कान्हा माखन स्कूल में 'बोधि पथ कार्यशाला' का समापन, बच्चों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक छोड़ने का...
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मथुरा। महावन तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी अधिकारियों को हैरान कर दिया। कचनऊ गांव निवासी बृजमोहन ने शिकायत करते हुए बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है, जिसके कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई। अब उन्हें अपनी ही जीवित होने की बात साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश राजस्व, पुलिस, विकास खंड बलदेव तथा अन्य विभागों से संबंधित थीं। इस दौरान कई विभागीय अधिकारी अनुपस्थित मिले, जिनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पीड़ित बृजमोहन ने बताया कि पेंशन बंद होने के बाद उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि विकास खंड बलदेव की ओर से भेजी गई आख्या में उन्हें मृत दर्शा दिया गया, जिसके चलते उनकी पेंशन रोक दी गई। अब वह अपने बेटे के साथ अधिकारियों के सामने खुद को जीवित साबित करने के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं।
इसी दौरान जलभराव की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र पहलवान और बीडीओ बलदेव के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। मामले पर जब बीडीओ नेहा रावत से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उप जिलाधिकारी महावन ऊषा सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही समाधान दिवस से अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा। महावन तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी अधिकारियों को हैरान कर दिया। कचनऊ गांव निवासी बृजमोहन ने शिकायत करते हुए बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है, जिसके कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई। अब उन्हें अपनी ही जीवित होने की बात साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 40 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश राजस्व, पुलिस, विकास खंड बलदेव तथा अन्य विभागों से संबंधित थीं। इस दौरान कई विभागीय अधिकारी अनुपस्थित मिले, जिनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीड़ित बृजमोहन ने बताया कि पेंशन बंद होने के बाद उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि विकास खंड बलदेव की ओर से भेजी गई आख्या में उन्हें मृत दर्शा दिया गया, जिसके चलते उनकी पेंशन रोक दी गई। अब वह अपने बेटे के साथ अधिकारियों के सामने खुद को जीवित साबित करने के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं। इसी दौरान जलभराव की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र पहलवान और बीडीओ बलदेव के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। मामले पर जब बीडीओ नेहा रावत से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उप जिलाधिकारी महावन ऊषा सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही समाधान दिवस से अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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