मां की हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹26 हजार का जुर्माना...
- 10h ago
मथुरा में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने भूमि विवाद, गोशालाओं की व्यवस्था और मंडियों में किसानों की उपज की खरीद से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निस्तारण की मांग की। संगठन का कहना है कि किसानों की भूमि से जुड़े विवादों और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ज्ञापन में गोशालाओं में पशुओं के चारे, भूसे और रखरखाव में कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई। इसके अलावा मंडियों में किसानों की उपज की खरीद के दौरान होने वाली अनियमितताओं को समाप्त कर किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई गई।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संगठन ने अपने ज्ञापन में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की समस्याओं पर भी सरकार और प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
मथुरा में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने भूमि विवाद, गोशालाओं की व्यवस्था और मंडियों में किसानों की उपज की खरीद से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निस्तारण की मांग की। संगठन का कहना है कि किसानों की भूमि से जुड़े विवादों और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में गोशालाओं में पशुओं के चारे, भूसे और रखरखाव में कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई। इसके अलावा मंडियों में किसानों की उपज की खरीद के दौरान होने वाली अनियमितताओं को समाप्त कर किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई गई। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। संगठन ने अपने ज्ञापन में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की समस्याओं पर भी सरकार और प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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