राजीव एकेडमी में ‘नवागमन-2026’ की धूम, एमबीए-एमसीए के नवागंतुकों का भव्य स्वागत...
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वृंदावन। विद्या भारती के नमामि भारतम् अभियान के अंतर्गत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में भव्य सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों सहित लगभग 5,000 लोगों ने एक स्वर में वंदे मातरम् गाकर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद पूरा विद्यालय परिसर वंदे मातरम् के ओजस्वी स्वरों से गुंजायमान हो उठा। सामूहिक गायन में क्षेत्र के दर्जनभर विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिससे आयोजन ऐतिहासिक बन गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. बैरिन्दम गुणाकर, स्वामी गोविंदानंद तीर्थ जी महाराज एवं विद्या भारती के संगठन मंत्री हरिशंकर जी ने राष्ट्रभाव, संस्कृति और शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्र भाव जागरण संकल्प भी दिलाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
वृंदावन। विद्या भारती के नमामि भारतम् अभियान के अंतर्गत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में भव्य सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों सहित लगभग 5,000 लोगों ने एक स्वर में वंदे मातरम् गाकर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद पूरा विद्यालय परिसर वंदे मातरम् के ओजस्वी स्वरों से गुंजायमान हो उठा। सामूहिक गायन में क्षेत्र के दर्जनभर विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिससे आयोजन ऐतिहासिक बन गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. बैरिन्दम गुणाकर, स्वामी गोविंदानंद तीर्थ जी महाराज एवं विद्या भारती के संगठन मंत्री हरिशंकर जी ने राष्ट्रभाव, संस्कृति और शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्र भाव जागरण संकल्प भी दिलाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
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