परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्धालुओं को ट्रेलर ने रौंदा, दो की मौत, 13 घायल...
- 17h ago
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप खड़ेश्वरी आश्रम गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का केंद्र बन गया। सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ 108 कलशों की भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
प्रातः 8 बजे स्वामी घाट से प्रारंभ हुई इस विशाल कलश यात्रा में 108 महिला श्रद्धालुओं ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने भजन-कीर्तन, नृत्य और जय श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई और पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई, जबकि भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शीतल जल, शरबत और छाछ की व्यवस्था भी की गई। पूरे मार्ग में "राधे-राधे" और "जय श्रीकृष्ण" के उद्घोष लगातार गूंजते रहे।
संत-महात्माओं ने इस अवसर पर कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, भक्ति, प्रेम, करुणा और सदाचार का संदेश देती है तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार करती है।
आयोजकों ने बताया कि यह कथा महोत्सव 5 जून से 12 जून तक चलेगा, जिसमें प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी लवदास जी महाराज प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और श्रीमद्भागवत के अमृतमय प्रसंगों का रसपान कराएंगे। कथा के लिए आश्रम परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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