परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 16h ago
पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के समापन और सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मथुरा-वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही प्रमुख मंदिरों और परिक्रमा मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करने के लिए दूर-दूर से ब्रज पहुंचे। पुरुषोत्तम मास 15 जून 2026 को समाप्त हुआ, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
श्री बांके बिहारी मंदिर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, द्वारिकाधीश मंदिर, प्रेम मंदिर और अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर 'राधे-राधे' और 'जय श्रीकृष्ण' के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सोमवती अमावस्या का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान, दान-पुण्य और पितरों के तर्पण जैसे धार्मिक कार्य किए। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है, जिसके कारण ब्रज के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक रही।
ब्रज की परिक्रमा मार्गों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। वृंदावन परिक्रमा, गोवर्धन परिक्रमा और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भक्तों का तांता लगा रहा। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए। पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की टीमें लगातार व्यवस्था संभालने में जुटी रहीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पुरुषोत्तम मास के समापन और सोमवती अमावस्या के दुर्लभ संयोग ने ब्रज को एक बार फिर आस्था, भक्ति और श्रद्धा के महासंगम में बदल दिया, जहां हर ओर सिर्फ ठाकुरजी के जयकारे और भक्तों की अपार श्रद्धा दिखाई दी।
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