संरक्षित वन भूमि पर चला वन विभाग का बुलडोजर, अवैध बैनर-पोस्टर हटाए; कार्रवाई जारी रहने...
- 10h ago
विश्व प्रसिद्ध गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले में जहां लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात है, वहीं मेले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी का दिल छू लिया। यह तस्वीर बताती है कि कर्तव्य और मातृत्व जब साथ चलते हैं तो समर्पण की मिसाल बन जाते हैं।
अलीगढ़ में तैनात महिला कांस्टेबल अनीता रानी मेले में सुरक्षा ड्यूटी के लिए गोवर्धन पहुंचीं। सौख अड्डा चौराहे पर ड्यूटी के दौरान वह अपने तीन वर्षीय बेटे रुद्रांश को गोद में लेकर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालती नजर आईं। एक ओर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, दूसरी ओर वर्दी की जिम्मेदारी और साथ में अपने मासूम बेटे की देखभाल—इन सबके बीच अनीता रानी पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाती रहीं।
महिला कांस्टेबल की यह तस्वीर देखते ही लोगों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मातृत्व को सलाम किया। श्रद्धालुओं ने भी इस दृश्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं संभालते, बल्कि कई बार व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच भी समाज की सेवा में पूरी निष्ठा से जुटे रहते हैं।
यह तस्वीर केवल एक महिला पुलिसकर्मी की नहीं, बल्कि उन तमाम मातृशक्ति का प्रतीक है जो अपने परिवार और अपने पेशे—दोनों जिम्मेदारियों को समान समर्पण के साथ निभाती हैं। गोद में मासूम बेटा और चेहरे पर ड्यूटी का संकल्प—मुड़िया पूर्णिमा मेले से आई यह तस्वीर सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की ऐसी मिसाल बन गई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
विश्व प्रसिद्ध गोवर्धन मुड़िया पूर्णिमा मेले में जहां लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात है, वहीं मेले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी का दिल छू लिया। यह तस्वीर बताती है कि कर्तव्य और मातृत्व जब साथ चलते हैं तो समर्पण की मिसाल बन जाते हैं। अलीगढ़ में तैनात महिला कांस्टेबल अनीता रानी मेले में सुरक्षा ड्यूटी के लिए गोवर्धन पहुंचीं। सौख अड्डा चौराहे पर ड्यूटी के दौरान वह अपने तीन वर्षीय बेटे रुद्रांश को गोद में लेकर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालती नजर आईं। एक ओर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, दूसरी ओर वर्दी की जिम्मेदारी और साथ में अपने मासूम बेटे की देखभाल—इन सबके बीच अनीता रानी पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाती रहीं। महिला कांस्टेबल की यह तस्वीर देखते ही लोगों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मातृत्व को सलाम किया। श्रद्धालुओं ने भी इस दृश्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं संभालते, बल्कि कई बार व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच भी समाज की सेवा में पूरी निष्ठा से जुटे रहते हैं। यह तस्वीर केवल एक महिला पुलिसकर्मी की नहीं, बल्कि उन तमाम मातृशक्ति का प्रतीक है जो अपने परिवार और अपने पेशे—दोनों जिम्मेदारियों को समान समर्पण के साथ निभाती हैं। गोद में मासूम बेटा और चेहरे पर ड्यूटी का संकल्प—मुड़िया पूर्णिमा मेले से आई यह तस्वीर सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की ऐसी मिसाल बन गई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
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