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- 17h ago
उत्तर प्रदेश पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सोमवार को पंचायत सहायकों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एसडीएम सदर को सौंपा गया। पंचायत सहायकों ने कहा कि वे ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक कार्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मात्र 6000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से पंचायत सहायकों ने मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, स्थायी सेवा नियमावली लागू करने, महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण नीति बनाने, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा आयुष्मान भारत योजना का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की है।
पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्तमान मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन है, जबकि उनसे लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों का निर्वहन कराया जा रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो 15 जून को राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में प्रदेशभर के पंचायत सहायक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। पंचायत सहायकों के इस आंदोलन ने अब सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया है।
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