संस्कृति विश्वविद्यालय: 'भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा' पर व्याख्यान आयोजित, प्रो. सारिका शर्मा ने बताए प्राचीन ज्ञान के वैज्ञानिक आयाम

  • 9h Ago 66 Views


मथुरा स्थित संस्कृति विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में 'भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयाम' विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। शैक्षणिक अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष प्रो. रेनू गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की प्रो. सारिका शर्मा रहीं।

अपने संबोधन में प्रो. सारिका शर्मा ने कहा कि भारतीय विरासत को केवल ऐतिहासिक या सांस्कृतिक दृष्टि से देखने के बजाय उसके पीछे छिपे वैज्ञानिक चिंतन, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभवों को समझना बेहद जरूरी है।

उन्होंने स्थापत्य कला, धातु विज्ञान, गणित, चिकित्सा, कृषि, जल प्रबंधन और खगोल विज्ञान में भारत के समृद्ध ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन शिक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जीवनोपयोगी कौशल विकसित करना था।

उन्होंने वर्तमान शिक्षा में डिग्री के साथ समस्या-समाधान, प्रभावी संचार और व्यावहारिक कौशल को शामिल करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रो. रेनू गुप्ता ने शिक्षक को पाठ्यक्रम और संस्थान के बीच की मुख्य कड़ी बताया।

विशेषज्ञों ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा से नई पीढ़ी में शोध-प्रवृत्ति और वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित होगी। कार्यक्रम में प्रो. सरसिज घोष ने वक्ता का परिचय कराया और डॉ. अर्चना शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर डॉ. तानिया चंदेल, डॉ. गोपाल राय, डॉ. प्रियंका, डॉ. सरस्वती घोष सहित अनेक शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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