परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 17h ago
मथुरा। भीषण गर्मी, लंबी पदयात्रा और कठिन मार्ग के बीच 84 कोस परिक्रमा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं के लिए जेपी इंफ्राटेक (सुरक्षा ग्रुप) द्वारा संचालित 24×7 मेडिकल हेल्थ कैंप किसी देवदूत से कम साबित नहीं हो रहा है। थाना नौहझील क्षेत्र के माइल स्टोन-64 अंडरपास के समीप बाघई-कटेलिया मार्ग पर स्थापित इस कैंप ने परिक्रमार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा और राहत प्रदान कर सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है।
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित इस शिविर में चौथे दिन तक 2,780 से अधिक श्रद्धालु स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। कैंप में निःशुल्क दवाइयां, ब्लड प्रेशर और शुगर जांच, प्राथमिक उपचार तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विशेष रूप से लंबी यात्रा के दौरान पैरों में छाले और घाव की समस्या से परेशान श्रद्धालुओं के लिए फर्स्ट एड और ड्रेसिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। अब तक करीब 800 श्रद्धालुओं के पैरों के घावों की मरहम-पट्टी कर उन्हें राहत पहुंचाई जा चुकी है। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि जब यात्रा के दौरान चलना मुश्किल हो रहा था, तब यह मेडिकल कैंप उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं था।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं को फल, बिस्कुट, ORS, जूस और शुद्ध पेयजल भी लगातार वितरित किया जा रहा है। भीषण गर्मी में यह व्यवस्था यात्रियों की ऊर्जा बनाए रखने और उन्हें निर्जलीकरण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
एजीएम (ऑपरेशन) भरत सिंह राठौड़ ने अपनी टीम के साथ कैंप का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर फल एवं पेयजल वितरित किया। वहीं जीएम (संचालन) आनंद बृजराज सिंह ने कहा कि जेपी इंफ्राटेक (सुरक्षा ग्रुप) समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। कंपनी समय-समय पर किसानों के लिए जैविक खेती जागरूकता कार्यक्रम, सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए नेत्र परीक्षण एवं निःशुल्क चश्मा वितरण तथा विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करती रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल अधोसंरचना का विकास करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव पहुंचाना भी है।
"सेवा ही परमोधर्म" की भावना से प्रेरित यह मेडिकल कैंप 84 कोस परिक्रमा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत सहारा बनकर उभरा है। श्रद्धालुओं की जुबान पर एक ही बात है—"अचानक मिली यह मदद मानो देवदूत बनकर आई हो।" जेपी इंफ्राटेक की यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में सामने आई है।
मथुरा। भीषण गर्मी, लंबी पदयात्रा और कठिन मार्ग के बीच 84 कोस परिक्रमा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं के लिए जेपी इंफ्राटेक (सुरक्षा ग्रुप) द्वारा संचालित 24×7 मेडिकल हेल्थ कैंप किसी देवदूत से कम साबित नहीं हो रहा है। थाना नौहझील क्षेत्र के माइल स्टोन-64 अंडरपास के समीप बाघई-कटेलिया मार्ग पर स्थापित इस कैंप ने परिक्रमार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा और राहत प्रदान कर सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालित इस शिविर में चौथे दिन तक 2,780 से अधिक श्रद्धालु स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। कैंप में निःशुल्क दवाइयां, ब्लड प्रेशर और शुगर जांच, प्राथमिक उपचार तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेष रूप से लंबी यात्रा के दौरान पैरों में छाले और घाव की समस्या से परेशान श्रद्धालुओं के लिए फर्स्ट एड और ड्रेसिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। अब तक करीब 800 श्रद्धालुओं के पैरों के घावों की मरहम-पट्टी कर उन्हें राहत पहुंचाई जा चुकी है। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि जब यात्रा के दौरान चलना मुश्किल हो रहा था, तब यह मेडिकल कैंप उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं था। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं को फल, बिस्कुट, ORS, जूस और शुद्ध पेयजल भी लगातार वितरित किया जा रहा है। भीषण गर्मी में यह व्यवस्था यात्रियों की ऊर्जा बनाए रखने और उन्हें निर्जलीकरण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एजीएम (ऑपरेशन) भरत सिंह राठौड़ ने अपनी टीम के साथ कैंप का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर फल एवं पेयजल वितरित किया। वहीं जीएम (संचालन) आनंद बृजराज सिंह ने कहा कि जेपी इंफ्राटेक (सुरक्षा ग्रुप) समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। कंपनी समय-समय पर किसानों के लिए जैविक खेती जागरूकता कार्यक्रम, सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए नेत्र परीक्षण एवं निःशुल्क चश्मा वितरण तथा विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करती रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल अधोसंरचना का विकास करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव पहुंचाना भी है। "सेवा ही परमोधर्म" की भावना से प्रेरित यह मेडिकल कैंप 84 कोस परिक्रमा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत सहारा बनकर उभरा है। श्रद्धालुओं की जुबान पर एक ही बात है—"अचानक मिली यह मदद मानो देवदूत बनकर आई हो।" जेपी इंफ्राटेक की यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में सामने आई है।
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