ट्रेन के नीचे फंसी 42 वर्षीय महिला के लिए देवदूत बनी जीआरपी, तत्परता से बचाई जान

  • 14h ago
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फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन पर मऊ एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर दर्दनाक हादसे के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने मानवता की मिसाल पेश की। ट्रेन के नीचे गंभीर रूप से घायल मिली महिला को जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल एम्बुलेंस से ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। समय रहते मिले उपचार से महिला की जान बचाने में पुलिस की तत्परता निर्णायक साबित हुई।

फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1/2 पर जीआरपी टीम नियमित गश्त, चेकिंग और ट्रेनों को सुरक्षित पास कराने में जुटी थी। इसी दौरान शाम करीब 4:20 बजे उप-स्टेशन अधीक्षक से सूचना मिली कि मऊ एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर आने के बाद एक महिला ट्रेन के नीचे घायल हो गई है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह के नेतृत्व में जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई।

मौके पर 42 वर्षीय महिला ट्रेन के नीचे पड़ी थी और उसके शरीर के कई हिस्सों से तेज रक्तस्राव हो रहा था। महिला होश में थी, लेकिन गंभीर रूप से घायल थी। जीआरपी जवानों ने महिला कांस्टेबल दीक्षा सिंह की मौजूदगी में बेहद सावधानी से महिला को ट्रेन के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल 108 एम्बुलेंस बुलाकर उपचार की व्यवस्था की।

पुलिस को महिला के पास से मिले की-पैड मोबाइल पर आए फोन के जरिए उसके परिजनों से संपर्क हुआ। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने घायल महिला को अपनी पत्नी बताया, जिसके बाद जीआरपी ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर, फिरोजाबाद पहुंचने की सूचना दी। एम्बुलेंस आने पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने महिला को सुरक्षित अस्पताल भिजवाया।

इस सराहनीय अभियान में उपनिरीक्षक कौशल किशोर मिश्र, हेड कांस्टेबल राजपाल सिंह, महिला कांस्टेबल दीक्षा सिंह तथा आरपीएफ के एएसआई प्रभु दयाल मीना और कांस्टेबल योगेश यादव शामिल रहे। जीआरपी की सूझबूझ, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की परिजनों व आम नागरिकों ने जमकर प्रशंसा की।

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