रंगदारी नहीं दी तो घर में घुसकर हमला! मां की चेन और पत्नी का मंगलसूत्र...
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धार्मिक नगरी गोवर्धन में इस बार बकरीद का त्योहार आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता की अनूठी मिसाल बन गया। मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा कर देश में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी।
सबसे खास बात यह रही कि गोवर्धन की धार्मिक मान्यताओं और भावनाओं का सम्मान करते हुए मुस्लिम समाज ने इस बार बकरे की कुर्बानी न देने का फैसला लिया। बकरीद से पहले हुई समाज की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
त्योहार के दिन इसका असर साफ दिखाई दिया और पूरे गोवर्धन क्षेत्र में कहीं भी कुर्बानी नहीं दी गई। स्थानीय लोगों ने इसे भाईचारे और आपसी सम्मान की बड़ी मिसाल बताया।
सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग पहुंचने लगे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में भी त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोवर्धन हमेशा से धार्मिक सद्भाव और प्रेम की भूमि रही है और इस बार मुस्लिम समाज के इस फैसले ने सामाजिक सौहार्द को और मजबूत करने का काम किया है।
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