दूरबीन से ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, दूसरे ऑपरेशन के बाद गई महिला की जान
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थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के एक शिव मंदिर में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खु...

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच मानवता और बहादुरी की...

हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को भी मौसम ने कहर बरपाया। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच चंबा जिले के पा...

NEET पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच Cockroach Janta ...

नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मा...

गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने दक्षिण गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों ...

NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)...

NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशभर में जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्...
मथुरा। गोवर्धन चौराहा स्थित आरएस स्टोन अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान 54 वर्षीय बेगवती, निवासी हाथरस गेट, के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) के दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने पर बिना उनकी सहमति दूसरा ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद मरीज की हालत और गंभीर हो गई तथा अंततः उनकी मौत हो गई। मृतका की बहन सुमन का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी बेगवती की हालत ठीक नहीं थी, लेकिन डॉक्टर उन्हें छुट्टी देने का दबाव बना रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर आनन-फानन में दूसरा ऑपरेशन कर दिया गया और देर रात तक परिजनों को वेंटिलेटर के नाम पर भरोसा दिलाया जाता रहा। उनका कहना है कि जब रात करीब 12 बजे रेफर करने की बात कही गई, तब तक बेगवती की मौत हो चुकी थी। वहीं, मृतका के बेटे प्रमोद ने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत कार्ड होने के बावजूद जांच और दवाओं के नाम पर 45 से 50 हजार रुपये वसूले गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि तहरीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वृंदावन। यमुना नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने की मांग को लेकर बिहार घाट पर पिछले छह दिनों से अनशन पर बैठे समाजसेवी दीपक शर्मा ने शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया। धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा और एसडीएम राजकुमार चौधरी ने दीपक शर्मा से वार्ता की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने माना कि उठाए गए अधिकांश मुद्दे जनहित और यमुना संरक्षण से जुड़े हैं तथा इन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उन पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। वहीं, यमुना में गिर रहे नालों की टैपिंग जैसे दीर्घकालिक और बड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी। अनशन समाप्त होने के बाद समाजसेवी दीपक शर्मा ने उम्मीद जताई कि प्रशासन अपने आश्वासन पर अमल करेगा और यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी प्रशासन के इस आश्वासन का स्वागत करते हुए समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
मथुरा। जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत 'जेके लक्ष्मी विद्या योजना' के अंतर्गत पुलिस मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों को स्टडी किट वितरित की। इस किट में स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां और पानी की बोतल शामिल थीं। शैक्षणिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम में एसएसपी श्लोक कुमार, सीओ सिटी आशना चौधरी, पुलिस मॉडर्न स्कूल की प्रधानाचार्य तथा जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने हाथों से बच्चों को स्टडी किट वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सीओ सिटी आशना चौधरी ने कंपनी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जेके लक्ष्मी सीमेंट द्वारा उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक सामग्री बच्चों की पढ़ाई को नई दिशा देगी और उन्हें बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सामाजिक पहल बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय प्रशासन और कंपनी प्रतिनिधियों ने भी शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के सहयोग को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
मथुरा। दूसरों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले समाजसेवी ताराचंद गोस्वामी आज खुद न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मामला गोविंद नगर थाना क्षेत्र के रूपम सिनेमा के पास का है, जहां 3 जुलाई को दवा लेकर घर लौटते समय उनकी बाइक को पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कार चालक मौके से फरार हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दुर्घटना के बाद गोविंद नगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि उनके पास घटना के सीसीटीवी फुटेज मौजूद थे, जिनमें कथित रूप से कार का नंबर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद उन्हें मसानी चौकी और गोविंद नगर थाने के बीच लगातार चक्कर लगाने पड़े और मुकदमा दर्ज करने में देरी की गई। परिजनों के अनुसार, जब घायल समाजसेवी स्वयं अधिकारियों के पास पहुंचे, तब सीओ सिटी के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया। हालांकि उनका आरोप है कि रिपोर्ट अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ दर्ज की गई, जबकि उनके अनुसार वाहन की पहचान संभव थी। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस से दुर्घटना में शामिल वाहन और चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल यह आरोप पीड़ित पक्ष के हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होगी।
