सीएम के आगमन से पहले खानापूर्ति का आरोप, व्यापारियों ने कहा—सिर्फ रूट चमकाने से नहीं...
- 16h ago
व्यापारियों ने कहा कि VIP के आने पर बैरिकेडिंग से बढ़ती है परेशानी
एंकर - 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मथुरा में मनाया जाना है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं पहुंच रहे है वहीं शहर की जमीनी व्यवस्थाओं को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी भी सामने आने लगी है व्यापारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन द्वारा मुख्य मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में पूरी ताकत झोंकी जा रही है, लेकिन शहर के अंदर के हिस्सों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं कहीं सड़कें टूटी पड़ी हैं तो कहीं जाम की समस्या आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शहर की बदहाल सड़कों, यातायात व्यवस्था और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले कुछ चुनिंदा मार्गों पर साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और अन्य व्यवस्थाएं कराकर खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि शहर के अंदर की वास्तविक स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता व्यापारी वर्ग का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जगह-जगह बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंध लगाए जाने से आम लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाजारों में पहुंचने वाले ग्राहकों, स्थानीय व्यापारियों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को कई बार लंबा रास्ता तय करना पड़ता है व्यापारियों का कहना है कि जन्माष्टमी मथुरा का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व है। ऐसे में व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलें और स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित न हो
व्यापारियों ने कहा कि VIP के आने पर बैरिकेडिंग से बढ़ती है परेशानी एंकर - 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मथुरा में मनाया जाना है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं पहुंच रहे है वहीं शहर की जमीनी व्यवस्थाओं को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी भी सामने आने लगी है व्यापारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित आगमन को लेकर प्रशासन द्वारा मुख्य मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में पूरी ताकत झोंकी जा रही है, लेकिन शहर के अंदर के हिस्सों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं कहीं सड़कें टूटी पड़ी हैं तो कहीं जाम की समस्या आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती है व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शहर की बदहाल सड़कों, यातायात व्यवस्था और अन्य समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले कुछ चुनिंदा मार्गों पर साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और अन्य व्यवस्थाएं कराकर खानापूर्ति कर दी जाती है, जबकि शहर के अंदर की वास्तविक स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता व्यापारी वर्ग का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जगह-जगह बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंध लगाए जाने से आम लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाजारों में पहुंचने वाले ग्राहकों, स्थानीय व्यापारियों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को कई बार लंबा रास्ता तय करना पड़ता है व्यापारियों का कहना है कि जन्माष्टमी मथुरा का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व है। ऐसे में व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलें और स्थानीय लोगों एवं व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित न हो
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