रामकथा मनुष्य को कर्तव्यों का बोध कराती है: शान्तनू महाराज, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग ने बांधा समां

  • 17 days ago
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पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर मथुरा की गुरूकृपा विलास कॉलोनी में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास शान्तनू महाराज ने कहा कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि रामचरितमानस हमें गुरु, माता-पिता, भाई, मित्र और पति-पत्नी जैसे रिश्तों के कर्तव्यों का बोध कराती है तथा जीवन में सदाचार और मर्यादा का मार्ग दिखाती है।

कथा के दौरान शान्तनू महाराज ने श्रद्धा और विश्वास को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि परमात्मा से जुड़ने का सबसे सरल माध्यम भक्ति है। उन्होंने भगवान राम के आदर्श जीवन और भक्त हनुमान के चरित्र से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कथा में राम नाम की महिमा का वर्णन करते हुए अहंकार त्यागकर धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की सीख दी गई।

शिव-पार्वती विवाह प्रसंग, सती चरित्र और शिव बारात के भावपूर्ण वर्णन ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों और संगीतमय प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया और भगवान श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

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