मथुरा में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि वर्षों से समाजसेवा में जुटे ताराचंद गोस्वामी को कार ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की। मामला गोविंद नगर थाना क्षेत्र के रूपम सिनेमा के पास का है। बताया जा रहा है कि 3 जुलाई को ताराचंद गोस्वामी दवा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कार चालक मौके से फरार हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज में कार का नंबर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। इसके बावजूद गोविंद नगर पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय परिजनों को मसानी चौकी और थाने के चक्कर लगवाए। आरोप है कि जब घायल समाजसेवी स्वयं अधिकारियों के पास पहुंचे, तब सीओ सिटी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार का नंबर उपलब्ध होने के बावजूद रिपोर्ट अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ दर्ज की गई। अब सवाल यह है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी चालक तक कब पहुंचती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने 50 लाख रुपये की रंगदारी और लूट के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए हिंदू रक्षा दल के युवा जिलाध्यक्ष हेमंत शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने दिल्ली के सीलमपुर निवासी कबाड़ी कारोबारी जफर की स्क्रैप से भरी बोलेरो पिकअप को हाईवे पर रोक लिया और चालक व परिचालक को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस का कहना है कि धमकी के बाद पीड़ित पक्ष ने 9 लाख रुपये आरोपियों को दिए, जिसके बाद चालक और परिचालक को छोड़ा गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रंगदारी की रकम में से 50 हजार रुपये नकद, लूटी गई महिंद्रा बोलेरो और विद्युत केबल बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपने कई साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी लूट की घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोवर्धन चौराहे से करीब 200 मीटर आगे जैन चौरासी मंदिर के सामने दिल्ली हाईवे पर बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यापारी के कर्मचारी को निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक बदमाश करीब 80 से 85 लाख रुपये मूल्य की सोने की धातु लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ, स्वाट टीम, एसओजी टीम समेत थाना हाईवे की कई पुलिस टीमें पहुंच गईं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान व्यापारी के कर्मचारी समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। लूट की रकम और वारदात की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
धर्मनगरी वृंदावन में प्रमुख मंदिरों के बाहर ई-रिक्शा चालकों और अवैध रूप से संचालित बाइकर्स की मनमानी से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि मंदिरों के मुख्य मार्गों और दुकानों के सामने अवैध पार्किंग के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर व्यापार पर पड़ रहा है। दुकानों के सामने वाहनों की लंबी कतारें लगने से ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है, वहीं देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आरोप यह भी है कि कुछ अवैध बाइकर्स और ई-रिक्शा चालक श्रद्धालुओं को एक मंदिर से दूसरे मंदिर ले जाने के नाम पर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। रंगजी मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर भी दिनभर ई-रिक्शा और अन्य वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि रंगजी पुलिस चौकी पास में होने के बावजूद अवैध पार्किंग और जाम की समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से संचालित वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को राहत मिल सके।
मथुरा। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले को लेकर रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटा है। इसी क्रम में शुक्रवार को आगरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) गगन गोयल ने मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान DRM ने प्लेटफॉर्मों की साफ-सफाई, सर्कुलेटिंग एरिया में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, ट्रेनों के सुचारु संचालन, सुरक्षा प्रबंध तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के गेट नंबर-1 पर श्रद्धालुओं के ठहरने की विशेष व्यवस्था की है। वहीं, यात्रियों की सहायता के लिए स्काउट एवं गाइड द्वारा हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैरिकेडिंग की गई है। मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और केंद्रीय गौ संरक्षण कानून बनाए जाने की मांग को लेकर मथुरा में 27 जुलाई को भव्य गौ सम्मान शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इस कार्यक्रम की जानकारी शुक्रवार को मसानी बायपास लिंक रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी गई। इस मौके पर हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, कन्हैया लाल अग्रवाल, भूपेश बाबा, सुनील मान मंदिर वाले सहित अभियान समिति के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, 27 जुलाई की सुबह सभी गौभक्त और कार्यकर्ता बी.एन. पोद्दार इंटर कॉलेज में एकत्रित होंगे। इसके बाद शोभायात्रा होली गेट से होकर बी.एन. पोद्दार इंटर कॉलेज होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। अभियान समिति ने जिले के संत-महात्माओं, गौसेवकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, मातृशक्ति और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
