परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 17h ago
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र के भदनवारा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को मांट के पूर्व विधायक कुशल पाल सिंह और राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पीड़ित परिवार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय पहुंचा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल किए एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। परिवार का कहना है कि जिस युवक को मामले में नामजद किया गया है, वह कथित घटना के समय गांव में मौजूद ही नहीं था।
परिजनों के अनुसार रोहताश का बेटा हरिद्वार में गंगा जल लेने कांवड़ यात्रा पर गया हुआ था। इसके बावजूद उसे मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में मुकदमे में शामिल कर लिया गया। परिवार ने दावा किया कि उनके पास युवक के हरिद्वार में होने के साक्ष्य भी मौजूद हैं।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब एफआईआर में दर्ज एक कथित प्रत्यक्षदर्शी गवाह ने ही ऐसी किसी घटना के होने से इनकार कर दिया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इससे मुकदमे की निष्पक्षता और पुलिस जांच पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
पूर्व विधायक कुशल पाल सिंह और आरएलडी नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद में एसएसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।
अब यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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