कोसीकलां मंडी में 17 लाख की धान खरीदकर व्यापारी फरार, करोड़ों की ठगी का आरोप
- 4h ago
वृन्दावन में हुए नाव हादसे के तीसरे दिन भी यमुना की लहरें लाशें उगल रही हैं। इस भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 13 हो गई है। रविवार की सुबह रेस्क्यू टीम को दो और शव बरामद हुए हैं, जिनकी पहचान लुधियाना की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, यमुना के किनारे उम्मीदें अब मातम में तब्दील हो रही हैं।
यह दृश्य विचलित करने वाले हैं। रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान डिंकी और ऋषभ के शव यमुना के जलस्तर पर तैरते हुए मिले। प्रशासन ने रस्सी के सहारे शवों को बाहर निकाला। इससे पहले शनिवार को मानिक टंडन का शव मिला था। मानिक के घर में खुशियां आने वाली थीं, सितंबर में उसकी शादी तय थी, लेकिन बांके बिहारी के दर्शन की हसरत लिए वह हमेशा के लिए यमुना की गहराई में सो गए। अपने जवान बेटे का शव देख पिता के करुण क्रंदन से पूरा घाट दहल उठा। हादसे में जिंदा बचे चश्मदीदों की जुबानी जो कहानी सामने आ रही है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। हादसे के वक्त 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। श्रद्धालुओं ने नाविक पप्पू निषाद के आगे हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाए कि नाव रोक लो, आगे पुल आ रहा है। नाव दो बार टकराने से बची, लेकिन नाविक की जिद और लापरवाही ने तीसरी बार में नाव को सीधे पैंटून पुल से भिड़ा दिया और फिर श्रद्धालुओं से भरी हुई नाव यमुना की गहराई में समा गई और खुद नाविक तैर कर मौके से भाग गया था पुलिस के अधिकारियों ने बताया की अब जांच का दायरा 14 से बढ़ाकर 20 किलोमीटर कर दिया है। सेना, NDRF और SDRF के करीब 250 जवान अब भी 3 लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। इधर मुख्य आरोपी नाविक पप्पू और ठेकेदार नारायण शर्मा को पुलिस जेल भेज भेज दिया हे
श्रद्धा का यह सफर जिस तरह से श्मशान तक पहुँच गया, उसने पूरे देश को झकझोर दिया है। अभी भी 3 जिंदगियों की तलाश जारी है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, चमत्कार की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।
अब जन्मदिन और सालगिरह के मौके पर अपनी शुभकामनाएं सिर्फ परिवार तक ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहुंचाएं
ABHI NEWS के माध्यम से फोटो, नाम और संदेश के साथ अपनी जानकारी प्रकाशित कराएं
Link copied successfully!
{"id":"c2cc090f-ef19-47c4-a007-df17f8425e3a","external_id":null}