स्मैक के विवाद में दोस्त को जिंदा कुएं में फेंका, 3 साल बाद मिला नरकंकाल;...
- 9h ago
सावन माह की शुरुआत से पहले बरेली के भूता में अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने कांवड़ मार्गों और मंदिरों के आसपास संचालित मांस की दुकानों को बंद कराने की मांग उठाई है। संगठन ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की अपील की।
बरेली के विकासखंड भूता में आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास को लेकर धार्मिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने कांवड़ यात्रियों की सुविधा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने की मांग को लेकर थाना भूता के प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
संगठन के उत्तर प्रदेश जिलाध्यक्ष अजय पटेल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि सावन के दौरान लाखों कांवड़िये पवित्र गंगाजल लेकर शिवालयों तक पैदल यात्रा करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि कांवड़ मार्गों और मंदिरों के आसपास संचालित मांस, मीट और मछली की दुकानों को सावन माह के दौरान बंद रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और धार्मिक वातावरण प्रभावित न हो।
संगठन ने यह भी कहा कि ऐसे स्थानों पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए प्रशासन को इस संबंध में समय रहते आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान निखिल सिंह, योगेश कुमार, संजय कुमार, सोमदत्त, कैलाश गंगवार, राहुल सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सावन माह की शुरुआत से पहले बरेली के भूता में अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने कांवड़ मार्गों और मंदिरों के आसपास संचालित मांस की दुकानों को बंद कराने की मांग उठाई है। संगठन ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की अपील की। बरेली के विकासखंड भूता में आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास को लेकर धार्मिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेना ने कांवड़ यात्रियों की सुविधा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने की मांग को लेकर थाना भूता के प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। संगठन के उत्तर प्रदेश जिलाध्यक्ष अजय पटेल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि सावन के दौरान लाखों कांवड़िये पवित्र गंगाजल लेकर शिवालयों तक पैदल यात्रा करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि कांवड़ मार्गों और मंदिरों के आसपास संचालित मांस, मीट और मछली की दुकानों को सावन माह के दौरान बंद रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और धार्मिक वातावरण प्रभावित न हो। संगठन ने यह भी कहा कि ऐसे स्थानों पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए प्रशासन को इस संबंध में समय रहते आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान निखिल सिंह, योगेश कुमार, संजय कुमार, सोमदत्त, कैलाश गंगवार, राहुल सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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