मां की हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹26 हजार का जुर्माना...
- 10h ago
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए देशभर से जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। ट्रस्ट को 2300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद अब योग्य उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ट्रस्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय चयन समिति सभी आवेदनों की जांच कर रही है। समिति अधिकतम तीन नामों का पैनल तैयार करेगी, जिसे ट्रस्ट के बोर्ड के सामने रखा जाएगा। अंतिम निर्णय ट्रस्ट बोर्ड द्वारा लिया जाएगा।
यह राम मंदिर ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार है जब CEO की नियुक्ति की जा रही है। इस पद का उद्देश्य मंदिर परिसर के प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, वित्तीय प्रबंधन और दैनिक संचालन को अधिक पेशेवर एवं व्यवस्थित बनाना है। हाल के समय में दान राशि से जुड़े विवादों के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया है।
ट्रस्ट ने आवेदन के लिए 18 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की थी। पात्रता के तहत उम्मीदवार का प्रैक्टिसिंग हिंदू और भगवान राम का भक्त होना आवश्यक है। इसके अलावा प्रशासनिक एवं प्रबंधन क्षेत्र में लंबे अनुभव को भी प्राथमिकता दी जा रही है। नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी, जिसे आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है।
ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 जुलाई तक पहले CEO के नाम की घोषणा की जा सकती है।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए देशभर से जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। ट्रस्ट को 2300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद अब योग्य उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय चयन समिति सभी आवेदनों की जांच कर रही है। समिति अधिकतम तीन नामों का पैनल तैयार करेगी, जिसे ट्रस्ट के बोर्ड के सामने रखा जाएगा। अंतिम निर्णय ट्रस्ट बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। यह राम मंदिर ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार है जब CEO की नियुक्ति की जा रही है। इस पद का उद्देश्य मंदिर परिसर के प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, वित्तीय प्रबंधन और दैनिक संचालन को अधिक पेशेवर एवं व्यवस्थित बनाना है। हाल के समय में दान राशि से जुड़े विवादों के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया है। ट्रस्ट ने आवेदन के लिए 18 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की थी। पात्रता के तहत उम्मीदवार का प्रैक्टिसिंग हिंदू और भगवान राम का भक्त होना आवश्यक है। इसके अलावा प्रशासनिक एवं प्रबंधन क्षेत्र में लंबे अनुभव को भी प्राथमिकता दी जा रही है। नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी, जिसे आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 जुलाई तक पहले CEO के नाम की घोषणा की जा सकती है।
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