स्थित आसाराम आश्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही आश्रम परिसर में गुरु पूजन, अभिषेक, हवन, सत्संग और भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया और पंडाल में बैठकर पूर्व में रिकॉर्ड किए गए प्रवचनों को ऑडियो-वीडियो माध्यम से सुना। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। आश्रम समिति के अध्यक्ष शंकर लाल बंसल ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालु आश्रम पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे दिन अभिषेक, हवन, सत्संग और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आश्रम के संचालक प्रकाश भाई ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु आश्रम पहुंचे और सत्संग में शामिल हुए। उनके अनुसार, गुरु के प्रति लोगों की आस्था आज भी बनी हुई है और इसी भावना के साथ श्रद्धालु दर्शन एवं धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान आश्रम से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने आसाराम से संबंधित मामलों पर अपनी राय भी रखी। उन्होंने उन्हें निर्दोष बताया और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साजिश बताया। यह आश्रम पदाधिकारियों का दावा है। उल्लेखनीय है कि आसाराम को यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में अदालतों द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है और वे सजा काट रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों का नजदीकी स्कूलों में विलय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विलय के बाद खाली होने वाले विद्यालयों में प्री-प्राइमरी पाठशालाओं का संचालन किया जाएगा। मंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार पहली बार सरकारी स्तर पर प्री-प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत करने जा रही है, जिससे छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पहले नकल रोकने के लिए अध्यादेश लाया गया था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने उसे समाप्त कर दिया। साथ ही उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बजट और संसाधनों में ऐतिहासिक वृद्धि की है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश का शिक्षा बजट पूर्ववर्ती सरकार के समय लगभग 28 हजार करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 1 लाख 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर दिया गया है। इस अतिरिक्त निवेश का उद्देश्य विद्यालयों की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। मंत्री ने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकारी विद्यालयों में नामांकन 1.34 करोड़ से बढ़कर 1.90 करोड़ हो गया है, जबकि ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत रह गई है। इसके अलावा ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़े 19 मानकों पर 36 प्रतिशत से बढ़ाकर 97 प्रतिशत तक सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को बेहतर, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
मथुरा के थाना कोसीकलां पुलिस को बुधवार तड़के बड़ी सफलता मिली। 23 जुलाई को ग्राम ऐंच स्थित अस्थायी गौशाला में कर्मचारी पर हमला कर गोवंश ले जाने की घटना में वांछित दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसमें आरक्षी सोनू गोली लगने से घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं एक अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर बुधवार रात करीब 12:25 बजे नाले पर बने कूड़ेदान के पास संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान बाइक सवार आरोपियों ने पुलिस पर चार राउंड फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में राजू पुत्र जसौन्दी निवासी बुलंदशहर के बाएं पैर तथा एहसान पुत्र नवाब के दाहिने पैर में गोली लगी। दोनों घायलों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। घायल आरक्षी सोनू को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो अवैध .315 बोर तमंचे, छह जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो रस्से और 9 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद रस्सों का इस्तेमाल गौवंश को ले जाने में किया जाता था। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गौवध अधिनियम, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं आरोपी एहसान पर भी गौवध अधिनियम, हत्या के प्रयास (पूर्व दर्ज मामला) और अन्य आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब फरार तीसरे आरोपी की तलाश के साथ-साथ दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
उत्तराखंड के देहरादून में भारी बारिश के बीच नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बने 16 करोड़ रुपये के नए पुल की एप्रोच रोड धंस गई। हैरानी की बात यह है कि इस पुल को जनता के लिए खोले जाने के महज 17 दिन बाद ही यह घटना सामने आई, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद पुल से जुड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे देहरादून–पांवटा साहिब हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। हालांकि जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) का कहना है कि पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड के नीचे से भारी बारिश के कारण मिट्टी बह जाने से यह नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करा दिया और यातायात बहाल करने के निर्देश दिए। इस घटना के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने मौके पर प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पुल अभी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड में है, इसलिए मरम्मत का पूरा खर्च निर्माण करने वाली कंपनी ही उठाएगी। विभाग का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे सड़क धंस गई, जबकि पुल की संरचना सुरक्षित है। घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संसद के मानसून सत्र में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है। लोकसभा में मंगलवार को शुरू हुई चर्चा बुधवार को भी जारी रही। इस दौरान विपक्ष ने सरकार से पेपर लीक मामलों, एनटीए की जवाबदेही और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा, जबकि सरकार ने विधेयक को परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। बुधवार को लोकसभा में राहुल गांधी के इस विधेयक पर बोलने की संभावना को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा उत्साह रहा। वहीं विपक्षी सांसदों ने सरकार से सवाल किया कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई। कुछ सांसदों ने एनटीए के कामकाज और परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए। सरकार की ओर से कहा गया कि यह संशोधन विधेयक परीक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसने, दोषियों को कड़ी सजा देने और सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार ने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि छात्रों के हित में बनाए गए कानून पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उधर, राज्यसभा में विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई। दोनों सदनों में पेपर लीक का मुद्दा केंद्र में बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस विधेयक पर आगे की चर्चा और निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
