संरक्षित वन भूमि पर चला वन विभाग का बुलडोजर, अवैध बैनर-पोस्टर हटाए; कार्रवाई जारी रहने...
- 10h ago
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रजधाम का वातावरण पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। गोवर्धन, वृंदावन, राधाकुंड और आसपास के धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु पूजन, गोवर्धन परिक्रमा और संत-महात्माओं के दर्शन के लिए पहुंचे।
इस दौरान प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु घंटों तक कतारों में खड़े रहकर अपने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। आश्रम परिसर में पूरे दिन भजन-कीर्तन, सत्संग, गुरु वंदना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
गोवर्धन की 21 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ के चलते हर ओर "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक परिक्रमा कर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए। जगह-जगह पुलिस बल, यातायात व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस सेवा तथा पेयजल एवं सफाई की विशेष व्यवस्था की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर गोवर्धन और वृंदावन एक बार फिर सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और अटूट आस्था के अद्भुत संगम के साक्षी बने। श्रद्धालुओं का उत्साह, भक्ति और अनुशासन पूरे ब्रज क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र रहा।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रजधाम का वातावरण पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। गोवर्धन, वृंदावन, राधाकुंड और आसपास के धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु पूजन, गोवर्धन परिक्रमा और संत-महात्माओं के दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु घंटों तक कतारों में खड़े रहकर अपने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। आश्रम परिसर में पूरे दिन भजन-कीर्तन, सत्संग, गुरु वंदना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। गोवर्धन की 21 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ के चलते हर ओर "राधे-राधे" और "गिरिराज महाराज की जय" के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक परिक्रमा कर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए। जगह-जगह पुलिस बल, यातायात व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस सेवा तथा पेयजल एवं सफाई की विशेष व्यवस्था की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर गोवर्धन और वृंदावन एक बार फिर सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और अटूट आस्था के अद्भुत संगम के साक्षी बने। श्रद्धालुओं का उत्साह, भक्ति और अनुशासन पूरे ब्रज क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र रहा।
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