मां की हत्या करने वाले दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया ₹26 हजार का जुर्माना...
- 10h ago
'नेग' के नाम पर हजारों रुपये लेने का आरोप, सीएमएस को सौंपा ज्ञापन; निष्पक्ष जांच का मिला आश्वासन
हाथरस के जिला महिला अस्पताल में मरीजों से कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि अस्पताल में डिलीवरी और सिजेरियन ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से खुलेआम रुपये वसूले जा रहे हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सपा नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ इलाज के बदले मरीजों से पैसे मांग रहे हैं। ज्ञापन में दावा किया गया है कि सामान्य प्रसव कराने वाली महिलाओं से तीनों शिफ्टों में कार्यरत डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा 'नेग' के नाम पर 2100 से 5100 रुपये तक लिए जाते हैं। वहीं, सिजेरियन ऑपरेशन के लिए 8000 से 10000 रुपये तक की मांग की जाती है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि यदि मरीज के परिजन पूरी रकम देने में सक्षम नहीं होते, तो ऑपरेशन में देरी की जाती है या फिर इलाज से इनकार कर दिया जाता है। ज्ञापन में 13 जुलाई की एक घटना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें नाई का नगला, नई बस्ती निवासी फिजा पत्नी फरमान को ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सपा का आरोप है कि उनसे ऑपरेशन के लिए 8000 रुपये मांगे गए और पूरी रकम न देने पर समय पर ऑपरेशन नहीं किया गया।
इसके अलावा, ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि 13 जुलाई को ओपीडी में एक डॉक्टर ने एक मरीज को देखने और दवा लिखने से भी इनकार कर दिया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, इन आरोपों पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
'नेग' के नाम पर हजारों रुपये लेने का आरोप, सीएमएस को सौंपा ज्ञापन; निष्पक्ष जांच का मिला आश्वासन हाथरस के जिला महिला अस्पताल में मरीजों से कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि अस्पताल में डिलीवरी और सिजेरियन ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से खुलेआम रुपये वसूले जा रहे हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सपा नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ इलाज के बदले मरीजों से पैसे मांग रहे हैं। ज्ञापन में दावा किया गया है कि सामान्य प्रसव कराने वाली महिलाओं से तीनों शिफ्टों में कार्यरत डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा 'नेग' के नाम पर 2100 से 5100 रुपये तक लिए जाते हैं। वहीं, सिजेरियन ऑपरेशन के लिए 8000 से 10000 रुपये तक की मांग की जाती है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि यदि मरीज के परिजन पूरी रकम देने में सक्षम नहीं होते, तो ऑपरेशन में देरी की जाती है या फिर इलाज से इनकार कर दिया जाता है। ज्ञापन में 13 जुलाई की एक घटना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें नाई का नगला, नई बस्ती निवासी फिजा पत्नी फरमान को ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सपा का आरोप है कि उनसे ऑपरेशन के लिए 8000 रुपये मांगे गए और पूरी रकम न देने पर समय पर ऑपरेशन नहीं किया गया। इसके अलावा, ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि 13 जुलाई को ओपीडी में एक डॉक्टर ने एक मरीज को देखने और दवा लिखने से भी इनकार कर दिया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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