महावन स्थित गोकुल-महावन मार्ग के रमणरेती आश्रम में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और गुरु वंदना का भव्य आयोजन हुआ। सुबह से ही आश्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सबसे पहले आश्रम के संतों एवं ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कार्ष्णि गुरुशरणानंद जी महाराज का विधि-विधान से अभिषेक एवं गुरु पूजन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आश्रम परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्तिमय माहौल देखने को मिला। गुरु पूजन के उपरांत देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालु एवं शिष्य अपने गुरु के दर्शन और पूजन के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ गुरु का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम में दिनभर भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चारण और गुरु महिमा का गुणगान होता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। आश्रम के मीडिया प्रभारी हरदेवानंद जी महाराज ने बताया कि प्रातःकाल अभिषेक के बाद संतों एवं ऋषिकुमारों द्वारा गुरु पूजन संपन्न कराया गया। इसके बाद दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए गुरु दर्शन एवं पूजन का क्रम शुरू हुआ, जो लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा सनातन परंपरा में गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आश्रम प्रबंधन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के गुरु के दर्शन और पूजन कर सकें। श्रद्धालुओं ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बताया।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोवर्धन धाम में अचानक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं का सैलाब परिक्रमा मार्ग पर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा गोवर्धन धाम भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। परिक्रमा मार्ग, दानघाटी, मानसी गंगा, राधाकुंड, पूछरी का लौठा और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नंगे पैर गिरिराज महाराज की परिक्रमा करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना करते नजर आए। जगह-जगह चल रहे भंडारे, जल सेवा शिविर और धार्मिक आयोजनों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन, मेला प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट रहा। परिक्रमा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही चिकित्सा शिविर, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं का कहना था कि गुरु पूर्णिमा के दिन गिरिराज महाराज की परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। उनका विश्वास है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई परिक्रमा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और गुरु तथा भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूरे दिन गोवर्धन धाम "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष से गूंजता रहा।
मथुरा में श्री श्याम लखदातार परिवार की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन मंडी चौराहा स्थित बादल अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर किया गया। बैठक में संगठन की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया तथा आगामी धार्मिक, सामाजिक एवं जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों की सहमति से बादल अग्रवाल को श्री श्याम लखदातार परिवार, मथुरा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। नवनियुक्त अध्यक्ष का सदस्यों ने पुष्पमालाएं पहनाकर स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सदस्यों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन सेवा, धर्म और समाजहित के कार्यों को नई गति देगा तथा अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का कार्य करेगा। अध्यक्ष बनने के बाद बादल अग्रवाल ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य एकजुट होकर सेवा, धर्म और समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि समाज के जरूरतमंद लोगों तक संगठन की सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंच सकें। उन्होंने धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक के अंत में नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं उपस्थित सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर संगठन के उपाध्यक्ष राहुल (पोशाक जी वालों) ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री श्याम लखदातार परिवार भविष्य में धार्मिक आयोजन, समाजहित के कार्यक्रम और जनसेवा के कार्यों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित करेगा, जिससे संगठन की सामाजिक भूमिका और अधिक सशक्त हो सके।
