स्मैक के विवाद में दोस्त को जिंदा कुएं में फेंका, 3 साल बाद मिला नरकंकाल;...
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत बताया है। मुरादाबाद पहुंचे ओवैसी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर होती है और सरकार को संविधान की मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए।
शनिवार को मुरादाबाद दौरे पर पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी ने जामा मस्जिद पार्क में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा किया गया प्रदर्शन सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि देश के छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना जानते हैं।
ओवैसी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब जनता संगठित होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखती है तो सरकार को निर्णय बदलने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल की नहीं, बल्कि देश के युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है।
एआईएमआईएम प्रमुख ने परीक्षा प्रणाली को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो सके।
मुरादाबाद में ओवैसी के कार्यक्रम के दौरान जामा मस्जिद पार्क में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे आयोजन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पक्ष और विपक्ष के नेता इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत बताया है। मुरादाबाद पहुंचे ओवैसी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर होती है और सरकार को संविधान की मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए। शनिवार को मुरादाबाद दौरे पर पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी ने जामा मस्जिद पार्क में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा किया गया प्रदर्शन सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि देश के छात्र और युवा अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना जानते हैं। ओवैसी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब जनता संगठित होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखती है तो सरकार को निर्णय बदलने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल की नहीं, बल्कि देश के युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। एआईएमआईएम प्रमुख ने परीक्षा प्रणाली को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो सके। मुरादाबाद में ओवैसी के कार्यक्रम के दौरान जामा मस्जिद पार्क में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे आयोजन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पक्ष और विपक्ष के नेता इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
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