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- 17h ago
मांट। संभावित बाढ़ आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा यमुना नदी में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मांट क्षेत्र के नगला बैंसला-दंगोली यमुना तट पर आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान बचाव दलों ने यमुना नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, राहत पहुंचाने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया। अधिकारियों ने संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर पहुंचने और जनहानि को न्यूनतम रखने की रणनीति का परीक्षण किया।
अभ्यास के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और संसाधनों की उपलब्धता की भी जांच की गई। बचाव दलों ने नावों और अन्य उपकरणों की सहायता से राहत कार्यों का प्रदर्शन कर यह दिखाया कि किसी भी आपात स्थिति में किस प्रकार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मानसून सीजन को देखते हुए बाढ़ की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ऐसे अभ्यासों से आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का आकलन करने और कमियों को दूर करने में मदद मिलती है।
मॉक ड्रिल में अपर जिलाधिकारी पंकज कुमार वर्मा, एसडीएम दीपिका मेहर, तहसीलदार सुशील कुमार गुप्ता, क्षेत्राधिकारी मांट, सुरीर, मांट एवं नौहझील पुलिस टीम सहित लोक निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, प्रांतीय रक्षक दल, होमगार्ड, पंचायती राज विभाग, सफाई कर्मी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह के नियमित मॉक ड्रिल से आपदा के समय बेहतर समन्वय स्थापित होता है और राहत-बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। यमुना किनारे आयोजित यह अभ्यास लोगों में भी जागरूकता बढ़ाने और आपदा के प्रति सतर्क रहने का संदेश देने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
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