संपूर्ण समाधान दिवस में DM-SSP ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, सदर तहसील के कार्यालयों का...
- 10h ago
पटना। बिहार में कथित रिश्वतखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान के सामने ही एक डाटा एंट्री ऑपरेटर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा। फरियादी ने मंत्री के सामने कर्मचारी को फोन किया और कॉल स्पीकर पर रखी गई। बातचीत में कथित तौर पर कर्मचारी ने अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। मामला सामने आते ही मंत्री ने संबंधित अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जानकारी के मुताबिक, सीतामढ़ी से आए एक फरियादी ने मंत्री के समक्ष शिकायत की थी कि एससी-एसटी से जुड़े मामले में मिलने वाली सरकारी अनुदान राशि जारी कराने के एवज में जिला कल्याण कार्यालय के एक डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने मामले की हकीकत जानने के लिए फरियादी से उसी कर्मचारी को अपने सामने फोन करने को कहा।
इसके बाद फरियादी ने कर्मचारी को फोन लगाया और कॉल को स्पीकर पर कर दिया गया। आरोप है कि बातचीत के दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटर ने 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। पूरी बातचीत मंत्री और वहां मौजूद अन्य लोगों ने सुनी। इसके बाद मंत्री ने तुरंत सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को फोन कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने संबंधित अधिकारी को एक घंटे के भीतर कर्मचारी के खिलाफ निलंबन/सेवा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी सहायता पात्र लाभार्थियों का अधिकार है और इसके बदले रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले से जुड़ी बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद यह प्रकरण चर्चा में आ गया। फिलहाल संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की बात सामने आई है और मामले की जांच की जा रही है।
पटना। बिहार में कथित रिश्वतखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान के सामने ही एक डाटा एंट्री ऑपरेटर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा। फरियादी ने मंत्री के सामने कर्मचारी को फोन किया और कॉल स्पीकर पर रखी गई। बातचीत में कथित तौर पर कर्मचारी ने अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। मामला सामने आते ही मंत्री ने संबंधित अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जानकारी के मुताबिक, सीतामढ़ी से आए एक फरियादी ने मंत्री के समक्ष शिकायत की थी कि एससी-एसटी से जुड़े मामले में मिलने वाली सरकारी अनुदान राशि जारी कराने के एवज में जिला कल्याण कार्यालय के एक डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने मामले की हकीकत जानने के लिए फरियादी से उसी कर्मचारी को अपने सामने फोन करने को कहा। इसके बाद फरियादी ने कर्मचारी को फोन लगाया और कॉल को स्पीकर पर कर दिया गया। आरोप है कि बातचीत के दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटर ने 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। पूरी बातचीत मंत्री और वहां मौजूद अन्य लोगों ने सुनी। इसके बाद मंत्री ने तुरंत सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को फोन कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री ने संबंधित अधिकारी को एक घंटे के भीतर कर्मचारी के खिलाफ निलंबन/सेवा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी सहायता पात्र लाभार्थियों का अधिकार है और इसके बदले रिश्वत मांगने की शिकायत सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़ी बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद यह प्रकरण चर्चा में आ गया। फिलहाल संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की बात सामने आई है और मामले की जांच की जा रही है।
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