स्मैक के विवाद में दोस्त को जिंदा कुएं में फेंका, 3 साल बाद मिला नरकंकाल;...
- 9h ago
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब शिक्षा मंत्रालय की कमान वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संभाल ली है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वह पूरी निष्ठा, विनम्रता और ईमानदारी के साथ निभाएंगे।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
प्रह्लाद जोशी ने अपने संबोधन में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के क्रियान्वयन सहित शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल हुई हैं और इन प्रयासों को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा।
गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी।
प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अब उनके सामने शिक्षा मंत्रालय में छात्रों का विश्वास बहाल करना, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब शिक्षा मंत्रालय की कमान वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संभाल ली है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वह पूरी निष्ठा, विनम्रता और ईमानदारी के साथ निभाएंगे। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। प्रह्लाद जोशी ने अपने संबोधन में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के क्रियान्वयन सहित शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल हुई हैं और इन प्रयासों को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी। प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अब उनके सामने शिक्षा मंत्रालय में छात्रों का विश्वास बहाल करना, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
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