रंगदारी नहीं दी तो घर में घुसकर हमला! मां की चेन और पत्नी का मंगलसूत्र...
- 4h ago
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही मंदिर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराती नजर आईं।
भीषण गर्मी, उमस और धक्कामुक्की के चलते महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान दिखाई दिए। मंदिर के प्रवेश मार्गों और बैरिकेडिंग के बीच श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई जगह भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। महिलाओं की चीख-पुकार और बच्चों के रोने की आवाजें लगातार सुनाई देती रहीं।
श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि दर्शनार्थियों के लिए पीने के पानी और गर्मी से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं थी। मंदिर परिसर और कतारों के पास पर्याप्त टीनशेड न होने के कारण लोग तेज धूप और उमस में घंटों खड़े रहने को मजबूर रहे।
भीड़ और गर्मी के कारण कई महिलाओं और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि कुछ श्रद्धालु चक्कर आने और घुटन की शिकायत करते दिखाई दिए। छोटे बच्चों को गोद में लेकर परिजन भीड़ के बीच संघर्ष करते नजर आए।
दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बड़े पर्व पर लाखों श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हालात हर बार बदतर दिखाई देते हैं।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि स्थायी टीनशेड, ठंडे पानी, चिकित्सा सहायता और बेहतर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही मंदिर के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराती नजर आईं। भीषण गर्मी, उमस और धक्कामुक्की के चलते महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान दिखाई दिए। मंदिर के प्रवेश मार्गों और बैरिकेडिंग के बीच श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई जगह भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। महिलाओं की चीख-पुकार और बच्चों के रोने की आवाजें लगातार सुनाई देती रहीं। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि दर्शनार्थियों के लिए पीने के पानी और गर्मी से बचाव की समुचित व्यवस्था नहीं थी। मंदिर परिसर और कतारों के पास पर्याप्त टीनशेड न होने के कारण लोग तेज धूप और उमस में घंटों खड़े रहने को मजबूर रहे। भीड़ और गर्मी के कारण कई महिलाओं और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई, जबकि कुछ श्रद्धालु चक्कर आने और घुटन की शिकायत करते दिखाई दिए। छोटे बच्चों को गोद में लेकर परिजन भीड़ के बीच संघर्ष करते नजर आए। दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बड़े पर्व पर लाखों श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हालात हर बार बदतर दिखाई देते हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से मांग की है कि स्थायी टीनशेड, ठंडे पानी, चिकित्सा सहायता और बेहतर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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