शास्त्र और शस्त्र के प्रणेता भगवान परशुराम: कोसीकलां में श्रद्धा व सादगी से मनी जयंती

कोसीकलां नगर में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पंच यज्ञ प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, भक्ति और सादगी के साथ मनाई गई। नंदगांव रोड स्थित शिव मंदिर सभागार में वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

संस्थापक आचार्य विवेक उपाध्याय के सान्निध्य में विधिवत यज्ञ संपन्न कराया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर धूप, दीप और नैवेद्य के साथ पूजन किया।

मुख्य अतिथि पं. रामदेव भारद्वाज ने भगवान परशुराम को धर्म स्थापना का प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उन्होंने यह भी बताया कि अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान परशुराम का अवतार हुआ था।

भाजपा नेता कन्हैयालाल और पं. भारत शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम शास्त्र और शस्त्र दोनों के प्रणेता थे, जिन्होंने अधर्म के खिलाफ 21 बार पृथ्वी को अत्याचारियों से मुक्त कराया।

कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान कन्हैयालाल मंगला, राजपाल शर्मा, भूदेव प्रसाद शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

इसके अलावा कृष्णा धाम स्थित भारद्वाज सभागार में भी अखिल भारतीय मैथिल ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई, जिसमें कई गणमान्य लोगों की सहभागिता रही।