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- 9h ago
श्रावण मास के प्रथम दिन छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्तजू मंदिर में 21 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण महाअनुष्ठान एवं महाशिवपुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पूरे सावन माह तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रज की पावन माटी से 1.11 लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजन किया।
महाशिवपुराण कथा के शुभारंभ से पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, प्रचारक रूपेश जी तथा डॉ. दयालु महाराज ने व्यासपीठ का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि "सृष्टि के आदि और अंत में केवल भगवान शिव ही हैं। मनुष्य के पास प्रेम करने या दूरी बनाने का विकल्प है, लेकिन किसी से नफरत करने का अधिकार नहीं है। प्रेम करना इंसान का धर्म है, जबकि नफरत शैतानी प्रवृत्ति है।"
वहीं, कथा व्यास पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने भगवान शिव को न्याय का देवता बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। उन्होंने सभी से सद्गुणों को अपनाने और धर्ममय जीवन जीने का आह्वान किया।
संध्याकाल में महाशिवपुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने कथा श्रवण के साथ भक्ति और श्रद्धा का अनुपम वातावरण अनुभव किया। आयोजन समिति के अनुसार पूरे श्रावण मास में प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण, रुद्राभिषेक, महाशिवपुराण कथा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
श्रावण मास के प्रथम दिन छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्तजू मंदिर में 21 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण महाअनुष्ठान एवं महाशिवपुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पूरे सावन माह तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रज की पावन माटी से 1.11 लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजन किया। महाशिवपुराण कथा के शुभारंभ से पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, प्रचारक रूपेश जी तथा डॉ. दयालु महाराज ने व्यासपीठ का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि "सृष्टि के आदि और अंत में केवल भगवान शिव ही हैं। मनुष्य के पास प्रेम करने या दूरी बनाने का विकल्प है, लेकिन किसी से नफरत करने का अधिकार नहीं है। प्रेम करना इंसान का धर्म है, जबकि नफरत शैतानी प्रवृत्ति है।" वहीं, कथा व्यास पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने भगवान शिव को न्याय का देवता बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। उन्होंने सभी से सद्गुणों को अपनाने और धर्ममय जीवन जीने का आह्वान किया। संध्याकाल में महाशिवपुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने कथा श्रवण के साथ भक्ति और श्रद्धा का अनुपम वातावरण अनुभव किया। आयोजन समिति के अनुसार पूरे श्रावण मास में प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंग निर्माण, रुद्राभिषेक, महाशिवपुराण कथा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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