विश्व प्रसिद्ध गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले में जहां लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात है, वहीं मेले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी का दिल छू लिया। यह तस्वीर बताती है कि कर्तव्य और मातृत्व जब साथ चलते हैं तो समर्पण की मिसाल बन जाते हैं। अलीगढ़ में तैनात महिला कांस्टेबल अनीता रानी मेले में सुरक्षा ड्यूटी के लिए गोवर्धन पहुंचीं। सौख अड्डा चौराहे पर ड्यूटी के दौरान वह अपने तीन वर्षीय बेटे रुद्रांश को गोद में लेकर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालती नजर आईं। एक ओर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, दूसरी ओर वर्दी की जिम्मेदारी और साथ में अपने मासूम बेटे की देखभाल—इन सबके बीच अनीता रानी पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाती रहीं। महिला कांस्टेबल की यह तस्वीर देखते ही लोगों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मातृत्व को सलाम किया। श्रद्धालुओं ने भी इस दृश्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं संभालते, बल्कि कई बार व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच भी समाज की सेवा में पूरी निष्ठा से जुटे रहते हैं। यह तस्वीर केवल एक महिला पुलिसकर्मी की नहीं, बल्कि उन तमाम मातृशक्ति का प्रतीक है जो अपने परिवार और अपने पेशे—दोनों जिम्मेदारियों को समान समर्पण के साथ निभाती हैं। गोद में मासूम बेटा और चेहरे पर ड्यूटी का संकल्प—मुड़िया पूर्णिमा मेले से आई यह तस्वीर सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की ऐसी मिसाल बन गई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
आईआईटी कानपुर में बीटेक साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम में प्रवेश नहीं मिलने के बाद एक छात्र ने संस्थान की वेबसाइट हैक कर दी। छात्र ने वेबसाइट पर "Site is Hacked, All I Need Is Just a Fair Chance" यानी "मुझे सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहिए" संदेश छोड़ दिया और बाद में इसकी जिम्मेदारी लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर स्क्रीनशॉट भी साझा किए। छात्र का दावा था कि उसका मकसद किसी तरह का नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स साबित करना था। जानकारी के अनुसार, छात्र ने आईआईटी कानपुर के नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम के लिए आवेदन किया था। उसने आवेदन शुल्क जमा किया, आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए और अपने साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्यों का विवरण भी दिया, लेकिन वह चयन प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद उसने संस्थान की वेबसाइट में सेंध लगाकर अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने की कोशिश की। छात्र ने यह भी दावा किया कि उसने आईआईटी मद्रास की वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच बनाई थी। घटना सामने आने के बाद संस्थान के सामने छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का विकल्प था, लेकिन आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने अलग रास्ता अपनाया। उन्होंने कहा कि छात्र का भविष्य खराब करने के बजाय उसकी तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि वह परीक्षण में अपनी योग्यता साबित करता है, तो उसे C3iHub (आईआईटी कानपुर का साइबर सुरक्षा एवं नवाचार केंद्र) में इंटर्नशिप का अवसर दिया जा सकता है। हालांकि, मौजूदा शैक्षणिक सत्र में प्रवेश संभव नहीं है और छात्र अगले वर्ष फिर से आवेदन कर सकता है। आईआईटी प्रशासन ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी संस्थान की वेबसाइट हैक करना गैरकानूनी है और किसी भी छात्र को अवसर पाने के लिए ऐसे तरीके नहीं अपनाने चाहिए। संस्थान ने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं का स्वागत है, लेकिन उन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिए कानूनी और उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अन्य छात्रों के लिए सही संदेश देने की कोशिश भी है।
आगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यालय से जुड़ा एक कथित फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। पार्टी पदाधिकारियों का आरोप है कि वीडियो को एडिट कर भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। BJP नेताओं ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है और वीडियो बनाने व उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि वायरल सामग्री से आम लोगों को गुमराह करने और राजनीतिक माहौल प्रभावित करने की कोशिश की गई है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो की तकनीकी जांच, उसके मूल स्रोत, एडिटिंग और सोशल मीडिया पर प्रसार की पूरी पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में वीडियो फर्जी या भ्रामक पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आईटी एक्ट एवं अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या सूचना को बिना सत्यापन के साझा न करें, क्योंकि भ्रामक सामग्री कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा शहर के व्यस्त मंगल बाजार में खरीदारी के दौरान एक महिला का पर्स चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पीड़िता ने बताया कि वह बाजार में खरीदारी कर रही थीं, तभी भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात चोर ने उनके बैग से पर्स चोरी कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने आसपास तलाश की, लेकिन पर्स का कोई सुराग नहीं मिला। पर्स में नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे होने की बात सामने आई है। घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में सक्रिय जेबकतरे और पर्स चोर अक्सर लोगों की जरा-सी असावधानी का फायदा उठाते हैं। इसलिए नागरिकों को खरीदारी के दौरान अपने कीमती सामान, मोबाइल और पर्स की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मामले में जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और बाजार आने वाले लोगों ने बाजार क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मथुरा जंक्शन पर एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही एक महिला यात्री अचानक फिसल गई। महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरने ही वाली थी कि मौके पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत दौड़कर उसे सुरक्षित बाहर खींच लिया। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला जल्दबाजी में चलती ट्रेन में सवार होने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच फंसने की स्थिति में पहुंच गई। तभी ड्यूटी पर मौजूद RPF कांस्टेबल विजय सिंह ने बिना एक पल गंवाए तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित खींच लिया और एक बड़ी दुर्घटना होने से बचा लिया। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने RPF जवान की बहादुरी और सतर्कता की जमकर सराहना की। CCTV फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग जवान के साहस को सलाम कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर समय पूरी मुस्तैदी से तैनात रहता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें, क्योंकि ऐसी छोटी-सी लापरवाही जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है। समय से स्टेशन पहुंचें और ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से यात्रा करें।