मां की हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹26 हजार का जुर्माना...
- 9h ago
मथुरा में आयोजित विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला इस वर्ष प्रशासन की बेहतरीन व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों के बीच सकुशल संपन्न हो गया। 23 जुलाई से 30 जुलाई तक चले आठ दिवसीय मेले में करीब 1 करोड़ 75 लाख श्रद्धालुओं ने श्री गिरिराज महाराज के दर्शन-पूजन कर सप्तकोशी परिक्रमा की। करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद पूरे मेले के दौरान कहीं भी कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई, जिसे प्रशासन अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियां करीब छह महीने पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। सभी विभागों के समन्वय, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और सूक्ष्म योजना के चलते पौने दो करोड़ श्रद्धालुओं का यह विशाल धार्मिक आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही।
मेले के दौरान एडीजी आगरा जोन, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं लगातार मैदान में मौजूद रहे। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर लगभग 21 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया और हर व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 184 स्थानों पर इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, वॉच टावर और वायरलेस नेटवर्क की व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरे मेले की प्रभावी निगरानी की जा सकी।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वाहनों की अलग-अलग पार्किंग, बसों का वन-वे संचालन तथा भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए। वहीं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के भी व्यापक प्रबंध किए गए थे। प्रशासन की सुनियोजित व्यवस्था और श्रद्धालुओं के सहयोग के चलते इस वर्ष का मुड़िया पूर्णिमा मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।
मथुरा में आयोजित विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेला इस वर्ष प्रशासन की बेहतरीन व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों के बीच सकुशल संपन्न हो गया। 23 जुलाई से 30 जुलाई तक चले आठ दिवसीय मेले में करीब 1 करोड़ 75 लाख श्रद्धालुओं ने श्री गिरिराज महाराज के दर्शन-पूजन कर सप्तकोशी परिक्रमा की। करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद पूरे मेले के दौरान कहीं भी कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई, जिसे प्रशासन अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मान रहा है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियां करीब छह महीने पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। सभी विभागों के समन्वय, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और सूक्ष्म योजना के चलते पौने दो करोड़ श्रद्धालुओं का यह विशाल धार्मिक आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। मेले के दौरान एडीजी आगरा जोन, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं लगातार मैदान में मौजूद रहे। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर लगभग 21 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया और हर व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 184 स्थानों पर इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, वॉच टावर और वायरलेस नेटवर्क की व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरे मेले की प्रभावी निगरानी की जा सकी। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वाहनों की अलग-अलग पार्किंग, बसों का वन-वे संचालन तथा भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए। वहीं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के भी व्यापक प्रबंध किए गए थे। प्रशासन की सुनियोजित व्यवस्था और श्रद्धालुओं के सहयोग के चलते इस वर्ष का मुड़िया पूर्णिमा मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर
Link copied successfully!