थाने में पत्रकारों को धमकी का मामला पहुंचा मंत्री तक, SSP को निष्पक्ष जांच के निर्देश

  • 10 days ago
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वृंदावन कोतवाली परिसर में पत्रकारों को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने और पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। गुरुवार को पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मथुरा के प्रभारी मंत्री एवं बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात कर पूरे प्रकरण का ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।

पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पूर्व वृंदावन कोतवाली परिसर में थाना प्रभारी की मौजूदगी में कुछ लोगों द्वारा पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। विरोध करने पर उन्हें गोली मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां भी दी गईं। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि घटना के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पत्रकारों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।

ज्ञापन में शिखा शर्मा, प्रकाश शर्मा, दीपक शर्मा उर्फ सैंडी और काजल दास के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। पत्रकारों का आरोप है कि आरोपितों को कथित संरक्षण मिलने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी मंत्री को बताया कि यदि थाने के अंदर ही पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पत्रकारों के लिए सुरक्षित माहौल और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री संदीप सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

अब इस मामले में पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पत्रकारों ने भी मांग की है कि जांच केवल आरोपितों तक सीमित न रहे, बल्कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जाए।

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