सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का...
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मथुरा में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। थाना वृंदावन में दर्ज हत्या के मामले में मथुरा पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामला थाना वृंदावन जनपद मथुरा में दर्ज मु0अ0सं0 141/2021, धारा 302 भादवि से संबंधित है। इस प्रकरण में न्यायालय स्पेशल पॉक्सो एक्ट, मथुरा द्वारा साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त अभय गिरी पुत्र बलवीर सिंह, निवासी सीताराम की बगीची, कालीदेह, कस्बा एवं थाना वृंदावन, जनपद मथुरा को आजीवन कारावास एवं 30,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया गया। अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के निरंतर मार्गदर्शन एवं समीक्षा के बीच मथुरा पुलिस और लोक अभियोजक के संयुक्त प्रयास से मामले को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया गया।
01 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के निर्णय के बाद अभियुक्त को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
मथुरा में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। थाना वृंदावन में दर्ज हत्या के मामले में मथुरा पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला थाना वृंदावन जनपद मथुरा में दर्ज मु0अ0सं0 141/2021, धारा 302 भादवि से संबंधित है। इस प्रकरण में न्यायालय स्पेशल पॉक्सो एक्ट, मथुरा द्वारा साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त अभय गिरी पुत्र बलवीर सिंह, निवासी सीताराम की बगीची, कालीदेह, कस्बा एवं थाना वृंदावन, जनपद मथुरा को आजीवन कारावास एवं 30,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया गया। अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के निरंतर मार्गदर्शन एवं समीक्षा के बीच मथुरा पुलिस और लोक अभियोजक के संयुक्त प्रयास से मामले को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया गया। 01 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के निर्णय के बाद अभियुक्त को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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