सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का...
- 7h ago
मथुरा के संस्कृति विश्वविद्यालय में इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह संगीत और मनोरंजन से सराबोर रहा। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य समारोह में बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक मोहम्मद इरफान ने अपनी शानदार गायकी से ऐसा समां बांधा कि छात्र-छात्राएं देर रात तक झूमते नजर आए।
मोहम्मद इरफान के मंच पर पहुंचते ही विद्यार्थियों ने तालियों और जोरदार उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत ‘दिल मेरा है नासमझ कितना’, ‘तुझे देखते ही आंखें हो जाती हैं नम’, ‘दर्द दिलों के कम हो जाते’, ‘बंजारा’, ‘बारिश’ और ‘केसरिया तेरा रंग है पिया’ जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
इरफान ने नए दौर के गीतों के साथ पुराने सदाबहार नगमों से भी समां बांधा। उन्होंने ‘लग जा गले’, ‘होंठों से छू लो तुम’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए और मशहूर गायक केके को भी उनके गीतों के जरिए याद किया।
मोहम्मद इरफान की गायकी का विद्यार्थियों पर ऐसा असर हुआ कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मंच के नजदीक पहुंचकर उनके साथ सुर मिलाते और झूमते नजर आए। विद्यार्थियों की इस शानदार प्रतिक्रिया से उत्साहित इरफान ने संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों की संगीत समझ और ऊर्जा की जमकर तारीफ की।
लगातार ढाई घंटे से ज्यादा समय तक मोहम्मद इरफान ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम के अंत में जब उन्होंने भांगड़ा गीत प्रस्तुत किया तो पूरा मैदान नाच उठा। रात करीब 10 बजे शुरू हुआ संगीत का यह सिलसिला आधी रात तक जारी रहा।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता और पूरे संस्कृति परिवार ने स्थापना दिवस को विश्वविद्यालय की यात्रा, मूल्यों और विद्यार्थियों की ऊर्जा का उत्सव बताया। उन्होंने लोकप्रिय गायक मोहम्मद इरफान का सम्मान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के कलाकार की उपस्थिति ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
चित्र परिचय: संस्कृति विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में अपनी गायकी का जादू बिखेरते बॉलीवुड सिंगर मोहम्मद इरफान।
मथुरा के संस्कृति विश्वविद्यालय में इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह संगीत और मनोरंजन से सराबोर रहा। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य समारोह में बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक मोहम्मद इरफान ने अपनी शानदार गायकी से ऐसा समां बांधा कि छात्र-छात्राएं देर रात तक झूमते नजर आए। मोहम्मद इरफान के मंच पर पहुंचते ही विद्यार्थियों ने तालियों और जोरदार उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत ‘दिल मेरा है नासमझ कितना’, ‘तुझे देखते ही आंखें हो जाती हैं नम’, ‘दर्द दिलों के कम हो जाते’, ‘बंजारा’, ‘बारिश’ और ‘केसरिया तेरा रंग है पिया’ जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इरफान ने नए दौर के गीतों के साथ पुराने सदाबहार नगमों से भी समां बांधा। उन्होंने ‘लग जा गले’, ‘होंठों से छू लो तुम’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए और मशहूर गायक केके को भी उनके गीतों के जरिए याद किया। मोहम्मद इरफान की गायकी का विद्यार्थियों पर ऐसा असर हुआ कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मंच के नजदीक पहुंचकर उनके साथ सुर मिलाते और झूमते नजर आए। विद्यार्थियों की इस शानदार प्रतिक्रिया से उत्साहित इरफान ने संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों की संगीत समझ और ऊर्जा की जमकर तारीफ की। लगातार ढाई घंटे से ज्यादा समय तक मोहम्मद इरफान ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम के अंत में जब उन्होंने भांगड़ा गीत प्रस्तुत किया तो पूरा मैदान नाच उठा। रात करीब 10 बजे शुरू हुआ संगीत का यह सिलसिला आधी रात तक जारी रहा। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता और पूरे संस्कृति परिवार ने स्थापना दिवस को विश्वविद्यालय की यात्रा, मूल्यों और विद्यार्थियों की ऊर्जा का उत्सव बताया। उन्होंने लोकप्रिय गायक मोहम्मद इरफान का सम्मान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के कलाकार की उपस्थिति ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। चित्र परिचय: संस्कृति विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में अपनी गायकी का जादू बिखेरते बॉलीवुड सिंगर मोहम्मद इरफान।
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