राया में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग, दो गुटों के बीच चली गोलियां; गांव में मचा हड़कंप...
- 10h ago
मथुरा के बलदेव में 26 लाख रुपये की लागत से बने विश्रामालय को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। उद्घाटन के महीनों बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है और यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। ऐसे में अधूरे निर्माण के बावजूद लोकार्पण कराए जाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुराने बस स्टैंड पर बने विश्रामालय का निरीक्षण करने पर केवल एक छोटा हॉल दिखाई दिया, जिस पर ताला लगा था। बाहर से आने वाले श्रद्धालु और यात्री भवन के बाहर बैठने को मजबूर नजर आए। परियोजना का उद्घाटन 12 मई को किया गया था, लेकिन आज तक यह पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना का निर्माण अभी भी अधूरा है। भवन के कई हिस्सों का कार्य पूरा नहीं हुआ है, जिसके कारण विश्रामालय आम लोगों के उपयोग के लिए शुरू नहीं किया जा सका।
इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ था तो लोकार्पण क्यों कराया गया? 26 लाख रुपये की इस परियोजना का शेष कार्य कब पूरा होगा और आम जनता को इसका लाभ कब मिलेगा, इसे लेकर लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर परियोजना की लागत, निर्माण कार्य की प्रगति और अधूरे निर्माण के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग की है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
मथुरा के बलदेव में 26 लाख रुपये की लागत से बने विश्रामालय को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। उद्घाटन के महीनों बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है और यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। ऐसे में अधूरे निर्माण के बावजूद लोकार्पण कराए जाने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुराने बस स्टैंड पर बने विश्रामालय का निरीक्षण करने पर केवल एक छोटा हॉल दिखाई दिया, जिस पर ताला लगा था। बाहर से आने वाले श्रद्धालु और यात्री भवन के बाहर बैठने को मजबूर नजर आए। परियोजना का उद्घाटन 12 मई को किया गया था, लेकिन आज तक यह पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना का निर्माण अभी भी अधूरा है। भवन के कई हिस्सों का कार्य पूरा नहीं हुआ है, जिसके कारण विश्रामालय आम लोगों के उपयोग के लिए शुरू नहीं किया जा सका। इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ था तो लोकार्पण क्यों कराया गया? 26 लाख रुपये की इस परियोजना का शेष कार्य कब पूरा होगा और आम जनता को इसका लाभ कब मिलेगा, इसे लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर परियोजना की लागत, निर्माण कार्य की प्रगति और अधूरे निर्माण के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग की है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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