रंगदारी नहीं दी तो घर में घुसकर हमला! मां की चेन और पत्नी का मंगलसूत्र...
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अधिक मास के पावन अवसर पर ब्रजभूमि में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। गोवर्धन में चल रही 84 कोस परिक्रमा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ परिक्रमा कर रहे हैं।
परिक्रमा मार्ग पर दिन-रात श्रद्धालुओं का सैलाब दिखाई दे रहा है। भजन-कीर्तन, जयकारों और राधे-राधे के उद्घोष से पूरा ब्रज क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।
महिला श्रद्धालु ऋतु शर्मा ने बताया कि इस बार 84 कोस परिक्रमा में गोवर्धन की सात कोसीय परिक्रमा से भी अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और समाजसेवियों द्वारा जगह-जगह पेयजल, भोजन, चिकित्सा और विश्राम की बेहतर व्यवस्था की गई है।
परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव कराने में जुटे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि अधिक मास में की गई 84 कोस परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है और ब्रज की पावन धरा पर परिक्रमा कर उन्हें आत्मिक शांति और दिव्य अनुभूति प्राप्त हो रही है।
अधिक मास के पावन अवसर पर ब्रजभूमि में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। गोवर्धन में चल रही 84 कोस परिक्रमा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे भक्त पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ परिक्रमा कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर दिन-रात श्रद्धालुओं का सैलाब दिखाई दे रहा है। भजन-कीर्तन, जयकारों और राधे-राधे के उद्घोष से पूरा ब्रज क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। महिला श्रद्धालु ऋतु शर्मा ने बताया कि इस बार 84 कोस परिक्रमा में गोवर्धन की सात कोसीय परिक्रमा से भी अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और समाजसेवियों द्वारा जगह-जगह पेयजल, भोजन, चिकित्सा और विश्राम की बेहतर व्यवस्था की गई है। परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव कराने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि अधिक मास में की गई 84 कोस परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व है और ब्रज की पावन धरा पर परिक्रमा कर उन्हें आत्मिक शांति और दिव्य अनुभूति प्राप्त हो रही है।
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