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वृंदावन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष संत प्रेमानंद महाराज अपने दीक्षित शिष्यों को पहली बार बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में दर्शन देंगे। स्वास्थ्य कारणों के चलते दर्शन स्थल में यह बदलाव किया गया है। इससे पहले गुरु पूर्णिमा पर दर्शन कार्यक्रम श्रीहित राधा केलिकुंज में आयोजित होता रहा है।
23 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे से 5:30 बजे तक संत प्रेमानंद महाराज यमुना विहार कुंज में दर्शन देंगे। वहीं सुबह 7 बजे से 10 बजे तक श्रीहित राधा केलिकुंज में चरण पादुका पूजन का आयोजन होगा। इसके अलावा दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक श्रीवृंदावन महिमामृत चर्चा और नाम संकीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन की व्यवस्था राज्यवार निर्धारित की गई है। 23 जुलाई को एनआरआई, हरियाणा और कर्नाटक के श्रद्धालुओं को, 24 जुलाई को दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केरल के श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा।
25 जुलाई को पंजाब, मध्य प्रदेश और झारखंड, जबकि 26 जुलाई को उत्तर प्रदेश और संपूर्ण ब्रज क्षेत्र के श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। 27 जुलाई को बिहार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम और तेलंगाना के श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है। 28 जुलाई को वृंदावनवासी, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और गोवा के श्रद्धालु दर्शन करेंगे। वहीं 29 जुलाई को विरक्त परिकर श्रीहित राधा केलिकुंज में पूजन एवं दर्शन कर सकेंगे।
वृंदावन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष संत प्रेमानंद महाराज अपने दीक्षित शिष्यों को पहली बार बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में दर्शन देंगे। स्वास्थ्य कारणों के चलते दर्शन स्थल में यह बदलाव किया गया है। इससे पहले गुरु पूर्णिमा पर दर्शन कार्यक्रम श्रीहित राधा केलिकुंज में आयोजित होता रहा है। 23 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे से 5:30 बजे तक संत प्रेमानंद महाराज यमुना विहार कुंज में दर्शन देंगे। वहीं सुबह 7 बजे से 10 बजे तक श्रीहित राधा केलिकुंज में चरण पादुका पूजन का आयोजन होगा। इसके अलावा दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक श्रीवृंदावन महिमामृत चर्चा और नाम संकीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन की व्यवस्था राज्यवार निर्धारित की गई है। 23 जुलाई को एनआरआई, हरियाणा और कर्नाटक के श्रद्धालुओं को, 24 जुलाई को दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और केरल के श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा। 25 जुलाई को पंजाब, मध्य प्रदेश और झारखंड, जबकि 26 जुलाई को उत्तर प्रदेश और संपूर्ण ब्रज क्षेत्र के श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। 27 जुलाई को बिहार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, असम और तेलंगाना के श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है। 28 जुलाई को वृंदावनवासी, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और गोवा के श्रद्धालु दर्शन करेंगे। वहीं 29 जुलाई को विरक्त परिकर श्रीहित राधा केलिकुंज में पूजन एवं दर्शन कर सकेंगे।
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