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- 17h ago
नई दिल्ली। देश में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं द्वारा पेट्रोल पंपों से थोक में पेट्रोल-डीजल खरीदने पर रोक लगा दी है। अब ऐसे उपभोक्ताओं को केवल निर्धारित बल्क सप्लाई चैनल के माध्यम से ही ईंधन खरीदना होगा।
सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि कई बड़े उपभोक्ता बाजार दरों पर मिलने वाले बल्क डीजल की बजाय सस्ते रिटेल पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे थे। इससे कई क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर मांग अचानक बढ़ गई थी और आम उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति प्रभावित होने लगी थी।
नई व्यवस्था के तहत एक ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जा सकेगा। साथ ही खरीदे गए डीजल की पुनर्बिक्री पर भी रोक रहेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम जमाखोरी रोकने, ईंधन की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताहों से डीजल के बल्क और रिटेल दामों में बड़ा अंतर होने के कारण उद्योग और ट्रांसपोर्ट कंपनियां रिटेल पंपों की ओर रुख कर रही थीं। इससे कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन की मांग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई थी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और यह निर्णय केवल आम उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह आदेश प्रारंभिक रूप से 90 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया या पहले समाप्त किया जा सकता है।
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