गोवर्धन स्थित प्रसिद्ध माँ मंशा देवी मंदिर में चोरी और चढ़ावे को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया है। मंदिर के पुजारी की पत्नी शिखा चतुर्वेदी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मंदिर में चोरी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे परिवार को बदनाम करने की साजिश करार दिया। शिखा चतुर्वेदी का कहना है कि उनका परिवार पिछले करीब 125 वर्षों से पारंपरिक रूप से मंदिर की सेवा करता आ रहा है। उनका आरोप है कि दीवान सिंह और कुछ अन्य लोग कथित ट्रस्ट के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग कर रहे थे। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया। वहीं, दीवान सिंह ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर में चोरी पुजारी परिवार द्वारा की गई है और उनके पास इसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि महापंचायत के बाद आरोपियों को मंदिर से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मथुरा/गोवर्धन। राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले के दूसरे दिन भी नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान पूरी रफ्तार से जारी रहा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निगम की टीम ने मंडी चौराहे से सौंख-गोवर्धन मार्ग तक सड़क किनारे किए गए अस्थायी और अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों और नगर निगम की टीम ने सड़क किनारे लगाए गए अवैध ठेले, टीन-शेड, अस्थायी निर्माण और अन्य बाधाओं को हटाया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने स्वयं ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्नेहा लता और नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने स्पष्ट कहा कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि दोबारा किसी ने अतिक्रमण किया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मुड़िया पूर्णिमा मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां भी अतिक्रमण की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है ताकि परिक्रमा मार्ग और प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला अवधि समाप्त होने तक अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुड़िया पूर्णिमा मेले को लेकर शासन और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग आगरा अनिल कुमार झा और क्षेत्राधिकारी जीआरपी राजेश दीक्षित मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक रेलवे अनिल कुमार झा ने बताया कि 24 जुलाई से 30 जुलाई तक मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ रहने की संभावना है। इसे देखते हुए मथुरा जंक्शन सहित रेलवे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को दो जोन में विभाजित किया गया है, जहां हर गतिविधि पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में 450 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस सामान पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा दावा किया है। CJP नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने कल दोपहर तक का समय मांगा है। CJP का कहना है कि जब तक इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने यह भी कहा कि यदि तय समय तक संतोषजनक फैसला नहीं आया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में CJP का यह दावा फिलहाल उनके बयान पर आधारित है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में जारी है।
NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशभर में जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और सख्त बनाने वाले संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई। सरकार इसे अगले सप्ताह संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के दोषियों को अधिकतम 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। साथ ही मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी अधिकार दिए जाएंगे, ताकि जांच और सुनवाई निर्धारित समय में पूरी हो सके। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इसी बीच, छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में वार्ता भी हुई। सरकार एक ओर आंदोलनरत छात्रों से संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को जल्द ही एक नया और अत्याधुनिक विधानसभा परिसर मिलने जा रहा है। गोमती नगर स्थित सहारा सिटी में करीब 200 एकड़ क्षेत्रफल में कमल के आकार का नया विधानसभा भवन बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए तैयार किए गए विभिन्न डिजाइनों में से कमल की आकृति वाले मॉडल को अंतिम रूप दिया गया है। निर्माण कार्य अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है। नए विधानसभा परिसर में 700 सीटों वाली विधानसभा, 200 सीटों वाली विधान परिषद और 1000 सीटों की क्षमता वाला संयुक्त सत्र हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक सचिवालय, मुख्यमंत्री आवास, विधायक हॉस्टल, वीवीआईपी प्रशासनिक ब्लॉक और अन्य सरकारी सुविधाएं भी इसी परिसर का हिस्सा होंगी। परियोजना के तहत 5,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग, चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र, डिजिटल सुविधाएं और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। साथ ही प्रत्येक जिले के प्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग बैठक और चर्चा की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, ताकि भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सोशल मीडिया पर प्रस्तावित भवन का मॉडल साझा करते हुए बताया कि यह परिसर उत्तर प्रदेश को एक नई स्थापत्य पहचान देगा। ऊपर से देखने पर भवन की संरचना कमल की पंखुड़ियों जैसी दिखाई देगी, जो भारतीय संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला का अनूठा संगम होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अनुसार, इस परियोजना के लिए देशभर की 48 कंसल्टेंट एजेंसियों ने अपने डिजाइन प्रस्तुत किए थे। इनमें से चयनित डिजाइनों में कमल के आकार वाले मॉडल को प्राथमिकता दी गई है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में ट्रैफिक चालान को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ऑटो चालक ने कथित तौर पर चालान कटने से नाराज होकर आत्मदाह का प्रयास किया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस ने एक थ्री-व्हीलर का चालान किया था। चालक का आरोप है कि बिना किसी वजह के उसका चालान काट दिया गया। इसी बात से नाराज होकर वह पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि उसने अपने पास रखा तेल निकालकर खुद पर उड़ेल लिया और आग लगाने की कोशिश करने लगा। चालक की हरकत देखते ही मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी और होमगार्ड तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने फुर्ती दिखाते हुए चालक को पकड़ लिया और आग लगाने से रोक दिया। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद पुलिस चालक को गंगाघाट कोतवाली ले गई, लेकिन वहां भी उसने विरोध जारी रखा। कभी वह थाने के बाहर जमीन पर लेट गया तो कभी पुलिस पर अन्याय करने का आरोप लगाता रहा। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस के अनुसार, चालक को समझाइश देने के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग विरोध के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कई लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित नवादा चौराहे पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रोडवेज बस की चपेट में आने से एक महिला और एक पुरुष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक गांव बेरी के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, यातायात को सुचारु कराया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। नोट: यह जानकारी प्रारंभिक पुलिस और स्थानीय सूत्रों के आधार पर है। जांच पूरी होने के बाद तथ्य अपडेट हो सकते हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव से पहले मथुरा नगर निगम ने शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (CM-GRIDS) के तहत चल रहे सड़क निर्माण, मरम्मत और पेचवर्क कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन्माष्टमी से पहले सभी प्रमुख मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जाए। नगर निगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने भाग लिया। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया गया। बैठक के दौरान खुदाई के बाद छोड़ी गई सड़कों, क्षतिग्रस्त मार्गों, अधूरे निर्माण कार्यों और पेचवर्क की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कार्यों की प्रगति रिपोर्ट लेते हुए गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की सड़कें बेहतर, सुरक्षित और यातायात के लिए पूरी तरह तैयार होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम का लक्ष्य है कि जन्माष्टमी से पहले शहर के सभी प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित, सुगम और बेहतर यातायात व्यवस्था के अनुरूप तैयार हो जाएं।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। हसनपुर क्षेत्र के धोरिया गांव की तीन सगी बहनें—सरोज, सावित्री और संतोष—ने एक ही युवक विकास उर्फ विक्कू से शादी करने का दावा किया है। शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। शुरुआत में लोगों ने इसे सोशल मीडिया कंटेंट या रील का हिस्सा माना, लेकिन बाद में तीनों बहनों और युवक ने वीडियो जारी कर कहा कि यह शादी पूरी तरह वास्तविक है। उनका कहना है कि बचपन से वे हमेशा साथ रही हैं और अलग-अलग घरों में शादी होने के बाद एक-दूसरे से बिछड़ना नहीं चाहती थीं। इसलिए उन्होंने आपसी सहमति से एक ही युवक से विवाह करने का फैसला लिया। तीनों बहनों का कहना है कि उनके परिवार वाले अलग-अलग जगह शादी तय कर रहे थे, लेकिन वे अलग नहीं रहना चाहती थीं। उन्होंने दावा किया कि तीन भाइयों वाला परिवार नहीं मिलने पर उन्होंने एक ही व्यक्ति से शादी कर साथ रहने का निर्णय लिया। वहीं युवक विकास ने कहा कि उसने यह फैसला बहनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया ताकि वे हमेशा साथ रह सकें। हालांकि, इस शादी को लेकर विवाद भी गहरा गया है। जिस चामुंडा मंदिर में शादी का वीडियो बनाया गया, वहां के पुजारियों ने मंदिर परिसर में ऐसी किसी आधिकारिक शादी से इनकार किया है। वहीं कुछ स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस घटना का विरोध जताया है और इसे परंपराओं के खिलाफ बताया है। इस मामले ने कानूनी बहस भी छेड़ दी है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक हिंदू पुरुष का एक समय में एक से अधिक महिलाओं से विवाह वैध नहीं माना जाता, इसलिए इस विवाह की कानूनी मान्यता पर सवाल उठ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब भैरमपुर गांव निवासी राम सिंह एक हाथ में कुल्हाड़ी और दूसरे हाथ में प्रार्थना पत्र लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय पहुंच गया। उसने अधिकारियों के सामने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और फिल्म घायल के मशहूर डायलॉग, "ये मजदूर का हाथ है कातिया..." का हवाला देते हुए चेतावनी भरे अंदाज में अपनी बात रखी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। राम सिंह ने खुद को पृथ्वीराज चौहान का वंशज बताते हुए दावा किया कि वह मजदूर है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने आया है। उसने कहा कि व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किसी न किसी को भगत सिंह बनना पड़ेगा। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आया। पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि राम सिंह का उनके साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि उसने रास्ता खोद रखा है, नाली बंद कर दी है और विरोध करने पर गाली-गलौज व प्रताड़ित करता है। पुलिस ने भी पड़ोसियों के बयान सामने आने की पुष्टि की है।
मथुरा। विश्व प्रसिद्ध गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी एवं लाइसेंस प्राधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने गोवर्धन और राधाकुंड क्षेत्र में संचालित शराब, भांग और मॉडल शॉप को 28 जुलाई शाम 5 बजे से 29 जुलाई शाम 5 बजे तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, गोवर्धन नगर पंचायत और राधाकुंड नगर पंचायत के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित सभी संबंधित देशी मदिरा, कम्पोजिट, भांग की दुकानें तथा एक मॉडल शॉप निर्धारित अवधि तक पूरी तरह बंद रहेंगी। यह आदेश संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम, 1910 की धारा-59 के तहत जारी किया गया है। बंदी के दायरे में गोवर्धन नंबर-1, गोवर्धन-डीग रोड, सकीतरा, राधाकुंड तिराहा सहित विभिन्न क्षेत्रों की शराब और भांग की दुकानें शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के लिए संबंधित अनुज्ञापियों को किसी प्रकार का मुआवजा या प्रतिकर देय नहीं होगा। प्रशासन का कहना है कि मुड़िया पूर्णिमा मेले में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं तथा श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मथुरा। जैंत थाना क्षेत्र के राल गांव निवासी 20 वर्षीय कान्हा के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवक के परिजनों ने पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि 10 जुलाई की शाम कान्हा घर से अपनी ससुराल जानू गांव जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। अगले दिन उसकी मोटरसाइकिल मथुरा जंक्शन के मालगोदाम रोड स्थित रेलवे गेट के सामने लावारिस हालत में बरामद हुई, जिसके बाद से उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। परिजनों की शिकायत और एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद थाना शहर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच चौकी बागबहादुर पुलिस को सौंपी गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में शिवकुमार और माया के नाम सामने आए थे। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने दोनों से पूछताछ भी की, जिसमें कथित रूप से शिवकुमार ने कान्हा को मोबाइल दिलाने और माया ने उसके लिए पैसे देने की बात स्वीकार की। इसके बावजूद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर युवक का जल्द पता लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए युवक की तलाश की जा रही है।
नई दिल्ली। नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और हालिया प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। संगठन ने "हर जिला, एक दिन, एक मांग" (Every District. One Day. One Demand.) के नारे के साथ छात्रों, युवा संगठनों और नागरिक समूहों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। CJP द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि प्रत्येक जिले में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किए जाएं। संगठन ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन से अनुमति लेने, छात्र संगठनों के साथ समन्वय बनाने और प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ने का आग्रह किया है। संगठन ने प्रदर्शनकारियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने, केवल स्वीकृत मार्गों का उपयोग करने, यातायात बाधित न करने, भड़काऊ या सांप्रदायिक भाषा से बचने तथा किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की गई है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब केंद्र सरकार ने परीक्षा संबंधी मुद्दों पर बातचीत की इच्छा जताई है। हालांकि CJP ने फिलहाल अपने आंदोलन और मांगों को जारी रखने की बात कही है।
वृंदावन। परिक्रमा मार्ग स्थित उमाशक्ति पीठ का वार्षिक उत्सव गुरुवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं भक्तिमय माहौल के बीच धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल मां त्रिपुर सुंदरी के विशेष पूजन-अर्चन और महाआरती से हुई। इसके बाद मंदिर परिसर में आकर्षक भव्य फूल बंगला सजाया गया, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। उमाशक्ति पीठाधीश्वर स्वामी रामदेवानंद महाराज ने कहा कि तंत्र चूड़ामणि एवं तीर्थ रहस्य ग्रंथों में वर्णित 51 शक्तिपीठों में उमाशक्ति पीठ का भी उल्लेख मिलता है। उन्होंने बताया कि कालांतर में यह स्थान विलुप्त हो गया था, लेकिन ब्रह्मलीन स्वामी वामदेव महाराज के अथक प्रयासों से इस शक्तिपीठ की पुनः खोज हुई। उन्होंने कहा कि मां भगवती समस्त शक्ति का स्रोत हैं और उनकी उपासना से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं कृपा प्राप्त होती है। इस अवसर पर दिनेश अग्रवाल और राजेश पाल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उमाशक्ति पीठ के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और आस्था है तथा यहां मां भगवती की आराधना करने से भक्तों को आध्यात्मिक लाभ और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वार्षिक उत्सव के अंतर्गत कन्या पूजन, सौभाग्यवती महिलाओं का सम्मान, बटुक ब्रह्मचारियों का भोजन तथा वैष्णव भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र के मंडी चौराहा के पास गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत मजदूर का शव टीनशेड में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान विष्णु यादव, निवासी कासिमपुर, अलीगढ़ के रूप में हुई है। वह वर्तमान में मथुरा में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी का कार्य कर रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अलीगढ़ से मथुरा पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। मृतक के चाचा ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 7 बजे विष्णु के फंदे से लटके होने की सूचना मिली। उन्होंने आत्महत्या की आशंका पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि विष्णु अविवाहित था और घर में किसी प्रकार का विवाद या मानसिक तनाव नहीं था, इसलिए उसके आत्महत्या करने की बात समझ से परे है। फिलहाल, थाना हाईवे पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में चार साल पुराने चर्चित डबल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रेम प्रसंग से शुरू हुई रंजिश में हुई दो हत्याओं के मामले में अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद की अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया। अभियोजन के मुताबिक, ममता अपने पहले पति ओमपाल को छोड़कर रमनपाल के साथ रहने लगी थी। 8 जून 2022 को ओमपाल, उसके बेटों और एक साथी ने कथित तौर पर रमनपाल की हत्या कर दी। इसके बाद बदले की भावना में रमनपाल के भाइयों ने ममता की गला घोंटकर हत्या कर दी और आरोप ओमपाल पक्ष पर लगा दिए। हालांकि पुलिस जांच में पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ गई। जांच के आधार पर अदालत ने ओमपाल पक्ष के चार लोगों को रमनपाल की हत्या और रमनपाल पक्ष के दो भाइयों को ममता की हत्या का दोषी मानते हुए सभी छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया। सरकारी पक्ष ने कहा कि यह फैसला समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत करने वाला है।
मथुरा। राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले के शुभारंभ के साथ ही मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। हालांकि यह ऐतिहासिक मेला नगर निगम क्षेत्र से बाहर गोवर्धन में आयोजित होता है, लेकिन लाखों श्रद्धालु मथुरा शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों से होकर गोवर्धन पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहरभर में साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान शुरू किया है। मेले के पहले दिन गुरुवार को नगर निगम की टीम ने गोवर्धन चौराहे पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटाया। इस कार्रवाई का उद्देश्य श्रद्धालुओं और वाहनों के आवागमन को सुचारु एवं सुरक्षित बनाए रखना है। इसके साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। कूड़ा उठान, जलभराव की रोकथाम और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नगर निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि 23 जुलाई से 29 जुलाई तक चलने वाले राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, जलभराव की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मथुरा। स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत ब्राइट सेल टेक्नोलॉजीज के नए कार्यालय का गुरुवार को बी.एस.ए. रोड स्थित परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, व्यापारी और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विभाग प्रचारक पारस तथा महानगर कार्यवाह विजय भाई रहे। दोनों अतिथियों ने नए कार्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा भविष्य की आवश्यकता है और इस दिशा में किए जा रहे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समारोह के दौरान अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। उपस्थित लोगों ने नए कार्यालय का अवलोकन किया और कंपनी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सौर ऊर्जा के अधिकाधिक उपयोग का संदेश दिया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि ब्राइट सेल टेक्नोलॉजीज का उद्देश्य लोगों को सुलभ, किफायती और पर्यावरण अनुकूल सोलर ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले और ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम हो सके।
मथुरा। युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 25 जुलाई को मथुरा में "विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा" कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारत सरकार के खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में जिला स्तरीय विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम (VBYCP) के अंतर्गत आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सहयोग से किशोरी रमण स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मथुरा में सुबह 11 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण में सहभागी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस संबंध में जानकारी देते हुए किशोरी रमण स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय की प्रधानाचार्य एवं कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से कार्यक्रम में शामिल होकर "नशा मुक्त भारत – विकसित भारत" के संकल्प को मजबूत बनाने की अपील की।
मांट (मथुरा)। गुरुवार को मांट तहसील पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई, भ्रष्टाचार, कथित चढ़ावा/चंदा चोरी के मामलों तथा जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी राधे कृष्णा फार्म हाउस के बाहर एकत्रित हुए और वहां से जुलूस के रूप में तहसील पहुंचे। तहसील गेट पर पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शन सभा में बदल गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक, महंगाई, भ्रष्टाचार और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने तथा संबंधित मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और लगातार बढ़ती महंगाई सरकार की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के मूल मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है। कार्यक्रम का संचालन मांट ब्लॉक अध्यक्ष हरिओम उपाध्याय और ब्लॉक अध्यक्ष हरदेव सिंह ने किया। प्रदर्शन