काला कोट नहीं, अब बायोमेट्रिक से खुलेगा कचहरी का गेट, वकीलों के लिए नया नियम लागू

मथुरा जिला न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। मथुरा कचहरी में प्रवेश के लिए अब केवल काला कोट और पहचान पत्र पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अधिवक्ताओं के पास बायोमेट्रिक स्मार्ट कार्ड होना अनिवार्य कर दिया गया है।

इलाहबाद उच्च न्यायालय और जिला जज के आदेशों का पालन करते हुए मथुरा बार एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को लागू किया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

नई व्यवस्था के तहत भविष्य में बायोमेट्रिक कार्ड के बिना किसी भी अधिवक्ता को कोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन स्मार्ट कार्ड्स को Electronics Corporation of India Limited द्वारा तैयार किया जा रहा है।

कार्ड बनवाने के लिए अधिवक्ताओं को अपने बार काउंसिल प्रमाण-पत्र और COP की छायाप्रति बार कार्यालय में समय सीमा के भीतर जमा करनी होगी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द दस्तावेज जमा करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या नो एंट्री जैसी स्थिति से बचा जा सके।