संरक्षित वन भूमि पर चला वन विभाग का बुलडोजर, अवैध बैनर-पोस्टर हटाए; कार्रवाई जारी रहने...
- 10h ago
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोवर्धन धाम में अचानक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं का सैलाब परिक्रमा मार्ग पर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा गोवर्धन धाम भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
परिक्रमा मार्ग, दानघाटी, मानसी गंगा, राधाकुंड, पूछरी का लौठा और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नंगे पैर गिरिराज महाराज की परिक्रमा करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना करते नजर आए। जगह-जगह चल रहे भंडारे, जल सेवा शिविर और धार्मिक आयोजनों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन, मेला प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट रहा। परिक्रमा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही चिकित्सा शिविर, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई।
श्रद्धालुओं का कहना था कि गुरु पूर्णिमा के दिन गिरिराज महाराज की परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। उनका विश्वास है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई परिक्रमा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और गुरु तथा भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूरे दिन गोवर्धन धाम "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष से गूंजता रहा।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोवर्धन धाम में अचानक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं का सैलाब परिक्रमा मार्ग पर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा गोवर्धन धाम भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। परिक्रमा मार्ग, दानघाटी, मानसी गंगा, राधाकुंड, पूछरी का लौठा और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नंगे पैर गिरिराज महाराज की परिक्रमा करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना करते नजर आए। जगह-जगह चल रहे भंडारे, जल सेवा शिविर और धार्मिक आयोजनों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन, मेला प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट रहा। परिक्रमा मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही चिकित्सा शिविर, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं का कहना था कि गुरु पूर्णिमा के दिन गिरिराज महाराज की परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है। उनका विश्वास है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई परिक्रमा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और गुरु तथा भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूरे दिन गोवर्धन धाम "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष से गूंजता रहा।
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