में विक्रम बाल्मीकि, शिवदत्त चतुर्वेदी, गंगा शरण दीक्षित, खचेर माल, करविंदर सिंह, धर्मवीर सिंह, सुशील कुमार, सतीश चंद्र दुबे, जयगोपाल शर्मा, चंद्र मोहन शर्मा, सतवीर शर्मा, प्रमोद पाठक, हाशिम, रवि खरे, अजीम शाह, बालवीर प्रधान, हाकिम सिंह, टिंकू धनगर, धर्मेंद्र सिंह, अमित दीक्षित, राजेश सारस्वत, उमेश शर्मा, आसिफ कुरैशी, ठाकुर भगवान सिंह, दीपक सिंह, आशुतोष भारद्वाज, चंदप्रकाश सिंह, मनीष चौधरी, मोहित चौधरी, लक्ष्मी नारायण, दिलशाद खान और राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मथुरा के संस्कृति अस्पताल में अब हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड मेडिकल साइंसेज (HIMS) के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत भारत के प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक संस्थानों में शामिल HIMS ने संस्कृति अस्पताल को अपना नया केंद्र बनाया है, जहां अब रोगियों को आयुर्वेद, नेचुरोपैथी और समग्र स्वास्थ्य आधारित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने बताया कि HIMS आयुर्वेद वेलनेस हॉस्पिटल का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि उनके मूल कारणों को समाप्त कर शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ, संतुलित और पुनर्जीवित करना है। प्रत्येक मरीज की प्रकृति (दोष) और स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाएगी, जिसमें हर्बल दवाएं, डिटॉक्स थेरेपी, पंचकर्म, विशेष आहार और जीवनशैली संबंधी परामर्श शामिल होंगे। HIMS के संस्थापक आचार्य मनीष के अनुसार, यह केंद्र गुर्दा रोग, यकृत रोग, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, बांझपन सहित कई पुरानी बीमारियों के आयुर्वेदिक उपचार में विशेषज्ञता रखता है। केंद्र पर ओपीडी, आईपीडी, डे-केयर, पंचकर्म और आहार देखभाल जैसी आधुनिक आयुर्वेदिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस पहल से मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लखनऊ में बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी FASTag बनाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीतापुर निवासी अनंत राम राठौर और नकीब खान के रूप में हुई है। दोनों को लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और 4,230 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह फर्जी वाहन नंबर, फर्जी आरसी और फर्जी केवाईसी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर FASTag जारी कराता था। इसके बाद इन FASTag का उपयोग दूसरे वाहनों पर किया जाता था, जिससे टोल टैक्स और ऑनलाइन चालान से बचा जा सके। इस फर्जीवाड़े के कारण सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। पूछताछ में सामने आया कि नकीब खान पहले खैराबाद टोल प्लाजा के पास पंचर की दुकान चलाता था। बाद में अनंत राम राठौर की मदद से वह इंडसइंड बैंक का FASTag एजेंट बना। वर्ष 2024 में अधिक कमाई के लालच में दोनों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर FASTag जारी करने का अवैध कारोबार शुरू कर दिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि एक फर्जी FASTag बनाने के बदले उन्हें करीब पांच हजार रुपये तक मिलते थे, जिसे दोनों आपस में बांट लेते थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ वाहन मालिकों ने फर्जी नंबरों का इस्तेमाल कर अपने वाहनों के लिए FASTag बनवाए और बाद में उन्हीं टैग का इस्तेमाल अन्य वाहनों पर भी किया। इससे टोल प्लाजा की निगरानी व्यवस्था को धोखा दिया जाता था और ऑनलाइन चालान से भी बचा जाता था। फिलहाल एसटीएफ पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं, अब तक कितने फर्जी FASTag जारी किए गए और इस घोटाले में किसी अन्य बैंक एजेंट या व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के शुभारंभ के साथ ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा करने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोवर्धन की प्रभारी डॉ. नेहा चौधरी ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 8 मोबाइल मेडिकल टीमें, 25 एंबुलेंस और 50 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे मेले के दौरान लगातार निगरानी रखेंगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। डॉ. नेहा चौधरी ने बताया कि इस वर्ष मेले में मथुरा के अलावा आगरा, हाथरस, कासगंज और फिरोजाबाद जनपदों की स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अपनी सेवाएं देंगी। विभाग का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुचारु और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मथुरा। महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर गुरुवार को राजकीय संग्रहालय, मथुरा में "चंद्रशेखर आज़ाद का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान" विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आमजन को आज़ाद के राष्ट्रप्रेम, अदम्य साहस और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया। इस अवसर पर संग्रहालय के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा इतिहास एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. श्याम सुन्दर ठेनुआ, सहायक प्राध्यापक, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मांट ने अपने व्याख्यान में चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन, उनके क्रांतिकारी विचारों और स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर संग्रहालय के उप निदेशक योगेश कुमार, पूर्व सहायक निदेशक गिर्राज प्रसाद, अमरनाथ विद्या आश्रम से मांडवी राठौर एवं शिल्पी चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा और आज़ाद के आदर्शों को आत्मसात करने के संदेश के साथ हुआ।
