राधा अष्टमी पर बरसाना में 20 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी, 7 ज़ोन और 20 सेक्टर...
- 12h ago
आगरा। प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च और कलेक्ट्रेट घेराव को लेकर शुक्रवार को आगरा में प्रशासन हाई अलर्ट पर रहा। जिला मुख्यालय की ओर बड़े प्रदर्शन के आह्वान के बाद पुलिस और प्रशासन ने सुबह से ही शहर व जिले की सीमाओं पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। कई किसान नेताओं को एहतियातन उनके घरों में नजरबंद किए जाने की भी सूचना है।
प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठनों का दावा है कि करीब 5,000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और 50,000 लोगों के साथ जिला मुख्यालय की ओर कूच किया जाएगा। प्रशासन ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
संभावित भीड़ को देखते हुए एत्मादपुर, कुबेरपुर, बरहन रोड, रामबाग, प्रतापपुरा, रमाडा होटल कट और कलेक्ट्रेट के प्रवेश मार्गों पर पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन जांच भी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार खुफिया इनपुट के आधार पर आंदोलन से जुड़े कई किसान नेताओं और पदाधिकारियों को घरों से बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवासों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की तैयारी की है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आगरा। प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च और कलेक्ट्रेट घेराव को लेकर शुक्रवार को आगरा में प्रशासन हाई अलर्ट पर रहा। जिला मुख्यालय की ओर बड़े प्रदर्शन के आह्वान के बाद पुलिस और प्रशासन ने सुबह से ही शहर व जिले की सीमाओं पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। कई किसान नेताओं को एहतियातन उनके घरों में नजरबंद किए जाने की भी सूचना है। प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठनों का दावा है कि करीब 5,000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और 50,000 लोगों के साथ जिला मुख्यालय की ओर कूच किया जाएगा। प्रशासन ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। संभावित भीड़ को देखते हुए एत्मादपुर, कुबेरपुर, बरहन रोड, रामबाग, प्रतापपुरा, रमाडा होटल कट और कलेक्ट्रेट के प्रवेश मार्गों पर पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन जांच भी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार खुफिया इनपुट के आधार पर आंदोलन से जुड़े कई किसान नेताओं और पदाधिकारियों को घरों से बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवासों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की तैयारी की है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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