स्मैक के विवाद में दोस्त को जिंदा कुएं में फेंका, 3 साल बाद मिला नरकंकाल;...
- 13h ago
गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले की शुरुआत के साथ ही गिरिराज धाम गोवर्धन में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु सुबह से ही दानघाटी मंदिर पहुंचकर गिरिराज महाराज के दर्शन कर सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए निकल पड़े। पूरे परिक्रमा मार्ग पर "गिरिराज महाराज की जय" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
प्रशासन द्वारा मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान दंडोती परिक्रमा पर रोक लगाए जाने के बावजूद कुछ श्रद्धालु दंडोती परिक्रमा करते हुए नजर आए। यह दृश्य परिक्रमा मार्ग पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दानघाटी मंदिर, परिक्रमा मार्ग और प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं।
मेले के अवसर पर गिरिराज तलहटी को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और भव्य स्वागत द्वारों से सजाया गया है। रात के समय पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठता है, जिससे मेले की भव्यता और भी बढ़ जाती है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पेयजल, छाया, विश्राम स्थल और चिकित्सा सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है।
धार्मिक मान्यता है कि मुड़िया पूर्णिमा के दिन गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
गोवर्धन। विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले की शुरुआत के साथ ही गिरिराज धाम गोवर्धन में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु सुबह से ही दानघाटी मंदिर पहुंचकर गिरिराज महाराज के दर्शन कर सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए निकल पड़े। पूरे परिक्रमा मार्ग पर "गिरिराज महाराज की जय" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रशासन द्वारा मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान दंडोती परिक्रमा पर रोक लगाए जाने के बावजूद कुछ श्रद्धालु दंडोती परिक्रमा करते हुए नजर आए। यह दृश्य परिक्रमा मार्ग पर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दानघाटी मंदिर, परिक्रमा मार्ग और प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं। मेले के अवसर पर गिरिराज तलहटी को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और भव्य स्वागत द्वारों से सजाया गया है। रात के समय पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठता है, जिससे मेले की भव्यता और भी बढ़ जाती है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पेयजल, छाया, विश्राम स्थल और चिकित्सा सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है। धार्मिक मान्यता है कि मुड़िया पूर्णिमा के दिन गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
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