रंगदारी नहीं दी तो घर में घुसकर हमला! मां की चेन और पत्नी का मंगलसूत्र...
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हरिद्वार के श्यामपुर रेंज, जो राजाजी टाइगर रिजर्व के लैंडस्केप का हिस्सा है, में दो युवा बाघों (लगभग दो वर्ष आयु) के संदिग्ध हालात में मृत मिलने से वन्यजीव संरक्षण तंत्र में चिंता बढ़ गई है। दोनों बाघों के शवों से उनके पंजे काटे गए मिले, जबकि खाल और दांत मौके पर ही पाए गए, जिससे वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क की आशंका गहराई है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना में कीटनाशक जैसे रासायनिक जहर के उपयोग की संभावना है, जिसे “साइलेंट किलिंग” तकनीक कहा जाता है, जिसमें जानवर की मौत बिना गोली या प्रत्यक्ष संघर्ष के होती है और जांच के सबूत सीमित रह जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में मवेशी पर बाघ के हमले की घटना हुई थी, जिसके बाद प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं, पंजों के गायब होने से यह मामला और गंभीर हो गया है क्योंकि बाघ के अंग अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव बाजार में ऊंची कीमतों पर बिकते हैं।
वन विभाग ने क्षेत्र में सघन सर्च अभियान शुरू कर दिया है और मामले की जांच में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के शामिल होने की संभावना है। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष का परिणाम है या किसी संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह की कार्रवाई।
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