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- 15h ago
उत्तर प्रदेश के इंटरमीडिएट छात्रों को अब पढ़ाई के साथ-साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों से भी सीखने का मौका मिलेगा। योगी सरकार ने छात्रों को बेहतर करियर मार्गदर्शन देने के लिए नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर छात्रों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें करियर व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में मार्गदर्शन देंगे।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को सही उम्र में सही दिशा और बेहतर करियर विकल्पों की जानकारी देना है। अधिकारी छात्रों को UPSC, UPPSC, UPSSSC, NDA, JEE, NEET और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति बताएंगे। इसके साथ ही मेडिकल, इंजीनियरिंग, सेना और सिविल सर्विसेज समेत अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने के विकल्पों पर भी चर्चा की जाएगी।
अधिकारियों के साथ होने वाले संवाद में केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित जानकारी नहीं दी जाएगी। छात्रों को उच्च शिक्षा, निजी क्षेत्र में रोजगार, बिजनेस शुरू करने और स्टार्टअप के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इससे छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य का रास्ता चुन सकेंगे।
इस योजना को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए जिलाधिकारी हर महीने अधिकारियों के स्कूल दौरे का शेड्यूल तैयार करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्कूलों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। वहीं मंडलायुक्त इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
सरकार ने योजना की प्रगति की रिपोर्ट भी नियमित रूप से भेजने की व्यवस्था की है। हर महीने की 5 तारीख तक शासन को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है।
उत्तर प्रदेश के इंटरमीडिएट छात्रों को अब पढ़ाई के साथ-साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों से भी सीखने का मौका मिलेगा। योगी सरकार ने छात्रों को बेहतर करियर मार्गदर्शन देने के लिए नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। इसके तहत हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर छात्रों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें करियर व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में मार्गदर्शन देंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को सही उम्र में सही दिशा और बेहतर करियर विकल्पों की जानकारी देना है। अधिकारी छात्रों को UPSC, UPPSC, UPSSSC, NDA, JEE, NEET और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति बताएंगे। इसके साथ ही मेडिकल, इंजीनियरिंग, सेना और सिविल सर्विसेज समेत अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने के विकल्पों पर भी चर्चा की जाएगी। अधिकारियों के साथ होने वाले संवाद में केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित जानकारी नहीं दी जाएगी। छात्रों को उच्च शिक्षा, निजी क्षेत्र में रोजगार, बिजनेस शुरू करने और स्टार्टअप के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इससे छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य का रास्ता चुन सकेंगे। इस योजना को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए जिलाधिकारी हर महीने अधिकारियों के स्कूल दौरे का शेड्यूल तैयार करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) स्कूलों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। वहीं मंडलायुक्त इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। सरकार ने योजना की प्रगति की रिपोर्ट भी नियमित रूप से भेजने की व्यवस्था की है। हर महीने की 5 तारीख तक शासन को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है।
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