परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 17h ago
गोवर्धन की पावन ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में बुधवार रात आस्था, मित्रता और अदम्य साहस का ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। दो नेत्रहीन मित्र, एक-दूसरे का सहारा बनकर और केवल छड़ी के भरोसे परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ते नजर आए। उनकी यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गई।
हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र निवासी अर्जुन सिंह और बिहार के पूर्णिया जिले के रोहित दिल्ली में एक साथ रहते हैं और गहरी मित्रता साझा करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अगाध श्रद्धा के चलते दोनों ने ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा का संकल्प लिया। मंगलवार सुबह छड़ी के सहारे यात्रा शुरू करने वाले दोनों मित्रों ने कठिन रास्तों और चुनौतियों को पार करते हुए बुधवार रात सौंख पहुंचकर सभी को अपने हौसले का परिचय दिया।
परिक्रमा के दौरान एक मित्र आगे चलकर दिशा बताता रहा, जबकि दूसरा उसके कंधे का सहारा लेकर आगे बढ़ता रहा। सौंख पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने दोनों का स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। अर्जुन सिंह ने बताया कि उन्हें भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन का स्वप्न आया था, जिसके बाद उन्होंने यह संकल्प लिया।
दोनों मित्रों की यह यात्रा केवल परिक्रमा नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि अगर मन में आस्था और साथ में सच्चा दोस्त हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी कहानी आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा और हौसले की मिसाल बन गई है।
ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और ताज़ा वीडियो सबसे पहले पाएं
ब्रेकिंग न्यूज़, वायरल वीडियो और हर बड़ी अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर