संस्कृति विवि में पुस्तकालय विज्ञान के जनक प्रो. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती मनाई...
- 4h ago
लखनऊ। करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की मरम्मत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक्सप्रेसवे पर मरम्मत के दौरान बड़े-बड़े पंखे लगाकर डामर की सतह सुखाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। इसके बाद कुछ ही दिनों में कई स्थानों पर सड़क की सतह में स्लिपेज और खराबी सामने आई। आजतक के मुताबिक, उद्घाटन के करीब 20 दिनों के भीतर पांच बार मरम्मत की नौबत आ चुकी है। हालांकि NHAI का कहना है कि एक्सप्रेसवे का डिजाइन और पुल सुरक्षित हैं।
मामला बढ़ने के बाद NHAI ने निर्माण से जुड़ी कंपनी PNC इंफ्राटेक पर 2 प्रतिशत जुर्माना लगाया है और उसे नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश की है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन अधिकारियों को हटाकर अगले दो साल तक NHAI, MoRTH और NHIDCL की परियोजनाओं में काम करने से प्रतिबंधित किया गया है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भी हटाया गया है।
सड़क की पूरी मरम्मत होने तक ₹275 की टोल वसूली रोक दी गई है। मरम्मत पर अनुमानित करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च और इस दौरान टोल से होने वाला राजस्व नुकसान संबंधित कंपनी को वहन करना होगा। एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों से कराने का फैसला भी किया गया है।
लखनऊ। करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की मरम्मत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक्सप्रेसवे पर मरम्मत के दौरान बड़े-बड़े पंखे लगाकर डामर की सतह सुखाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा है। 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। इसके बाद कुछ ही दिनों में कई स्थानों पर सड़क की सतह में स्लिपेज और खराबी सामने आई। आजतक के मुताबिक, उद्घाटन के करीब 20 दिनों के भीतर पांच बार मरम्मत की नौबत आ चुकी है। हालांकि NHAI का कहना है कि एक्सप्रेसवे का डिजाइन और पुल सुरक्षित हैं। मामला बढ़ने के बाद NHAI ने निर्माण से जुड़ी कंपनी PNC इंफ्राटेक पर 2 प्रतिशत जुर्माना लगाया है और उसे नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश की है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत तीन अधिकारियों को हटाकर अगले दो साल तक NHAI, MoRTH और NHIDCL की परियोजनाओं में काम करने से प्रतिबंधित किया गया है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भी हटाया गया है। सड़क की पूरी मरम्मत होने तक ₹275 की टोल वसूली रोक दी गई है। मरम्मत पर अनुमानित करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च और इस दौरान टोल से होने वाला राजस्व नुकसान संबंधित कंपनी को वहन करना होगा। एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों से कराने का फैसला भी किया गया है।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर
Link copied successfully!