यमुना एक्सप्रेसवे बना 'नो-प्रोटेस्ट जोन'! अब धरना-प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक

  • 17h ago
  • 170 views


इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में मथुरा प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। यमुना एक्सप्रेसवे के मथुरा जनपद अंतर्गत बड़े हिस्से को 'नो-प्रोटेस्ट जोन' घोषित कर दिया गया है। अब इस क्षेत्र में धरना, प्रदर्शन, जुलूस और सभा आयोजित करने पर प्रतिबंध रहेगा।

जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार 23 जून से 15 अगस्त 2026 तक यमुना एक्सप्रेसवे के 59.300 किलोमीटर से 141.000 किलोमीटर तथा 145.500 किलोमीटर से 148.000 किलोमीटर तक का क्षेत्र प्रतिबंधित रहेगा।

इस अवधि में किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, जुलूस, सभा या ऐसा आयोजन, जिससे यातायात अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे प्रदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण हाई-स्पीड मार्ग है। ऐसे में किसी भी प्रकार का अवरोध यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना वारंट गिरफ्तारी की जा सकती है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी।

यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद जारी किया गया है, जिसमें आगरा, मथुरा और हाथरस के प्रशासन को गौतमबुद्धनगर की तर्ज पर यमुना एक्सप्रेसवे पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लागू करने को कहा गया था।

🔴 LIVE UPDATES

Abhi News YouTube चैनल को Subscribe करें

ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं

▶ Subscribe Now