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रजधाम का वातावरण पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। गोवर्धन, वृंदावन, राधाकुंड और आसपास के धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु पूजन, गोवर्धन परिक्रमा और संत-महात्माओं के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु घंटों तक कतारों में खड़े रहकर अपने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। आश्रम परिसर में पूरे दिन भजन-कीर्तन, सत्संग, गुरु वंदना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। गोवर्धन की 21 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ के चलते हर ओर "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक परिक्रमा कर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए। जगह-जगह पुलिस बल, यातायात व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस सेवा तथा पेयजल एवं सफाई की विशेष व्यवस्था की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर गोवर्धन और वृंदावन एक बार फिर सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और अटूट आस्था के अद्भुत संगम के साक्षी बने। श्रद्धालुओं का उत्साह, भक्ति और अनुशासन पूरे ब्रज क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र रहा।
विश्व प्रसिद्ध 470वें गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले में देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा करने पहुंचे। परिक्रमा पूरी करने के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति, आस्था और संतोष साफ दिखाई दिया। किसी ने इसे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताया तो किसी ने कहा कि "गिरिराज महाराज का बुलावा आए बिना यहां कोई नहीं आ सकता।" राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर वर्ष मुड़िया पूर्णिमा पर गोवर्धन पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं का कहना था कि गिरिराज महाराज की परिक्रमा करने से मन को शांति मिलती है, सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना लेकर परिक्रमा करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मेले की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उनका कहना था कि पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सफाई व्यवस्था, पेयजल, भंडारे और सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होने से उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं जगह-जगह चल रहे भंडारे, जल सेवा शिविर और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले की भव्यता को और बढ़ा दिया। आस्था और भक्ति से सराबोर श्रद्धालुओं ने एक स्वर में कहा कि "गिरिराज महाराज की कृपा से ही परिक्रमा सफल हुई और अगली मुड़िया पूर्णिमा पर भी फिर से आने की प्रार्थना है।" गोवर्धन धाम इन दिनों पूरी तरह राधे-राधे और गिरिराज महाराज की जय के जयघोष से गूंज रहा है, जहां श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
विश्व प्रसिद्ध गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु लगातार मथुरा पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। स्टेशन के प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार और प्रतीक्षालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नजर आए। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जीआरपी, आरपीएफ, स्काउट एंड गाइड, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), डॉग स्क्वॉड सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। स्टेशन परिसर में लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं। जिन ट्रेनों से श्रद्धालुओं को यात्रा करनी थी, वहां कोचों और खिड़कियों के पास भी सुरक्षा कर्मियों की विशेष तैनाती की गई, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके। इसके अलावा मथुरा जंक्शन की थर्ड एंट्री पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, रोडवेज विभाग ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले में श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए करीब 1000 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे आसानी से गोवर्धन पहुंच सकें। इस संबंध में सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित और क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज बी.पी. अग्रवाल ने बताया कि मेले को लेकर रेलवे और रोडवेज विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
मुड़िया पूर्णिमा मेले के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को गोवर्धन पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अपने काफिले के साथ आन्यौर परिक्रमा मार्ग स्थित पूछरी के लौठा पहुंचकर गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर रहे लाखों श्रद्धालुओं की सेवा की। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं ने "गिरिराज महाराज की जय" के जयकारों के साथ जोरदार स्वागत किया और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सबसे पहले श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए जल सेवा केंद्र का निरीक्षण किया और अपने हाथों से श्रद्धालुओं को पानी और शरबत वितरित किया। इसके बाद वह समीप आयोजित भंडारे में पहुंचे, जहां उन्होंने स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसकर सेवा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुड़िया पूर्णिमा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने भंडारा आयोजित करने वाले सेवा भावी लोगों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की। इस दौरान राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेड़म भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और मेले की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पूछरी के लौठा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। एटीएस कमांडो, उत्तर प्रदेश पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई थी। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। वहीं, परिक्रमा मार्ग पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी मुख्यमंत्री और श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से मेले का उत्साह और भी बढ़ गया तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।