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लखनऊ। हाल ही में शुरू हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क क्षतिग्रस्त होने के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ी कार्रवाई की है। NHAI ने निर्माण से जुड़ी कंपनी PNC Infratech Ltd. को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव देते हुए नोटिस जारी किया है। ऐसा होने पर कंपनी भविष्य में NHAI की परियोजनाओं की बोली में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य हो सकती है।
एक्सप्रेसवे के करीब 300 मीटर हिस्से में 26 जुलाई को स्लिपेज सामने आया था। इसके बाद मरम्मत शुरू कराई गई और प्रभावित स्थान पर यातायात डायवर्ट किया गया। NHAI ने कंपनी को प्रभावित हिस्से की मरम्मत अपने खर्च पर कराने का निर्देश दिया है। फिलहाल इसकी अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है।
NHAI ने एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को मरम्मत पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। इस दौरान होने वाले टोल राजस्व के नुकसान की वसूली भी कंसेशनेयर से की जाएगी।
PNC इंफ्राटेक को जारी कारण बताओ नोटिस में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की 2 प्रतिशत राशि का जुर्माना, जिम्मेदार अधिकारियों पर तीन साल तक की डिबारमेंट कार्रवाई और कंपनी की परफॉर्मेंस रेटिंग घटाने जैसे कदम प्रस्तावित हैं।
मामले में NHAI ने निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया है। इन्हें संबंधित केंद्रीय सड़क परियोजनाओं में दो साल के लिए डिबार भी किया गया है। वर्तमान प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेजा गया है।
NHAI ने मामले की तकनीकी जांच के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम को भी लगाया है, जो सड़क को हुए नुकसान के कारणों की जांच कर सुधारात्मक उपाय सुझाएगी।
लखनऊ। हाल ही में शुरू हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क क्षतिग्रस्त होने के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ी कार्रवाई की है। NHAI ने निर्माण से जुड़ी कंपनी PNC Infratech Ltd. को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव देते हुए नोटिस जारी किया है। ऐसा होने पर कंपनी भविष्य में NHAI की परियोजनाओं की बोली में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य हो सकती है। एक्सप्रेसवे के करीब 300 मीटर हिस्से में 26 जुलाई को स्लिपेज सामने आया था। इसके बाद मरम्मत शुरू कराई गई और प्रभावित स्थान पर यातायात डायवर्ट किया गया। NHAI ने कंपनी को प्रभावित हिस्से की मरम्मत अपने खर्च पर कराने का निर्देश दिया है। फिलहाल इसकी अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है। NHAI ने एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को मरम्मत पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। इस दौरान होने वाले टोल राजस्व के नुकसान की वसूली भी कंसेशनेयर से की जाएगी। PNC इंफ्राटेक को जारी कारण बताओ नोटिस में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की 2 प्रतिशत राशि का जुर्माना, जिम्मेदार अधिकारियों पर तीन साल तक की डिबारमेंट कार्रवाई और कंपनी की परफॉर्मेंस रेटिंग घटाने जैसे कदम प्रस्तावित हैं। मामले में NHAI ने निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया है। इन्हें संबंधित केंद्रीय सड़क परियोजनाओं में दो साल के लिए डिबार भी किया गया है। वर्तमान प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेजा गया है। NHAI ने मामले की तकनीकी जांच के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम को भी लगाया है, जो सड़क को हुए नुकसान के कारणों की जांच कर सुधारात्मक उपाय सुझाएगी।
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