मथुरा। भोपाल (मध्य प्रदेश) से मथुरा-वृंदावन दर्शन के लिए आई एक महिला श्रद्धालु का भूतेश्वर मंदिर परिसर में छूटा बैग मथुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल बरामद कर उसे वापस सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को महिला श्रद्धालु दर्शन के दौरान थाना कोतवाली की कृष्णा नगर चौकी क्षेत्र स्थित भूतेश्वर मंदिर पर अपना बैग भूल गई थीं। बैग में कपड़े, आईफोन-14, नकदी तथा अन्य कीमती सामान रखा हुआ था। बैग गुम होने की सूचना मिलते ही महिला श्रद्धालु ने कृष्णा नगर चौकी प्रभारी से संपर्क किया। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बैग को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने बैग महिला श्रद्धालु को सुपुर्द कर दिया। अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर महिला श्रद्धालु ने खुशी व्यक्त करते हुए मथुरा पुलिस की त्वरित कार्यशैली और ईमानदारी की सराहना की तथा पुलिस टीम का आभार जताया।
मथुरा। गुरुवार तड़के थाना हाईवे क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नरहोली तिराहे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं से भरी एक बस आगे चल रहे कंटेनर से टकरा गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घायल विश्रा पुत्र डगरू, निवासी खंडवा (मध्य प्रदेश) ने बताया कि बस में सवार सभी यात्री खंडवा जिले के रहने वाले हैं। वे रोहतक स्थित रामपाल बाबा के आश्रम से दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। गुरुवार सुबह नरहोली तिराहे के पास उनकी बस की कंटेनर से भिड़ंत हो गई, जिससे कई लोग घायल हो गए। वहीं मृतका की पुत्री शीला ने बताया कि उनकी मां बक्सर बाई भी परिवार के साथ आश्रम गई थीं। लौटते समय हुए इस सड़क हादसे में उनकी मां की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
मथुरा। मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। रोजी-रोटी की तलाश में मध्य प्रदेश से मथुरा आए एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब 24 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला अपने पीछे पति और दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गई। जानकारी के अनुसार, बेलखेड़ा (मध्य प्रदेश) निवासी आशीष अपनी पत्नी देवका गौड़ (24 वर्ष) और दो मासूम बच्चों के साथ रोजगार की तलाश में मथुरा आए थे। परिवार पिछले चार दिनों से भूतेश्वर रेलवे स्टेशन के आसपास रह रहा था। इसी दौरान देवका गौड़ की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के पति आशीष ने बताया कि उनके पास न तो बच्चों की देखभाल करने वाला कोई है और न ही पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए पैसे हैं। पत्नी की मौत के बाद दोनों मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस घटना की जानकारी मिलने पर मथुरा के समाजसेवी रामकिशन जिला अस्पताल पहुंचे और परिवार की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। उन्होंने सबसे पहले दोनों बच्चों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था कराई और इसके बाद महिला के पार्थिव शरीर को ध्रुव घाट ले जाकर पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया। इस मार्मिक घटना ने एक ओर गरीब परिवार की बेबसी को उजागर किया, तो दूसरी ओर समाजसेवी रामकिशन की मानवीय पहल ने जरूरतमंद परिवार के लिए संकट की घड़ी में सहारा बनकर मानवता की मिसाल पेश की।
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा से सामने आई तस्वीरों ने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना हाईवे क्षेत्र के वार्ड नंबर-11 स्थित गांव मुडेशी में जलभराव और बदहाल रास्तों के कारण एक मृतक की अंतिम यात्रा घुटनों तक भरे पानी के बीच से निकालनी पड़ी। इतना ही नहीं, श्मशान घाट पर बारिश के बीच तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 40 वर्षीय अमर सिंह का असमय निधन हो गया। अंतिम यात्रा के दौरान गांव की गलियां जलमग्न होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को अर्थी को घुटनों तक भरे पानी और कीचड़ से होकर ले जाना पड़ा। लगातार बारिश के चलते श्मशान घाट पर भी अंतिम संस्कार के लिए तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हालात नहीं बदले। ग्रामीणों ने कहा, "जीते जी रास्ते नहीं मिलते और मरने के बाद अंतिम संस्कार के लिए सूखी जगह भी नसीब नहीं होती।" ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। करीब एक वर्ष पहले भी इसी गांव में एक महिला के अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी ही तस्वीरें सामने आई थीं, जब बारिश के बीच तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा था। उस समय भी प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने के दावे किए थे, लेकिन एक साल बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। अब अमर सिंह के अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद एक बार फिर गांव में जलनिकासी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
आगरा। आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कथित तौर पर शराब के नशे में पत्नी के साथ मारपीट करने के बाद रस्सी से उसका गला घोंट दिया। महिला को मृत समझकर वह मौके से फरार हो गया, लेकिन महिला की जान बच गई और उसका अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी की शादी करीब 13 वर्ष पहले कालिंदी विहार निवासी सोनू तोमर से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति शराब पीकर मारपीट करता था। 20 जुलाई को आरोपी ने अपनी बहन के साथ मिलकर पत्नी का रस्सी से गला घोंट दिया। महिला के अचेत होने पर उसे मृत समझकर आरोपी फरार हो गया। बाद में आरोपी की बहन ने ही घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया और मायके पक्ष को सूचना दी। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 80 फुटा रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी के पास से आरोपी सोनू तोमर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।