नौहझील पुलिस ने तमंचा-कारतूस समेत वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार
- 8h ago
मथुरा। मथुरा के के.एम. यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय राज्य स्तरीय शैक्षिक समागम एवं ‘एड़ूलीडर्स सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से चयनित 150 उत्कृष्ट शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी और विशिष्ट अतिथि बीएसए मथुरा श्रीमती रतन कीर्ति ने शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया। जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने ब्रजभाषा में गुरु की महिमा का वर्णन कर शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया, जबकि बीएसए ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के दौरान ‘शिक्षा में श्रीमद्भगवद्गीता के मूल्यों का समावेशन’ विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शिक्षाविदों ने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण दौर में श्रीमद्भगवद्गीता का ‘निष्काम कर्म’ और ‘ध्यान योग’ बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वक्ताओं ने इन मूल्यों को विद्यालयों में जीवन कौशल के रूप में शामिल करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मथुरा के स्कूली बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। बच्चों की प्रस्तुतियों ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
एड़ूलीडर्स के संस्थापक एवं राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने बताया कि संस्था प्रदेशभर में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनके उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करना है।
मथुरा। मथुरा के के.एम. यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय राज्य स्तरीय शैक्षिक समागम एवं ‘एड़ूलीडर्स सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से चयनित 150 उत्कृष्ट शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी और विशिष्ट अतिथि बीएसए मथुरा श्रीमती रतन कीर्ति ने शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया। जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने ब्रजभाषा में गुरु की महिमा का वर्णन कर शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया, जबकि बीएसए ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान ‘शिक्षा में श्रीमद्भगवद्गीता के मूल्यों का समावेशन’ विषय पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शिक्षाविदों ने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण दौर में श्रीमद्भगवद्गीता का ‘निष्काम कर्म’ और ‘ध्यान योग’ बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वक्ताओं ने इन मूल्यों को विद्यालयों में जीवन कौशल के रूप में शामिल करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मथुरा के स्कूली बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। बच्चों की प्रस्तुतियों ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिया। एड़ूलीडर्स के संस्थापक एवं राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने बताया कि संस्था प्रदेशभर में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनके उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करना है।
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