मां की हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹26 हजार का जुर्माना...
- 9h ago
बरसाना स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्र पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) तरुण शर्मा ने सीएचसी बरसाना के अधीक्षक डॉ. विक्रमादित्य चौधरी पर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीड़ित CHO तरुण शर्मा का आरोप है कि 28 जुलाई की सुबह सीएचसी अधीक्षक निरीक्षण के लिए केंद्र पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक अभिलेख दिखाने के बावजूद उन्हें एक कमरे में ले जाकर अभद्र व्यवहार किया गया। उनका दावा है कि बाहर निकलने के बाद भी अधीक्षक ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। मौके पर मौजूद बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
तरुण शर्मा का यह भी आरोप है कि पिछले करीब 10 महीनों से उन्हें नौकरी से निकालने और वेतन काटने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उन्होंने सीएमओ कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी तक शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कार्रवाई न होने से आहत CHO ने एक बार फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह सभी आरोप CHO तरुण शर्मा की ओर से लगाए गए हैं। इस मामले में सीएचसी अधीक्षक का पक्ष सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बरसाना स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्र पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) तरुण शर्मा ने सीएचसी बरसाना के अधीक्षक डॉ. विक्रमादित्य चौधरी पर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित CHO तरुण शर्मा का आरोप है कि 28 जुलाई की सुबह सीएचसी अधीक्षक निरीक्षण के लिए केंद्र पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक अभिलेख दिखाने के बावजूद उन्हें एक कमरे में ले जाकर अभद्र व्यवहार किया गया। उनका दावा है कि बाहर निकलने के बाद भी अधीक्षक ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। मौके पर मौजूद बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। तरुण शर्मा का यह भी आरोप है कि पिछले करीब 10 महीनों से उन्हें नौकरी से निकालने और वेतन काटने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद उन्होंने सीएमओ कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी तक शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से आहत CHO ने एक बार फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल यह सभी आरोप CHO तरुण शर्मा की ओर से लगाए गए हैं। इस मामले में सीएचसी अधीक्षक का पक्ष सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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