प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने की प्रेसवार्ता, जांच की मांग

हाथरस। शहर के गौतम विहार कॉलोनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अजय भारद्वाज ने प्रेसवार्ता कर बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की बिना सहमति के पोस्टपेड मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जो उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।

प्रेसवार्ता के दौरान एडवोकेट अजय भारद्वाज ने बताया कि उनके और उनकी पत्नी के नाम से लगे पोस्टपेड मीटरों को बिना अनुमति हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। इसके चलते उन्हें बार-बार बिजली कटौती और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र सौंपते हुए बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं को पोस्टपेड और प्रीपेड दोनों विकल्पों का अधिकार है। बिना सहमति के किसी भी उपभोक्ता का मीटर पोस्टपेड से प्रीपेड मोड में बदलना नियमों के खिलाफ है। इसके बावजूद विभाग जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा रहा है, जिससे सरकार की अच्छी योजना भी बदनाम हो रही है और जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई बार मकान और दुकान की बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और आर्थिक नुकसान भी हुआ। साथ ही समय पर बिजली बिल की जानकारी न मिलने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने भी बिना सहमति स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदलने को उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ बताया है।

पीड़ित उपभोक्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जबरन लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर हटाकर पुनः पोस्टपेड व्यवस्था लागू की जाए।